IIT में प्रवेश पाने का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के मन में यह प्रश्न हमेशा बना रहता है कि आखिर IIT में दाखिले के लिए 12वीं कक्षा में कम से कम कितने प्रतिशत अंक होने चाहिए। यह एक ऐसा मूलभूत मापदंड है जिसकी अनदेखी करने का अर्थ है IIT प्रवेश प्रक्रिया से ही वंचित रह जाना, भले ही आपने JEE (मेन और एडवांस) परीक्षा में शानदार प्रदर्शन क्यों न किया हो। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा निर्धारित ये पात्रता मानदंड अटल हैं और इनका कड़ाई से पालन किया जाता है।
इसलिए, IIT प्रवेश की इस जटिल यात्रा में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम यह जानना है कि आपकी श्रेणी (सामान्य, OBC, SC, ST, EWS, PwD) के अनुसार 12वीं बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम अंकों का आवश्यक प्रतिशत क्या है। यह लेख आपको विस्तार से बताएगा कि IIT के लिए 12वीं में न्यूनतम प्रतिशत क्या हैं, नए नियम क्या हैं, और यदि आप इन अंकों को प्राप्त नहीं कर पाते हैं तो क्या विकल्प उपलब्ध हैं।
IIT प्रवेश के लिए 12वीं में न्यूनतम प्रतिशत क्यों महत्वपूर्ण है?
IIT प्रवेश प्रक्रिया में JEE (मेन और एडवांस) परीक्षाओं में सफलता ही एकमात्र आधार नहीं है। इसके लिए छात्रों के 12वीं कक्षा में अकादमिक प्रदर्शन की भी आवश्यक पात्रता शर्त है। इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों में इंजीनियरिंग की कठिन पढ़ाई के लिए आवश्यक अकादमिक नींव और निरंतरता हो। यह मानदंड सभी श्रेणियों के छात्रों पर लागू होता है और इसमें कोई ढील नहीं दी जाती, सिवाय उन विशेष प्रावधानों के जो सरकार द्वारा निर्धारित किए गए हैं।
यह आवश्यकता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह JEE फॉर्म भरने की प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि कोई छात्र न्यूनतम प्रतिशत या उसके वैकल्पिक मानदंड को पूरा नहीं करता है, तो उसे JEE (मेन) परीक्षा में बैठने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी, जो कि IIT प्रवेश का पहला द्वार है। इस प्रकार, 12वीं के अंक केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आपकी IIT यात्रा की आधारशिला हैं।
विभिन्न श्रेणियों के लिए IIT के लिए 12वीं में न्यूनतम प्रतिशत
भारत सरकार ने हमारे संविधान में उल्लेखित सामाजिक और आर्थिक न्याय के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए विभिन्न श्रेणियों के छात्रों के लिए IIT प्रवेश हेतु 12वीं में न्यूनतम प्रतिशत के अलग-अलग मानदंड निर्धारित किए हैं। यह व्यवस्था शिक्षा के अवसरों को समान रूप से वितरित करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
नीचे दी गई तालिका और विवरण में प्रत्येक श्रेणी के लिए आवश्यक न्यूनतम प्रतिशत को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।
| छात्र श्रेणी | 12वीं में न्यूनतम प्रतिशत आवश्यकता |
|---|---|
| सामान्य (General) | 75% |
| सामान्य-आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (GEN-EWS) | 75% |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) | 75% |
| अनुसूचित जाति (SC) | 65% |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 65% |
| दिव्यांग (PwD) | 65% |
नोट: उपरोक्त प्रतिशत किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड (जैसे CBSE, ICSE, राज्य बोर्ड) से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर लागू होते हैं। छात्रों के लिए यह आवश्यक है कि वे भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित (PCM) के समूह के साथ 12वीं उत्तीर्ण हों।
अब बात करते हैं उन स्टूडेंट्स के बारे में जो हैं तो जनरल कैटेगरी में लेकिन वे आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं या निर्धन परिवार या कम आय की श्रेणी में आते हैं। ऐसे स्टूडेंट्स को भी अपनी बारहवीं कक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत का स्कोर करना जरुरी होता है अन्यथा वे भी IIT में प्रवेश नहीं ले सकते हैं।
सामान्य (General) और सामान्य-EWS श्रेणी के छात्रों के लिए
सामान्य श्रेणी के सभी छात्रों, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्र भी शामिल हैं, को IIT प्रवेश के योग्य माने जाने के लिए अपनी 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में कुल मिलाकर कम से कम 75% अंक प्राप्त करने अनिवार्य हैं। यह एक कठिन मानदंड है जो इस श्रेणी की प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) के छात्रों के लिए
OBC (गैर-क्रीमी लेयर) श्रेणी में आने वाले छात्रों के लिए भी न्यूनतम प्रतिशत का मानदंड 75% ही है। हालांकि, JEE एडवांस और IIT में सीट आवंटन में उन्हें आरक्षण का लाभ मिलता है।
अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए
SC और ST श्रेणी के छात्रों के लिए न्यूनतम प्रतिशत आवश्यकता 65% निर्धारित की गई है। यह छूट सामाजिक शैक्षिक पिछड़ेपन को ध्यान में रखते हुए प्रदान की गई है।
दिव्यांग (PwD) श्रेणी के छात्रों के लिए
शारीरिक रूप से दिव्यांग (PwD) छात्रों के लिए, चाहे वे किसी भी जाति या श्रेणी से संबंधित हों, न्यूनतम प्रतिशत 65% है। यह प्रावधान उनकी विशेष परिस्थितियों को देखते हुए बनाया गया है।
महत्वपूर्ण अपवाद: टॉप 20 प्रतिशत छात्रों का नियम (वर्ष 2023 से लागू)
12वीं में उच्च अंक प्राप्त करने की चुनौती को ध्यान में रखते हुए, विशेषकर उन बोर्डों के लिए जहां मूल्यांकन प्रक्रिया अत्यंत सख्त होती है, शिक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2023 में छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरा नियम जारी किया। इस नियम के अनुसार, यदि कोई छात्र अपने संबंधित बोर्ड और शैक्षणिक वर्ष में पास होने वाले कुल छात्रों के शीर्ष 20% (Top 20 Percentile) में आता है, तो वह न्यूनतम प्रतिशत आवश्यकता (चाहे 75% या 65%) को पूरा न भी कर पाए, तब भी IIT प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने के योग्य माना जाएगा।
-
यह नियम सभी श्रेणियों (General, OBC, SC, ST, EWS, PwD) के छात्रों पर समान रूप से लागू होता है।
-
उदाहरण: मान लीजिए कोई सामान्य श्रेणी का छात्र राजस्थान बोर्ड से है और उसे 12वीं में 72% अंक मिले हैं। पुराने नियमानुसार, वह 75% के मानदंड को पूरा नहीं कर पा रहा है। लेकिन नए नियम के तहत, यदि उस वर्ष राजस्थान बोर्ड में पास होने वाले छात्रों में 72% अंक शीर्ष 20% में आते हैं, तो वह छात्र IIT प्रवेश के लिए पात्र हो जाएगा।
-
टॉप 20% का मानदंड हर बोर्ड और हर साल अलग-अलग हो सकता है। इसकी सूचना संबंधित बोर्ड और NTA द्वारा जारी की जाती है।
IIT प्रवेश प्रक्रिया:
IIT में प्रवेश पाना केवल 12वीं में उच्च अंक प्राप्त करने से कहीं अधिक जटिल एक व्यवस्थित प्रक्रिया है। यह एक ऐसी प्रतिस्पर्धी यात्रा है जिसमें छात्रों को तीन स्पष्ट चरणों में सफलता प्राप्त करनी होती है। प्रत्येक चरण एक फिल्टर का काम करता है, और केवल वही छात्र अगले चरण में प्रवेश पाते हैं जो पूर्व निर्धारित मानदंडों पर खरे उतरते हैं। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि अंततः IIT में सीट पाने वाले छात्र न केवल अकादमिक रूप से बल्कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।
| चरण | परीक्षा/मानदंड | उद्देश्य | महत्वपूर्ण बिंदु |
|---|---|---|---|
| चरण 1 | 12वीं बोर्ड पात्रता | JEE (मेन) में बैठने की योग्यता साबित करना | – न्यूनतम % (75% या 65%) या टॉप-20% नियम – PCM विषय समूह अनिवार्य |
| चरण 2 | JEE (मेन) परीक्षा | शीर्ष 2.5 लाख छात्रों का चयन करना | – वर्ष में दो बार (जनवरी, अप्रैल) – शीर्ष 2.5 लाख JEE (एडवांस) के लिए क्वालिफाई करते हैं |
| चरण 3 | JEE (एडवांस) व काउंसलिंग | अंतिम रैंकिंग व IIT में सीट आवंटन | – केवल चयनित 2.5 लाख छात्र बैठ सकते हैं – JoSAA द्वारा रैंक व प्राथमिकता के आधार पर सीट आवंटन |
इन चरणों में 12वीं की पात्रता, JEE (मेन) में श्रेष्ठ प्रदर्शन और अंततः JEE (एडवांस) में सफलता शामिल है। आइए, इन चरणों को विस्तार से समझते हैं।
चरण 1: 12वीं की मूलभूत पात्रता
किसी भी IIT में प्रवेश पाने की यह सबसे पहली और अनिवार्य शर्त है। इसके बिना छात्रों को JEE Main फॉर्म भरने का अवसर भी नहीं मिलता।
-
न्यूनतम प्रतिशत या टॉप-20% नियम: छात्र को अपनी श्रेणी (सामान्य/OBC/EWS के लिए 75% या SC/ST/PwD के लिए 65%) के अनुसार अंक प्राप्त करने होंगे। विकल्प के रूप में, यदि वह अपने बोर्ड में उस वर्ष पास होने वाले शीर्ष 20% छात्रों में आता है, तो वह भी पात्र माना जाएगा।
-
अनिवार्य विषय समूह: छात्र को भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित (PCM) विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए।
-
यह एक क्वालीफाइंग मानदंड है: यहाँ प्राप्त अंकों का IIT में सीट आवंटन से कोई सीधा संबंध नहीं है। यह केवल परीक्षा में बैठने की योग्यता साबित करता है। अंतिम चयन पूरी तरह JEE परीक्षाओं में प्राप्त रैंक पर निर्भर करता है।
चरण 2: JEE Main
पहली पात्रता पूरी करने के बाद छात्र JEE Main में बैठ सकते हैं, जो एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है।
-
द्वि-सत्रीय परीक्षा (Two Session): यह परीक्षा वर्ष में दो बार (जनवरी और अप्रैल) आयोजित की जाती है, और छात्र बेहतर प्रदर्शन वाले अंक का उपयोग कर सकते हैं।
-
शीर्ष 2.5 लाख में स्थान बनाना: JEE Main के लाखों उम्मीदवारों में से, केवल सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल शीर्ष 2,50,000 (ढाई लाख) छात्रों को ही अगले चरण, यानी JEE Advanced में बैठने की अनुमति मिलती है। यह कट-ऑफ JEE Main के अंकों के आधार पर तय होती है।
चरण 3: JEE (एडवांस) और अंतिम सीट आवंटन
यह IIT प्रवेश प्रक्रिया का अंतिम और सबसे चुनौतीपूर्ण दौर है।
-
JEE Advanced: यह परीक्षा विशेष रूप से IITs में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। इसमें केवल वे 2.5 लाख छात्र ही भाग ले सकते हैं जो JEE Main में चयनित हुए हैं।
-
कट-ऑफ पार करना: JEE Advanced में एक न्यूनतम कट-ऑफ अंक (पात्रता सीमा) निर्धारित होती है, जो हर वर्ष भिन्न हो सकती है। इस कट-ऑफ को पार करना अनिवार्य है।
-
रैंक सूची और काउंसलिंग: कट-ऑफ पार करने वाले छात्रों की एक सामान्य रैंक सूची (CRL) और श्रेणीवार रैंक सूची तैयार की जाती है।
-
JoSAA काउंसलिंग: जॉइंट सीट अलॉटमेंट अथॉरिटी (JoSAA) इस रैंक, छात्र द्वारा दी गई कॉलेज व ब्रांच की प्राथमिकताओं, और उपलब्ध सीटों के आधार पर एक केंद्रीकृत ऑनलाइन काउंसलिंग आयोजित करती है। अंततः इसी प्रक्रिया के माध्यम से IITs व अन्य भाग लेने वाले संस्थानों में सीटों का आवंटन किया जाता है।
न्यूनतम प्रतिशत के साथ बेस्ट कोचिंग का महत्व
12वीं में न्यूनतम प्रतिशत प्राप्त करना केवल एक टिकट है, गंतव्य तक पहुँचना नहीं। JEE (मेन और एडवांस) की अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता के लिए व्यवस्थित, रणनीतिक और गहन तैयारी अनिवार्य है। एक अच्छा कोचिंग संस्थान आपको दिशा, अनुशासन, अद्यतन अध्ययन सामग्री और नियमित मूल्यांकन प्रदान करता है।
भारत के कुछ प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान, जो IIT प्रवेश की तैयारी में अग्रणी माने जाते हैं:
-
मैट्रिक्स जेईई एकेडमी, सीकर: पिछले कुछ वर्षों से लगातार शानदार परिणाम दे रहा है। छोटे बैच साइज और व्यक्तिगत ध्यान के लिए जाना जाता है।
-
एलन कैरियर इंस्टीट्यूट, कोटा: कोचिंग जगत का एक बड़ा नाम, जिसने लाखों छात्रों के IIT सपनों को साकार किया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेस्ट सीरीज के लिए प्रसिद्ध।
-
आकाश इंस्टीट्यूट, देशव्यापी: एक राष्ट्रव्यापी चेन है जो तकनीक-संचालित शिक्षा और विशेषज्ञ संकाय प्रदान करती है।
-
पी.एस. एजुकेशन, सीकर: सीकर में एक प्रमुख संस्थान है जो समग्र विकास और कड़ी मेहनत पर जोर देता है।
-
सीएलसी इंस्टीट्यूट सीकर: अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है।
एक तरह से यह कुछ ऐसे इंस्टीट्यूट या JEE के कोचिंग सेंटर हैं जहाँ पढ़कर आप अपनी तैयारी को और मजबूत कर सकते हैं। वह इसलिए क्योंकि टॉप और अच्छे कोचिंग सेंटर से आपको सही गाइडेंस मिलती है, एग्जाम को कैसे क्रैक किया जाता है, इसके सीक्रेट पता चलते हैं और समय पर आपके सभी डाउट सोल्व होते हैं।
मैट्रिक्स और एलन जैसे इंस्टीट्यूट इसमें बहुत अच्छा काम कर रहे हैं तो वहीं आकाश ने तो देशभर में अपनी ब्रांच खोल रखी है। मैट्रिक्स अकैडमी पिछले कुछ वर्षों से टॉप पर बनी हुई है क्योंकि वहाँ टोटल स्टूडेंट्स में से IIT में सेलेक्ट होने वाले स्टूडेंट्स का नंबर अन्य इंस्टीट्यूट की तुलना में बहुत बेहतर है।
IIT प्रवेश के लिए कौन-से शैक्षिक बोर्ड मान्य हैं?
IIT प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले अधिकांश छात्रों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या उनका शैक्षिक बोर्ड IITs द्वारा मान्य है या नहीं। इसके लिए संक्षेप में कहें तो, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त कोई भी शैक्षिक बोर्ड जिससे छात्र ने भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित (PCM) विषयों के साथ 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है, IIT प्रवेश प्रक्रिया के लिए पात्र है। इसका सीधा अर्थ है कि देश के कोने-कोने से, चाहे वह किसी भी बोर्ड से पढ़ा हो, एक मेधावी छात्र IIT में प्रवेश का सपना देख सकता है, बशर्ते वह अन्य सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करता हो।
| बोर्ड का प्रकार | उदाहरण | क्या IIT प्रवेश के लिए मान्य है? | विशेष नोट |
|---|---|---|---|
| केंद्रीय बोर्ड | CBSE, CISCE (ICSE/ISC) | हाँ | सबसे आम और पूर्ण रूप से मान्य बोर्ड। |
| राज्य बोर्ड | सभी राज्यों के राज्य बोर्ड | हाँ | भारत के हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश का बोर्ड मान्य है। |
| मुक्त शिक्षा बोर्ड | NIOS | हाँ | PCM विषयों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। |
| अंतरराष्ट्रीय बोर्ड | Cambridge, IB | हाँ | अंकों के समकक्ष प्रतिशत की गणना की जाती है। |
मुख्य रूप से मान्य बोर्डों को तीन व्यापक श्रेणियों में बाँटा जा सकता है: केंद्रीय बोर्ड, राज्य बोर्ड और अंतरराष्ट्रीय बोर्ड। प्रत्येक श्रेणी के अंतर्गत आने वाले बोर्डों के लिए मूल पात्रता शर्त (न्यूनतम प्रतिशत या टॉप-20% नियम) समान रूप से लागू होती है। नीचे इन सभी श्रेणियों के बारे में विस्तार से बताया गया है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)
यह भारत में सबसे व्यापक रूप से पढ़ाए जाने वाले बोर्डों में से एक है और IIT प्रवेश के लिए पूरी तरह मान्य है। CBSE बोर्ड से PCM समूह के साथ 12वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्रों की संख्या बहुत अधिक होती है, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर भी ऊँचा रहता है। इस बोर्ड का पाठ्यक्रम JEE के सिलेबस के साथ अच्छा तालमेल रखता है।
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE)
CISCE बोर्ड, जिसे आमतौर पर ICSE (कक्षा 10) और ISC (कक्षा 12) के नाम से जाना जाता है, भी IIT प्रवेश के लिए पूर्णतः मान्य है। इस बोर्ड की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम पर केंद्रित और अवधारणात्मक रूप से मजबूत मानी जाती है, जो उच्च शिक्षा के लिए एक अच्छा आधार तैयार करती है।
विभिन्न राज्यों के राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
भारत के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के अपने-अपने राज्य बोर्ड IIT प्रवेश के लिए मान्य हैं। उदाहरण के लिए:
-
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
-
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
-
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद
-
पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद
-
तमिलनाडु राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
-
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
अन्य मान्य बोर्ड एवं संस्थान
-
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS): यह एक मुक्त शिक्षा बोर्ड है, जिससे पढ़ाई करके भी छात्र IIT प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते PCM विषय लिए हों।
-
कुछ विशिष्ट विद्यालय संस्थाएँ: जैसे कि अखिल भारतीय परिषद् द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालय, जिनके अपने बोर्ड होते हैं।
-
अंतरराष्ट्रीय बोर्ड: कैम्ब्रिज अंतरराष्ट्रीय शिक्षा (CIE) या इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) जैसे अंतरराष्ट्रीय बोर्डों से PCM के साथ 12वीं समकक्ष उत्तीर्ण छात्र भी पात्र हैं। इनके लिए अंकों का समकक्ष प्रतिशत निर्धारित किया जाता है।
महत्वपूर्ण नोट: किसी भी बोर्ड से होने वाले छात्र के लिए भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित (PCM) विषयों का समूह अनिवार्य है। साथ ही, छात्र को अपनी श्रेणी के अनुसार बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम प्रतिशत अंक (75% या 65%) प्राप्त करने होंगे या फिर उस वर्ष अपने बोर्ड के पास होने वाले शीर्ष 20% छात्रों में स्थान बनाना होगा। बोर्ड चाहे कोई भी हो, यह पात्रता मानदंड सभी पर समान रूप से लागू होता है।
निष्कर्ष:
IIT में प्रवेश की यात्रा एक स्पष्ट योजना, कड़ी मेहनत और सही जानकारी पर निर्भर करती है। जैसा कि हमने इस लेख में देखा, 12वीं में न्यूनतम प्रतिशत अंक प्राप्त करना इस यात्रा की अनिवार्य पहली सीढ़ी है। चाहे आप सामान्य श्रेणी के हों और 75% अंक लाने का लक्ष्य रखते हों, या फिर आरक्षित श्रेणी में आते हों और 65% के मानदंड को पूरा करना हो – यह आवश्यकता अटल है। हालाँकि, शिक्षा मंत्रालय द्वारा लाया गया ‘टॉप 20% छात्र’ का नया नियम एक सराहनीय राहत है, जो उन मेधावी छात्रों के लिए एक वैकल्पिक रास्ता खोलता है जो कठिन मूल्यांकन वाले बोर्डों से हैं।
यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि यह न्यूनतम मानदंड केवल JEE Main में बैठने की अनुमति देता है। वास्तविक सफलता JEE Main में शीर्ष 2.5 लाख और फिर JEE Advanced में उत्कृष्ट रैंक हासिल करने में निहित है। इसके लिए एक रणनीतिक तैयारी, संयम और अक्सर एक अच्छे मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। सौभाग्य से, देश के सभी मान्यता प्राप्त बोर्ड (CBSE, ICSE, राज्य बोर्ड, NIOS आदि) के छात्र इस प्रतिस्पर्धा में समान अवसर के साथ भाग ले सकते हैं।
अंततः, IIT का सपना देखना और पूरा करना संभव है, बशर्ते आप शुरुआत से ही सजग रहें, अपनी 12वीं की पढ़ाई को गंभीरता से लें, और JEE की तैयारी के लिए एक अनुशासित दिनचर्या का पालन करें। सही दिशा में किया गया प्रयास ही सफलता की कुंजी है।
इन्हें भी पढ़ें:
- JEE 2025 एग्जाम पैटर्न व सिलेबस
- JEE की तैयारी कैसे करें?
- सीकर के बेस्ट JEE कोचिंग सेंटर
- सीकर के बेस्ट आईआईटी कोचिंग सेंटर
- मैट्रिक्स जेईई अकैडमी के बारे में जानकारी


