IIT Me 75 Percent Criteria: IIT भारत के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। यहाँ पढ़ रहे स्टूडेंट्स लाखों करोड़ों के पैकेज लेकर निकलते हैं। इन्हें देश व विदेश की टॉप कंपनियां लेने को लालायित रहती है। इसका मुख्य कारण है, यहाँ का स्टडी एनवायरनमेंट, सरकार के द्वारा उपलब्ध सभी तरह की सुविधाएँ, टॉप क्लास की फैकल्टी, रिसर्च लैब व इसमें सलेक्ट होने के लिए कठिन परीक्षाएं व काउंसलिंग इत्यादि।

यदि कोई स्टूडेंट अपनी बारहवीं क्लास को पास कर चुका है तो वह IIT में एडमिशन पाने के लिए JEE का एग्जाम देता है। अब यह JEE एग्जाम भी एक नहीं बल्कि दो प्रारूप में होता है। इसमें से पहले प्रारूप का नाम JEE Main है तो वहीं दूसरे प्रारूप का नाम JEE एडवांस्ड होता है। फिर आता है JoSAA काउंसलिंग का नंबर। इसी में ही 75% का नियम है जिसे लेकर बहुत से स्टूडेंट्स कंफ्यूज रहते हैं।

ऐसे में आज के इस आर्टिकल में हम आपको IIT के इसी 75% वाले नियम के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले (IIT Ke Liye 75 Percentage) हैं। इस आर्टिकल में आपको IIT में किस तरह से एडमिशन लिया जा सकता है अर्थात 2025 में IIT में एडमिशन के लिए जरुरी अपडेट क्या है, उसके बारे में भी जानने को मिलेगा। तो चलिए शुरू करते हैं।

IIT में 75% का नियम क्या है?

सबसे पहले बात करते हैं IIT में एडमिशन लेने के लिए 75% वाले नियम के बारे में। तो आपने देखा होगा कि बहुत से स्टूडेंट्स दसवीं क्लास से ही या उसके बाद से ही IIT की तैयारी करने लग जाते हैं। इसके लिए कुछ तो अपना शहर बदल लेते हैं और IIT की कोचिंग दे रहे टॉप शहर जैसे कि सीकर, कोटा या दिल्ली चले जाते हैं। वे वहाँ की टॉप IIT अकैडमी जैसे कि मैट्रिक्स सीकर, एलन कोटा या आकाश दिल्ली में पढ़ने लग जाते हैं।

ऐसे में बहुत से स्टूडेंट्स ऐसे होते हैं जिनका पूरा ध्यान IIT पर ही होता (IIT Ke Liye Kitne Percentage Chahiye) है अर्थात वे अपने आप को पूरी तरह से IIT की कोचिंग में ही झोंक देते हैं और स्कूल की पढ़ाई को भूल जाते हैं। ऐसे में IIT ने इस बात को समझा और सभी स्टूडेंट्स के लिए अपनी बारहवीं क्लास में 75 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य कर (IIT Me 75 Percent Criteria) दिया।

कहने का तात्पर्य यह हुआ कि यदि किसी स्टूडेंट ने अपनी बारहवीं क्लास में 75 प्रतिशत से कम अंक या नंबर लाए हैं तो वह IIT के लिए आयोजित होने वाले JEE एडवांस्ड एग्जाम को क्लियर करने के बाद भी उसमें एडमिशन नहीं ले पाएगा। अब केवल यही बात नहीं है बल्कि इसमें भी कई तरह के नियम हैं। अब यह नियम कौन-कौन से हैं, उन्हें हम एक-एक करके समझा देते हैं।

#1. किन सब्जेक्ट्स में चाहिए 75%

यहाँ यदि आप सोच रहे हैं कि आप किसी भी स्ट्रीम या सब्जेक्ट को ले लेंगे और बारहवीं क्लास में 75 प्रतिशत से अधिक अंक ले आएंगे तो आपको IIT में एडमिशन मिल जाएगा तो आप गलत (IIT Ke Liye 75 Percentage) हैं। इसके लिए आपके पास नॉन मेडिकल का होना या फिर इन 5 सब्जेक्ट्स का होना आवश्यक है:

  • फिजिक्स या भौतिक विज्ञान
  • केमिस्ट्री या रसायन विज्ञान
  • गणित या मैथ्स
  • अंग्रेजी भाषा या एक भाषाई विषय
  • ऊपर दिए गए चारों विषय के अलावा एक और विषय

ऐसे में यदि आपको IIT में एडमिशन चाहिए और उसके 75% वाले नियम को फॉलो करना है तो आपकी बारहवीं क्लास की पढ़ाई में ऊपर दिए गए पांच विषयों का होना अनिवार्य होता है। अब कुछ स्टूडेंट्स मेडिकल स्ट्रीम लेकर उसमें अतिरिक्त या पांचवें विषय के रूप में गणित को चुनकर भी इस नियम का पालन कर सकते हैं। वहीं कुछ स्टूडेंट्स नॉन मेडिकल में भी पांचवें विषय के रूप में बायोलॉजी या जीव विज्ञान को चुन लेते हैं।

कुल मिलाकर बात यह है कि आपको अपनी बारहवीं क्लास में फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स में पढ़ाई करनी होगी। इसी के साथ ही बहुत से स्टूडेंट्स इस बात को लेकर भी संशय में रहते हैं कि क्या उन्हें केवल इन्हीं तीन विषयों में ही 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने हैं तो आप यहां गलत हैं। आपको अपनी बारहवीं क्लास के सभी विषयों में कुल मिलाकर 75% से अधिक अंक लाने हैं, ना कि किसी विशेष विषय या विषयों के ग्रुप में।

#2. स्टूडेंट्स की जाति के अनुसार 75% अंक का नियम

हमारे देश में सेना को छोड़कर हर एक सरकारी चीज़ में आरक्षण का प्रावधान है। फिर चाहे वह इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेना हो या मेडिकल कॉलेज में, सरकारी नौकरी लेनी हो या प्रोमोशन पाना हो। वही कॉन्सेप्ट IIT में 75% वाले नियम में भी लागू होता है। इस तरह से यदि आप सामान्य अर्थात जनरल केटेगरी में आते हैं या फिर ओबीसी केटेगरी के हैं तो आपके लिए 75% वाला नियम ही लागू होगा।

वहीं यदि आप एससी या एसटी केटेगरी के स्टूडेंट्स हैं तो आपको न्यूनतम 75% अंक नहीं बल्कि 65% अंक ही लाने (IIT Ke Liye Kitne Percent Chahiye) होंगे। कहने का तात्पर्य यह हुआ कि यदि आप एससी या एसटी वर्ग के छात्र हैं और आपके निर्धारित विषयों में बारहवीं क्लास में 65% से अधिक अंक आए हैं तो आप IIT में एडमिशन ले सकते हैं। वहीं विकलांग वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए भी 65% का नियम लागू होता है, फिर चाहे वे जनरल या ओबीसी केटेगरी के ही क्यों ना हो।

#3. राज्य बोर्ड के अनुसार टॉप 20% का नियम

भारत सरकार ने पहले तो यह नियम सीबीएसई सहित भारत के हरेक राज्यों के राज्य शिक्षा बोर्ड के लिए लागू किया था लेकिन फिर कुछ स्टूडेंट्स के द्वारा इस पर आपत्ति उठाई गई। वह इसलिए क्योंकि कुछ राज्य का पाठ्यक्रम बहुत कठिन होता है और उनकी बारहवीं की मार्किंग भी बहुत स्ट्रिक्ट अर्थात कठोर होती है। इसमें आप राजस्थान जैसे राज्य को भी जोड़ सकते हैं जहाँ की शिक्षा बहुत ही कठिन है।

इस समस्या को भारत सरकार ने समझा और इसके लिए हर बोर्ड के टॉप 20% वाले छात्रों का एक नियम बनाया। आइए इस 20% वाले नियम को भी समझ लेते हैं। मान लीजिए कि आपने सीबीएसई या अपने राज्य के बोर्ड में 12वीं में 75% से कम अंक प्राप्त किए हैं लेकिन यदि आप उस बोर्ड के टॉप 20% स्टूडेंट्स में आते हैं तो आपके ऊपर 20% वाला नियम लागू होगा और आप IIT में एडमिशन ले पाएंगे।

उदाहरण के तौर पर राजस्थान बोर्ड से नॉन मेडिकल में पढ़ रहे हृदयम छात्र के बारहवीं क्लास में 72 प्रतिशत अंक आते हैं लेकिन वह राजस्थान बोर्ड के टॉप 20% स्टूडेंट्स में नाम ले आता है तो उक्त प्रक्रिया के तहत हृदयम JEE की दोनों परीक्षा दे पाएगा और IIT में भी एडमिशन लेने के लिए योग्य माना जाएगा। इस नियम ने सभी राज्यों के बोर्ड और केंद्र बोर्ड को एक तराजू में लाकर खड़ा कर दिया है।

2025 में IIT में एडमिशन के लिए जरूरी अपडेट

अब जब आपने IIT के 75% वाले नियम को जान लिया है तो बारी आती है IIT में एडमिशन लेने के लिए और क्या कुछ नियम बनाए गए हैं यह जानने की। हालाँकि इन नियमों को आप IIT एडवांस्ड की वेबसाइट पर जाकर भी देख सकते हैं लेकिन हम आपको सीधे व स्पष्ट शब्दों में उसे बता देते हैं ताकि आपके मन में किसी भी तरह की शंका ना रहने पाए। चलिए स्टेप बाय स्टेप समझते (IIT Ke Liye Kitne Percent Chahiye) हैं।

  • JEE Main में सफलता

सबसे पहले तो आपको JEE Main एग्जाम को पास करना होगा। देशभर के IIT सहित सभी टॉप सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए IIT Main की परीक्षा आयोजित करवाई जाती है। अब जो स्टूडेंट्स इस परीक्षा को पास कर लेते हैं उन्हें NIT व अन्य टॉप कॉलेज मिलते हैं लेकिन IIT में एडमिशन लेने के लिए उन्हें एक और पड़ाव पार करना होता है।

इसके लिए IIT एडवांस्ड की परीक्षा आयोजित करवाई जाती है। यह परीक्षा टॉप 5 IIT में से कोई एक IIT क्रमानुसार आयोजित करवाती है। अब यदि आपने JEE Main एग्जाम पास कर लिया है तो उतना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि आपको शुरूआती 2.5 लाख स्टूडेंट्स में आना आवश्यक है। साथ ही इसमें स्टूडेंट्स की जाति के अनुसार उन्हें चुना जाता है।

इसमें OBC के लिए 27%, SC के लिए 15%, ST के लिए 7.5%, GEN-EWS के लिए 10% व शेष 40.5% सभी के लिए ओपन रखा गया है। इसी के साथ ही इन सभी जाति आधारित केटेगरी में 5-5% आरक्षण उस वर्ग के विकलांग स्टूडेंट्स के लिए भी आरक्षित किया गया है।

  • आयु सीमा

अब यदि आप वर्ष 2025 के लिए आयोजित होने वाली JEE एडवांस्ड की परीक्षा में बैठना चाहते हैं तो उसके लिए आपका 1 अक्टूबर 2000 या उसके बाद पैदा होना आवश्यक है। जो भी स्टूडेंट्स 1 अक्टूबर 2000 से पहले जन्मे हैं, वे किसी भी स्थिति में IIT में एडमिशन नहीं ले सकते हैं।

हालाँकि इसमें भी आरक्षित वर्ग के स्टूडेंट्स को छूट दी गई है। यदि आप एससी, एसटी या विकलांग (कोई भी वर्ग) से आते हैं तो आपको 5 वर्ष की आयु सीमा में छूट दी गई है। इसके अनुसार आपका 1 अक्टूबर 1995 या उसके बाद पैदा होना अनिवार्य किया गया है। 

  • एग्जाम देने की संख्या

यह नियम हर वर्ष होने वाली JEE एडवांस्ड परीक्षा के लिए लागू होता है। इसमें आप अपनी बारहवीं क्लास पास करने के लगातार दो वर्ष तक ही JEE एडवांस्ड परीक्षा में बैठने को योग्य माने जाते हैं या फिर यूँ कहें कि IIT में एडमिशन ले सकते (IIT Ke Liye Kitne Percentage Chahiye) हैं।

इस तरह से यदि आप वर्ष 2025 के लिए IIT में एडमिशन पाना चाहते हैं तो आपने 2024 या 2025 में बारहवीं क्लास को पास किया होना चाहिए, ना कि उससे पहले। वहीं यदि आपने इसी वर्ष अर्थात 2025 में अपनी बारहवीं क्लास पास की है तो आपके पास अगले वर्ष IIT में प्रवेश पाने के लिए होने वाली JEE एडवांस्ड की परीक्षा में बैठने का भी अवसर है। वहीं वर्ष 2024 में बारहवीं पास करने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह अंतिम अवसर है।

  • शिक्षा की योग्यता

जिन स्टूडेंट्स ने अपनी बारहवीं या उसके समकक्ष पढ़ाई को वर्ष 2024 या 2025 में फिजिक्स, केमिस्ट्री व गणित जैसे अनिवार्य विषयों के साथ उत्तीर्ण किया है, केवल वही स्टूडेंट्स ही IIT में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली IIT की परीक्षा में बैठ सकते हैं। जिन स्टूडेंट्स ने वर्ष 2023 या उससे पहले बारहवीं या उसके समकक्ष पढ़ाई की है, वे इस परीक्षा को नहीं दे सकते हैं।

  • बारहवीं में न्यूनतम अंक

इस नियम के बारे में तो हमने आपको ऊपर विस्तार से समझा ही दिया है। फिर भी एक बार शोर्ट में फिर से समझ लेते हैं। इसके तहत शिक्षा की योग्यता वाले नियम को ही आगे बढ़ाते हुए आपको अपनी बारहवीं क्लास या उसके समकक्ष पढ़ाई में या तो 75% से अधिक नंबर लाने (IIT Me 75 Percent Criteria) होंगे या अपने बोर्ड के टॉप 20% स्टूडेंट्स में नाम लाना होगा। एससी, एसटी व विकलांग वर्ग के स्टूडेंट्स के लिए यह नियम 65% का है लेकिन 20% का नियम उनके लिए भी वही है।

बारहवीं में 75% व JEE एडवांस्ड कैसे क्लियर करें?

अब बहुत से स्टूडेंट्स इस बात को लेकर संशय में पड़ गए होंगे कि आखिरकार वे IIT के लिए आयोजित होने वाले JEE एडवांस्ड एग्जाम पर अपना फोकस करें या फिर बारहवीं में 75% नंबर लाने पर। तो यहाँ हम आपको बता दें कि यह दोनों चीजें एक साथ भी हो सकती है। पहले के JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट मुख्य तौर पर IIT की ही तैयारी करवाते थे। इसी कारण IIT ने बारहवीं में 75% का नियम लागू किया ताकि स्टूडेंट्स अपनी स्कूल की पढ़ाई पर भी फोकस कर (IIT Ke Liye 75 Percentage) सके।

हालाँकि आज के समय में JEE की तैयारी करवाने वाले कुछ टॉप लेवल के कोचिंग संस्थानों ने इसके लिए भी बहुत मेहनत की है। इसी में एक नाम आता है सीकर की मैट्रिक्स अकैडमी का तो दूसरा नाम है सीकर की ही प्रिंस अकैडमी का। इन दोनों संस्थानों के ही सीकर में सीबीएसई व राजस्थान बोर्ड के स्कूल भी हैं और साथ ही JEE की तैयारी करवाने के लिए कोचिंग संस्थान भी।

मैट्रिक्स अकैडमी तो अपने स्कूल में पढ़ रहे स्टूडेंट्स के लिए अलग से फाउंडेशन कोर्स भी चलाती है। इस कोर्स के तहत स्टूडेंट्स को दसवीं क्लास से ही उसके स्कूल के पाठ्यक्रम के साथ-साथ IIT की भी तैयारी शुरू करवा दी जाती है। इस तरह से स्टूडेंट अपनी क्लास में ही स्कूल और कोचिंग दोनों ले रहा होता है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों से मैट्रिक्स अकैडमी देश की नंबर 1 IIT अकैडमी बन गई है तो वहीं प्रिंस इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है।

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमने आपको IIT में 75% का नियम क्या (IIT Me 75 Percent Criteria) है, इसके बारे में पूरी जानकारी दे दी है। इसी के साथ ही इस नियम के साथ और कौन-से नियम जुड़े हुए हैं, उसके बारे में भी आपको सूचित करने का काम किया है। इतना ही नहीं, हमने आपको वर्ष 2025 में IIT के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा जिसे JEE एडवांस्ड कहा जाता है, उसके अन्य योग्यता संबंधित नियमों को बता दिया है।

ऐसे में यदि आप IIT में एडमिशन लेने को लेकर सीरियस हैं तो आपको अभी से ही बिना कुछ सोच विचार किए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। देश की कुछ टॉप JEE अकैडमी के नाम मैट्रिक्स अकैडमी सीकर, एलन इंस्टीट्यूट कोटा, प्रिंस अकैडमी सीकर व आकाश इंस्टीट्यूट दिल्ली है।

Related FAQs

प्रश्न: क्या आईआईटी में प्रवेश के लिए 75% अंक आवश्यक हैं?

उत्तर: जी हां, यदि आपको आईआईटी में प्रवेश चाहिए तो उसके लिए 75% अंक लाना आवश्यक है। हालाँकि यदि आप एससी, एसटी या विकलांग वर्ग के छात्र हैं तो आपको 65% अंक ही लाने होंगे।

प्रश्न: अगर मुझे जेईई के लिए बोर्ड में 75 नहीं मिले तो क्या होगा?

उत्तर: यदि आपको जेईई के लिए अपनी बारहवीं के बोर्ड में 75% नहीं मिले तो दूसरे नियम के अनुसार आपको अपने बोर्ड में सफल होने वाले टॉप 20% स्टूडेंट्स में होना अनिवार्य हो जाता है।

प्रश्न: अगर मेरा 75 प्रतिशत से कम है तो क्या मैं jee mains दे सकता हूं?

उत्तर: यदि आपके बारहवीं क्लास में 75 प्रतिशत से कम अंक आते हैं तो भी आप JEE मेन्स दे सकते हैं लेकिन आपको IIT में एडमिशन नहीं मिल

प्रश्न: जेईई मेन्स में 75 प्रतिशत अंक लेने पर कौन सा कॉलेज मिल सकता है?

उत्तर: जेईई मेन्स में 75 प्रतिशत अंक लेने पर आपको देश के कई टॉप सरकारी कॉलेज मिल सकते हैं जैसे कि NIT। हालाँकि IIT में एडमिशन लेने के लिए आपको JEE एडवांस्ड की परीक्षा देनी होगी।

इन्हें भी पढ़ें:

Sabse Acchi IIT Kaun Si Hai: आज के समय में हमारे देश में कुल 23 IIT है। जो भी स्टूडेंट इंजीनियरिंग करने का इच्छुक होता है, उसका पहला लक्ष्य इन IIT में एडमिशन लेने का होता है। IIT का पूरा नाम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी या भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान होता है। यह एक सरकारी यूनिवर्सिटी या संस्थान है जिसके तहत देशभर में कई तरह की IIT खोली गई है।

प्रथम IIT की स्थापना वर्ष 1951 में पश्चिम बंगाल के खड्गपुर में की गई थी। आपने भी IIT खड्गपुर का नाम सुन रखा होगा क्योंकि यह टॉप 5 IIT में आती है। हालाँकि आपका यहाँ पर प्रश्न है कि इन सभी IIT में से सबसे बेस्ट IIT कौन सी है जो अभी टॉप पर बनी हुई (Sabse Accha IIT College) है। ऐसे में आज हम आपके इसी प्रश्न का ही उत्तर देने वाले हैं।

आज के इस लेख में हम रैंकिंग के अनुसार टॉप IIT का नाम तो आपको बताएँगे ही साथ ही हम कुछ टॉप IIT की एक दूसरे के साथ तुलना भी करेंगे अर्थात किस तरह की IIT में कौन सी विशेषता है जो उसे बाकियों से अलग लाकर खड़ा करती है। इसी के साथ ही हम आपको इन IIT में एडमिशन लेने के लिए आपको क्या कुछ करना चाहिए, उसके बारे में भी जानकारी देंगे।

सबसे अच्छी IIT कौन सी है?

यदि आप सभी IIT में से कौन सी IIT सबसे अच्छी है, इसके बारे में जानना चाह रहे हैं तो आपको अलग-अलग वेबसाइट या लोगों के द्वारा उसके अलग-अलग नाम बताए जा सकते (Sabse Acchi IIT Kaun Si Hai) हैं। उदाहरण के तौर पर कोई खड्गपुर वाली IIT को सबसे बेस्ट बताएगा तो कोई मद्रास वाली को, कोई कानपूर IIT को बेस्ट बताएगा तो कोई मुंबई की IIT को। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि हम किस पर विश्वास करें और किस पर नहीं।

ऐसे में आज हम आपको भारत सरकार के द्वारा अधिकृत रूप से सभी IIT की जो रैंकिंग निकाली जाती है, उसके बारे में बताने वाले हैं। दरअसल भारत सरकार ने इसके लिए एक संस्था बना रखी है जिसे हम NIRF के नाम से जानते हैं। इस NIRF की फुल फॉर्म नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ़्रेमवर्क (National Institutional Ranking Framework) होती है।

इसके द्वारा हर वर्ष भारत में स्थित सभी IIT को उनके काम के अनुसार रैंकिंग दी जाती (Sabse Accha IIT Kaun Si Hai) है। इतना ही नहीं, यह देश के अन्य सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी को भी रैंकिंग देने का काम करती है। ऐसे में NIRF के द्वारा हाल में जो रैंकिंग जारी की गई है, उसमें इंजीनियरिंग के लिए टॉप 10 कॉलेज या IIT के नाम इस प्रकार हैं:

रैंक संस्थान का नाम स्कोर
1 IIT मद्रास, चेन्नई 89.46
2 IIT दिल्ली, नई दिल्ली 86.66
3 IIT बॉम्बे, मुंबई 83.09
4 IIT कानपुर 82.79
5 IIT खड़गपुर 76.88
6 IIT रुड़की 76
7 IIT गुवाहाटी 71.86
8 IIT हैदराबाद 71.55
9 IIT (बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी), वाराणसी 66.69
10 IIT (इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स), धनबाद 64.83

इस तरह से आज के समय में IIT मद्रास जो कि तमिलनाडु राज्य की राजधानी चेन्नई में स्थित है, उसे देश की सबसे बेस्ट IIT का दर्जा दिया गया है। वैसे यह आज से ही नहीं बल्कि पिछले कई वर्षों से देश की नंबर एक IIT बनी हुई है। इसके बाद कानपूर, दिल्ली, मुंबई व खड्गपुर IIT का नंबर आता (Sabse Acchi IIT Kaun Si Hai) है।

IIT Madras की प्रमुख जानकारी

  • स्थापना वर्ष: 1959
  • स्थान: चेन्नई, तमिलनाडु
  • कैंपस क्षेत्रफल: 620 एकड़ (हरियाली और आधुनिक सुविधाओं से भरपूर)
  • बजट: हर साल लगभग ₹1000 करोड़ भारत सरकार द्वारा
  • चेयरमैन: डॉ. पवन कुमार गोयनका
  • डायरेक्टर: प्रो. वी. कामकोटी
  • स्टाफ: 674+ फैकल्टी
  • छात्र संख्या: लगभग 10,000
  • वेबसाइट लिंक: www.iitkgp.ac.in

कौन-कौन से कोर्स ऑफर होते हैं?

IIT मद्रास में केवल इंजीनियरिंग ही नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट और साइंस के अनेक इंटर-डिसिप्लिनरी प्रोग्राम्स ऑफर किए जाते हैं:

  • एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
  • एप्लाइड मैकेनिक्स और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • बायोटेक्नोलॉजी
  • कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग
  • डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • इलेक्ट्रिकल, सिविल, मैकेनिकल, केमिकल इंजीनियरिंग
  • इंजीनियरिंग डिज़ाइन
  • मैनेजमेंट स्टडीज
  • फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथेमेटिक्स
  • मेटलर्जिकल और मटेरियल्स इंजीनियरिंग
  • ओसियन इंजीनियरिंग
  • मानविकी और सामाजिक विज्ञान
  • मेडिकल साइंस और टेक्नोलॉजी

टॉप IIT की विशेषताएं

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि इस लेख में हम आपको केवल IIT की रैंकिंग देकर ही नहीं छोड़ देंगे बल्कि कौन सी IIT किस क्षेत्र या फील्ड में बेस्ट है, उसके बारे में भी जानकारी देंगे। तो अब हम आपके सामने कुछ चुनिंदा व टॉप IIT किस क्षेत्र में अच्छा काम कर रही है या वह किस कारण प्रसिद्ध है, उसके बारे में जानकारी (Sabse Accha IIT College Kaun Sa Hai) देंगे।

इसी जानकारी को ध्यान में रखकर ही आपको अपने लिए किसी एक IIT का चयन करना चाहिए। क्या पता आपके लिए नंबर 1 IIT नहीं बल्कि नंबर 2 या 5 वाली IIT ज्यादा बेस्ट हो। इसलिए अब आपको नीचे दिए गए विश्लेषण को बहुत ही ध्यान से पढ़ना चाहिए।

  • IIT मद्रास

तो NIRF या भारत सरकार के द्वारा जिस IIT को लगातार कई वर्षों तक शीर्ष पर रखा गया है, वह यही चेन्नई में स्थित IIT मद्रास है। इसके पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण हैं जो इसे लगातार नंबर एक IIT बनाए रखने में सहायता करते हैं। इसका सबसे पहला और मुख्य कारण है यहाँ पर हो रही लगातार रिसर्च और स्टूडेंट्स को मिलते करोड़ों के पैकेज। जो स्टूडेंट IIT मद्रास में पढ़ रहा होता है, अक्सर उसे देश ही नहीं बल्कि विदेश की भी शीर्ष कंपनियों से करोड़ों के पैकेज ऑफर किए जाते हैं।

इतना ही नहीं, यहाँ के सस्टेनेबिलिटी प्रोजेक्ट्स व इंडस्ट्रियल टाई-अप भी इसे टॉप पर बनाए रखने में बहुत सहायक सिद्ध हुए हैं। यदि हम यहाँ के बेस्ट कोर्स या इंजीनियरिंग फील्ड की बात (Sabse Acchi IIT Kaun Si Hai) करें तो उसमें कुछ चुनिंदा फील्ड के नाम मैकेनिकल, AI व एनवायरनमेंट है।

  • IIT दिल्ली

अब करते हैं IIT दिल्ली की बात जो भारत देश की राजधानी में स्थित है। यह IIT मद्रास वाली IIT के बाद दूसरे नंबर पर आती है। इस तरह से IIT दिल्ली को भी देश की टॉप IIT कहा जा सकता है। इसके पीछे का मुख्य कारण भी रिसर्च ही है जो यहाँ के स्टूडेंट्स के द्वारा की जाती रहती है। IIT दिल्ली ने देश को बहुत कुछ दिया है और इसरो भी इसका सहयोग लेती रहती है।

इसी के साथ ही IIT दिल्ली स्टार्टअप इन्क्यूबेशन में अग्रणी है और मुख्य भूमिका निभाती है। यदि हम यहाँ की इंजीनियरिंग फील्ड की बात करें तो उसमें टॉप फील्ड मशीन लर्निंग, सिविल व टेक्सटाइल है। ऐसे में यदि आपका इसमें इंटरेस्ट है तो आप IIT दिल्ली को कंसीडर कर सकते हैं।

  • IIT मुंबई

अब बात करते हैं सबसे अच्छी IIT में से नंबर तीन वाली IIT जो कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई नगरी में स्थित है। यह महाराष्ट्र राज्य की राजधानी है। तो IIT मुंबई का नाम आपने कई बार न्यूज़ में सुन रखा होगा। अब शायद आपको याद नहीं आ रहा होगा कि क्यों, तो हम आपको याद दिला देते हैं।

दरअसल विश्व की शीर्ष कंपनियों जैसे कि गूगल, फेसबुक इत्यादि ने इस IIT के साथ टाई अप किया हुआ है और वे यहाँ के स्टूडेंट्स को अच्छे पैकेज पर लेती भी रहती है। इसका कारण है IIT मुंबई में कंप्यूटर साइंस व इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी में बेस्ट स्टडी करवाना। इसी के साथी ही यहाँ पर इलेक्ट्रॉनिक्स व इलेक्ट्रिकल की भी अच्छी तैयारी करवाई जाती है।

  • IIT कानपुर

अब बात करते हैं नंबर 4 की IIT कानपुर के बारे में। यह 4-5 IIT कुछ ऐसी IIT है जिनके नाम हर किसी ने सुन रखे होंगे जिसमें से एक IIT कानपुर वाली भी आती है। तो इस IIT के प्रसिद्ध होने का मुख्य कारण है यहाँ की लैब जो कि बहुत ही आधुनिक है। इस IIT में स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल करने पर बहुत ज्यादा जोर दिया जाता है और उन्हें भविष्य के अनुसार तैयार किया जाता है।

साथ ही जिन इंजीनियरिंग ब्रांच के लिए यह IIT प्रसिद्ध है वह भी बहुत दमदार है। इनमें कुछ के नाम एयरोस्पेस, रोबोटिक्स व केमिकल है। अब आप इन इंजीनियरिंग ब्रांच के नाम से ही जान सकते हैं कि क्यों यह IIT प्रैक्टिकल करवाने पर इतना जोर देती है। इस IIT से पढ़े हुए स्टूडेंट्स इसरो व नासा में भी अच्छे पदों पर काम कर रहे हैं।

  • IIT खड्गपुर

यह देश की सबसे पुरानी IIT है जिसकी स्थापना वर्ष 1951 में की गई थी। यह देश के पूर्वी हिस्से में स्थित पश्चिम बंगाल राज्य में है। एक समय पहले तक IIT खड्गपुर का नाम नंबर एक पर लिया जाता था लेकिन आज के समय में यह नंबर 5 की IIT है। हालाँकि यह लगातार अपनी रैंकिंग बनाए रखने में सफल हुई है।

इस IIT की सबसे मुख्य विशेषता यह है कि यहाँ का कैंपस बहुत ही बड़ा है और यहाँ पर इंजीनियरिंग व अन्य कोर्स करने के विकल्प भी बहुत ज्यादा हैं। अब यदि हम उन सभी कोर्स के बारे में चर्चा करें तो सबसे बेस्ट कोर्स लॉ, आर्किटेक्चर व एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग है।

  • IIT रुड़की

यह एक ऐसी IIT है जो कई तरह के कोर्स तो करवाती ही है लेकिन यह इनोवेशन व रिसर्च को भी बहुत बढ़ावा देती है। IIT खड्गपुर की तरह ही कभी यह IIT शीर्ष 2 में आती थी लेकिन आज के समय में यह नंबर छः की IIT बनी हुई है। आपको बता दें कि वैसे तो IIT खड्गपुर सबसे पुरानी IIT है लेकिन यह रुड़की वाला कैंपस उससे भी पुराना है। दरअसल इसकी स्थापना वर्ष 1847 में ही हो गई थी लेकिन इसे IIT में कन्वर्ट 2002 में किया गया था।

इस तरह से यह देश का ही नहीं बल्कि एशिया महाद्वीप का भी सबसे पुराना कॉलेज संस्थान (Sabse Accha IIT Kaun Si Hai) है। यदि आप IIT रुड़की को अपनी पहली पसंद बनाने का सोच रहे हैं तो यहाँ पर सबसे अच्छी ब्रांच हाइड्रोलॉजी, सिविल व बायोटेक है।

  • IIT गुवाहाटी

बहुत से स्टूडेंट्स IIT गुवाहाटी इसलिए भी जाना चाहते हैं क्योंकि इसकी लोकेशन बहुत ही अद्भुत व शांत है। यह भारत के असम राज्य में स्थित है जहाँ का वातावरण बहुत ही शांत है। साथ ही यह अपने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण भी देशभर में प्रसिद्ध है।

अब यदि हम यहाँ की प्रसिद्ध इंजीनियरिंग फील्ड की बात करें तो उसमें डिजाइन, नैनो टेक्नोलॉजी व इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग आती है। ऐसे में यदि आप इस फील्ड में पढ़ने को इच्छुक हैं तो आप IIT गुवाहाटी को अपनी पहली पसंद बना सकते हैं।

  • IIT हैदराबाद

अब आखिर में बात करते हैं देश को लगभग दो दशक पहले मिली IIT हैदराबाद की। यह IIT जब से खुली है तब से ही इसने देश की टॉप IIT को टक्कर देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है और इसी का परिणाम है कि यह देश की टॉप 10 IIT में अपना स्थान बना चुकी है। IIT हैदराबाद एक तेजी से उभरता हुआ संस्थान है और यह स्टार्ट अप फ्रेंडली भी है अर्थात इसमें पढ़ रहे स्टूडेंट्स अपना स्टार्ट अप खोलकर सफल भी हो चुके हैं।

अब यदि आप IIT हैदराबाद में कुछ चुनिंदा इंजीनियरिंग फील्ड या कोर्स को करने का सोच रहे हैं तो यहाँ से डाटा साइंस, AI व इंटरडिसिप्लिनरी में पढ़ना सबसे बेस्ट माना जाता है। इसलिए आप उसी के अनुसार ही निर्णय ले सकते (Sabse Accha IIT College) हैं।

कौन-सी IIT किसके लिए बेस्ट है?

अब हम बात करेंगे कि ऊपर बताई गई IIT में से कौन-सी IIT आपके लिए बेस्ट रहने वाली है। तो इसे हम 4 भागों में विभाजित करके आपको बता देते हैं।

  • सबसे बढ़िया सैलरी पैकेज चाहिए तो आपके लिए IIT मुंबई व IIT दिल्ली ही सबसे बेस्ट रहने वाली है। इन IIT में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को ही शीर्ष कंपनियों के द्वारा करोड़ों के पैकेज ऑफर किए जाते रहते हैं।
  • यदि आपको रिसर्च ओरिएंटेड करियर चाहिए और इसी क्षेत्र में आगे बढ़ना है तो उसके लिए IIT मद्रास और कानपुर से बेस्ट ऑप्शन कोई और नहीं हो सकता है। यह आपको देश या विश्व के लिए कुछ अच्छा करने को प्रेरित करती है और नाम कमाने को मिलता है, वह अलग।
  • यदि आपको अपना खुद का स्टार्ट अप या बिज़नस खोलना है या कुछ इनोवेशन करना है तो उसके लिए IIT दिल्ली व हैदराबाद को कंसीडर किया जा सकता है। यहाँ आपको नए-नए आइडियाज पर विचार करने और उसे आजमाने पर जोर दिया जाता है।
  • वहीं यदि आपको शांत वातावरण चाहिए और लक्ष्य पर फोकस करना है तो उसके लिए IIT रुड़की व गुवाहाटी बेस्ट विकल्प हो सकते हैं।

अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस तरह की IIT को अपनी प्रेफेरेंस देते (Sabse Accha IIT College Kaun Sa Hai) हैं। हमने आपको लगभग सभी टॉप IIT की विशेषता भी बता दी है और उसी के साथ ही आपकी प्रेफेरेंस के अनुसार भी शीर्ष IIT के नाम बता दिए हैं।

IIT में एडमिशन कैसे लें?

अब करते हैं पते की बात। कहने का अर्थ यह हुआ कि आपने यह तो जान लिया कि देश में कौन-कौन सी IIT किस-किस चीज़ में बेस्ट है लेकिन उसमें पढ़ना है तो एडमिशन भी तो लेना होगा। तो उसके लिए क्या किया जाना चाहिए? आइए इसके बारे में भी जान लेते हैं।

तो इसके लिए आपको सबसे पहले तो JEE Main का एग्जाम देना होगा और उसे पास करना होगा। अब जो स्टूडेंट्स JEE मेन्स में अच्छा स्कोर करते हैं, उन्हें JEE एडवांस्ड का एग्जाम देने का अवसर मिलता है। फिर आपको JEE एडवांस्ड एग्जाम को ना केवल पास करना है बल्कि उसमें टॉप स्कोर भी करना है। वह इसलिए क्योंकि यदि आपको टॉप की IIT चाहिए तो स्कोर भी वैसा ही करना होगा ना।

अब बात आती है कि इन दोनों मुश्किल एग्जाम में टॉप स्कोर कैसे किया जाए!! तो उसके लिए जरुरत है मजबूत व पक्की तैयारी की। अब यह तैयारी घर बैठे तो हो नहीं सकती है ना। इसके लिए आपको अच्छे व टॉप JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट से तैयारी करनी होगी। कहने का अर्थ यह हुआ कि यदि आपको टॉप IIT में एडमिशन लेना है तो उसकी तैयारी भी टॉप JEE कोचिंग अकैडमी से ही लेनी होगी ना। ऐसे में देश में टॉप 5 JEE कोचिंग अकैडमी के नाम हैं:

  1. मैट्रिक्स JEE अकैडमी, सीकर
  2. एलन इंस्टीट्यूट, कोटा
  3. आकाश इंस्टीट्यूट, दिल्ली
  4. प्रिंस अकैडमी, सीकर
  5. रेजोनेंस अकैडमी, दिल्ली

इस लिस्ट में मैट्रिक्स अकैडमी का नाम पहले नंबर पर आता है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से उसने बहुत ही अच्छा रिजल्ट लाकर दिया है। इसका मुख्य कारण है वहाँ पढ़ा रही टॉप क्लास की फैकल्टी और स्टूडेंट्स को मिल रही सभी तरह की फैसिलिटी। फिर एलन का नाम आता है जिसका नाम आपने पहले भी सुन रखा होगा। उसके बाद आकाश, प्रिंस व रेजोनेंस अकैडमी के नाम लिए जाते हैं।

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमने आपको ना केवल यह बताया है कि देश की सबसे अच्छी IIT कौन सी (Sabse Acchi IIT Kaun Si Hai) है बल्कि यह भी बता दिया है कि कौन-सी IIT किस क्षेत्र में दूसरे से बेहतर है। इसी के साथ ही हमने आपकी प्रेफरेंस, इंजीनियरिंग फील्ड व कुछ अन्य पहलुओं के आधार पर भी उनकी आपस में तुलना की है।

हालाँकि यहाँ ध्यान रखने वाली बात यह है कि यदि आपको इन IIT में एडमिशन चाहिए तो आपको कल या परसों से नहीं बल्कि आज से ही उसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इसके लिए एक-एक दिन मूल्यवान है और इसके बारे में आप जितना जल्दी समझ जाएंगे, उतना ही आपके लिए अच्छा है। साथ ही आप मैट्रिक्स सीकर या एलन कोटा जैसी टॉप क्लास की JEE अकैडमी से IIT की कोचिंग लेंगे तो ज्यादा बेहतर रहेगा।

Related FAQs

प्रश्न: भारत का नंबर वन IIT कौन सा है?

उत्तर: भारत का नंबर वन IIT मद्रास है। यह IIT भारत देश के तमिलनाडु राज्य की राजधानी चेन्नई में स्थित है। चेन्नई का पुराना नाम ही मद्रास है।

प्रश्न: IIT में सबसे अच्छी ब्रांच कौन सी है?

उत्तर: IIT में सभी तरह की ब्रांच अच्छी होती है। हालाँकि कौन-सी IIT में किस तरह की ब्रांच अच्छी है, यह पूछना व्यवहारिक रहेगा।

प्रश्न: किस IIT में 100% प्लेसमेंट है?

उत्तर: लगभग सभी तरह की IIT ही 100% प्लेसमेंट देती है। IIT में तो एक स्टूडेंट को लेने के लिए देश व विदेश की कई कंपनियों के ऑफर तक आते रहते हैं।

प्रश्न: भारत में कुल कितने IIT हैं?

उत्तर: वर्तमान में भारत में कुल 23 IIT खुले हुए हैं। हालाँकि भारत सरकार के द्वारा भविष्य में कुछ और IIT खोलने की भी योजना है ताकि अधिक से अधिक छात्रों को इसका लाभ मिल सके।

इन्हें भी पढ़ें:

Best City For IIT Coaching In India In Hindi: जो स्टूडेंट्स नॉन मेडिकल की पढ़ाई कर रहे होते हैं, उनमें से अधिकांश का सपना देश की टॉप आईआईटी में प्रवेश पाने का होता है। अब इंजीनियरिंग के वैसे तो देशभर में कई कॉलेज हैं और हर कॉलेज अपने आप में ख़ास है। जिसमें से कुछ कॉलेज तो बहुत अच्छी पढ़ाई करवाते हैं और वहाँ से स्टूडेंट्स भी अच्छा पैकेज लेकर निकलते हैं। लेकिन यदि हम भारत देश के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज की बात करें तो उसमें आईआईटी का मुकाबला कोई नहीं कर सकता है।

आईआईटी ही एकमात्र ऐसा संस्थान है जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई करवाने में पूरे देश में टॉप पर आता है। अब आईआईटी भी कोई एक कॉलेज नहीं है बल्कि इसके अंतर्गत कई आईआईटी कॉलेज आते हैं। ऐसे में आपको यदि आईआईटी की कोचिंग लेनी है तो आज हम आपकी मदद करने वाले हैं। अब यदि आप आईआईटी कोचिंग के बारे में पता करेंगे तो आपको अपने शहर से लेकर भारत के हरेक शहर में आईआईटी की कोचिंग देने वाले दर्जनों इंस्टीट्यूट मिल जाएंगे।

आपके शहर में भी आईआईटी कोचिंग देने के कई सेंटर (Best City For IIT Preparation In India In Hindi) होंगे। वहीं यदि हम कुछ चुनिंदा शहरों के बारे में बात करें तो उसमें कोटा, सीकर, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई इत्यादि के नाम सामने आते हैं। अब प्रश्न यह उठता है कि इन सभी शहरों में से आईआईटी की कोचिंग सबसे बेस्ट कहां दी जाती है। ऐसे में आज हम इसी के बारे में ही जानने वाले हैं।

आईआईटी कोचिंग के लिए सबसे अच्छा शहर कौन सा है?

पहले के समय में अगर किसी से पूछा जाता था कि यदि उसे आईआईटी की कोचिंग लेनी है तो उसके लिए बेस्ट शहर कौन सा रहने वाला है तो उसका उत्तर होता (Best City For IIT Coaching In Hindi) था राजस्थान का कोटा शहर। हालाँकि पिछले कुछ वर्षों से परिस्थिति बिल्कुल बदल चुकी है। वह इसलिए क्योंकि राजस्थान का ही एक और शहर सीकर इस सूची में पहले नंबर पर आ गया है या यूँ कहें कि उसने कोटा को कड़ी टक्कर दी है।

सीकर आईआईटी की कोचिंग देने में इतना ज्यादा प्रसिद्ध हो चुका है कि आज के समय में बहुत से स्टूडेंट्स इसी असमंजस में रहते हैं कि उन्हें कोटा से आईआईटी की कोचिंग लेनी चाहिए या फिर सीकर से। ऐसे में आज हम आपकी यह दुविधा दूर कर देंगे। इसी के साथ ही भारत के कई अन्य शहर भी आईआईटी की कोचिंग देने में टॉप पर आते हैं जिनके नाम दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद इत्यादि हैं।

अब यह सभी शहर बहुत बड़े शहर हैं और भारत के विभिन्न राज्यों की राजधानियां भी हैं। ऐसे में राजस्थान का छोटा सा शहर सीकर आईआईटी की कोचिंग देने में इनसे आगे कैसे निकल सकता है? तो जरा आप ही सोचिए कि कोटा भी कोई ज्यादा बड़ा शहर नहीं है लेकिन फिर भी वह दशकों से आईआईटी की कोचिंग देने में सबसे आगे रहा है। ठीक उसी तरह अब सीकर कोटा को आईआईटी की कोचिंग देने में मात दे रहा है।

अब इसके पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण हैं, जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे (Best City For IIT Coaching In India In Hindi) हैं। आइए जानते हैं कि आखिरकार सीकर ही आईआईटी की कोचिंग देने में सबसे बेस्ट शहर क्यों है।

#1. सीकर का शांत माहौल

जहाँ एक ओर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई इत्यादि लोगों की अत्यधिक भीड़ से भरी रहती है तो वहीं कोटा स्टूडेंट्स के बोझ तले दब सी जाती है। मेट्रो शहरों में केवल स्टूडेंट्स ही नहीं आते बल्कि वहाँ जॉब करने वाले, बिज़नेस करने वाले, अन्य तरह की कोचिंग लेने वाले इत्यादि सभी तरह के लोग आते हैं। ऐसे में वहाँ का माहौल बहुत ही अशांत सा हो जाता है।

वहीं यदि हम कोटा की बात करें तो वहाँ आईआईटी और नीट की कोचिंग लेने के लिए स्टूडेंट्स का हुजूम उमड़ पड़ता है। ऐसे में अब कोटा शहर को भी समझ नहीं आ रहा है कि इतने सारे स्टूडेंट्स को संभाले तो संभाले कैसे। ऐसे में सीकर शहर का माहौल एकदम शांत रहता है। वहाँ स्टूडेंट्स ना तो बहुत ज्यादा हैं और ना ही कम। ऐसे वातावरण में स्टूडेंट भी शांति और एकाग्र मन के साथ पढ़ सकता है।

#2. मैट्रिक्स, कौटिल्य जैसी अकैडमी

सीकर ही आईआईटी की कोचिंग देने के मामले में भारत का नंबर 1 शहर इसलिए भी है क्योंकि वहाँ पर मैट्रिक्स, कौटिल्य, प्रिंस जैसी अकैडमी खुली हुई है। यह केवल नाम की ही अकैडमी नहीं है बल्कि इन्हीं अकैडमी के कारण ही सीकर ने कोटा जैसे शहर को भी आईआईटी की कोचिंग देने के मामले में कड़ी टक्कर दी हुई है। इसमें भी मैट्रिक्स अकैडमी ऐसी है जिसने पिछले कई वर्षों से पूरे सीकर शहर में नंबर 1 आईआईटी कोचिंग इंस्टीट्यूट पर कब्ज़ा जमाया हुआ है।

इसी के साथ ही सीकर में बहुचर्चित एलन अकैडमी ने भी अपनी एक ब्रांच खोल रखी (Best City For IIT Preparation In Hindi) है। एलन के द्वारा कोटा के बाद सीकर शहर पर ही ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि अब स्टूडेंट्स उस ओर जा रहे हैं। ऐसे में सीकर शहर आईआईटी की तैयारी करने आने वाले स्टूडेंट्स के लिए पहली पसंद बनकर सामने आ रहा है।

#3. उचित फीस

एक और बात है जो सीकर शहर को बाकी सभी शहरों की तुलना में आईआईटी की कोचिंग देने में सबसे आगे लाकर खड़ा करती है, वह है यहाँ का फीस स्ट्रक्चर। बाकी सभी शहरों में आईआईटी की कोचिंग देने के नाम पर भयंकर लूटपाट की जाती है। कोटा जैसे शहरों में आईआईटी की कोचिंग लेने में आपका डेढ़ से दो लाख तक का खर्चा हो जाता है और वहीं यदि हम दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों की बात करें तो यह आंकड़ा दो से तीन लाख तक भी पहुँच जाता है।

वहीं यदि हम सीकर शहर की बात करें तो यहाँ आपको आईआईटी की कोचिंग लेने के लिए एक से डेढ़ लाख तक का ही खर्चा करना पड़ेगा। वहीं मैट्रिक्स जैसी अकैडमी तो होनहार स्टूडेंट्स के लिए अलग से एक टेस्ट भी आयोजित करवाती है। इस टेस्ट में अच्छे नंबर लाने पर स्टूडेंट्स को 90 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप तक ऑफर की जाती है जो अपने आप में अद्भुत है।

#4. सही लाइफ स्टाइल

एक बात और जो हमने नोटिस की वह यह है कि सीकर शहर में रहकर आईआईटी की कोचिंग ले रहे स्टूडेंट्स का लाइफ स्टाइल बाकी शहर में रहकर आईआईटी की कोचिंग ले रहे स्टूडेंट्स से एकदम अलग और अनुशासित था। दरअसल सीकर शहर ने अपना माहौल ही ऐसा बना रखा है कि स्टूडेंट्स की दिनचर्या एकदम फिक्स व तनाव रहित रहती है।

यहाँ आपको अधिकतर स्टूडेंट्स बिना किसी ज्यादा तनाव का शिकार हुए फोकस होकर अपनी पढ़ाई करते हुए मिल जाएंगे। वहीं यदि आप दिल्ली और मुंबई की बात करेंगे तो इन शहरों की चकाचौंध में स्टूडेंट्स भटक से जाते हैं तो वहीं कोटा में भी स्टूडेंट्स की संख्या को देखते हुए उनके लिए मौज मस्ती के बहुत से साधन उपलब्ध हो चुके हैं। ऐसे में देर सबेर लाइफ स्टाइल बिगड़ ही जाता है।

#5. पढ़ाई पर ही पूरा फोकस

यह पॉइंट भी ऊपर वाले पॉइंट से कुछ-कुछ मिलता हुआ सा प्रतीत होता है लेकिन हम आपको बताएँगे कि क्यों हमने इसे एक अलग पॉइंट के रूप में रखा। दरअसल लाइफ स्टाइल का सही होना और पढ़ाई पर पूरा फोकस होना दो अलग-अलग चीजें है। यहाँ के इंस्टीट्यूट में कुछ इस तरह से पढ़ाई करवाई जाती है कि स्टूडेंट्स का फोकस अपनी पढ़ाई पर ही बना रहे।

इसके लिए बाकायदा कई इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग तक दी जाती (Best City For IIT Coaching In Hindi) है। मान लीजिए आप पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन पढ़ते-पढ़ते आप कुछ और सोचने लग जाते हैं तो वह समय आपका व्यर्थ ही हो रहा होता है। ऐसे में किस तरह से स्मार्ट स्टडी की जाए और अपने टाइम का पूरा इस्तेमाल किया जाए, इसके बारे में भी सीकर शहर बाजी मार जाता है।

#6. पेरेंट्स के साथ तालमेल

जब शहर सही होता है और वहाँ के इंस्टीट्यूट सही होते हैं तो पेरेंट्स को कोई चिंता नहीं रहती है। इस बात को सीकर शहर के अधिकतर आईआईटी कोचिंग संस्थान ने सीखा है और अपनाया भी है। आप सीकर शहर में आईआईटी की कोचिंग ले रहे किसी भी स्टूडेंट या उनके पेरेंट्स से बात करके देख लीजिए, आपको खुद ही पता चल जाएगा।

दरअसल वहाँ की अकैडमी के द्वारा लगभग सभी पेरेंट्स के साथ प्रॉपर तालमेल बिठाया जाता है। उन्हें स्टूडेंट्स की समय-समय पर रिपोर्ट दी जाती है। पेरेंट्स की भी काउंसलिंग की जाती है ताकि वे अपने बच्चे पर अनावश्यक दबाव डालने से बचें। अब इससे अच्छी बात और क्या ही होगी भला। पेरेंट्स और स्टूडेंट्स के बीच में अच्छा तालमेल बना रहे, इसके लिए सीकर के सभी संस्थान बहुत मेहनत करते हैं।

#7. शहर का सिस्टम

सीकर शहर का सिस्टम भी बहुत अच्छा है। इसमें इस शहर में रहने वाले लोगों का सराहनीय योगदान है। आपको शहर में एक से एक अच्छे हॉस्टल या पीजी मिल जाएंगे। खाने पीने की कोई समस्या नहीं होगी। सुरक्षा के मामले में भी कोई दिक्कत नहीं होगी। लड़कियों के लिए भी यह शहर बहुत सुरक्षित माना जाता है। रात में पुलिस की पेट्रोलिंग होती रहती है।

कोचिंग सेंटर और हॉस्टल के आसपास सुरक्षा की अच्छी व्यवस्था की जाती है। शहर में नशे या अन्य आपराधिक गतिविधियाँ ना के बराबर है। ऐसे में यदि आप अपने बच्चे को आईआईटी की कोचिंग देना चाहते हैं लेकिन उसे बाहर भेजने से झिझक रहे हैं तो आपको बिना दूसरा विचार मन में लाए उसे सीकर शहर में भेज देना चाहिए।

अब आपने यह तो जान लिया है कि आईआईटी कोचिंग के लिए सबसे अच्छा शहर राजस्थान का सीकर है लेकिन वहाँ पर आपको किस इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेना (Best City For IIT Coaching In India In Hindi) चाहिए!! यह अगला प्रश्न है। ऐसे में अब हम आपके सामने सीकर के टॉप आईआईटी कोचिंग संस्थान की एक लिस्ट रखने जा रहे हैं। इससे आपको और बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

सीकर की टॉप 10 आईआईटी कोचिंग

सीकर शहर का माहौल शांत है, पढ़ाई के लिए अनुकूल है, वहाँ सुरक्षा भी पूरी रहती है, फीस भी ज्यादा नहीं है लेकिन इन सभी के बाद प्रश्न उठता है कि वहाँ के कौन से इंस्टीट्यूट आईआईटी की कोचिंग लेने के लिए बेस्ट हैं। अब यदि आप सीकर शहर में आईआईटी की कोचिंग दे रहे संस्थान की लिस्ट देखेंगे तो उसमें दर्जनों इंस्टीट्यूट सामने आ जाएंगे।

इनमें भी हर कोई अपने आप में बेस्ट होने की बात करेगा। तो यदि आपने शहर का चुनाव सही कर लिया और कोचिंग गलत चुन ली तो बहुत ही गलत हो जाएगा। ऐसे में हम आपको आधी अधूरी जानकारी देकर नहीं छोड़ना चाहते हैं। इस कारण अब हम सीकर की टॉप 10 आईआईटी कोचिंग की लिस्ट आपके सामने रखने जा रहे हैं, जो कि इस प्रकार है:

रैंक 1. मैट्रिक्स JEE अकैडमी (Matrix IIT Sikar)

रैंक 2. एलन सीकर (Allen Sikar)

रैंक 3. कौटिल्य आईआईटी अकैडमी (Kautilya IIT Academy)

रैंक 4. पीसीपी सीकर या Prince Career Pioneer

रैंक 5. सीएलसी या Career Line Coaching

रैंक 6. जीसीआई या Gurukripa Career Institute

रैंक 7. आकाश इंस्टीट्यूट (Aakash Institute)

रैंक 8. मैक अकैडमी (Mach Academy)

रैंक 9. आयाम अकैडमी (Aayaam Academy)

रैंक 10. अन अकैडमी सेंटर सीकर (Unacademy Centre)

तो यह है सीकर के टॉप 10 आईआईटी कोचिंग संस्थान की लिस्ट। इस लिस्ट में मैट्रिक्स अकैडमी का नाम सबसे पहले नंबर पर आता है जिसके पीछे भी कई कारण हैं। दरअसल मैट्रिक्स अकैडमी ने अपने यहाँ स्टूडेंट्स की सुविधा को ध्यान में रखकर उनके लिए जगह-जगह डाउट सेंटर बनाए हुए हैं जहाँ वे किसी भी समय जाकर अपने डाउट पूछ सकते हैं।

इतना ही नहीं, अधिकतर इंस्टीट्यूट में यह देखने को मिलता है कि एक ही बैच में बहुत से स्टूडेंट्स को ले लिया जाता है जिस कारण टीचर्स हरेक स्टूडेंट पर अलग से ध्यान नहीं दे पाते हैं। वहीं मैट्रिक्स अकैडमी में एक बैच में 40 से 50 स्टूडेंट्स को ही लिया जाता (Best City For IIT Preparation In India In Hindi) है। वहाँ का इंफ्रास्ट्रक्चर भी वर्ल्ड क्लास का है और स्टडी मटेरियल का स्ट्रक्चर भी बहुत सही से किया हुआ है।

इसके बाद एलन इंस्टीट्यूट का नाम आता है जो कि आईआईटी की कोचिंग देने के लिए पूरे देशभर में प्रसिद्ध है। हालाँकि एलन की कोटा वाली ब्रांच ज्यादा प्रसिद्ध है, ना कि सीकर की। फिर भी यह सीकर में नंबर दो आईआईटी कोचिंग संस्थान है। इनके अलावा प्रिंस, कौटिल्य और गुरुकृपा भी आईआईटी की कोचिंग देने में अव्वल है।

निष्कर्ष

आज हमने आपको बताया कि आखिरकार भारत का वह कौन सा शहर (Best City For IIT Coaching In India In Hindi) है जहाँ पर आईआईटी की सबसे बेस्ट कोचिंग दी जाती है। तो उस शहर का नाम सीकर है। साथ ही आपने उन फैक्टर्स के बारे में भी जान लिया है जो सीकर शहर को भारत की टॉप आईआईटी कोचिंग सिटी बनाते हैं।

इतना ही नहीं, हमने आपके सामने सीकर शहर के टॉप 10 आईआईटी कोचिंग संस्थान की लिस्ट भी रख दी है ताकि आप सही शहर के साथ-साथ सही कोचिंग इंस्टीट्यूट का भी चुनाव कर सकें। यदि आपके मन में अभी भी कोई डाउट या प्रश्न रह गया है तो आप नीचे कमेंट करके हमसे पूछ सकते हैं।

Related FAQs

प्रश्न: आईआईटी के लिए सबसे बेस्ट कोचिंग कौन सी है?

उत्तर: आईआईटी के लिए सबसे बेस्ट कोचिंग सीकर शहर की मैट्रिक्स अकैडमी है। यहाँ पर स्टूडेंट्स को वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी के साथ-साथ टॉप क्लास फैकल्टी प्रोवाइड करवाई जाती है।

प्रश्न: आईआईटी की कोचिंग की फीस कितनी होती है?

उत्तर: आईआईटी की कोचिंग की फीस एक से तीन लाख के बीच में होती है। अब यह उस शहर पर निर्भर करता है जहाँ आप इसकी कोचिंग लेने को इच्छुक हैं। इसमें सीकर शहर बेस्ट विकल्प है।

प्रश्न: भारत का नंबर 1 कोचिंग संस्थान कौन सा है?

उत्तर: भारत का नंबर 1 कोचिंग संस्थान सीकर का मैट्रिक्स संस्थान है। यहाँ पर आईआईटी और नीट की कोचिंग दी जाती है।

प्रश्न: कौन सी कोचिंग सबसे ज्यादा आईआईटियंस देती है?

उत्तर: यदि हम स्टूडेंट के रेश्यो के हिसाब से उसमें सेलेक्ट होने वाले स्टूडेंट्स की बात करें तो उस हिसाब से सीकर की मैट्रिक्स अकैडमी सबसे ज्यादा आईआईटियंस देती है।

इन्हें भी पढ़ें:

Kya JEE Main Ka Paper Hindi Me Hota Hai: क्या आपने अपनी स्कूल की पढ़ाई हिंदी माध्यम से की है और अब आप आगे JEE Main की परीक्षा देने को इच्छुक हैं!! ऐसे में बहुत से स्टूडेंट्स के मन में यह प्रश्न उठता है कि क्या JEE Main का पेपर हिंदी में भी होता है या वह केवल अंग्रेजी भाषा में ही लिया जाता है। इसीलिए आज हम आपकी इस शंका का समाधान करते हुए बता दें कि JEE Main का एग्जाम हिंदी में भी आयोजित करवाया जाता है।

हालाँकि आपका केवल यह जान लेना कि JEE Main का एग्जाम हिंदी में भी होता है, पर्याप्त नहीं (JEE Main ka paper Hindi me hota hai ya English) है। आपको इसके अलावा और भी बहुत कुछ जानने की जरुरत है जो हम आपको इस लेख में बताने वाले हैं। आज का यह लेख JEE Main एग्जाम के पैटर्न और उसकी भाषा के ऊपर ही लिखा गया है। आइए जानते हैं JEE Main पेपर की भाषा और अन्य चीज़ों के बारे में।

क्या JEE Main का पेपर हिंदी में होता है?

सबसे पहले तो हम आपके इसी प्रश्न का उत्तर दे देते हैं कि क्या JEE Main का पेपर हिंदी में होता है या नहीं। तो इसका उत्तर है हां। भारत में JEE Main का एग्जाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आयोजित करवाया जाता है। ऐसे में आप JEE Main की परीक्षा देने को इच्छुक हैं तो उसका फॉर्म भरते समय इस बात का ध्यान रखें।

वह इसलिए क्योंकि जब आप JEE Main का फॉर्म भर रहे होंगे तो आपसे परीक्षा के लिए भाषा का चयन करने को पूछा जाएगा। यदि आपने यहाँ पर हिंदी को नहीं चुना तो फिर आपका पेपर हिंदी में नहीं आएगा। वैसे एक बात और भी जान लें कि JEE Main की परीक्षा केवल हिंदी या अंग्रेजी में ही नहीं अपितु भारतवर्ष की 12 राजकीय भाषाओं और एक विदेशी भाषा उर्दू में आयोजित की जाती है।

इसलिए सबसे पहले हम आपको इन भाषाओं की सूची दे देते (Kya JEE Main Ka Paper Hindi Me Hota Hai) हैं, जिसके अंतर्गत आप JEE Main का एग्जाम दे सकते हैं।

  1. हिंदी
  2. अंग्रेजी
  3. तमिल
  4. तेलुगु
  5. मलयालम
  6. कन्नड़
  7. पंजाबी
  8. गुजराती
  9. मराठी
  10. बंगाली
  11. आसामी
  12. ओड़िया
  13. उर्दू

इस तरह से यदि आप JEE Main का एग्जाम देने को इच्छुक हैं तो आप ऊपर दी गई 13 भाषाओं में किसी भी एक भाषा का चयन कर सकते हैं। यहाँ आप यह भी जान लें कि इसमें हिंदी व अंग्रेजी भाषा तो भारत के हर राज्य में उपलब्ध है लेकिन अन्य  भाषाओं के लिए आपको उसके राज्य का ध्यान अवश्य रखना होगा। इसके बारे में हम आपको एक-एक करके नीचे बता देते (JEE Main ka paper Hindi me hota hai ya English) हैं।

क्या JEE Main का एग्जाम हिंदी में कहीं भी दे सकते हैं?

सबसे पहले तो आप यह जान लें कि यह एग्जाम भारत सरकार के अंतर्गत आने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी करवाती है। अब इस एजेंसी के द्वारा भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में JEE Main की परीक्षा को हिंदी व अंग्रेजी दोनों में देने की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसे आप इस तरह से समझें कि आप भारत के किसी भी राज्य में रहते हो या वहाँ के रहवासी हो, और उस राज्य में हिंदी ना भी बोली जाती हो, तो भी आपको वहाँ पर JEE Main का पेपर हिंदी में मिल जाएगा।

इस तरह से आपको JEE Main का एग्जाम हिंदी में देने में किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह एग्जाम आपको हिंदी में मणिपुर में भी मिलेगा तो वहीं महाराष्ट्र में भी इसकी सुविधा होगी। साथ ही यही सुविधा अंग्रेजी प्रश्न पत्र को लेकर भी दी गई (Kya JEE Main Ka Paper Hindi Me Hota Hai) है।

JEE Main का पेपर अन्य भाषाओं में

अब आपने हिंदी व अंग्रेजी के अलावा 11 अन्य भाषाएँ भी देखी। JEE Main का एग्जाम इन भाषाओं में भी आयोजित करवाया जाता है लेकिन भारत के हरेक राज्य में नहीं। अन्य 11 भाषाएँ जिस भी राज्य की आधिकारिक भाषा है या वहाँ पर यदि बहुतायत में बोली जाती है तो वहाँ उस भाषा में पेपर देने की अनुमति होगी।

उदाहरण के तौर पर यदि आपको JEE Main की परीक्षा मराठी में देनी है तो उसकी सुविधा केवल महाराष्ट्र में ही होगी, ना कि राजस्थान या हरियाणा में। उसी तरह यदि आपको यह पेपर मलयालम में देना है तो उसकी सुविधा केवल केरल या तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में होगी, अन्यत्र नहीं। इसलिए आप जिस भी राज्य से JEE Main का फॉर्म भर रहे हैं, आपको वहाँ की आधिकारिक भाषा, यदि वह इन 11 भाषा में है, तो उसमें देने की अनुमति होगी।

JEE Main का एग्जाम ऑनलाइन है या ऑफलाइन?

अब आप यह भी जान लें कि आप जिस भी भाषा में JEE Main का एग्जाम चुने, वह होगा ऑनलाइन ही। कहने का अर्थ यह हुआ कि JEE Main की परीक्षा ऑफलाइन नहीं ली जाती है और यह पूर्ण रूप से ऑनलाइन परीक्षा है। इसलिए आपका पेपर चाहे हिंदी में हो या अंग्रेजी में, तेलुगु में हो या बंगाली में, वह ऑनलाइन ही आयोजित किया (Kya JEE Ka Paper Hindi Me Hota Hai) जाएगा।

यह 3 घंटे की परीक्षा होती है जिसमें तीन विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व गणित विषय आते हैं जिन्हें आपको देना होता है। ऐसे में आपको अपनी तैयारी भी वैसी ही रखनी चाहिए ताकि आगे चलकर किसी तरह की परेशानी ना होने पाए।

JEE Main एग्जाम का सेंटर

जब आप JEE Main एग्जाम को देने के लिए फॉर्म को भर रहे होते हैं तो आपसे कई तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें आपसे भाषा का चयन करने को तो कहा ही जाता है लेकिन उसी के साथ ही आपको अपने राज्य या पसंदीदा सेंटर का चयन करना होगा। अब आप जिस भी राज्य से फॉर्म भर रहे हैं या आप अपनी पसंद में जिस भी राज्य को महत्व देते हैं, उसका चुनाव करने को आपको कहा जाएगा।

फिर जब आपका JEE Main एग्जाम का एडमिशन फॉर्म आएगा तो उसमें एग्जाम सेंटर उसी राज्य का दिया गया होगा, जिसे आपने अपने फॉर्म में भरा है। आप एग्जाम सेंटर नहीं चुन सकते हैं लेकिन आप अपना राज्य चुन सकते हैं। फिर एग्जाम सेंटर आपके उसी राज्य के अंतर्गत ही आता है।

क्या JEE Advanced का एग्जाम भी हिंदी में होता है?

अब जो स्टूडेंट्स अपनी JEE Main की परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर लेते हैं तो उनके लिए आगे के दरवाजे खुल जाते हैं। अब JEE Main को पास करने पर आपको NIT जैसे सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन मिलता है जो देश के दूसरे नंबर के टॉप मोस्ट इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। हालाँकि यदि आपको देश के नंबर 1 इंजीनियरिंग कॉलेज अर्थात आईआईटी में प्रवेश लेना है तो उसके लिए आपको JEE Main के बाद दी जाने वाली JEE Advanced की परीक्षा को पास करना होगा।

अब यह JEE Advanced का एग्जाम एक बारी में नहीं बल्कि दो भागों में होता है। यह दो भाग एक ही दिन में आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में बहुत से स्टूडेंट्स के मन में अब यह प्रश्न उठ रहा होगा कि क्या JEE Main की तरह ही JEE Advanced की परीक्षा भी हिंदी में होती होगी या नहीं। तो यहाँ हम आपकी इस शंका का भी समाधान कर देते हैं। JEE Main की तरह ही JEE Advanced के एग्जाम को भी हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आयोजित करवाया जाता (Kya JEE Ka Paper Hindi Me Hota Hai) है।

हालाँकि यहाँ आप इस बात का ध्यान रखें कि इसे केवल हिंदी और अंग्रेजी में ही आयोजित करवाया जाता है, अन्य भारतीय भाषाओं में नहीं। कहने का तात्पर्य यह हुआ कि ऊपर आपने जो 13 भाषाओं की सूची देखी, जिसके अंतर्गत आपको JEE Main की परीक्षा देने की अनुमति थी, वैसी सुविधा आपको JEE Advanced के एग्जाम को लेकर नहीं मिलेगी। JEE Main के अंतर्गत आपको केवल दो ही भाषाएँ चयन के लिए मिलेगी जो हिंदी व अंग्रेजी होगी।

JEE Main पेपर में कितने प्रश्न आएंगे?

अब आपने यह तो जान लिया है कि आप JEE Main की परीक्षा को हिंदी में दे सकते हैं लेकिन आपके लिए यह जानना भी जरुरी हो जाता है कि इसमें आपसे कितने प्रश्न पूछे जाएंगे। तो यहाँ आप जान लें कि JEE Main के एग्जाम में कुल 75 प्रश्न आते हैं। इसमें से प्रत्येक विषय के 25-25 प्रश्न होते हैं जिनमें से 20-20 प्रश्न MCQs होते हैं तो वहीं 5-5 प्रश्न नुमेरिकल होते (JEE Main ka paper Hindi me hota hai) हैं।

कहने का अर्थ यह हुआ कि आपको भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित से कुल 60 प्रश्न MCQs मिलेंगे। इसमें आपको 4 से 5 विकल्प दिए जाएंगे जिनमें से कोई एक सही उत्तर होगा। अब आपको इसे ही चुनना होगा। वहीं इन प्रत्येक विषय से कुल 15 प्रश्न संख्यात्मक आएंगे अर्थात आपको रफ वर्क करके उसका सही उत्तर निकाल कर एक संख्या भरनी होगी।

साथ ही हरेक प्रश्न का उत्तर देना अनिवार्य होगा अर्थात आपको उसका कोई विल्कल्प नहीं मिलेगा। पहले के समय में 90 प्रश्न आते थे जिनमें से 75 प्रश्न को हल करना होता था। अब 75 प्रश्न ही आते हैं और सभी का उत्तर देना अनिवार्य होता है। हालाँकि आपको जिसका उत्तर नहीं आता है या जिसमें आपको डाउट है तो आप उसे छोड़ भी सकते हैं।

JEE Main की हिंदी में तैयारी कहाँ से करें?

आज के समय में हर कोचिंग इंस्टीट्यूट JEE Main की तैयारी करवाने के लिए अंग्रेजी भाषा पर ही जोर देता है। आप चाहे अपने शहर के कोचिंग सेंटर ले लीजिए या मेट्रो सिटी के। अब जो कोचिंग सेंटर हिंदी में भी पढ़ा रहे हैं, वहाँ भी उस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है।

ऐसे में जब हमने भारत के टॉप JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट के बारे में रिसर्च की तो पाया कि उनमें से केवल मैट्रिक्स अकैडमी ही छात्रों को हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में JEE Main की कोचिंग दे रही है। मैट्रिक्स अकैडमी राजस्थान के सीकर शहर में स्थित है और आज के समय में देश की टॉप मोस्ट कोचिंग अकैडमी है।

यहाँ पर स्टूडेंट्स के माध्यम के अनुसार हिंदी व अंग्रेजी के लिए अलग-अलग बैच बनाए जाते (JEE Main ka paper Hindi me hota hai) हैं ताकि छात्रों को किसी तरह की समस्या ना होने पाए। ऐसे में आपके लिए भी मैट्रिक्स अकैडमी बेस्ट रहेगी क्योंकि यहाँ से आपको अनुभवी फैकल्टी से JEE Main की तैयारी हिंदी में करने की सुविधा मिलेगी।

निष्कर्ष

आज के इस लेख के माध्यम से आपने यह तो जान ही लिया है कि आप अपनी JEE Main की परीक्षा को हिंदी में दे सकते (Kya JEE Main Ka Paper Hindi Me Hota Hai) हैं। इसी के साथ ही आपने JEE Main एग्जाम के बारे में और भी बहुत कुछ जान लिया है। वहीं आप JEE Main की हिंदी में तैयारी कहाँ से कर सकते हैं, उसके बारे में भी हमने बता दिया है।

यदि अभी भी आपके मन में कोई प्रश्न है या आप हम से कुछ पूछना चाहते हैं तो आप नीचे कमेंट कर सकते हैं। हम जल्द से जल्द आपके प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास करेंगे।

Related FAQs

प्रश्न: क्या जी एडवांस का पेपर हिंदी में होता है?

उत्तर: जी हां, जी एडवांस का पेपर हिंदी में भी होता है। यह पेपर आप भारत के किसी भी राज्य में हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दे सकते हैं।

प्रश्न: JEE Advanced का पेपर किस भाषा में होता है?

उत्तर: JEE Advanced का पेपर दो भाषाओं में आयोजित करवाया जाता है। यह भाषाएँ हिंदी व अंग्रेजी है।

प्रश्न: क्या जेईई का पेपर हिंदी में होता है?

उत्तर: जी हां, भारत सरकार के द्वारा जेईई का पेपर हिंदी में देने की सुविधा दी गई है। इसके अलावा यह अंग्रेजी सहित 11 अन्य भषाओं में भी आयोजित करवाया जाता है।

इन्हें भी पढ़ें:

12th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare: क्या आप अभी बारहवीं क्लास में पढ़ रहे हैं या वह पूरी होने वाली है और अब आपको इंजीनियरिंग के टॉप कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए JEE की तैयारी करनी शुरू करनी है। यदि आपको लगता है कि अब बहुत देर हो चुकी है तो ऐसा कुछ नहीं है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आपने अपनी 11वीं और 12 वीं की क्लास में जो पढ़ाई की है और जो सिलेबस आपको पढ़ाया गया है, वही सिलेबस ही JEE का सिलेबस होता है।

बस आपको जो चीज़ अलग करनी है वह है ट्रिक्स को समझना। वह इसलिए क्योंकि JEE के एग्जाम में आपको निश्चित समय में ज्यादा से ज्यादा प्रश्नों के सही उत्तर देने होते हैं। ऐसे में किन फॉर्मूला या ट्रिक्स के जरिए आप उन प्रश्नों के सही और सटीक उत्तर जल्द से जल्द निकाल सकते हैं, वही JEE एग्जाम को क्रैक करने का तरीका होता है।

ऐसे में आज के इस आर्टिकल में हम आपको 12th के बाद JEE का एग्जाम किस तरह से क्रैक किया जा सकता (12 Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare) है, इसके बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं। चलिए जानते हैं किन तकनीक के जरिए आप भी JEE का एग्जाम अच्छे स्कोर के साथ क्रैक कर सकते हैं।

12th के बाद JEE की तैयारी कैसे करें?

बहुत से स्टूडेंट्स अपनी बारहवीं की पढ़ाई के बाद या उसके साथ ही JEE की तैयारी करना शुरू करते हैं। वह इसलिए क्योंकि उनका मुख्य लक्ष्य बारहवीं में उच्चतम स्कोर करने का होता है। इसके बाद वे JEE की तैयारी करने में अपना ध्यान केंद्रित करते हैं।

ऐसे में यदि आप भी इसी कशमकश में हैं कि आखिरकार किन तकनीक के जरिए आप भी 12th के बाद JEE के एग्जाम में अच्छा स्कोर कर सकते (12th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare) हैं तो चलिए उसके बारे में विस्तार से बात कर लेते हैं। यहाँ हम आपको एक-एक करके उन सभी तकनीक के बारे में बताएँगे जो आपके लिए जरुरी है।

#1. क्रैश कोर्स करें

जो स्टूडेंट्स 12th के बाद JEE का एग्जाम देना चाहते (12th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Karen) हैं और वह भी उसी साल का तो उनके लिए सबसे बेस्ट टिप यही है कि उन्हें किसी अच्छे JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट से क्रैश कोर्स करना चाहिए। यह क्रैश कोर्स 1 से 3 महीने के बीच का होता है जिसे अधिकत्तर JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट करवाते हैं।

ऐसे में आपको अपने शहर में या आसपास के बड़े शहर में ऐसे कोचिंग इंस्टीट्यूट की लिस्ट बनानी चाहिए जो क्रैश कोर्स की सुविधा देते हैं। आपको वहाँ के रिजल्ट, टाइमिंग और फीस को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए। हालाँकि यदि आप भारत के कुछ टॉप JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ने का सोच रहे हैं तो उनमें मैट्रिक्स सीकर और एलन कोटा का नाम आता है।

#2. एक साल का ड्रॉप भी ले सकते हैं

इस मामले में यह जरुरी नहीं है कि पहली बार में ही JEE का एग्जाम क्रैक हो जाए या इतने अच्छे नंबर आ जाए कि आपको अपनी मनपसंद की फील्ड में टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन मिल जाए। ऐसे में आप कोशिश जरुर करें लेकिन यदि किसी कारणवश आपका सिलेक्शन नहीं होता है या अच्छे नंबर नहीं आते हैं तो निराश मत होइए और एक वर्ष का ड्रॉप ले लीजिए।

इस एक वर्ष के दौरान आपको अपनी तैयारी मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसके लिए आप अच्छे JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट में एडमिशन लें क्योंकि वहीं से आपको सही गाइडेंस और स्टडी मटेरियल मिल पाएगा। इसमें से कुछ कोचिंग इंस्टीट्यूट के नाम मैट्रिक्स, एलन, प्रिंस, कौटिल्य इत्यादि हैं। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आपके हिसाब से कौन सा कोचिंग सेंटर आपके लिए बेस्ट रहने वाला है।

#3. 11वीं और 12वीं का सिलेबस है ब्रह्मास्त्र

बहुत से स्टूडेंट्स इस बात से अनजान रहते हैं कि उन्हें JEE के एग्जाम की तैयारी करने के लिए (12th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare) किसी अलग तरह के सिलेबस या बुक्स की जरुरत होती है। यदि आप भी ऐसा सोच रहे हैं तो आज आप जान लीजिए कि आपने अपनी 11 वीं और 12 वीं क्लास में NCERT बुक्स के जरिए जो कुछ पढ़ाई की है, वही आपके JEE एग्जाम का सिलेबस होता है।

ऐसे में आपको अपनी NCERT की बुक्स को ही मुख्य बुक्स मानना चाहिए और उसके अनुसार ही तैयारी करनी चाहिए। इन दोनों क्लास की बुक ही JEE एग्जाम के लगभग हर टॉपिक को कवर कर लेती है। अब यह बुक्स तो आपने पहले ही पढ़ी हुई है तो आपको बस इनकी रिवीजन करने की जरुरत है। बाकी सब काम तो अपने आप होता चला जाएगा।

#4. टॉप JEE इंस्टीट्यूट से जुड़ें 

यह भी एक महत्वपूर्ण टिप है और इसका कारण हम आपको बता देते हैं। दरअसल आज JEE कोचिंग की मांग इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि लगभग हर शहर में दर्जनों JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट खुल चुके हैं। बहुत से टीचर तो अपने घर पर ही JEE की कोचिंग देने लगे हैं और वो भी एक सब्जेक्ट की। तो यहाँ हम आपको बता दें कि केवल कहने भर से JEE की तैयारी नहीं होती है।

JEE की तैयारी आपको वहाँ से करनी चाहिए जहाँ पर इस फील्ड में स्पेशल टीचर या फैकल्टी को रखा जाता है। वह इसलिए क्योंकि जिन टीचर्स को JEE की तैयारी करवाने का अच्छा खासा अनुभव होता है, उन्हें लगभग सभी तरह की ट्रिक्स अच्छे से पता होती है और समझानी भी अच्छे से आती है। अब यह टीचर्स आपको मैट्रिक्स सीकर या प्रिंस अकैडमी जैसी अकैडमी में ही देखने को मिलेंगे जो भारत की टॉप JEE अकैडमी है।

#5. JEE एग्जाम के पेपर समझें

आपको JEE एग्जाम के लगभग पिछले 10 वर्षों के पेपर्स और उनके पैटर्न को अच्छे से समझने की जरुरत है। वह इसलिए क्योंकि यदि आपने JEE पेपर्स के टॉपिक्स को अच्छे से समझ लिया तो इससे आपको बहुत कुछ जानने को मिलेगा। उदाहरण के तौर पर इस पेपर में कौन से टॉपिक से कितने प्रश्न पूछे जाते हैं, उनका पैटर्न कैसा है, उनकी मार्किंग कितनी है इत्यादि।

पेपर को अच्छे से समझ कर आप अपनी तैयारी भी वैसे ही कर पाते (12 Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Karen) हैं। इससे आपका समय भी बचता है और सही दिशा में तैयारी भी होती है। जो स्टूडेंट्स इस टिप को फॉलो करते हैं उन्हें JEE का एग्जाम क्रैक करने में ज्यादा मुश्किल नहीं होती है।

#6. जरुरी टॉपिक्स कवर करें

अब आपको 12th के बाद JEE का एग्जाम क्रैक करना है तो आपके पास समय की कमी होती है। समय कम होने के कारण आप सभी टॉपिक्स को तो कवर नहीं कर पाएंगे। ऐसे में आपको जो टॉपिक जरुरी लगते हैं या जो आपको आसानी से समझ में भी आते हैं, उन्हें सबसे पहले कवर करना जरुरी है।

अब JEE के एग्जाम में कुछ टॉपिक की मार्किंग ज्यादा होती है या उनमें से ज्यादा प्रश्न आने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में यह तो आपको आसानी से पता चल जाएगा कि JEE एग्जाम में किन टॉपिक को ज्यादा महत्व दिया जाता है। तो वह टॉपिक आपको जल्दी कवर करने और अच्छे से समझने की जरुरत है। यह भी JEE एग्जाम को क्रैक करने में बहुत लाभदायक होता है।

#7. सारा सिलेबस नहीं है जरुरी

यह पॉइंट भी ऊपर वाले पॉइंट से थोड़ा मिलता जुलता है लेकिन इसे हमने किसी कारणवश अलग पॉइंट बनाया है। वह इसलिए क्योंकि बहुत से स्टूडेंट्स ऊपर वाला पॉइंट पढ़कर यह समझ लेते हैं कि उन्हें हर जरुरी टॉपिक को किसी भी हालत में कवर करने की जरुरत है लेकिन असलियत में हम यह नहीं कहना चाह रहे हैं। इसे एक उदाहरण से समझ लेते हैं।

मान लीजिए कि JEE एग्जाम में कुल 50 टॉपिक हैं और उसमें से 20 जरुरी हैं और 20 औसत स्तर के हैं और 10 कम जरुरी हैं। अब जो 20 जरुरी हैं, उसमें आपके लिए सभी को कवर करना भी जरुरी नहीं है क्योंकि आपके पास उसके लिए समय कम है। तो आप इन 20 में से उन टॉपिक को छोड़ सकते हैं जो आपको बहुत कठिन लगते हैं या उन्हें समझने में ज्यादा समय लगने वाला है या आपने पहले कभी उन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया है।

इस तरह से आपको एक रणनीति के तहत आगे बढ़ना होगा और अपने समय के अनुसार टॉपिक को कवर करने का एक टाइमटेबल बनाना होगा। तभी आप उसे फॉलो कर पाएंगे और सही तरीके से JEE एग्जाम की तैयारी कर पाएंगे।

#8. मॉक टेस्ट है बहुत जरुरी

जिन स्टूडेंट्स ने अभी तक JEE एग्जाम की तैयारी करनी शुरू नहीं की (12th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare) है तो अवश्य ही उन्हें इस मॉक टेस्ट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होगी। तो यहाँ हम आपको बता दें कि मॉक टेस्ट एक तरह से आपकी तैयारी करवाने के लिए बनाए गए टेस्ट होते हैं। अब यह टेस्ट JEE एग्जाम के पैटर्न पर ही बनाए जाते हैं अर्थात इसमें प्रश्नों की संख्या, मार्किंग, इत्यादि सब JEE एग्जाम जैसा ही होता है।

ऐसे में आपको हर दिन कम से कम एक मॉक टेस्ट देने का नियम बना लेना चाहिए। साथ ही आपको यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि आप JEE एग्जाम के टाइमिंग में कितने प्रश्नों का उत्तर दे पाते हैं। अब आपको हर दिन अपने स्कोर को बढ़ाने की जरुरत है ताकि जब आपके हाथ में असली वाला JEE पेपर आए तो आप उसे आसानी से हल कर सकें।

#9. ऑनलाइन रिसोर्सेज का इस्तेमाल करें

आपको ऑनलाइन मिल रही सुविधाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए। आज के समय में हर टॉप JEE इंस्टीट्यूट के द्वारा अपने अपने चैनल पर वीडियोज डाली जाती है। इसमें स्टूडेंट्स को पढ़ाया तो जाता है ही बल्कि साथ ही उन्हें मोटीवेट भी किया जाता है। ऐसे में आप मैट्रिक्स अकैडमी का यूट्यूब चैनल फॉलो कर सकते हैं और अन्य इंस्टीट्यूट्स के चैनल्स को भी फॉलो किया जा सकता है।

इन चैनल्स को फॉलो करने से आपको एक लाभ यह मिलता है कि आपको सभी लेटेस्ट अपडेट मिलती रहती है। साथ ही आज के टाइम के हिसाब से आपको क्या ट्रिक्स फॉलो करनी चाहिए, उसके बारे में भी पता चलता है। इसलिए आपको बिना देर किए आज ही इन चैनल को फॉलो करना शुरू कर देना चाहिए।

#10. अपनी स्ट्रेंथ को पहचाने

12th के बाद JEE का एग्जाम देना (12 Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare) है तो उसके लिए आपको अपनी स्ट्रेंथ अर्थात काबिलियत अर्थात कौशल या स्किल को पहचानने की भी आवश्यकता है। यदि आप किसी के दबाव में आकर या अपने दोस्तों या आसपास के लोगों की देखा देखी ही JEE की तैयारी कर रहे हैं लेकिन अंदर से मन नहीं है तो आप गलत कर रहे हैं। कई बार स्टूडेंट्स पारिवारिक दबाव में आकर या पीयर प्रेशर में भी इसकी तैयारी करने लग जाते हैं।

ऐसे में आप शांत मन से अकेले में बैठकर सोचें कि क्या वाकई में आप अपना भविष्य एक इंजीनियर के तौर पर बनाना चाहते हैं, क्या आपका इस फील्ड में इंटरेस्ट है या आप किसी दबाव में आकर ऐसा सोच रहे हैं, क्या आपको इस दिशा में आगे बढ़ने की जरुरत है या और फील्ड को एक्स्प्लोर करना चाहिए इत्यादि। यदि आपका इसमें सच में इंटरेस्ट है और आप आगे बढ़ना चाहते हैं तभी आप आगे बढ़ें।

#11. अपने डाउट्स को क्लियर करें

JEE एग्जाम को क्लियर करना है तो उसके लिए आपको अपने डाउट को अनसुलझे नहीं रहने देना चाहिए। आपको इन्हें जल्द से जल्द सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए। वह इसलिए क्योंकि यदि आप डाउट यूँ ही छोड़ते चले जाएंगे तो बाद में जाकर बहुत पछताना पड़ सकता है।

हमने बहुत से स्टूडेंट्स को कुछ नंबर से इसलिए पिछड़ते हुए देखा है क्योंकि उन्होंने समय रहते अपने डाउट नहीं सुलझाए और बाद में बहुत देर हो चुकी थी। इसलिए अपने डाउट सही समय पर या फिर यूँ कहें कि साथ के साथ सुलझा लेना ही बेस्ट रहता है।

निष्कर्ष

यहाँ पर हमने कुल 11 टिप्स के माध्यम से आपको बताया कि किस तरह से आप भी 12th के बाद JEE एग्जाम की तैयारी पक्की कर सकते (12th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare) हैं। वैसे तो इसके लिए और भी बहुत तरीके हैं लेकिन हमने आपको 11 बेस्ट टिप्स दी है जो टॉप स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स के द्वारा आजमाई गई है।

इसी के साथ ही आप यह भी ध्यान रखें कि इस मामले में भारत के टॉप JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट आपकी बहुत सहायता कर सकते हैं। इसमें मैट्रिक्स अकैडमी सीकर और एलन इंस्टीट्यूट कोटा आपके लिए बहुत काम आ सकते हैं। इसलिए आपको बिना देर किए आज ही इनसे संपर्क करना चाहिए।

Related FAQs

प्रश्न: जेईई के लिए क्या पढ़ना चाहिए?

उत्तर: जेईई के लिए आपको अपनी 11 वीं और 12 वीं क्लास की NCERT की बुक्स को पढ़ना चाहिए। इसी के साथ ही कुछ स्पेशल ऑथर की बुक्स को पढ़ना चाहिए।

प्रश्न: क्या मैं 12वीं के बाद जेईई कोचिंग ज्वाइन कर सकता हूं?

उत्तर: हां आप अपनी 12वीं के बाद जेईई की कोचिंग को ज्वाइन कर सकते हैं। इसके लिए लगभग सभी JEE इंस्टीट्यूट क्रैश कोर्स की सुविधा देते हैं।

प्रश्न: जेईई के लिए पढ़ाई कैसे शुरू करें?

उत्तर: जेईई के लिए पढ़ाई शुरू करनी है तो इसका सबसे बढ़िया तरीका है किसी अच्छे JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट से जुड़ना जैसे कि मैट्रिक्स सीकर या एलन कोटा।

प्रश्न: जेईई में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

उत्तर: जेईई में तीन सब्जेक्ट होते हैं जिनके नाम भौतिक विज्ञान (फिजिक्स), रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) व गणित होते हैं।

इन्हें भी पढ़ें:

JEE Mains Ki Taiyari Kaise Kare: बहुत से स्टूडेंट्स ऐसे होते हैं जो बिना किसी कोचिंग के घर पर बैठकर ही JEE Mains की तैयारी करना चाहते हैं। हालाँकि ऐसा नहीं है कि इनमें से सभी स्टूडेंट्स ऐसे होंगे जो कभी JEE Mains के लिए कोचिंग नहीं लगे होंगे। इनमें से बहुत ने पहले कभी JEE Mains की कोचिंग ली होगी जो अब पूरी हो गई होगी। इसके बाद उन्हें घर बैठ कर ही JEE Mains की तैयारी करनी होती है।

अब ज्यादातर स्टूडेंट्स जो अच्छे कोचिंग संस्थान से पढ़ चुके (Ghar Baithe JEE Ki Taiyari Kaise Karen) हैं, जैसे कि मैट्रिक्स सीकर या एलन कोटा, तो उन्हें तो कोचिंग अकैडमी के द्वारा ही पूरा मार्गदर्शन दे दिया जाता है। हालाँकि इनमें से कुछ कोचिंग संस्थान ऐसे भी होंगे जो घर पर JEE Mains की तैयारी किस तरह से की जा सकती है, इसके बारे में नहीं बताते हैं या आधी अधूरी जानकारी देते हैं।

ऐसे में आज का यह आर्टिकल उन सभी स्टूडेंट्स पर फोकस करके लिखा गया है जो घर बैठकर JEE Mains की तैयारी करने को इच्छुक हैं। आज हम आपको स्टेप बाय स्टेप JEE Mains की घर बैठकर तैयारी (JEE Mains Ki Taiyari Kaise Karen) करने के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं। चलिए शुरू करते हैं।

घर पर JEE Mains की तैयारी कैसे करें?

बहुत से स्टूडेंट्स इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि कोचिंग में तो उनका एक सही और स्ट्रिक्ट टाइमटेबल बना हुआ होता है लेकिन घर पर ऐसा संभव नहीं हो पाता (JEE Mains Ki Taiyari Kaise Kare) है। ऐसे में आपको चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि हम आपको इससे संबंधित हर टिप्स देंगे।

घर पर रहकर भी JEE Mains की अच्छे से तैयारी की जा सकती है लेकिन उसके लिए आपको हमारी हरेक टिप को फॉलो करना होगा। तभी आप JEE Mains की अच्छे से तैयारी कर सकते हैं और उसमें अच्छे नंबर लाकर टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन पा सकते हैं, आइए जाने।

#1. डे टू डे का टाइम टेबल बनाएं 

सबसे पहला काम जो आपको करना है वह है अपने लिए प्रतिदिन अर्थात डे टू डे का एक फिक्स टाइम टेबल बनाना। घर पर JEE Mains की तैयारी (JEE Mains Ki Taiyari Ghar Per Kaise Karen) करनी है तो यह सबसे पहला और जरुरी स्टेप हो जाता है। इसके लिए आप कितने घंटे सोने वाले हैं, कितने घंटे किस टॉपिक को पढ़ने वाले हैं, कितने समय का ब्रेक लेने वाले हैं, इत्यादि सब को कवर करना है।

एक तरह से आपके पूरे दिन का शेड्यूल इसमें होना चाहिए। अब आपको टाइम टेबल बनाकर बस उसे यूँ ही छोड़ नहीं देना है या इसे कुछ दिनों तक ही फॉलो नहीं करना है बल्कि आपको इसे हर दिन स्ट्रिक्ट रूप में फॉलो करना है। इससे ही आपकी निरंतरता बनी रहेगी और आप सही ट्रेक पर रहेंगे।

#2. अपनी कोचिंग से जुड़े रहें

अब जो स्टूडेंट्स पहले किसी कोचिंग संस्थान में पढ़ते थे, उन्हें उनसे जुड़े रहना चाहिए। कहने का अर्थ यह हुआ कि अब आपकी वहाँ से कोचिंग पूरी हो गई है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका वहाँ से अब कोई संपर्क नहीं रहा है। आज के समय में कुछ नए कोचिंग संस्थान खुल गए हैं जो अपने एक्स स्टूडेंट्स को कोई राय नहीं देते हैं या उनकी कोई मदद नहीं करते हैं।

वहीं यदि आप भारत के टॉप लेवल के JEE Mains के कोचिंग स्थान देखेंगे जिनमें मैट्रिक्स सीकर और एलन कोटा का नाम आता है, वे अपने अभी के और पुराने स्टूडेंट्स दोनों पर ही बराबर ध्यान देते हैं। वह इसलिए क्योंकि आप उनसे पहले जुड़ चुके हैं और आपका रिजल्ट उनके लिए बहुत मायने रखता है। वे समय-समय पर आपको उचित परामर्श देते रहते हैं।

#3. टॉप स्कोर करने वालो को फॉलो करें 

जो स्टूडेंट्स JEE Mains के एग्जाम में टॉप स्कोर करते हैं, उनके बारे में ऑनलाइन बहुत कुछ डाला जाता है। कई तरह के सोशल मीडिया चैनल पर उनके इंटरव्यू और टिप्स दी जाती है। ऐसे में यह आपके लिए बहुत लाभदायक रहेगा अगर आप उन्हें फॉलो करेंगे।

आपको कई तरह के टॉप स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स के ऑनलाइन प्लेटफार्म मिल जाएंगे जहाँ पर वे समय-समय पर कोई ना कोई टिप या अपना अनुभव शेयर करते हुए दिखाई देंगे। इसलिए आपको उन्हें फॉलो करना है ताकि आप उनकी बताई गई टिप्स को फॉलो करके JEE Mains की अच्छे से तैयारी (JEE Mains Ki Taiyari Kaise Karen) कर सकें।

#4. डाउट को क्लियर करते रहें 

जब हम घर बैठ कर JEE Mains की तैयारी कर रहे होते हैं तो हमारे कई डाउट इकट्ठे होते चले जाते हैं। अब जो स्टूडेंट्स कोचिंग में जाकर JEE Mains की तैयारी कर रहे हैं, वे तो अपने डाउट अपने टीचर से पूछ लेते हैं और उन्हें सोल्व कर लेते हैं लेकिन घर रहकर इसकी सुविधा नहीं मिलती है।

ऐसे में आप अपने पुराने कोचिंग सेंटर और वहाँ की फैकल्टी के संपर्क में हैं तो आप उनसे अपने डाउट क्लियर करवा सकते हैं। या फिर आपके साथ कोई दोस्त या रिश्तेदार भी JEE Mains की तैयारी कर रहा है तो आप दोनों हर 3 से 4 दिन में 2 घंटे एक साथ बैठकर एक-दूसरे के डाउट सोल्व करने का काम कर सकते हैं। कहने का तात्पर्य यह हुआ कि आपको ज्यादा से ज्यादा एक सप्ताह में अपने डाउट क्लियर कर लेने चाहिए।

#5. छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहें 

घर बैठकर तैयारी करने वाले कुछ स्टूडेंट्स इस बात को भूल जाते हैं कि उन्हें समय-समय पर ब्रेक लेते रहने की भी जरुरत है। दरअसल कुछ स्टूडेंट्स JEE Mains की तैयारी करने को लेकर इतने सीरियस या यूँ कहें कि नर्वस हो जाते हैं कि वे हर समय दिन-रात पढ़ते ही रहते हैं। ऐसे में वे ना समय पर खाना खाते हैं, ना ही पूरी नींद लेते हैं और ना ही ब्रेक लेते हैं।

यदि आप भी ऐसी ही गलती कर रहे हैं तो जरा ठहरिए और सोचिए कि क्या आप सही तरीके से पढ़ पा रहे हैं या नहीं। वह इसलिए क्योंकि यदि आप बिना ब्रेक के तैयारी करते चले जाएंगे तो इससे आपकी मानसिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में आप ना केवल सही से पढ़ पाते हैं बल्कि पढ़ी गई चीज़ों को ज्यादा देर तक याद भी नहीं रख पाते हैं। इसलिए कुछ-कुछ समय बाद रचनात्मक ब्रेक लेते रहें।

#6. मोटिवेटेड रहें

जब आप JEE Mains की कोचिंग में जाते हैं तो वहाँ आपका उत्साह बढ़ाने के लिए आपके टीचर होते हैं, साथ के दोस्त होते हैं लेकिन घर बैठकर पढ़ने से अक्सर स्टूडेंट अकेला महसूस करता है। इसी अकेलेपन में वह धीरे-धीरे करके हतोत्साहित हो जाता है जो उसकी मानसिक स्थिति व JEE Mains की तैयारी के लिए (JEE Mains Ki Taiyari Kaise Kare) बहुत ही गलत है।

ऐसे में आपको अपने आप को समय-समय पर मोटीवेट करते रहना बहुत ही आवश्यक हो जाता है। इसके लिए आप जो भी ब्रेक ले रहे हैं, उसमें कुछ रचनात्मक कार्य करें, सही लोगों के संपर्क में रहें, घर का वातावरण शुद्ध व सकारात्मक हो, योग व ध्यान करें, नींद पूरी लें इत्यादि। यह सब कार्य आपको मोटीवेट करने में बहुत सहायक सिद्ध होंगे।

#7. डिस्ट्रैक्शन से बचें

ऊपर हमने आपको बताया कि आपको हर समय पढ़ते नहीं रहना है और समय-समय पर छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहना है लेकिन अब ऐसे भी कुछ स्टूडेंट्स होते हैं जो पढ़ते समय भी किसी दूसरी चीज़ में अपना ध्यान लगा रहे होते हैं। जो स्टूडेंट्स घर रहकर JEE Mains की तैयारी कर रहे होते हैं उनका सबसे ज्यादा समय व्यर्थ इसी कारण होता है और वे अक्सर कोचिंग ले रहे स्टूडेंट्स से पिछड़ जाते हैं।

ऐसे में आपको पढ़ते समय अपने मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से दूरी बनाकर रखनी होगी, दोस्तों के साथ ज्यादा समय व्यतीत करने से बचना होगा, घरवालों के साथ भी एक निश्चित समय तक ही बैठना होगा, टीवी पर कोई कार्यक्रम आ रहा है और वह आपका पसंदीदा है तो उसे अपने ब्रेक में देखें, ना कि पढ़ते हुए।

#8. कठिन टॉपिक्स पहले कवर करें

अब कई स्टूडेंट्स यह भी सोचते हैं कि यदि पहले वे सरल टॉपिक को कवर कर लेंगे तो अच्छा रहेगा। कठिन टॉपिक को हाथ लगाने से वे झिझकते हैं क्योंकि इसमें उन्हें ज्यादा समय लगता है या फिर यूँ कहें कि वे इसे हाथ लगाने से भयभीत होते हैं। अब कोचिंग में तो टॉपिक फैकल्टी के द्वारा पढ़ाया जाता है और वह आपको उसी समय पढ़ना होता है लेकिन घर पर तो यह हमारे ही हाथ में है।

अब यदि आप भी ऐसी ही गलती कर रहे हैं तो यह आपके लिए बहुत ही हानिकारक होने वाला है। आपको यदि JEE Mains की अच्छे से तैयारी करनी है तो उसके लिए कठिन टॉपिक को पहले हाथ लगाएं। फिर चाहे इसमें लगने वाला समय ज्यादा ही क्यों ना हो। यदि इसमें ज्यादा समय लग रहा है तो आप किसी अन्य की सहायता ले सकते हैं।

#9. डेली रिवीजन करें

यह आप अपने प्रतिदिन का नियम बना लें कि आपको घर बैठकर JEE Mains की तैयारी (JEE Mains Ki Taiyari Kaise Karen) करनी है तो उसके लिए हर दिन रिवीजन निश्चित रूप से की जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही या ढिलाई ना बरती जाए अन्यथा यह आपके लिए बुरे परिणाम लेकर आ सकता है।

अब जो स्टूडेंट्स रोजाना JEE Mains की तैयारी करने के साथ-साथ रिवीजन भी करते हैं तो वे निश्चित रूप से अन्य स्टूडेंट्स की तुलना में बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ रहे होते हैं। इससे आपको फिर से वही कॉन्सेप्ट समझने में बहुत कम समय लगेगा और चीजें ज्यादा समय तक याद भी रहेंगी।

#10. हर हफ्ते 1 फुल मॉक टेस्ट दें

JEE Mains के एग्जाम को क्लियर करना है तो उसके लिए सीधा प्रश्न पत्र ही हल नहीं करना होता है। बल्कि उसके लिए बहुत पहले से ही मॉक टेस्ट देने की आदत अपनानी होती है। इससे होता क्या है कि जब असलियत में JEE Mains का पेपर आपके हाथ में आता है तो आप उसके लिए तैयार होते हैं।

ऐसे में आप हर सप्ताह का नियम बना लें कि आपको कम से कम एक मॉक टेस्ट तो देना ही है। वहीं जब एग्जाम में एक से दो महीने का समय बचा हुआ हो तो आप इसे सप्ताह में कम से कम 3 बार देने की आदत बना लें। इससे आपकी अच्छी प्रैक्टिस हो जाती है और एग्जाम क्लियर करने की संभावना भी बहुत बढ़ जाती है।

#11. गलतियों को एनालिसिस करें और सुधारें

जब कोई स्टूडेंट घर से ही JEE Mains की तैयारी (JEE Mains Ki Taiyari Ghar Per Kaise Karen) कर रहा होता है तो उससे जाने अनजाने में कई तरह की गलतियाँ होती है। अब कोचिंग के दौरान तो यह गलतियाँ टीचर पकड़ लेते हैं और उसे सुधार भी देते हैं लेकिन घर पर हमें बोलने या रोकने टोकने वाला कोई नहीं होता है।

ऐसे में यदि आप भी गलतियाँ कर रहे हैं तो उसे अनदेखा ना करें। आप अपनी गलती को देखें, उसका एनालिसिस करें, उसे किस तरह से सुधारा जा सकता है इसे देखें और दोबारा उस गलती को करने से भी बचें। निश्चित रूप से यह टिप आपके बहुत काम आने वाली है।

#12. फॉर्मूला चार्ट बनाएं

अब जब हम JEE Mains की तैयारी (JEE Mains Ki Taiyari Kaise Kare) कर रहे होते हैं तो उसमें आने वाले तीनों सब्जेक्ट्स फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में अनेक फॉर्मूला होते हैं। अब यदि आप इन फॉर्मूला का एक चार्ट बना लेंगे तो यह बहुत काम आता है। इसके लिए आप एक कॉपी को लेकर उसे तीन भागों में विभाजित कर दीजिए।

अब इस कॉपी में आप अपने तीनों सब्जेक्ट्स के सभी फॉर्मूला को क्रमानुसार लिख लीजिए। JEE Mains का जो एग्जाम होता है, उसमें ज्यादातर प्रश्न इन्हीं फॉर्मूला के बेसिस पर ही सोल्व किए जाते हैं। ऐसे में यदि आप इन्हें एक जगह लिख लेंगे तो यह बहुत ही सहायक होगा।

#13. हर चैप्टर के महत्वपूर्ण पॉइंट्स के नोट्स बनाएं

आप जब JEE Mains की तैयारी कर रहे होते हैं तो आपको हर चैप्टर के स्पेशल पॉइंट्स को लिखते रहना चाहिए। इससे क्या होता है कि आपकी दिमागी क्षमता बढ़ती है और जो चीज़ लिखी जाती है, वह ज्यादा समय तक याद रहती है। इसी कारण हर कोचिंग संस्थान में नोट्स बनाने को प्राथमिकता दी जाती है।

साथ ही जब JEE Mains एग्जाम का समय पास आ रहा होता है, तब आप अपने बनाए गए नोट्स से बहुत जल्दी रिवीजन कर सकते हैं। एग्जाम सेंटर तक भी स्टूडेंट्स अपने बनाए इन्हीं नोट्स को ही लेकर आते हैं और आखिरी समय तक रिवीजन करते हुए देखे जाते हैं।

#14. टॉप कोचिंग के यूट्यूब चैनल फॉलो करें 

यह भी एक बहुत ही कारगर टिप है जो आपके लिए बहुत काम आएगी। दरअसल आज के समय में हर टॉप कोचिंग संस्थान के अपने यूट्यूब चैनल हैं जिन पर वे समय-समय पर JEE Mains एग्जाम से जुड़ी वीडियोज को डालते रहते हैं। अब इनमें से कुछ वीडियो स्टूडेंट्स को मोटीवेट करने के लिए होती है तो कुछ के द्वारा JEE Mains की तैयारी करवाई जाती है।

इसलिए आप मैट्रिक्स सीकर के यूट्यूब चैनल को फॉलो कर सकते हैं जहाँ समय-समय पर इस तरह की वीडियोज डाली जाती है। इसके अलावा आप प्रिंस अकैडमी, आकाश इंस्टीट्यूट, एलन अकैडमी इत्यादि के चैनल को भी फॉलो कर सकते हैं।

#15. स्टडी टाइम को 2-3 घंटे के ब्लॉक में बांटें

आप एक साथ लंबा स्टडी टाइम ना बनाएं बल्कि इसे हर दो से तीन घंटे के ब्लॉक में बांटें। अब ब्लॉक का अर्थ हुआ आपको एक बारी में तीन घंटे से ज्यादा समय तक नहीं पढ़ना है। इसलिए आप जो भी सब्जेक्ट या टॉपिक पढ़ रहे हैं, उसके तीन घंटे बाद आपको कुछ और करना (Ghar Baithe JEE Ki Taiyari Kaise Karen) है।

अब आप चाहें तो उसके बाद ब्रेक ले सकते हैं, कहीं बाहर जा सकते हैं, कुछ खा सकते हैं या आपके हिसाब से आपको जो भी सही लगता है, वह कर सकते हैं। हालाँकि यह ब्रेक ज्यादा लंबा भी नहीं होना चाहिए। इसे आप अपने टाइमटेबल के अनुसार सेट कर सकते हैं।

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि घर बैठकर JEE Mains की तैयारी (JEE Mains Ki Taiyari Kaise Kare) किस तरह से की जा सकती है। यहाँ पर हमने आपको कुल 15 टिप दी है जो आपके बहुत काम आने वाली है। हालाँकि आप इस बात को कतई ना भूलें कि आपको किसी ना किसी कोचिंग संस्थान से जुड़े रहना होगा क्योंकि वही आपको समय-समय पर सही गाइडेंस दे सकते हैं और आपके डाउट भी वही क्लियर कर सकते हैं।

इसके लिए देश के टॉप JEE Mains कोचिंग इंस्टीट्यूट से जुड़ा जा सकता है जिनका नाम हमने आपको बता ही दिया है। इसी के साथ ही यदि आपके दिमाग में भी कोई अन्य टिप हो तो आप नीचे कमेंट करके हमें बता सकते हैं।

Related FAQs

प्रश्न: बिना कोचिंग के jee mains की तैयारी कैसे करें?

उत्तर: यदि आप बिना कोचिंग के JEE Mains की तैयारी करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको एक स्ट्रिक्ट टाइम टेबल फॉलो करना होगा। इसके बारे में हमने आपको इस आर्टिकल में बताया है।

प्रश्न: मुझे जेईई मेन्स की पढ़ाई कैसे करनी चाहिए?

उत्तर: आपको जेईई मेन्स की पढ़ाई करने के लिए डे टू डे का एक फिक्स टाइम टेबल बनाना होगा। इसके साथ ही हमारे द्वारा बताई गई सभी 15 टिप्स को फॉलो करना होगा।

प्रश्न: 1 महीने में jee mains कैसे क्रैक करें?

उत्तर: वैसे तो 1 महीने का समय JEE Mains को क्रैक करने के लिए कम होता है लेकिन इसके लिए आप किसी होशियार स्टूडेंट के नोट्स को फॉलो कर सकते हैं।

प्रश्न: बिना कोचिंग के जेईई मेन्स की पढ़ाई कैसे करें?

उत्तर: बिना कोचिंग के जेईई मेन्स की पढ़ाई करने के लिए आपका मोटीवेट रहना और हर दिन रिवीजन करना बहुत जरुरी हो जाता है। इसके बारे में हमने इस लेख में बताया है।

इन्हें भी पढ़ें:

10th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare: अगर आप बारहवीं के बाद JEE जैसे कठिन एग्जाम को एक बारी में ही क्रैक करना चाहते हैं और वो भी अच्छे नंबर के साथ तो उसके लिए आपको अपनी दसवीं कक्षा के बाद से ही इसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। बहुत से स्टूडेंट्स 11 वीं या फिर बारहवीं के बाद इसकी तैयारी करना शुरू करते हैं लेकिन जरा सोचिए, यदि आप 10 वीं के बाद से ही JEE एग्जाम की तैयारी करना शुरू कर देंगे तो आप बाकी स्टूडेंट्स से कितना आगे निकल जाएंगे।

आज के इस आर्टिकल में हम आपके साथ इसी टॉपिक पर ही बात करने जा रहे (JEE Ki Taiyari Kab Se Kare) हैं। आज हम आपको बताएँगे कि आखिरकार आपको दसवीं क्लास के बाद JEE की तैयारी किस स्तर पर शुरू करनी चाहिए। साथ ही आपको इस दौरान किस तरह की स्ट्रेटेजी पर वर्क करना चाहिए। चलिए जानते हैं 10th के बाद JEE की तैयारी करने के बारे में।

10th के बाद JEE की तैयारी कैसे करें?

जिन स्टूडेंट्स को अपने आगे का लक्ष्य पता होता है, वे उसकी तैयारी बहुत पहले से ही शुरू कर देते हैं। कहने का मतलब यह हुआ कि आज के समय में सभी तरह की चीज़ों के बारे में पहले ही पता चल जाता है। इसी के साथ ही हमारे आसपास सही गाइडेंस देने वाले लोग भी होते हैं। जैसे कि स्कूल के टीचर्स, हमारे सीनियर्स और परिवार और दोस्तों में अनुभवी लोग।

ऐसे में यदि आपका लक्ष्य आगे जाकर इंजीनियरिंग करना है और उसके लिए देश की टॉप यूनिवर्सिटी या कॉलेज में एडमिशन पाने का (10th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare) है तो उसके लिए JEE एग्जाम से बेस्ट कुछ और नहीं है। वह इसलिए क्योंकि चाहे आपको IIT में एडमिशन लेना हो या फिर NIT, इसमें आपकी JEE एग्जाम ही मदद करने वाला है।

तो यहाँ हम आपके सामने एक या दो नहीं बल्कि कुल 10 गोल्डन टिप्स रखने जा रहे (10th Ke Baad JEE Kaise Kare) हैं जो JEE का एग्जाम क्रैक करने में आपकी बहुत सहायता करने वाली है। आइए इनके बारे में एक एक करके जानते हैं।

#1. अपने लक्ष्य को पहचाने

यदि आपको JEE में सच में सफल होना है और उसकी तैयारी शुरू करनी है तो सबसे पहला काम जो आपको करना है, वह है अपने लक्ष्य को पहचानना। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आज के समय में बहुत से दसवीं के स्टूडेंट्स केवल अपने दोस्तों की देखा देखी या आसपास के लोगों को देखकर या फिर अपने घरवालों के दबाव में आकर या फिर सोशल मीडिया में चल रहे ट्रेंड को देखकर कदम उठाने लगे हैं।

इसलिए आपको चाहे यह सोचने में दो दिन लगे या दो सप्ताह, आपको किसी चीज़ की जल्दबाजी नहीं करनी है। आपके द्वारा अभी लिया गया एक निर्णय आपके संपूर्ण भविष्य को प्रभावित करने वाला है। इसलिए आप पहले आत्म मंथन करें, अपने परिचितों से बात करें, अपने माता-पिता से परामर्श लें, अपने स्कूल के अध्यापकों से विमर्श करें, अपने बारे में जाने और उसके बाद ही कोई निर्णय लें।

#2. अपनी स्किल सेट करें

अब जब आपने अपना लक्ष्य चुन लिया है और वह आगे चलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना है तो पहले तो आपको बहुत-बहुत बधाई। वह इसलिए क्योंकि जिन्हें अपना लक्ष्य स्पष्ट हो, वह भी दसवीं क्लास में ही तो वे स्टूडेंट्स सच में बधाई के पात्र हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आप ज्यादा केंद्रित होकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ पाएंगे और उसमें सफलता अर्जित करेंगे। अब बारी है अपनी स्किल्स पर ध्यान देने की।

स्किल्स से अर्थ हुआ आपके अंदर का कौशल। अब यदि आपको आगे बढ़ना है और JEE की तैयारी में मजबूत बनना है तो उसके लिए अपने कौशल में निखार लाना अति आवश्यक हो जाता है। यहाँ पर हम यह नहीं कह रहे हैं कि यदि आपके अंदर कौशल नहीं है तो आप आगे नहीं बढ़ सकते (10th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Karen) हैं। यहाँ पर बात हो रही है अपने लक्ष्यों के अनुसार अपने कौशल को नया आयाम देने और उसमें बहुत कुछ सीखने की।

JEE की तैयारी करनी है तो आपको चरणबद्ध तरीके से ना केवल आगे बढ़ना होता है बल्कि उसके लिए धैर्य का भी परिचय देना होता है। इसी के साथ ही आपको कई अन्य मापदंडों पर भी स्वयं को निखारना होगा। तभी आप आगे चलकर सही दिशा में बढ़ सकते हैं।

#3. JEE एग्जाम को अच्छे से समझें

किसी एग्जाम की तैयारी करनी है और यदि उसके लिए उस एग्जाम के पैटर्न को ही सही से ना समझा जाए तो यह बहुत ही गलत बात होती है। इसलिए ऊपर के दो कार्य करने के पश्चात आपको अगला और महत्वपूर्ण कार्य जो करना है वह है अपने JEE एग्जाम के पैटर्न को सही रूप में समझना।

यहाँ हम केवल सतही ज्ञान लेने को नहीं कह रहे हैं बल्कि आपको शुरू से अंत तक हरेक बारीकी और महत्वपूर्ण से लेकर कम जरुरी हर चीज़ को देखना (10th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare) होगा।

यदि आप हरेक चीज़ को अच्छे से समझ लेंगे और JEE एग्जाम में कब क्या पूछा जाता है, किस विषय पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, उसका एग्जाम कब होता है, उसमें कितने प्रश्न आते हैं, किस प्रश्न के कितने अंक मिलते हैं और गलत उत्तर देने पर कितने अंक काटे जाते हैं, टॉप रैंक कितने नंबर पर आती है, किस नंबर पर कौनसा कॉलेज व ब्रांच मिल सकती है, इत्यादि को देख लेंगे तो आपका JEE एग्जाम को क्रैक करना सरल हो जाएगा। इसलिए आप JEE एग्जाम के ज्ञान को पूरा निचोड़ लें और उसके बाद ही आगे बढ़ें।

#4. सही गाइडेंस है जरुरी

यहाँ पर हम आपको पूरी जानकारी देने का प्रयास तो कर रहे हैं लेकिन समय के साथ-साथ चीज़ें बहुत तेजी के साथ बदलती है। ऐसे में आपको नई चीज़ों के साथ अपडेटेड रहना और उन्हें लगातार सीखते रहना बहुत जरुरी है अन्यथा आप बाकी स्टूडेंट्स से पिछड़ सकते हैं। अब इसमें जो चीज़ आपकी मदद करेगी वह है आपको सही लोगों से मिला मार्गदर्शन।

इसे हम अंग्रेजी भाषा में गाइडेंस भी कह सकते हैं जो आजकल के स्टूडेंट्स के चलन में है। अब यह सही मार्गदर्शन आपको अपने आसपास के अनुभवी लोगों, अपने स्कूल के टीचर्स, अपने सीनियर्स या आपके घर या दोस्तों के किसी बड़े भाई या बहन ने JEE की तैयारी कर रखी हो और अब वह अच्छे कॉलेज में पढ़ रहा हो या पढ़ चुका हो, उनसे मिल सकती है। इसलिए सही गाइडेंस कहीं से भी मिले, उसे ले लेना चाहिए।

#5. कोचिंग हो सबसे बेस्ट

अब हम जो बात आपको बताने जा रहे हैं, वह आपके लिए इन सभी 10 टिप्स में से गोल्डन टिप है। वह इसलिए क्योंकि जिन स्टूडेंट्स ने यह काम सही से कर लिया, उनका मान लीजिए बारहवीं के बाद JEE के एग्जाम में ना केवल सिलेक्शन हो गया बल्कि उन्हें टॉप लेवल का कॉलेज भी मिल गया। वह है अपने लिए एक सही कोचिंग इंस्टीट्यूट का चुनाव किया जाना।

अब देखा जाए तो देश के हरेक शहर में कई JEE कोचिंग सेंटर खुले हुए (JEE Ki Taiyari Kab Se Kare) हैं और हर कोई अपने आप में बेस्ट होने की बात करता है। अब हर कोई तो बेस्ट हो नहीं सकता है। ऐसे में आपको देश के कुछ चुनिंदा JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट में से एक में एडमिशन लेना चाहिए। अब यदि हम देश के टॉप लेवल के JEE इंस्टीट्यूट के बारे में बात करें तो उनमें टॉप 5 के नाम इस प्रकार हैं:

रैंक 1: मैट्रिक्स JEE अकैडमी, सीकर

रैंक 2: एलन इंस्टीट्यूट, कोटा

रैंक 3: आकाश इंस्टीट्यूट, दिल्ली

रबक 4: प्रिंस अकैडमी, सीकर

रैंक 5: रेजोनेंस अकैडमी, जयपुर

तो इस सूची में यह पांच इंस्टीट्यूट ऐसे हैं जो हाल में देश में JEE की टॉप लेवल की कोचिंग दे रहे हैं। इसमें भी मैट्रिक्स सीकर व एलन कोटा का नाम सबसे पहले लिया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में तो मैट्रिक्स अकैडमी ने इतना शानदार प्रदर्शन किया है कि उसने देश की नंबर एक JEE अकैडमी एलन को भी पीछे छोड़ दिया है और खुद नंबर एक पर आ गई है।

#6. स्कूल के सिलेबस पर ध्यान दें 

बहुत से स्टूडेंट्स एक और गलती करते हैं और वह है, उन्हें लगता है कि JEE का सिलेबस अलग है और उसके लिए उन्हें अलग से तैयारी करने की जरुरत होगी। ऐसे में हम आपके इस डाउट को दूर कर देते हैं और इसे सरल भाषा में समझा भी देते (10th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Karen) हैं। दरअसल जो आप अपनी 11 वीं और 12 वीं क्लास की पढ़ाई में सिलेबस पढ़ते हैं, JEE एग्जाम में केवल उसी सिलेबस से ही सब टॉपिक्स आते हैं।

यहाँ हम यह कहना चाह रहे हैं कि जो टॉपिक आपकी इन दोनों क्लास में नहीं है, वह आपके JEE एग्जाम में भी नहीं आएगा। बस आपको कोचिंग इंस्टीट्यूट या अन्य बुक्स में JEE एग्जाम के बारे में जो पढ़ाया जाएगा, वह आपको इन्हीं टॉपिक्स को अच्छे से और विस्तार से पढ़ाया जाएगा और प्रश्नों को जल्दी से जल्दी कैसे सोल्व किया जाए, उसके बारे में पढ़ाया जाएगा।

#7. पूरे दिन का टाइमटेबल बनाएं

यदि आपने इस टिप पर काम कर लिया तो यह वाकई में आपकी बहुत सहायता करने वाली (10th Ke Baad JEE Kaise Kare) है। दरअसल होता क्या है कि बहुत से स्टूडेंट्स का लक्ष्य भी स्पष्ट होता है और वे JEE एग्जाम को क्रैक करने के लिए सीरियस भी होते हैं लेकिन एक सही टाइमटेबल ना होने के कारण उनके दिन का आधे से ज्यादा समय व्यर्थ चला जाता है या अव्यवस्था में ही रह जाता है।

ऐसे में यदि आप अपना एक निर्धारित टाइमटेबल या दिनचर्या सेट कर लेंगे और उसी के अनुसार ही चलेंगे तो यकीन मानिए आपकी अधिकतर समस्या का यहीं समाधान हो जाएगा। अब हर स्टूडेंट का टाइमटेबल अलग हो सकता है क्योंकि किसी को सुबह जल्दी उठकर पढ़ने में आनंद आता है तो किसी को दोपहर में तो किसी को देर रात तक जागकर। ऐसे में आपको अपने लिए जो भी दिनचर्या सही लगे, आप उसी का पालन करें और आगे बढ़ें।

#8. अपनी हेल्थ पर बराबर ध्यान दें

अब कई स्टूडेंट्स JEE की तैयारी करने को लेकर इतने ज्यादा गंभीर या सीरियस हो जाते हैं कि वे दिन रात केवल पढ़ते ही रहते हैं। इस दौरान उन्हें ना तो खाने पीने का ध्यान रहता है और ना ही बीच बीच में ब्रेक लेने का। अब धीरे धीरे करके इसका असर उनके स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगता है। उन्हें शुरुआत में तो लगता है कि वे बहुत तेज गति से तैयारी कर रहे हैं जो उन्हें सफल बनाएगा लेकिन होता इसके उलट है।

दरअसल सही खानपान नहीं लेने और ब्रेक नहीं लेने के कारण उनका दिमाग थक जाता है, वे मानसिक रूप से कमजोर बन जाते हैं, सोचने समझने की क्षमता कम होने लगती है और शरीर भी थक जाता है। ऐसे में उन्हें चीज़ें जल्दी से याद नहीं होती है या समझने में समय लगता है। साथ ही वे कॉन्सेप्ट को जल्दी भूलने भी लग जाते हैं। इसलिए पढ़ाई के साथ साथ अपनी हेल्थ का भी उतना ही ध्यान रखें।

#9. खाली टाइम रचनात्मकता में लगाएं

अब हमने आपको ऊपर वाली टिप में बताया कि आपको अपनी JEE की पढ़ाई के साथ-साथ बीच-बीच में ब्रेक लेते रहना (10th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare) चाहिए। तो अब प्रश्न यह उठता है कि आप इस ब्रेक के दौरान क्या करेंगे। क्या आप इसे सोशल मीडिया पर बिताएंगे या दोस्तों के साथ मौज मस्ती करेंगे या कुछ और करेंगे। अब आप सोचेंगे कि हम आपको कहेंगे कि सोशल मीडिया गन्दी है या दोस्तों के साथ समय बिताना समय की बर्बादी है।

तो ऐसा कुछ नहीं है। आपको जिस चीज़ में आनंद आता है, आप वही करें लेकिन सही तरीके से। कहने का अर्थ यह हुआ कि यदि आपको खाली समय में सोशल मीडिया देखनी है तो आप अपने काम के पेज को फॉलो करें, सही ग्रुप्स से जुड़ें। यदि आपको दोस्तों के साथ समय बिताना है तो दोस्त ऐसे चुने, जो आपको प्रोत्साहित करें और खुद भी वैसे ही हो। इसके अलावा आप चित्रकारी, प्रकृति के साथ समय बिताना, योग करना या कुछ अन्य रचनात्मक कार्य कर सकते हैं।

#10. इलेक्ट्रिक गैजेट्स का सदुपयोग करें

यह टिप भी कहीं ना कहीं ऊपर वाली टिप से जुड़ी हुई है लेकिन हमने इसे अलग से टिप में इसलिए शामिल किया क्योंकि आज के समय में यह हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गई है। ऐसे में इसके बारे में अलग से बताया जाना और आपको सही मार्गदर्शन देना भी उचित हो जाता है। आपके पास भी कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट होंगे। फिर चाहे वह मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्ले स्टेशन, टीवी इत्यादि कुछ भी हो।

अब आपको करना क्या है कि आपको इन इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का सही रूप में उपयोग करना सीखना होगा। आप टीवी पर क्या देख रहे हैं, मोबाइल में क्या स्क्रॉल कर रहे हैं, कंप्यूटर में किस चीज़ पर क्लिक कर रहे हैं या लैपटॉप में क्या डाउनलोड करने में लगे हुए हैं, यह सब आपकी आगे की दिशा को तय करता है। वह इसलिए क्योंकि हम जैसा देखते, सुनते और बोलते हैं, वैसे ही बनते चले जाते हैं।

निष्कर्ष

इस तरह से आज के इस आर्टिकल में हमने आपको 10वीं के बाद JEE को किस तरह से क्रैक (10th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare) किया जा सकता है, उसके बारे में हरेक जानकारी को विस्तार से देने का भरसक प्रयास किया है। इन सभी टिप्स में उस गोल्डन टिप को कतई ना भूलें कि आपको अपने लिए एक सही कोचिंग का चुनाव करना होगा।

अभी से ही यदि आपने मैट्रिक्स अकैडमी या एलन कोटा जैसे सही कोचिंग संस्थान का चुनाव अपनी JEE की तैयारी करने के लिए कर लिया तो यकीन मानिए बाकी सारा काम तो आपको कोचिंग से मिल रहे दिशा निर्देश और सही गाइडेंस से ही हो जाएगा।

Related FAQs

प्रश्न: क्या हम 10th के बाद jee का एग्जाम दे सकते हैं?

उत्तर: नहीं, आप 10th के बाद JEE का एग्जाम नहीं दे सकते हैं। इसके लिए आपको मान्यता प्राप्त विद्यालय से बारहवीं कक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

प्रश्न: क्या मैं 10th के बाद jee दे सकता हूं?

उत्तर: नहीं, आप किसी भी हालत में अपनी 10th के बाद JEE का एग्जाम नहीं दे सकते हैं। उसके लिए आपका बारहवीं क्लास को पास करना आवश्यक है।

प्रश्न: कक्षा 10 से जेईई की तैयारी कैसे शुरू करें?

उत्तर: कक्षा 10 से जेईई की तैयारी शुरू करने के लिए हमने इस आर्टिकल में एक या दो नहीं बल्कि कुल 10 गोल्डन टिप दी है जिसे आपको पढ़ना चाहिए।

प्रश्न: 10वीं में jee के लिए कितने प्रतिशत चाहिए?

उत्तर: JEE की परीक्षा देने के लिए दसवीं कक्षा में मिले अंकों का कोई महत्व नहीं है। इसके लिए बारहवीं कक्षा में मिले अंकों को ही मान्य माना जाता है।

इन्हें भी पढ़ें:

JEE Mains Kaise Crack Kare: आज हम बात करने वाले हैं जल्द से जल्द JEE Mains एग्जाम को क्रैक करने के बारे में और वो भी बस एक महीने में। बहुत से स्टूडेंट्स हमें कई दिनों से मैसेज कर रहे थे कि हम उन्हें जल्द से जल्द JEE Mains एग्जाम को क्रैक करने की कुछ टिप्स दें। ऐसे में आज हम आप सभी के लिए एक महीने के अंदर JEE Mains का एग्जाम किस तरह से क्रैक किया जा सकता है, उसके बारे में बात करने वाले हैं।

JEE Mains कोई ऐसा वैसा एग्जाम नहीं होता (JEE Mains Kaise Clear Kare) है बल्कि यह देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेने का एकमात्र तरीका होता है। इसमें सेलेक्ट होने पर ही आप आगे चलकर NIT जैसे कॉलेज में एडमिशन ले सकते हैं और IIT में जाने के लिए JEE एडवांस्ड का एग्जाम देने को पात्र माने जाते हैं। ऐसे में अगर किसी स्टूडेंट ने JEE Mains एग्जाम को ही क्रैक नहीं किया तो उसकी टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेने की संभावना भी समाप्त हो जाती है।

इसलिए आज हम आपको जल्द से जल्द JEE Mains का एग्जाम किस तरह से क्रैक (JEE Mains Kaise Nikale) किया जा सकता है और उसके लिए आप अभी से ही क्या कुछ तैयारी कर सकते हैं, इसके बारे में बात करने वाले हैं। तो चलिए जानते हैं 1 महीने में JEE Mains कैसे क्रैक किया जाए।

1 महीने में JEE Mains कैसे क्रैक करें?

क्या आप जानते हैं कि बहुत से स्टूडेंट्स अपनी दसवीं क्लास से ही या उसे पास करते ही JEE Mains की तैयारी करना शुरू कर देते हैं। अब जो स्टूडेंट्स इतनी जल्दी ही तैयारी शुरू कर देते हैं, उन्हें आप मात्र एक महीने में कैसे पछाड़ पाएंगे। अब आप यह सुनकर निराश मत हो जाइए क्योंकि यहाँ हम आपको कुछ चुनिंदा टिप्स देने वाले हैं जो JEE Mains का एग्जाम क्रैक (JEE Mains Kaise Crack Kare) करने में बहुत मदद करेगी।

हमने बहुत रिसर्च की और JEE Mains का एग्जाम क्रैक करने वाले कई टॉपर से भी बात की। उनसे मिली जानकारी के आधार पर हमने जाना कि किन चीज़ों ने उनकी JEE Mains का एग्जाम क्रैक करने और उसे टॉप करने में मदद की। अब हम उन्हीं टिप्स को आपके साथ शेयर करने वाले हैं। इन्हें अपना कर आप भी JEE Mains को 1 महीने में क्रैक कर सकते हैं।

#1. टॉपर के नोट्स लें

यदि आपको 1 महीने में JEE Mains को क्रैक करना है तो उसमें आपकी सबसे ज्यादा सहायता किसी टॉपर के नोट्स ही करने वाले हैं। यहाँ पर टॉपर का अर्थ हुआ जो स्टूडेंट बहुत होशियार है और उसने टाइम टू टाइम अपनी हर क्लास को अटेंड किया है और अच्छे नोट्स बनाए हैं। ऐसे में आपको इसके लिए मेहनत जरुर करनी होगी क्योंकि पहले आपको किसी टॉपर को ढूँढना होगा और फिर उसे अपने नोट्स शेयर करने के लिए मनाना होगा।

अब यदि वह नोट्स शेयर करने को मान जाता है तो आपको उसके सभी नोट्स की फोटोकॉपी करवा लेनी चाहिए। अगर आपको एक से ज्यादा टॉपर के नोट्स भी मिलें तो आप उन सभी के नोट्स की कॉपी बनवा लीजिए। अब आप अगले एक महीने इन सभी नोट्स को अच्छे से स्टडी करें और उसके हर पहलु पर ध्यान दें। यह आपकी JEE Mains के एग्जाम में बहुत मदद करने वाले (JEE Mains Kaise Clear Kare) हैं।

#2. टॉप इंस्टीट्यूट से मदद लें

टॉपर के नोट्स के अलावा आपकी टॉप लेवल की अकैडमी भी बहुत मदद कर सकती है। वह इसलिए क्योंकि टॉप लेवल की अकैडमी में इस स्थिति से निपटने के लिए टॉप लेवल की रणनीति भी बनाई गई होती है। वहाँ आपको अनुभवी फैकल्टी से गाइडेंस मिलेगी और साथ ही सिलेबस के अनुसार नोट्स भी। अब अगर हम टॉप लेवल की अकैडमी की बात करें तो उसमें कई अकैडमी आती है।

इसमें जिस अकादमी का नंबर सबसे पहले आता है वह है सीकर की मैट्रिक्स अकैडमी जिसे मैट्रिक्स JEE अकैडमी के नाम से भी जाना जाता है। इसके बाद कोटा का एलन इंस्टीट्यूट और उसके बाद सीकर की ही प्रिंस अकैडमी आती है। ऐसे में आपको इन अकैडमी से JEE Mains का एग्जाम क्रैक करने में बहुत मदद मिल जाएगी।

#3. स्ट्रोंग टॉपिक्स को कवर करें 

अब आपको यह देखना है कि JEE Mains के एग्जाम में किन टॉपिक्स पर ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कुछ टॉपिक्स ऐसे हैं जिनसे हर बार ज्यादा प्रश्न पूछे जाते हैं और उनकी वेटऐज भी ज्यादा होती है। ऐसे में यदि आपको 1 महीने से भी कम समय में JEE Mains की तैयारी (JEE Mains Kaise Kare) करनी है तो उसके लिए स्ट्रोंग टॉपिक्स की लिस्ट बनाकर उनकी तैयारी करनी चाहिए।

अब अगर हम कुछ स्ट्रोंग टॉपिक्स की बात करें तो उसमें फिजिक्स से केनेमेटिक्स, वर्क-पावर-एनर्जी, इलेक्ट्रोस्टैटिक्स और करंट इलेक्ट्रिसिटी व मॉडर्न फिजिक्स आती है। केमिस्ट्री से ऑर्गेनिक केमिस्ट्री (GOC, IUPAC, रिएक्शन मैकेनिज्म), इनॉर्गेनिक केमिस्ट्री (कोऑर्डिनेशन कंपाउंड, P-Block) और फिजिकल केमिस्ट्री (मोल कंसेप्ट, थर्मोडायनामिक्स) आती है। वहीं मैथ्स से कोऑर्डिनेट जियोमेट्री (सर्कल, पैराबोला), कैल्कुलस (डिफरेंशिएशन, इंटीग्रेशन) और एलजेब्रा (मैट्रिसेस, डिटरमिनेंट्स, प्रोग्रेशन) आती है।

#4. कमजोर टॉपिक्स पर ज्यादा टाइम ना लगाएं

आप ऊपर दिए गए कुछ टॉपिक्स या इसके अलावा कुछ टॉपिक्स को समझने में ज्यादा समय लेते होंगे। हालाँकि यह टॉपिक्स जरुरी हो सकते हैं लेकिन यदि आप सारा टाइम इन्हें ही समझने में लगा देंगे तो बाकी विषयों को कब पढ़ पाएंगे। इसलिए यह बहुत ही ज्यादा जरुरी हो जाता है कि आप अपना समय बचाकर रखें और उसे सभी में बराबर बांटें।

यदि कोई टॉपिक टाइम देने के बाद भी समझ में नहीं आ रहा है या उसमें बहुत ज्यादा समय लग रहा है तो बेहतर यही होगा कि आप उसे वहीं छोड़ दें और उसकी जगह अन्य टॉपिक्स को समझने में अपना ध्यान लगाएं। इससे आपका बहुत समय भी बचेगा और आप ज्यादा से ज्यादा टॉपिक्स को कवर कर पाएंगे।

#5. स्ट्रिक्ट टाइम टेबल बनाएं

जल्द से जल्द JEE Mains को क्रैक (JEE Mains Kaise Crack Kare) करने के लिए आपको एक स्ट्रिक्ट टाइम टेबल को भी फॉलो करने की जरुरत है। यदि आप अपने दिन का टाइम टेबल सेट नहीं करते हैं तो आपकी सारी की सारी मेहनत धरी की धरी रह जाएगी। एक सही टाइम टेबल के साथ ही आगे बढ़ा जा सकता है और अपनी योजना को धरातल पर उतारा जा सकता है। ऐसे में आप सबसे पहला काम अपना टाइम टेबल स्ट्रिक्ट बनाएं।

टाइम टेबल बनाने के साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आप रात में देर तक पढ़ने की बजाए सुबह जल्दी उठकर पढ़ने पर ध्यान दें। वह इसलिए क्योंकि सुबह का समय पढ़ाई के लिए सबसे उत्तम समय माना गया है। इस समय सूर्य की किरणें बहुत सकारात्मक होती है और इस समय जो पढ़ा जाता है, वह लंबे समय तक याद रहता है। इसलिए आप सुबह जल्दी उठकर अवश्य पढ़ें।

#6. मॉक टेस्ट देते रहें 

ऊपर हमने आपको मैट्रिक्स जैसी टॉप लेवल की अकैडमी से भी जुड़ने का सुझाव दिया था। वह इसलिए क्योंकि इस तरह की अकैडमी स्टूडेंट्स को JEE Mains का एग्जाम क्रैक करवाने में महारत रखती है। इन अकैडमी के द्वारा टॉप लेवल के मॉक टेस्ट भी सेट किए जाते हैं जो स्टूडेंट के लिए JEE Mains का एग्जाम क्रैक करने में बहुत सहायक सिद्ध होते हैं। इन्हीं मॉक टेस्ट की वजह से ही स्टूडेंट असली एग्जाम में प्रेशर फील नहीं करता है।

वह इसलिए क्योंकि वह कई समय पहले से ही इसकी तैयारी शुरू कर देता है। आखिरी के एक महीने में तो इस तरह की अकैडमी हर दिन मॉक टेस्ट लेती है जिससे स्टूडेंट्स को उसकी आदत हो जाए। अब अगर आप भी एक महीने में JEE Mains को क्रैक करना चाहते हैं तो उसके लिए हर दिन मॉक टेस्ट देने का नियम बना लें।

#7. पुराने प्रश्न पत्र देखें

आपको कम से कम पिछले 10 वर्षों के JEE Mains के पेपर्स को स्टडी करना चाहिए। इससे आपको यह समझने में सहायता होगी कि आखिरकार JEE Mains के एग्जाम में किस तरह के टॉपिक्स पर किस तरह के सवाल जवाब पूछे जाते हैं और उनका पैटर्न क्या है। जब भी कभी किसी एग्जाम को जल्द से जल्द क्रैक करने की बात होती है तो हर कोई उसके पुराने प्रश्न पत्रों को देखने की ही सलाह देता है।

तो हमारी चुनी गई गोल्डन टिप्स में से एक टिप यही है कि आप JEE Mains के सभी और कम से कम पिछले 10 वर्षों के प्रश्न पत्रों का गहन अध्ययन करें। इससे आपको एग्जाम को अच्छे से समझने और उसे क्रैक (JEE Mains Kaise Nikale) करने में मदद मिलेगी। यह पेपर आपको किसी भी बुक्स की दूकान पर आसानी से मिल जाएंगे। आप इन्हें रोजाना हल करने का भी नियम बना लेंगे तो यह तो और भी बढ़िया बात होगी।

#8. शॉर्टकट ट्रिक्स सीखें

कम समय में JEE Mains जैसे एग्जाम को क्रैक करने के लिए शॉर्टकट का सहारा लेना ही पड़ता है। ऐसे में आप फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स जैसे सब्जेक्ट्स में हर टॉपिक को डिटेल में पढ़ने की बजाए उनकी ट्रिक्स को याद करें। यहाँ हम यह कहना चाह रहे हैं कि कैसे किस प्रश्न को शॉर्टकट ट्रिक के जरिए जल्दी हल किया जा सकता है, इसके बारे में जाने।

अब मैथ्स में तो इसको लेकर कई तरह की ट्रिक्स होती है क्योंकि वहाँ सारा काम ही फार्मूला का है लेकिन फिजिक्स और केमिस्ट्री भी कुछ ऐसी ही है। आपसे JEE Mains में जो भी प्रश्न पूछे जाएंगे उन सभी में शॉर्टकट ट्रिक्स जरुर लगती है। ऐसे में आपको इन ट्रिक्स का इस्तेमाल करना सीखना होगा और उसके अनुसार ही अपना पेपर सोल्व करना होगा।

#9. NCERT बुक को फॉलो करें 

वैसे तो अलग अलग इंस्टीट्यूट या ऑथर अपनी अपनी बुक को JEE Mains का एग्जाम क्रैक (JEE Mains Kaise Kare) करने के लिए बेस्ट बुक बताते हैं लेकिन जो बुक आपके लिए सबसे जरुरी है वह है आपकी 11 वीं और 12 वीं क्लास की NCERT की बुक्स। वह इसलिए क्योंकि JEE Mains का जो भी सिलेबस होता है, वह पूरा का पूरा इन्हीं बुक्स पर ही बेस्ड होता है। अब इसका मतलब यह नहीं है कि बाकी सभी बुक्स बेकार हैं बल्कि वह बुक्स भी अच्छी होती है।

यहाँ हम आपको अपनी 11 वीं और 12 वीं की NCERT की ही बुक्स पढ़ने को इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि वह आप पहले ही पढ़ चुके होंगे। ऐसे में आपको उनका बस रिवीजन ही करना होगा और उसी के आधार ही आपकी तैयारी हो जाएगी। इसलिए अपनी NCERT की बुक को खोलें और आज से ही उनकी रिविजन शुरू कर दें।

#10. पॉजिटिव बने रहें

जब किसी स्टूडेंट के पास एक महीने से भी कम का समय बचा होता है तो अक्सर यह देखा जाता है कि वह प्रेशर में आ जाता है। अब यही प्रेशर कब तनाव में बदल जाता है और वह नेगेटिव चीज़े सोचने लगता है, पता ही नहीं चलता। अब आप यह सोचिए कि क्या यह नकारात्मकता आपको JEE Mains का एग्जाम क्रैक करने में मदद करेगी या आपको और पीछे धकेलेगी।

इसलिए जितना हो सके, अपने माइंड को फ्रेश रखें, पॉजिटिव बने रहें और हर दिन अच्छे से अपनी स्टडी को करने पर ध्यान लगाएं। आप चाहें तो दिन में एक घंटा अलग से निकाल कर उस समय योग व प्राणायाम भी कर सकते हैं। यह आपको पॉजिटिव बनाए रखने में बहुत मदद करेगा। यदि आप पॉजिटिव रहते हैं तो चीज़े भी अच्छे से समझ में आती है और JEE Mains में सेलेक्ट (JEE Mains Kaise Clear Kare) होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमने आपको 1 महीने में JEE Mains एग्जाम को क्रैक करने की 10 गोल्डन टिप्स (JEE Mains Kaise Crack Kare) के बारे में बता दिया है। वैसे हमारी बताई गई टिप्स आपकी बहुत मदद करेंगी लेकिन फिर भी यदि आप चूक जाते हैं और इस साल आपका JEE Mains में सिलेक्शन नहीं हो पाता है तो निराश मत होइए। आप एक साल और तैयारी कर सकते हैं लेकिन उसके लिए आपको बेस्ट अकैडमी की जरुरत पड़ेगी।

ऐसे में यदि आप चाहते हैं कि आपका अगले साल के JEE Mains के एग्जाम में जरुर सिलेक्शन हो तो उसके लिए आपको मैट्रिक्स सीकर जैसी अकैडमी या एलन कोटा में एडमिशन लेना चाहिए। जहाँ एक ओर एलन का नाम वर्षों से चलता आ रहा है तो वहीं मैट्रिक्स अकैडमी ने पिछले कुछ वर्षों में टॉप लेवल का रिजल्ट दिया है।

Related FAQs

प्रश्न: जेईई मेन की तैयारी के लिए कितने महीने चाहिए?

उत्तर: जेईई मेन की तैयारी के लिए 3 से 6 महीने चाहिए होते हैं। वहीं यदि इसकी अच्छे से तैयारी करनी है तो 6 महीने से 1 वर्ष का समय पर्याप्त होता है।

प्रश्न: क्या मैं 1 महीने में जी क्लियर कर सकता हूं?

उत्तर: हां, आप 1 महीने में जी क्लियर कर सकते हैं। इसके लिए हमने 10 टिप्स इस आर्टिकल में दी है जिसे आपको पढ़ना चाहिए।

प्रश्न: क्या मैं 1 महीने में जेईई मेन्स में 100 अंक प्राप्त कर सकता हूं?

उत्तर: यदि आपने अपनी 11 वीं और 12 वीं क्लास में अच्छे से पढ़ाई की है तो अवश्य ही आप 1 महीने में जेईई मेन्स में 100 अंक प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न: 1 महीने में जेईई मेन्स 2025 की तैयारी कैसे करें?

उत्तर: 1 महीने में जेईई मेन्स 2025 की तैयारी करने के लिए आपको एक स्ट्रिक्ट टाइम टेबल बनाने, पॉजिटिव बने रहने और हर दिन मॉक टेस्ट देने की जरुरत है।

इन्हें भी पढ़ें:

JEE Time Management: हम में से बहुत से स्टूडेंट्स का सपना होता है कि वे आगे चलकर एक अच्छी नौकरी करें। अब अच्छी नौकरी करनी है तो उसके लिए अच्छे कॉलेज से पढ़ना होता है। अच्छे कॉलेज से पढ़ना है तो उसी तरह की तैयारी करनी होती है और उस कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए एग्जाम क्रैक करना होता है। अब एग्जाम क्रैक करना है तो उसके लिए अच्छे कोचिंग इंस्टीट्यूट से कोचिंग लेनी होती है।

यह सभी बातें तो हम सभी जानते ही हैं लेकिन अच्छी कोचिंग के साथ-साथ स्टूडेंट के लिए जो एक चीज़ सबसे ज्यादा जरुरी होती है, वह है टाइम मैनेजमेंट अर्थात समय प्रबंधन। अब यदि आप इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं और उसके लिए JEE की तैयारी कर रहे हैं तो आज हम इसी विषय पर ही बात करने वाले हैं।

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे कि JEE की तैयारी करने के दौरान आप किन-किन तरीकों से टाइम मैनेजमेंट कर सकते (JEE Mains Time Management) हैं। चलिए शुरू करते हैं।

JEE के लिए टाइम मैनेजमेंट टिप्स

JEE एग्जाम की फुल फॉर्म जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन होती है जिसकी सहायता से आपका देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन होता (JEE Advanced Time Management) है। इसमें सबसे टॉप के कॉलेज IIT होते हैं और उसके बाद NIT आते हैं। ऐसे मे आपको टॉप लेवल के इंजीनियरिंग कॉलेज में और वो भी अपनी मनपसंद की इंजीनियरिंग फील्ड में एडमिशन लेना है तो टाइम मैनेजमेंट की तकनीक समझना बहुत ही जरुरी हो जाता है।

अब यह तकनीक कोई एक या दो स्टेप में नहीं होती (JEE Time Management) है बल्कि आपकी हर एक्टिविटी पर निर्भर करती है। ऐसे में आज के इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि किन तरीकों या उपायों के तहत आप भी JEE की तैयारी करने के दौरान टाइम मैनेजमेंट कर सकते हैं।

#1. सिलेबस को गहराई से समझें

सबसे पहला काम जो आपको करना है वह है अपने JEE के सिलेबस को अच्छे से समझना। अब सिलेबस का मतलब यह नहीं कि आप उसे पूरा पढ़ने बैठ जाएं। आपको यह देखना है कि JEE के एग्जाम में किस-किस टॉपिक से प्रश्न पूछे जाते हैं और उसमें किस टॉपिक का कितना महत्व होता है। साथ ही जिस वर्ष जो IIT एग्जाम कंडक्ट करवाने वाली है, उसका किस टॉपिक पर ज्यादा फोकस रहता है।

जिस स्टूडेंट को सिलेबस अच्छे से समझ में आ जाता है, उसके लिए टाइम मैनेजमेंट करना बहुत ही सरल हो जाता है। वह इसलिए क्योंकि उसे यह पता होता है कि उसे किस टॉपिक पर कितना टाइम देना है और किस पर कितना। इसलिए आपको यही काम सबसे पहले करना है और अपने सिलेबस को पूरी तरह से समझना है।

#2. सब्जेक्ट्स को टॉपिक्स में बांटें 

अब जब आपने JEE के सिलेबस को अच्छे से समझ लिया है तो आपको हरेक टॉपिक के बारे में अच्छे से जानकारी हो गई होगी। JEE में तीन तरह के सब्जेक्ट होते हैं जिनके नाम फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स हैं। अब इन तीन सब्जेक्ट्स में भी कई तरह के टॉपिक होते हैं। ऐसे में आपको अब अगला काम यह करना होगा कि आपको हर सब्जेक्ट के मिलते जुलते टॉपिक को केटेगरी अनुसार बाँट देना है।

ऐसा करने से एक तरह से आपका टाइम मैनेजमेंट ही हो रहा होगा। वह इसलिए क्योंकि यदि आप एक ही दिन में दो बिलकुल विपरीत टॉपिक को पढ़ते हैं तो इसमें ज्यादा समय लगता है तो वहीं दो एक जैसे टॉपिक को पढ़ने से आप अपना बहुत टाइम बचा सकते हैं। इसलिए आप हर टॉपिक के अनुसार केटेगरी बना लें और एक जैसे टॉपिक को एक साथ में रखें।

#3. अपना एक टाइमटेबल बनाएं

अब तक आपने सिलेबस को अच्छे से समझ लिया है और उन्हें उनके टॉपिक के अनुसार कुछ चुनिंदा केटेगरी में भी बाँट दिया है। अब आपको अगला काम करना है, उन सभी के अनुसार अपने हर दिन का एक फिक्स टाइमटेबल तय करना। अब आप यह देखें कि आपका JEE का एग्जाम कितने दिनों में है और उसके अनुसार आपके पास कितना समय शेष बचा है।

ऐसे में बचे हुए दिन के अनुसार आपके सिलेबस और उसमें केटेगरी के अनुसार विषयों का चुनाव करें। इससे आपको उन्हें प्रायोरिटी देने और उसी के अनुसार ही अपना टाइम टेबल सेट करने में बहुत सहायता मिलेगी। 

यह एक तरह से टाइम मैनेजमेंट की बहुत सही तकनीक है जो बहुत ही कम स्टूडेंट्स को पता होती है। वह इसलिए क्योंकि अधिकतर स्टूडेंट इसके बारे में सोचते नहीं हैं और कम महत्वपूर्ण विषयों पर पहले का समय व्यर्थ कर देते हैं और महत्वपूर्ण विषय को कम समय दे पाते हैं।

#4. डाउट वाली चीजें अलग से रखें

अब जब आप पढ़ने बैठेंगे या यूँ कहें कि JEE की तैयारी करने बैठेंगे तो अवश्य ही आपको रह-रह कर कई तरह के डाउट आएंगे। कभी किसी टॉपिक पर डाउट आ गया तो कभी कोई चीज़ ठीक से समझ नहीं आ रही होगी। कभी कोई प्रश्न सोल्व नहीं हो रहा होगा तो कभी कुछ और। ऐसे में स्टूडेंट क्या करते हैं कि वे उस चीज़ पर अटक कर रह जाते हैं या उसमें बहुत सा समय व्यर्थ कर देते हैं।

ऐसे में आपको यह गलती नहीं करनी है। यदि आप कहीं पर अटक जाते हैं तो उस पर कुछ मिनट के लिए ही ध्यान दें। यदि फिर भी वह सोल्व नहीं हो रही है तो उसे मार्क करके या कहीं और नोट डाउन करके रख लें। उसके बाद आप उससे आगे का पढ़ना शुरू कर दें।

इस तरह से दिन के अंत में आपके जो-जो भी डाउट थे, उन्हें फिर से देखें और सोल्व करें। कई बार क्या होता है कि किसी चीज़ में हमें उसी समय उत्तर नहीं मिलता है लेकिन कुछ समय बाद उसका आसानी से उत्तर मिल जाता है। यह भी एक परफेक्ट टाइम मैनेजमेंट तकनीक है।

#5. सही कोचिंग का चुनाव

जो स्टूडेंट्स जल्द से जल्द JEE का एग्जाम क्रैक करना चाहते हैं और यदि उन्हें लगता है कि वे केवल अपने दम पर ही इसे क्रैक कर लेंगे तो वे बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं। वह इसलिए क्योंकि ऐसा करने वाले लाखों में से एक या दो स्टूडेंट ही होते हैं। अब यह आप ही तय कर लें कि क्या आप उन लाखों स्टूडेंट में से एक या दो स्टूडेंट हैं या नहीं।

इसलिए यदि आपको जल्द से जल्द JEE का एग्जाम क्रैक करना है और वह भी अच्छे नंबर के साथ तो उसके लिए सही JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट का चुनाव किया जाना अत्यंत आवश्यक हो जाता (Top JEE Coaching in India) है। आज के समय में यदि हम देश के टॉप JEE कोचिंग संस्थान की बात करें तो उसमें सीकर की मैट्रिक्स अकैडमी का नाम सबसे पहले आता है। वह इसलिए क्योंकि वहाँ ना केवल टॉप लेवल की फैकल्टी पढ़ा रही है बल्कि JEE के लिए परफेक्ट स्टडी मटेरियल भी बनाया गया है।

इसके बाद कोटा का एलन इंस्टीट्यूट और दिल्ली का आकाश इंस्टीट्यूट आता है। सीकर की ही प्रिंस अकैडमी और कौटिल्य भी इसमें बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। ऐसे में आपको किसी अच्छे कोचिंग इंस्टीट्यूट से ही JEE की कोचिंग लेनी चाहिए ताकि आपकी तैयारी में कोई कमी ना रहे और वहाँ से आप टाइम मैनेजमेंट की और भी बेहतर तकनीक सीख सकें।

#6. रिवीजन भी है जरुरी

अब बहुत से स्टूडेंट JEE की तैयारी करते समय एक और गलती करते हैं और वह है समय के साथ-साथ पढ़े गए टॉपिक की रिवीजन नहीं करना। यदि आप भी उन स्टूडेंट्स में से एक हैं तो यह आपकी बहुत बड़ी गलती होगी। वह इसलिए क्योंकि आपने जिस टॉपिक को जितना टाइम लगाकर पढ़ा है और आप उसे अगले एक महीने तक फिर से नहीं पढ़ते हैं तो आपको फिर से उतना ही टाइम लगने वाला है।

ऐसे में आपकी पहले वाली सारी मेहनत बेकार चली जाएगी और समय व्यर्थ होगा वो अलग। इसलिए आप यह नियम बना लें कि आपने पूरे दिन में जो कुछ भी पढ़ा है, दिन के आखिर में एक या आधा घंटा उसकी रिवीजन करेंगे। इसी के साथ ही हर सप्ताह एक दिन पूरे सप्ताह का रिवीजन करेंगे। फिर अगले महीने में भी एक दिन पिछले महीने पढ़े गए सभी टॉपिक की एक बार रिवीजन करेंगे।

#7. सुबह जल्दी उठकर पढ़ें

स्टूडेंट्स के बीच आज के समय में यह चलन बना हुआ (JEE Advanced Time Management) है कि वे रात को देर तक पढ़ते हैं और सुबह देर से उठते हैं। अब पढ़ाई तो वे भी उतनी ही करते हैं लेकिन उसका पहले जैसा परिणाम नहीं मिलता है। हमारे बड़े-बुजुर्ग कहते थे कि सुबह के समय जल्दी उठना चाहिए और जल्दी सो जाना चाहिए। ऐसे में आपको सोचना चाहिए कि वे ऐसा क्यों कहते थे या इसके पीछे क्या तर्क होता था।

तो यहाँ हम आपको बता दें कि सुबह के समय वातावरण अधिक सकारात्मक होता है, सूर्य की किरणें शक्तिशाली होती है जो दिमाग को एकाग्र करने और बुद्धि का विकास करने में सहायक होती है। ऐसे में सुबह सूर्य की किरणों के साथ पढ़ने से ना केवल आपको चीज़े लंबे समय तक याद रहेगी बल्कि आपका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहेगा।

#8. ब्रेक लेते रहें

अब आप सोचते हैं कि बिना आराम किए या बिना ब्रेक लिए लगातार पढ़ते रहेंगे तो इससे आप उन स्टूडेंट्स से आगे निकल जाएंगे जो आराम भी करते हैं या एंटरटेनमेंट के लिए कुछ समय निकालते हैं। तो यहाँ हम आपको बता दें कि आप बिलकुल भी सही नहीं कर रहे हैं या आपकी सोच गलत है। वह इसलिए क्योंकि लगातार पढ़ते रहने से दिमाग थक जाता है और वह चीज़ों को समझने में ज्यादा समय लगाता है।

इसलिए यदि आप पढ़ने के दौरान बीच-बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहेंगे तो इससे आपकी सोचने-समझने की क्षमता बढ़ेगी। यह आपको तेज गति से पढ़ने में भी सहायता करेगी। इसी के साथ ही आपको योग व प्राणायाम करना भी शुरू कर देना चाहिए क्योंकि यह भी आपकी बुद्धि को तीक्ष्ण करने में बहुत सहायक सिद्ध होगा।

#9. मन ना भटकने दें

ऊपर हमने आपको कहा कि आपको JEE की तैयारी के दौरान बीच-बीच में ब्रेक लेते रहना चाहिए या कुछ ना कुछ एंटरटेनमेंट के साधन ढूंढ लेने चाहिए लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप पूरा समय उसी में ही लगे रहें या अपना ध्यान भटकने दें। इसके लिए आप एक निश्चित समय निर्धारित करें और वह भी ज्यादा नहीं होना चाहिए।

उदाहरण के तौर पर यदि आप एक दिन में 10 घंटे पढ़ाई कर रहे हैं तो आप एक घंटा आराम कर सकते हैं या एंटरटेनमेंट कर सकते हैं। साथ ही जिस समय आप JEE की तैयारी कर रहे हो, उस समय आपको अपना ध्यान इधर-उधर नहीं भटकने देना चाहिए। आप जब पढ़ रहे हैं तो पूरी तरह से उस पर ध्यान केंद्रित करें और फिर जब ब्रेक का समय हो, तभी बाकी चीजें देखें।

#10. टेस्ट लेते रहें

बेहतर टाइम मैनेजमेंट के लिए आपको समय-समय पर अपना टेस्ट भी लेते रहना चाहिए। उदाहरण के तौर पर आप अपने पिछले महीने की परफॉरमेंस का आंकलन करें और देखें कि इस महीने आप उसकी तुलना में क्या कर रहे हैं। यदि आपको कोई सुधार नहीं दिखता है या बहुत ही कम परिवर्तन दिखता है तो फिर आपको अपनी स्ट्रेटेजी को बदलने की जरुरत है।

इसलिए आपको समय-समय पर अपना टेस्ट लेते रहना (JEE Mains Time Management) चाहिए। यह आपको अपनी स्ट्रेटेजी को और बेहतर बनाने और आपकी JEE की तैयारी को और अधिक मजबूत करने का ही काम करेगी।

निष्कर्ष

इस तरह से आज के इस आर्टिकल में आपने JEE की तैयारी करने के लिए उचित समय प्रबंधन या टाइम मैनेजमेंट की तकनीक के बारे में पूरी जानकारी ले ली (JEE Time Management) है। आखिर में एक बात हम आपको फिर से बताना चाहेंगे कि यदि आप JEE का एग्जाम देने को लेकर सीरियस हैं और इसे अच्छे स्कोर के साथ क्रैक करना चाहते हैं तो टाइम मैनेजमेंट के साथ-साथ एक अच्छा कोचिंग इंस्टीट्यूट इसमें आपकी बहुत मदद कर सकता है।

इसके लिए सीकर की मैट्रिक्स अकैडमी बहुत ही सही अकैडमी (Top JEE Coaching in India) है। वह इसलिए क्योंकि यहाँ स्टूडेंट्स के लिए डाउट सेंटर बनाए गए हैं जहाँ स्टूडेंट्स किसी भी समय जाकर अपने डाउट क्लियर कर सकते हैं। अब यदि समय रहते स्टूडेंट्स के डाउट क्लियर हो रहे हैं तो इससे उनका बहुत समय बच जाता है। इसके बाद के कुछ इंस्टीट्यूट के नाम प्रिंस अकैडमी, एलन, आकाश व रेजोनेंस हैं।

Related FAQs

प्रश्न: जेईई मेन की तैयारी के लिए कितने महीने चाहिए?

उत्तर: जेईई मेन की तैयारी के लिए 4 से 8 महीने चाहिए। यदि आप मैट्रिक्स सीकर जैसे नंबर एक इंस्टिट्यूट से इसकी कोचिंग लेते हैं तो आपको इतने समय में पूरी तैयारी करवा दी जाएगी।

प्रश्न: क्या जेईई मेन के लिए 75% आवश्यक है?

उत्तर: जेईई मेन के लिए 75% अंक लाना पर्याप्त है। फिर जब आपको जेईई एडवांस देना होगा तो उससे पहले आपको जेईई मेन के एग्जाम को पास करना होगा।

प्रश्न: जेईई की तैयारी के लिए कितने महीने चाहिए?

उत्तर: जेईई की तैयारी के लिए सामान्य तौर पर 6 महीने से लेकर एक वर्ष का समय पर्याप्त होता है। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप कितनी जल्दी चीज़ों को समझ पाते हैं।

प्रश्न: जी टॉपर्स कितने घंटे सोते हैं?

उत्तर: जी टॉपर्स सामान्य तौर पर 7 से 8 घंटे सोते हैं। यह आदर्श दिनचर्या और बेहतर स्टडी के लिए आवश्यक भी है।

इन्हें भी पढ़ें:

Computer Science Engineering Jobs: अगर हम आज के समय की बात करें तो कंप्यूटर साइंस एक ऐसा करियर ऑप्शन है जिसमें सबसे ज्यादा और तेजी से विकसित होने वाले जॉब ऑप्शन हैं। अब हर चीज़ ऑनलाइन या यूँ कहें कि डिजिटल होती जा रही है। हम हर चीज़ अपने कंप्यूटर या मोबाइल के जरिए करने लगे हैं। फिर चाहे वह किसी ऐप के जरिए हो या सॉफ्टवेयर या वेबसाइट के जरिए।

ऐसे में इन सभी को हैंडल करने या बनाने के लिए कंप्यूटर साइंस की डिग्री लिए हुए इंजीनियर की ही जरुरत पड़ती है। यही कारण है कि बहुत से स्टूडेंट्स कंप्यूटर साइंस में ही अपना करियर बनाने में लगे हुए हैं। हालाँकि इसमें एक तरह का करियर ऑप्शन नहीं होता (Computer science me kya scope hai) है बल्कि कई तरह की टेक्नोलॉजी या प्लेटफॉर्म में करियर बनाने का मौका मिलता है।

ऐसे में आज के इस आर्टिकल में हम आपके साथ इसी बात पर ही चर्चा करने वाले (Computer Science Career Options) हैं। इस लेख में हम एक-एक करके आपको सभी महत्वपूर्ण और टॉप करियर ऑप्शन बताएँगे जो आप कंप्यूटर साइंस के जरिए कर सकते हैं। चलिए शुरू करते हैं।

कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग जॉब्स

कंप्यूटर साइंस का मतलब हुआ कंप्यूटर में महारत हासिल करना। फिर चाहे वह सॉफ्टवेयर की फील्ड में हो या हार्डवेयर की। अब इसमें भी अलग-अलग तरह की टेक्नोलॉजी होती है। जैसे कि जावा, डिजाईन, एंगुलर, AI इत्यादि। साथ ही देश में कई तरह के इंजीनियरिंग कॉलेज हैं जो कंप्यूटर साइंस में पढ़ाने और डिग्री देने का काम करते हैं। इसमें से IIT और NIT को टॉप लेवल का कॉलेज माना जाता है।

अगर आपको देश के इन टॉप कॉलेज में एडमिशन लेना है तो उसके लिए आपको JEE एग्जाम की तैयारी करनी होती है। इसके लिए आपको इन एग्जाम में अच्छा स्कोर लेना होता (Computer Science Me Career Options) है जिसमें आपकी मदद देश के टॉप JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट करते हैं। कुछ टॉप कोचिंग इंस्टीट्यूट के नाम मैट्रिक्स सीकर, एलन कोटा, आकाश दिल्ली है। यहाँ से पढ़कर आपको JEE एग्जाम अच्छे स्कोर से क्रैक करने में बहुत मदद मिलती है।

इसके बाद आप आसानी से अच्छे सैलरी पैकेज पर देश और दुनिया की टॉप कंपनियों में अपना करियर बना सकते हैं। तो आइए जाने आप किस-किस फील्ड में कंप्यूटर साइंस के अंतर्गत जॉब (Computer Science Engineering Jobs) ले सकते हैं और अपने करियर को एक नई उड़ान दे सकते हैं।

#1. वेब डेवलपर

कंप्यूटर साइंस में जिस करियर ऑप्शन की सबसे पहले बात की जाती है वह है वेब डेवलपर की। इसमें विभिन्न तरह की वेबसाइट या ऐप को डिजाईन किया जाता है और उन्हें तरह-तरह की कोडिंग लैंग्वेज के तहत एक सुंदर रूप दिया जाता है। अब यह लैंग्वेज भी तरह-तरह की होती है। उदाहरण के तौर पर HTML, CSS, JavaScript, React, Angular इत्यादि।

ऐसे में आप इनमें से किसी भी एक या दो लैंग्वेज को चुन सकते हैं और उसमें महारत हासिल कर सकते हैं। उसके बाद आप कंप्यूटर साइंस के तहत किसी भी बड़ी कंपनी में वेब डेवलपर के तहत जॉब पा सकते हैं। इसमें आपको आगे बढ़ने के कई मौके मिलेंगे।

#2. डाटा साइंटिस्ट

आज के समय में डाटा की बहुत ज्यादा डिमांड है। चाहे कोई बड़ी कंपनी हो या छोटी कंपनी, हर कोई अपनी पॉलिसी का निर्माण डाटा को आधार बनाकर ही कर रहा है। कहने का मतलब यह हुआ कि हर कंपनी के द्वारा कस्टमर की एक्टिविटी को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिए जा रहे हैं।

ऐसे में डाटा साइंटिस्ट की भूमिका बहुत अहम हो जाती है। इसके लिए आपके अंदर जिन-जिन स्किल्स का होना जरुरी है उनमें से कुछ स्किल्स के नाम Python, SQL, Machine Learning, Statistics हैं। ऐसे में आप डाटा साइंटिस्ट के रूप में कंप्यूटर साइंस के अंतर्गत अपना करियर बना सकते हैं।

#3. डाटा एडमिनिस्ट्रेटर

डाटा साइंटिस्ट की तरह ही कंप्यूटर साइंस में डाटा एडमिनिस्ट्रेटर की भी बहुत बड़ी भूमिका होती है। ये डाटा टूल्स को मैनेज करने का काम करते हैं। एक तरह से डाटा को किस तरीके से इस्तेमाल किया जाता है और कहाँ इस्तेमाल किया जाता है, यह देखने का जिम्मा इन्हीं डाटा एडमिनिस्ट्रेटर के पास ही होता है।

इसमें तरह-तरह के टूल्स के जरिए डाटा को नियंत्रित करना और उनकी रिपोर्ट्स बनाकर देना शामिल होता है। जैसे कि आप माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल या गूगल स्प्रेडशीट का इस्तेमाल कर सकते हैं और उसमें तरह-तरह की कोडिंग के तहत डाटा को मैनेज कर सकते हैं।

#4. सॉफ्टवेयर इंजीनियर

कंप्यूटर साइंस में डिग्री लेने के बाद जिस फील्ड में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स को जॉब दी जाती है, वह सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के तहत ही दी जाती है। इसमें भी जूनियर, असिस्टेंट, सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तहत जॉब दी जाती है। शुरू में तो आप जूनियर के तहत ही नौकरी पर लगते हैं लेकिन अगर आपने बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में डिग्री ली है तो आप सीधे सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तहत भी काम कर सकते हैं।

इसमें आपको एंगुलर, जावा, एंड्राइड इत्यादि के तहत कोडिंग करने का काम दिया जाता है। वहीं अलग-अलग प्लेटफॉर्म की अलग-अलग लैंग्वेज में भी काम करने के मौके मिलते रहते हैं। इसलिए आपको शुरुआत में किसी काम को ना नहीं कहना चाहिए।

#5. सॉफ्टवेयर टेस्टर

जब भी किसी ऐप या सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाता है तो उसकी तरह-तरह की टेस्टिंग की जाती है। एक तरह से कोई भी कंपनी अपना प्रोडक्ट लॉन्च करने से पहले उसकी हर तरीके से जांच करवाना चाहती है और उसके बाद ही उसे यूजर या क्लाइंट के सामने दिखाती है।

ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि फाइनल लॉन्च से पहले उसमें यह देख लिया जाए कि उसमें किसी तरह की कोई कमी ना रह जाए। अब यह जांचने का काम टेस्टर का होता है जो अलग-अलग डिवाइस पर उसकी हर तरीके से टेस्टिंग करता है। फिर जो जो कमी रह गई है, वह उन्हें नोट डाउन करके डेवलपर को भेज देता है।

#6. साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट

जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है, वैसे-वैसे ही उसकी सुरक्षा करने के मापदंड भी बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी कंपनी को अपने यहाँ साइबर सिक्योरिटी को हैंडल करने के लिए लोग रखने होते हैं। उन्हें किसी भी तरह के वायरस, अटैक या मैलवेयर से कंपनी के सिस्टम को बचाकर रखना होता है।

अब यह काम साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट के द्वारा ही किया जाता है। वे यह सुनिश्चित करने का काम करते हैं कि कंपनी की कोई भी जानकारी लीक ना होने पाए या डाटा किसी और के हाथ ना लग जाए।

#7. एथिकल हैकर

बहुत से लोग हैकिंग या हैकर का नाम सुनकर यह सोचते हैं कि वे गलत काम ही करते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। कंप्यूटर साइंस में एक करियर ऑप्शन ये भी है लेकिन एथिकल हैकिंग के रूप में। यह एक तरह से साइबर सिक्योरिटी से मिलती जुलती ही फील्ड है लेकिन थोड़ी अलग।

इस तरह की जॉब में आपको किसी और कंपनी का सिस्टम हैक नहीं करना होता है बल्कि उसे दूसरे हैकर से बचाना होता है। अब आप सुनते होंगे कि फलाना देश के किसी हैकर ने अपने देश की कंपनी पर अटैक किया है और उसके सिस्टम को हैक कर लिया है। तो इसे ही बचाने का काम एथिकल हैकर करते हैं।

#8. मशीन लर्निंग इंजीनियर

अब बारी आती है मशीन को सिखाने वाले या उसे समझने वाले इंजीनियर की। आज के समय में अधिकतर काम मशीन की सहायता से ही किया जा रहा है। अब उस मशीन को इंस्ट्रक्शन देने या उसे समझने के लिए भी तो लोग चाहिए होंगे ना।

इसके तहत आपको कई तरह की स्किल्स में महारत हासिल करने की जरुरत होती है। उदाहरण के तौर पर कुछ स्किल्स के नाम Deep Learning, TensorFlow, PyTorch, Natural Language Processing हैं। इसके तहत आप मशीन लर्निंग इंजीनियर में अच्छा करियर बना सकते हैं।

#9. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंजीनियर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या फिर AI का नाम आजकल बहुत चलन में है और आगे का दौर भी इसी AI का ही है। यह AI जितनी तेजी से विकसित हो रही है, उसे देखते हुए यह कहना बहुत मुश्किल है कि आगे यह क्या कुछ नहीं कर सकती है।

ऐसे में आज के समय में हरेक कंपनी में AI मॉडल पर काम करने वाले इंजीनियर की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ गई है। यह एक तेजी से उभरती हुई करियर फील्ड है जिसमें आप बहुत कुछ सीख सकते हैं। इसलिए यदि आप भविष्य को देखते हुए अपना करियर बनाने को इच्छुक हैं तो यह फील्ड आपके बहुत काम आने वाली है।

#10. UI/ UX डिज़ाइनर

यह एक तरह से ग्राफ़िक्स डिजाईन करने वाली फील्ड है। अब आप सोच रहे होंगे कि ग्राफ़िक्स डिजाईन का कंप्यूटर साइंस की फील्ड से क्या संबंध। तो आज आप यह जान लें कि ग्राफ़िक्स डिजाइनर का काम केवल सिंपल ग्राफ़िक्स बनाने का ही नहीं होता है बल्कि वेबसाइट में कोडिंग के तहत बनाए जाने वाले ग्राफ़िक्स भी आते हैं।

इनकी पोस्ट सिंपल ग्राफ़िक्स डिजाईन करने वालों से बहुत ऊपर होती है और उन्हें सैलरी भी ज्यादा मिलती है। ऐसे में आप UI डिज़ाइनर के तहत भी अपना करियर बना सकते हैं और इसमें एक अच्छी जॉब पा सकते हैं।

#11. हार्डवेयर इंजीनियर

कंप्यूटर साइंस में हार्डवेयर इंजीनियर का भी बहुत महत्व है। इसके तहत आपको कंप्यूटर के तरह-तरह के पार्ट्स की पूरी जानकारी होनी चाहिए। उसमें किस तरह के पार्ट का क्या काम होता है, उसमें किस-किस तरह की कमी देखी जा सकती है और उनमें किस तरह से सुधार किया जा सकता है, यह सब इसके अंतर्गत आता है।

एक तरह से कंप्यूटर में आ रही दिक्कत को ठीक करना और उसे काम करने वाली हालत में लाना ही हार्डवेयर इंजीनियर का काम होता है। सॉफ्टवेयर कंपनियों में यदि किसी इंजीनियर का कंप्यूटर ठीक से काम नहीं कर रहा है या उसमें कोई गड़बड़ी दिखने के संकेत मिलते हैं तो हार्डवेयर इंजीनियर को ही बुलाया जाता है।

#12. टेक्निकल राइटर

यह राइटिंग से जुड़ी फील्ड हो जाती है लेकिन इसके लिए सामान्य राइटर को नहीं लिया जाता है। कहने का मतलब यह हुआ कि आपको टेक्नोलॉजी से जुड़े किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस को समझने के लिए एक टेक्निकल डॉक्यूमेंट की जरुरत पड़ती है।

उस टेक्निकल डॉक्यूमेंट में सभी तरह की टर्म्स एंड कंडीशन दी गई होती है जो एक टेक्निकल राइटर ही लिख सकता है। ऐसे में इस तरह की फील्ड भी बहुत चलन में है जो लोगों को राइटिंग के साथ-साथ टेक्निकल में भी बेहतर एक्सपीरियंस देने का काम करती है।

#13. आईटी कंसलटेंट

हर कंपनी में कई तरह के आईटी कंसलटेंट को भी रखा जाता है जो उस कंपनी की पॉलिसी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। एक तरह से यह कंसलटेंट कई तरह की कंपनियों के लिए भी काम कर सकते हैं और उन्हें उनके द्वारा दी जा रही सर्विस के लिए समय-समय पर गाइड कर सकते हैं।

#14. प्रोजेक्ट मैनेजर

हर कंपनी में कई तरह के प्रोजेक्ट पर काम किया जाता है और हर प्रोजेक्ट को हैंडल करने के लिए एक मैनेजर की जरुरत पड़ती है। उस मैनेजर का काम प्रोजेक्ट के अंतर्गत काम कर रहे सभी टेक्निकल पर्सन को इंस्ट्रक्शन देना और प्रोजेक्ट का सही से क्रियानव्यन करवाना होता है।

#15. टेक्निकल टीचिंग

आप चाहें तो कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करके टीचिंग की फील्ड में भी जा सकते हैं। अब यहाँ टीचर बनने का अर्थ यह नहीं कि आप केवल कॉलेज या यूनिवर्सिटी में ही पढ़ा सकते हैं बल्कि हर बड़ी कंपनी में भी इसके लिए हायरिंग की जाती है। अब कोई भी कंपनी जब किसी फ्रेशर को अपने यहाँ रखती है तो उसे 2 से 3 महीने के लिए ट्रेनिंग देती है। अब यह ट्रेनिंग देने का काम ही टेक्निकल टीचिंग स्टाफ का होता है।

इस तरह से आज आपने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग जॉब्स के 15 तरह के ऑप्शन के बारे में पूरी जानकारी ले ली (Computer Science Career Options) है। इसके अलावा भी कई तरह की फील्ड होती है जिसमें आप अपना करियर बना सकते हैं। उदाहरण के तौर पर:

  • डिजिटल फोरेंसिक एक्सपर्ट
  • सिस्टम आर्किटेक्ट
  • क्वांटम कंप्यूटिंग रिसर्चर
  • कंप्यूटर विजन इंजीनियर
  • नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग स्पेशलिस्ट
  • VR/AR डेवलपर
  • DevOps इंजीनियर
  • आईओटी डेवलप
  • रोबोटिक्स इंजीनियर
  • गेम डेवलपर
  • ब्लॉकचेन डेवलपर
  • बिग डाटा इंजीनियर
  • क्लाउड आर्किटेक्ट
  • नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर
  • सिस्टम एनालिस्ट इत्यादि।

समय के साथ-साथ कंप्यूटर साइंस में और भी कई तरह के करियर ऑप्शन उभर कर सामने आते रहते हैं। ऐसे में आप हमेशा अपनी स्किल्स और इंटरेस्ट को पहचान कर ही आगे बढ़ें।

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल के माध्यम से आपने जान लिया है कि कंप्यूटर साइंस में आप किस-किस फील्ड में अपना करियर (Computer Science Engineering Jobs) बना सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं। हालाँकि हम आपको यह भी बता दें कि यदि आप वाकई में इसे लेकर सीरियस हैं तो इसके लिए आपको एक अच्छे कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री लेने की जरुरत पड़ेगी। अब अच्छे कॉलेज में एडमिशन चाहिए तो उसके लिए टॉप लेवल के कोचिंग इंस्टीट्यूट से तैयारी करनी भी जरुरी होती है।

ऐसे में जब हमने जांच पड़ताल की तो पाया कि सीकर शहर की मैट्रिक्स अकैडमी इस लिस्ट में टॉप पर थी। मैट्रिक्स ने पिछले कुछ वर्षों से JEE में टॉप लेवल का रिजल्ट दिया है। इसके बाद एलन कोटा और आकाश दिल्ली का नाम आता है जिन्होंने JEE की अच्छी कोचिंग देने का काम किया है।

Related FAQs

प्रश्न: कंप्यूटर साइंस करने से कौन सी नौकरी मिलती है?

उत्तर: कंप्यूटर साइंस करने से कोडिंग या डेवलपमेंट की नौकरी मिलती है। इसमें आप डाटा, एंगुलर, एंड्राइड इत्यादि क्षेत्र में नौकरी कर सकते हैं।

प्रश्न: कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की सैलरी कितनी होती है?

उत्तर: कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की सैलरी शुरूआती तौर पर 20 हज़ार से 50 हज़ार के बीच में होती है जो आगे चलकर लाखों में हो जाती है

प्रश्न: कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग जॉब क्या हैं?

उत्तर: कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग जॉब में व्यक्ति को कई तरह की कोडिंग लैंग्वेज में काम करना होता है यह कोडिंग लैंग्वेज html, css, python, java इत्यादि कई तरह की हो सकती है

प्रश्न: कंप्यूटर साइंस लेने से क्या बन सकते हैं?

उत्तर: कंप्यूटर साइंस लेने से व्यक्ति इंजीनियर की डिग्री हासिल करता है इसके बाद वह कंपनी में सॉफ्टवेर इंजीनियर के तहत काम करता है

इन्हें भी पढ़ें: