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"NEET UG 2026 की तैयारी कैसे करें?" लिखे हुए टेक्स्ट के साथ एक सोच में डूबा हुआ छात्र।

JEE Exam 2026 सिलेबस और पैटर्न की पूरी जानकारी

JEE (जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन) भारत के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जो देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों जैसे IITs, NITs, IIITs और अन्य सेंट्रल फंडेड टेक्निकल कॉलेजों में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करता है। JEE 2026 के एग्जाम पैटर्न और सिलेबस में समय-समय पर होने वाले संशोधनों को ध्यान में रखते हुए, यहाँ आपको विस्तृत व समग्र जानकारी प्रदान की जा रही है। यह जानकारी छात्रों को रणनीतिक तैयारी करने, महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करने और परीक्षा के नवीनतम प्रारूप से अवगत होने में सहायता करेगी।

JEE 2026 की तैयारी शुरू करने से पहले, परीक्षा के मौजूदा पैटर्न, अंकन योजना, विषयवार वेटेज और अपेक्षित सिलेबस की स्पष्ट समझ होना अत्यंत आवश्यक है। आइए, विस्तार से JEE 2026 के एग्जाम पैटर्न और सिलेबस को समझते हैं।

JEE 2026 एग्जाम पैटर्न:

JEE (मेन) परीक्षा मुख्य रूप से तीन पेपरों के माध्यम से आयोजित की जाती है: B.E./B.Tech (पेपर 1), B.Arch (पेपर 2A) और B.Planning (पेपर 2B)। प्रत्येक पेपर का पैटर्न और अवधि अलग-अलग है। JEE का एग्जाम कुल तीन तरह के कोर्स में एडमिशन लेने के लिए करवाया जाता है। इसमें सबसे पहले नंबर पर तो B.Tech और BE ही आते हैं जबकि दूसरे और तीसरे नंबर पर बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर व बैचलर ऑफ प्लानिंग भी आते हैं। इनकी शोर्ट फॉर्म B.Arch. व B.Plan. होती है।

बहुत से स्टूडेंट्स को अभी भी यह लगता है कि JEE का एग्जाम केवल इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी में एडमिशन लेने के लिए होता है लेकिन ऐसा नहीं है। हालाँकि यह मुख्य तौर पर इसी नाम से जाना जाता है और इसका मुख्य एग्जाम जिसे हम पेपर 1 भी कहते हैं, वह इसी से ही जुड़ा हुआ होता है। वहीं इसका पेपर 2A आर्किटेक्चर से तो वहीं पेपर 2B प्लानिंग के कोर्स से जुड़ा हुआ होता है।

JEE इंजीनियरिंग 2025 एग्जाम पैटर्न

  1. यह एग्जाम कुल 3 घंटे का होगा जिसमें तीन सब्जेक्ट्स से प्रश्न पूछे जाएंगे।
  2. इन तीन सब्जेक्ट्स के नाम फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स होंगे।
  3. तीनों विषयों से कुल 75 प्रश्न पूछे जाएंगे जिन्हें तीनों में समान भागों 25-25-25 में बांटा जाएगा।
  4. हर विषय को दो सेक्शन में बांटा जाएगा जिनके नाम सेक्शन A व सेक्शन B होंगे।
  5. प्रत्येक विषय के सेक्शन A में कुल 20-20 प्रश्न होंगे जो MCQ होंगे।
  6. प्रत्येक विषय के सेक्शन B में कुल 5-5 प्रश्न होंगे जिसमें सही उत्तर स्टूडेंट के द्वारा लिखा जाएगा जो कोई संख्या या अन्य उत्तर हो सकता है।
  7. प्रत्येक सही उत्तर पर स्टूडेंट को 4 नंबर दिए जाएंगे।
  8. अगर स्टूडेंट MCQ का गलत उत्तर देता है तो उसका एक नंबर काट लिया जाएगा जबकि नुमेरिक प्रश्न के गलत उत्तर पर कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है।
  9. यदि स्टूडेंट उत्तर नहीं देता है और प्रश्न को खाली छोड़ देता है तो उसमें किसी भी तरह का अंक ना तो जोड़ा जाएगा और ना ही काटा जाएगा।
  10. JEE 2025 का एग्जाम कुल 13 भाषाओं में होगा। ऐसे में यदि वह हिंदी या अंग्रेजी के अलावा किसी अन्य स्थानीय भाषा में एग्जाम देना चाहता है तो उसी भाषा के राज्य के अनुसार ही अपने सेंटर का चयन करें।

आइए अब हम JEE एग्जाम 2025 के पैटर्न को अच्छे से समझ लेते हैं ताकि आपको किसी तरह की शंका ना हो।

B.E./B.Tech (पेपर 1) के लिए एग्जाम पैटर्न

  • परीक्षा मोड: कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) ऑनलाइन मोड।

  • अवधि: 3 घंटे।

  • भाषा: परीक्षा 13 भाषाओं (हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, असमिया, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू) में उपलब्ध होगी।

  • प्रश्नों का प्रकार: प्रत्येक विषय (गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान) के प्रश्न दो भागों में होंगे:

    • सेक्शन A: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) जिनमें चार विकल्पों में से एक सही उत्तर चुनना होगा।

    • सेक्शन B: न्यूमेरिकल वैल्यू आधारित प्रश्न, जिनका उत्तर एक संख्यात्मक मान (0 से 9 तक) के रूप में देना होगा।

  • कुल प्रश्न व अंक: 90 प्रश्न (प्रत्येक विषय से 30) कुल 300 अंकों के।

  • अंकन योजना:

    • बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर पर +4 अंक, गलत उत्तर पर -1 अंक (नकारात्मक अंकन)।

    • न्यूमेरिकल वैल्यू प्रश्नों के सही उत्तर पर +4 अंक, गलत उत्तर पर कोई नकारात्मक अंकन नहीं।

    • प्रश्न को अनुत्तरित छोड़ने पर कोई अंकन नहीं।

B.Arch (पेपर 2A) के लिए एग्जाम पैटर्न

  • परीक्षा मोड: गणित एवं एप्टीट्यूड भाग कंप्यूटर आधारित, ड्राइंग भाग पेन-पेपर आधारित (ऑफलाइन)।

  • अवधि: 3 घंटे।

  • भाषा: 13 भाषाओं में उपलब्ध।

  • विषय व प्रश्न:

    • गणित: सेक्शन A (20 MCQ) + सेक्शन B (10 न्यूमेरिकल वैल्यू प्रश्न, जिनमें से केवल 5 का उत्तर देना अनिवार्य)।

    • एप्टीट्यूड टेस्ट: 50 बहुविकल्पीय प्रश्न।

    • ड्राइंग टेस्ट: 02 प्रश्न, जिनके लिए ड्राइंग शीट पर हल प्रस्तुत करना होगा।

  • कुल प्रश्न व अंक: 82 प्रश्न कुल 400 अंकों के।

B.Planning (पेपर 2B) के लिए एग्जाम पैटर्न

  • परीक्षा मोड: पूर्णतः कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT)।

  • अवधि: 3 घंटे।

  • भाषा: 13 भाषाओं में उपलब्ध।

  • विषय व प्रश्न:

    • गणित: सेक्शन A (20 MCQ) + सेक्शन B (10 न्यूमेरिकल वैल्यू प्रश्न, जिनमें से केवल 5 का उत्तर देना अनिवार्य)।

    • एप्टीट्यूड टेस्ट: 50 बहुविकल्पीय प्रश्न।

    • प्लानिंग आधारित प्रश्न: 25 बहुविकल्पीय प्रश्न।

  • कुल प्रश्न व अंक: 100 प्रश्न कुल 400 अंकों के।

यहाँ हम आपको टेबल के माध्यम से JEE एग्जाम 2026 के संपूर्ण पैटर्न की जानकारी देने जा रहे हैं। चलिए शुरू करते हैं:

विषय

जानकारी

एग्जाम का मोड ऑनलाइन मोड (कंप्यूटर पर लिया जाएगा, केवल आर्किटेक्चर के ड्राइंग सेक्शन को छोड़कर)
एग्जाम का समय कुल 3 घंटे
एग्जाम की भाषा एग्जाम कुल 13 भाषाओं में होगा (हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, पंजाबी, गुजराती, मराठी, बंगाली, आसामी, ओड़िया व उर्दू)
एग्जाम सेंटर अपने राज्य या देश के किसी भी सेंटर को भरा जा सकता है
प्रश्न के प्रकार कुछ प्रश्न MCQ होंगे तो कुछ नुमेरिकल होंगे तो ड्राइंग टेस्ट अलग से होगा।

  • इंजीनियरिंग में हर विषय से 20-20 प्रश्न MCQ होंगे तो वहीं 5-5 प्रश्न नुमेरिकल होंगे अर्थात उसमें एक संख्या आपको लिखनी होगी।
  • आर्किटेक्चर में ड्राइंग के दो प्रश्नों को छोड़कर बाकी सभी प्रश्न MCQ व नुमेरिकल में बंटे होंगे। इसमें नुमेरिकल सिर्फ मैथ्स विषय में होंगे और वह भी केवल 5
  • प्लानिंग में मैथ के 25 में से 5 नुमेरिकल होंगे जबकि बाकी सभी MCQ। अन्य विषयों में सभी MCQ होंगे।
कुल प्रश्न सभी 3 विषयों को लेकर अलग-अलग होंगे।

  • इंजीनियरिंग के लिए कुल 75 प्रश्न होंगे और सभी का उत्तर देना अनिवार्य होगा। पहले 90 प्रश्न आते थे जिनमें से 75 का उत्तर देना होता था।
  • आर्किटेक्चर में कुल 77 प्रश्न होंगे।
  • प्लानिंग में कुल 100 प्रश्न होंगे।
कुल विषय सभी 3 एग्जाम में 3-3 विषय होंगे जिनमें सिर्फ मैथ्स (गणित) ही कॉमन है जबकि अन्य दो विषय अलग है।

  • इंजीनियरिंग के तीन विषय मैथ्स, फिजिक्स व केमिस्ट्री
  • आर्किटेक्चर में मैथ्स, ड्राइंग व Aptitude
  • प्लानिंग में मैथ्स, प्लानिंग व Aptitude
किस विषय से कितने प्रश्न इसको लेकर भी तीनों एग्जाम में अलग-अलग मापदंड है।

  • इंजीनियरिंग में हर विषय से 25-25 प्रश्न
  • आर्किटेक्चर में मैथ्स से 25, ड्राइंग से 2 और Aptitude से 50 प्रश्न होंगे
  • प्लानिंग में मैथ्स से 25, Aptitude से 50 और प्लानिंग से 25 प्रश्न होंगे
पेपर में विषय अनुसार सेक्शन एग्जाम में एक सब्जेक्ट को दो सेक्शन में बांटा गया होगा लेकिन यह सब्जेक्ट के लिए नहीं। आइए जाने:

  • इंजीनियरिंग में सभी तीन विषयों को 2-2 सेक्शन में बांटा गया होगा जिनके नाम सेक्शन A व सेक्शन B होगा। सेक्शन A में हर विषय से 20-20 प्रश्न होंगे जो MCQ होंगे तो वहीं सेक्शन B में हर विषय से 5-5 प्रश्न होंगे जो नुमेरिक होंगे।
  • आर्किटेक्चर में सिर्फ मैथ्स को सेक्शन A और B में बांटा गया होगा जिसका प्रारूप इंजीनियरिंग की तरह ही होगा।
  • प्लानिंग में भी इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर की तरह बस मैथ्स को ही दो सेक्शन में बांटा गया होगा और बाकी सभी सब्जेक्ट एक ही सेक्शन में होंगे।
नेगेटिव मार्किंग जो नुमेरिक प्रश्न होंगे, उसमें किसी तरह की नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी जबकि MCQ वाले प्रश्न का गलत उत्तर देने पर एक नंबर काट लिया जाएगा
सही उत्तर के नंबर तीनों एग्जाम में हर प्रश्न (केवल ड्राइंग सब्जेक्ट को छोड़कर) का सही उत्तर देने पर 4 नंबर दिए जाएंगे। ड्राइंग वाले दोनों प्रश्नों के कुल 100 नंबर होंगे। इसके अनुसार ड्राइंग का एक प्रश्न 50 नंबर का होगा।
कुल नंबर इंजीनियरिंग का JEE एग्जाम कुल 300 नंबर का होगा जबकि आर्किटेक्चर और प्लानिंग के एग्जाम के कुल नंबर 400 होंगे।

इस तरह से ऊपर आपने JEE एग्जाम 2026 पैटर्न के बारे में पूरी जानकारी ले ली है। इसमें स्टूडेंट्स के द्वारा मुख्य तौर पर इंजीनियरिंग का एग्जाम दिया जाता है जिसके बारे में अधिकतर लोगों को पता भी होता है। ऐसे में हम JEE के इंजीनियरिंग एग्जाम के बारे में कुछ जरुरी पॉइंट्स आपके सामने रख देते हैं।

यदि हम अपने देश के टॉप लेवल की JEE अकैडमी की बात करें तो उसमें सबसे पहला नाम सीकर की मैट्रिक्स JEE अकैडमी का आता है। इसके बाद रेजोनेंस अकैडमी, प्रिंस अकैडमी और एलन कोटा है। इसलिए आपको बिना देर किए इनमें से किसी एक अकैडमी को तुरंत ज्वाइन कर लेना चाहिए और अपनी JEE की तैयारी आज से ही शुरू कर देनी चाहिए।

JEE 2026 सिलेबस: विषयवार विवरण

JEE (Main) का पाठ्यक्रम छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है, जो परीक्षा में पूछे जाने वाले विषयों और उनकी गहराई को स्पष्ट करता है। यह सिलेबस मुख्य रूप से कक्षा 11वीं और 12वीं के NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित है, जिसमें भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित के सभी मूलभूत और उन्नत अवधारणाओं को शामिल किया गया है। एक सफल रणनीति के लिए, प्रत्येक विषय के महत्वपूर्ण अध्यायों, उनके वेटेज और अंतर्संबंधों को समझना अत्यंत आवश्यक है।

JEE 2026 की तैयारी में सिलेबस की समग्र समझ और प्रत्येक टॉपिक के महत्व का आकलन करना पहला कदम है। यह जानकारी आपको अपनी ऊर्जा और समय को सही दिशा में केंद्रित करने में मदद करेगी।

भौतिक विज्ञान (Physics): अवधारणाओं पर आधारित

भौतिक विज्ञान के पाठ्यक्रम को अवधारणात्मक स्पष्टता और गणितीय अनुप्रयोग के संतुलन की आवश्यकता होती है। नीचे दी गई तालिका विभिन्न इकाइयों और उनके महत्वपूर्ण टॉपिक्स को दर्शाती है: जिसमें इकाई, महत्वपूर्ण अध्याय, अनुमानित वेटेज और टिप्स स्पष्ट रूप से दर्शाए गए हैं।

इकाई (Unit) महत्वपूर्ण अध्याय (Key Chapters) अनुमानित वेटेज छात्रों के लिए टिप्स
यांत्रिकी गति के नियम, कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति, घूर्णन गति, गुरुत्वाकर्षण, दृढ़ पिंड की गति, संवेग 35-40% सबसे अधिक वेटेज। NCERT से शुरुआत कर गहन अभ्यास व समस्याएं हल करें।
विद्युत्‌चुम्बकत्व इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, करंट इलेक्ट्रिसिटी, करंट का चुम्बकीय प्रभाव, विद्युत चुम्बकीय प्रेरण, प्रत्यावर्ती धारा (AC) 25-30% सर्किट डायग्राम और सूत्रों के अनुप्रयोग पर ध्यान दें।
तरंग एवं प्रकाशिकी तरंग गति, प्रकाशिकी (ज्यामितीय एवं तरंग), दोलन, ध्वनि 15-20% रेखाचित्रों और तरंग समीकरणों का अभ्यास जरूरी।
आधुनिक भौतिकी पदार्थ की द्वैत प्रकृति, परमाणु एवं नाभिक, अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिक्स 10-15% तथ्यात्मक और अवधारणात्मक, NCERT इसके लिए मुख्य स्रोत है।
ऊष्मागतिकी एवं अणुगति सिद्धांत ऊष्मागतिकी के नियम, गैसों का अणुगति सिद्धांत, ऊष्मा का स्थानांतरण 8-10% ग्राफ और थर्मोडायनामिक प्रक्रियाओं को समझें।

रसायन विज्ञान (Chemistry):

रसायन विज्ञान का पाठ्यक्रम छात्रों के सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक समझ दोनों की मांग करता है। हमने इसे तीन खंडों में विभाजित किया गया है, जिनके बीच छात्रों को अच्छा संतुलन बनाना जरूरी है।

विषय (Topic) महत्वपूर्ण शीर्षक (Key Subtopics) तैयारी की रणनीति
भौतिक रसायन (Physical Chemistry) परमाणु संरचना (Atomic Structure), रासायनिक गतिकी (Chemical Kinetics), ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) सूत्रों का गहन अभ्यास करें। ग्राफ, एकीकरण और संख्यात्मक प्रश्नों पर फोकस। NCERT के उदाहरण हल करें।
अकार्बनिक रसायन (Inorganic Chemistry) आवर्त सारणी (Periodic Table), समन्वय यौगिक (Coordination Compounds), रासायनिक बंध (Chemical Bonding) NCERT रटें। अपवाद, रिएक्शन और गुण-धर्म की तालिकाएँ बनाएँ। पिछले वर्षों के प्रश्न दोहराएँ।
कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry) हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons), ऐल्कोहल्स, फिनोल्स और ईथर्स (Alcohols, Phenols, and Ethers), ऐल्डिहाइड्स, कीटोन्स और कार्बोक्सिलिक अम्ल (Aldehydes, Ketones, and Carboxylic Acids) रिएक्शन मैकेनिज्म समझें। नामकरण और रूपांतरण अभ्यास करें। GOC मजबूत करें।
उच्च महत्व वाले विषय रासायनिक बंध (Chemical Bonding), समन्वय रसायन (Coordination Chemistry), p-ब्लॉक तत्व (p-Block Elements), ऑक्सीजन और नाइट्रोजन वाले कार्बनिक यौगिक (Organic Compounds containing Oxygen and Nitrogen) रोजाना रिवीजन। मॉक टेस्ट दें। NCERT + PYQs (Previous Year Questions) से 80% कवरेज सुनिश्चित करें।

गणित (Mathematics):

गणित विषय नियमित व गहन अभ्यास की मांग करता है। यहां सूत्रों का रटना नहीं, बल्कि उनके विवेकपूर्ण अनुप्रयोग पर जोर दिया जाता है।

  • कैलकुलस (अवकलन एवं समाकलन): यह सबसे अधिक वेटेज वाला भाग है। फलन, सीमा, सांतत्य, अवकलन के अनुप्रयोग और निश्चित समाकलन से जुड़ी समस्याओं का भरपूर अभ्यास करें। इसमें ग्राफ और ज्यामितीय व्याख्या भी महत्वपूर्ण है।

  • निर्देशांक ज्यामिति एवं त्रिविमीय ज्यामिति: सरल रेखा, वृत्त और शांकव परिच्छेद (परवलय, दीर्घवृत्त, अतिपरवलय) से प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। इनके गुणों और सूत्रों को शीघ्रता से लागू करने का अभ्यास करें।

  • बीजगणित: सम्मिश्र संख्याएं, द्विघात समीकरण, अनुक्रम एवं श्रेणी, क्रमचय एवं संचय, द्विपद प्रमेय, आव्यूह एवं सारणिक इसके प्रमुख टॉपिक हैं। इनमें तार्किक समस्या-समाधान कौशल की आवश्यकता होती है।

  • सदिश बीजगणित एवं त्रिकोणमिति: सदिशों का गुणनफल और त्रिकोणमितीय समीकरण/सर्वसमिकाएं इनके महत्वपूर्ण अंग हैं। ये टॉपिक अन्य विषयों, जैसे भौतिकी में भी सहायक होते हैं।

विषय (Topic) महत्वपूर्ण शीर्षक (Key Subtopics) तैयारी की रणनीति
बीजगणित (Algebra) सम्मिश्र संख्याएँ (Complex Numbers), द्विघात समीकरण (Quadratic Equations), मैट्रिक्स और संकल्पक (Matrices and Determinants) गुणधर्म और पहचानें याद करें। मैट्रिक्स के सभी प्रकार के प्रश्न हल करें। ग्राफिकल विधियाँ अभ्यास करें।
कलन (Calculus) अवकलज (Differentiation), समाकलन (Integration), सीमाएँ और निरंतरता (Limits and Continuity) सूत्र शीट बनाएँ। अनुप्रयोग प्रश्न (जैसे अधिकतम/न्यूनतम) पर फोकस। एकीकरण के सभी प्रकार दोहराएँ।
निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) सीधी रेखाएँ (Straight Lines), वृत्त (Circles), शंकु वर्ग (Conic Sections) रेखाचित्र बनाकर अभ्यास करें। दूरी, कोण और समीकरण सिद्ध करें। पैरामेट्रिक रूप समझें।

JEE 2026 आर्किटेक्चर सिलेबस

  • गणित: यह भाग गणित की विस्तृत अवधारणाओं को कवर करता है, जैसे फ़ंक्शंस, मैट्रिक्स, वेक्टर, कैलकुलस, स्टेटिस्टिक्स, आदि।
  • सामान्य योग्यता: इसमें थ्री-डायमेंशनल ऑब्जेक्ट्स का कल्पना करना, वास्तुकला और पर्यावरण संबंधित वस्त्रों का ज्ञान, और तार्किक व मानसिक क्षमता पर आधारित प्रश्न शामिल होते हैं।
  • ड्राइंग: यह भाग छात्रों की ड्राइंग और कल्पना शक्ति पर केंद्रित है, जिसमें रचनात्मकता के साथ दो और तीन आयामों में डिजाइन और संरचना बनाने के प्रश्न होते हैं​

JEE 2026 प्लानिंग सिलेबस

  • गणित: B.Arch के समान ही।
  • सामान्य योग्यता: B.Arch के समान ही।
  • प्लानिंग: इस भाग में सामान्य जागरूकता, सामाजिक विज्ञान (राजनीति, इतिहास, भूगोल), मानचित्र पढ़ने के कौशल, चार्ट और आँकड़ों की समझ जैसे विषय शामिल हैं​।

इस तरह से आज आपने JEE 2026 के एग्जाम पैटर्न के साथ-साथ उसके सभी तीनों एग्जाम के सिलेबस के बारे में पूरी जानकारी ले ली है। आप चाहें तो JEE एग्जाम कंडक्ट करवाने वाली NTA की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी इसके सिलेबस के बारे में पूरी जानकारी ले सकते हैं।

निष्कर्ष

JEE 2026 की यात्रा एक चुनौतीपूर्ण अवश्य है, परंतु सही दिशा-निर्देश, समर्पण और रणनीतिक तैयारी के साथ यह एक सफल और संतुष्टिदायक अनुभव बन सकती है। इस लेख में दिए गए एग्जाम पैटर्न और विषयवार सिलेबस का विस्तृत विश्लेषण आपके लिए एक मजबूत रोडमैप का कार्य करता है। यह समझना आवश्यक है कि JEE केवल सूत्रों और तथ्यों की परीक्षा नहीं, बल्कि अवधारणाओं की गहन समझ, समस्या-समाधान कौशल और प्रभावी समय प्रबंधन की परीक्षा है।

सफलता की कुंजी एक संतुलित और अनुशासित दृष्टिकोण में निहित है। NCERT की नींव को मजबूत करने के पश्चात, विषयवार महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित करें और नियमित रूप से मॉक टेस्ट व पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें। प्रत्येक गलती से सीखने और अपनी रणनीति को लगातार परिष्कृत करने का प्रयास करें। याद रखें, निरंतरता और सकारात्मक मानसिकता इस मार्ग के दो सबसे बड़े सहयोगी हैं।

आपकी कड़ी मेहनत और लगन ही वह पासपोर्ट है, जो आपको देश के शीर्ष इंजीनियरिंग व आर्किटेक्चर संस्थानों के द्वार खोल सकता है। अपने लक्ष्य पर विश्वास बनाए रखें और पूर्ण निष्ठा के साथ तैयारी करें। शुभकामनाएं!

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FAQ’s

Q. JEE मेन 2026 का एग्जाम कब आयोजित किया जाएगा?

JEE मेन 2026 की तारीखें अभी घोषित नहीं हुई हैं। आमतौर पर, यह परीक्षा जनवरी और अप्रैल सत्र में आयोजित होती है। आधिकारिक अधिसूचना नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

Q. क्या JEE 2026 के पैटर्न या सिलेबस में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है?

NTA द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन तक कोई बड़ा बदलाव निश्चित नहीं है। हाल के वर्षों में पैटर्न स्थिर रहा है। किसी भी आधिकारिक अपडेट के लिए छात्रों को NTA की वेबसाइट (jeemain.nta.ac.in) पर नजर रखनी चाहिए।

Q. JEE मेन और JEE एडवांस्ड के सिलेबस में क्या अंतर है?

JEE मेन का सिलेबस कक्षा 11वीं और 12वीं के NCERT कोर्स पर आधारित है। JEE एडवांस्ड का सिलेबस भी इन्हीं कक्षाओं पर आधारित है, लेकिन इसमें प्रश्नों की कठिनाई स्तर अधिक होता है और कुछ अतिरिक्त टॉपिक्स (जैसे कैलकुलस में आंशिक अवकलन) शामिल हो सकते हैं।

क्या 12वीं के बोर्ड एग्जाम का सिलेबस JEE के सिलेबस से पूरी तरह मेल खाता है?

हाँ, मोटे तौर पर JEE मेन का सिलेबस CBSE और अन्य बोर्ड की कक्षा 11वीं व 12वीं के सिलेबस से मेल खाता है। हालांकि, JEE में गहराई से अवधारणा समझ और जटिल समस्याओं को हल करने पर जोर दिया जाता है, जबकि बोर्ड परीक्षाएं व्यापक कवरेज और सीधे प्रश्नों पर केंद्रित हो सकती हैं।

Q. क्या JEE मेन में न्यूमेरिकल वैल्यू प्रश्नों में नेगेटिव मार्किंग होती है?

नहीं, JEE मेन के सेक्शन B में पूछे जाने वाले न्यूमेरिकल वैल्यू प्रश्नों (जहाँ उत्तर 0 से 9 के बीच कोई अंक लिखना हो) में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती। गलत उत्तर देने पर भी अंक नहीं काटे जाते। हालाँकि, बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) में गलत उत्तर के लिए 1 अंक काटा जाता है।