Home / Coaching / NEET / भारत में कितने सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं?
भारत में कितने सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, NEET UG 2025 के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज

भारत में कितने सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं?

NEET UG की तैयारी करने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के जेहन में यह सवाल सबसे पहले आता है कि भारत में कितने सरकारी मेडिकल कॉलेज कार्यरत है? इस प्रश्न का सटीक उत्तर देने के लिए हमारी टीम ने उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों का अध्ययन किया है और उसी आधार पर यह जानकारी प्रस्तुत की जा रही है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के नवीनतम स्नातक सीट मैट्रिक्स (13 अक्टूबर 2025) के अनुसार, भारत में कुल 850 से अधिक MBBS मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 482 सरकारी कॉलेज शामिल हैं। ये सरकारी कॉलेज करीब 55,688 सीटें प्रदान करते हैं, जो MBBS की कुल 1,24,825 सीटों का 45 प्रतिशत भाग है। NEET UG की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए यह जानकारी अमूल्य है, क्योंकि सरकारी कॉलेजों में फीस न्यूनतम (वार्षिक 10,000 से 50,000 रुपये) होती है, जबकि शिक्षा की गुणवत्ता विश्वस्तरीय एवं  सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता मिलती है।

NMC ने हाल ही में 13 अक्टुंबर 2025 को भारत के सभी मेडिकल कॉलेजों का दस्तावेज विस्तृत रूप से प्रकाशित किया है। यह 49 पृष्ठों का आधिकारिक दस्तावेज़ छात्रों एवं अभिभावकों को राज्यवार वर्णानुक्रम में कॉलेजों का पूर्ण विवरण देता है, जिसमें प्रबंधन प्रकार (सरकारी/निजी), जिला, स्थापना वर्ष एवं 2024-25 से 2025-26 की सीटें स्पष्ट रूप से उल्लिखित हैं। छात्र www.nmc.org.in से ‘MBBS Seat Matrix as on 13-10-2025’ PDF डाउनलोड कर Ctrl+F से अपने पसंदीदा शहर या राज्य के कॉलेज खोज सकते हैं एवं काउंसलिंग में यथार्थवादी कॉलेज का चुनाव कर सकते हैं। यह सूची फर्जी संस्थानों से बचाव करती है एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।

भारत के मेडिकल कॉलेजों का संक्षिप्त परिचय

भारत में मेडिकल शिक्षा की नींव ब्रिटिश काल में कलकत्ता एवं मद्रास मेडिकल कॉलेज से पड़ी, लेकिन 1947 के बाद स्वतंत्र भारत ने इसे विस्तार दिया। प्रथम भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI, 1934) से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC, 2020) तक, नियामक निकाय ने चिकित्सा मानकों को और अधिक सुदृढ़ किया है। भारत में सरकारी कॉलेज (AIIMS, JIPMER) केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा संचालित किये जाते हैं। ये कॉलेज छात्रों को 5.5 वर्षीय MBBS पाठ्यक्रम (4.5 वर्ष सिद्धांत+प्रैक्टिकल + 1 वर्ष इंटर्नशिप) संचालित करते हैं। इन सरकारी कॉलेजों में छात्रों को प्रवेश NEET UG (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) में प्राप्त रैंक के आधार पर दिया जाता है। छात्रों को इन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न आधार पर आरक्षण भी प्राप्त है। जैसे: 15% All India Quota (AIQ, MCC द्वारा), 85% राज्य कोटा में आरक्षण (SC 15%, ST 7.5%, OBC 27%, EWS 10%)। 

सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश 40+ सबसे अधिक तो सिक्किम 1 ही कॉलेज के साथ सबसे नीचे है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या का यह अनुपात क्षेत्रीय असंतुलन (उत्तर भारत अधिक, पूर्वोत्तर कम) दर्शाता है। वर्ष 2025 में NMC ने 41 नई मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी दी है, जिनमें बिहार का महाबोधि मेडिकल कॉलेज (100 सीटें), हरियाणा का भिवानी GMC एवं जम्मू का राजौरी GMC (180 सीटें) प्रमुख रूप है। मेडिकल कॉलेजों का यह विस्तार WHO के चिकित्सा मानकों डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात (1:1000) को भारत में सुधारने का प्रयास है। सरकारी कॉलेजों में फीस कम होने से मध्यम वर्ग के छात्र लाभान्वित होते हैं, एवं स्नातक PG (NEET PG) हेतु मजबूत आधार बनाते हैं।

भारत के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान AIIMS की सूचि:

मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों की सबसे बड़ी आकांशा होती है कि उन्हें भारत के शीर्ष मेडिकल संस्थान AIIMS में दाखिला मिले। यहाँ भारत के सभी 26 AIIMS संस्थानों की विस्तृत सूचि दी गई है जिसमे उनका स्थान, शहर, स्थापना वर्ष और वर्ष 2025 – 26 के सत्र की कुल MBBS सीटों की जानकारी दी गई है। ये AIIMS ग्रामीण स्वास्थ्य, विशेषज्ञता एवं अनुसंधान पर जोर देते हैं, जहां इंटर्नशिप के दौरान 1 वर्षीय अनुभव मेडिकल छात्रों को सक्षम बनाता है।

क्रमांक AIIMS का नाम शहर/राज्य स्थापना वर्ष सीटें (2025-26) विशेषताएं
1 AIIMS नई दिल्ली नई दिल्ली 1956 132 NIRF Rank – 1, 7,200 बेड अस्पताल
2 AIIMS भोपाल भोपाल, मध्य प्रदेश 2012 125 कैंसर अनुसंधान केंद्र
3 AIIMS जोधपुर जोधपुर, राजस्थान 2012 125 ट्रॉमा सेंटर
4 AIIMS भुवनेश्वर भुवनेश्वर, ओडिशा 2012 125 पूर्वी भारत का हब
5 AIIMS रायपुर रायपुर, छत्तीसगढ़ 2012 125 ग्रामीण स्वास्थ्य फोकस
6 AIIMS रिशिकेश रिशिकेश, उत्तराखंड 2012 125 आयुर्वेद एकीकरण
7 AIIMS पटना पटना, बिहार 2012 125 कार्डियक सेंटर
8 AIIMS जम्मू जम्मू, जम्मू-कश्मीर 2019 125 बॉर्डर क्षेत्र सेवा
9 AIIMS नागपुर नागपुर, महाराष्ट्र 2020 125 न्यूरोसाइंस
10 AIIMS मंगलागिरी विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश 2018 125 दक्षिण भारत में विस्तार
11 AIIMS बिलासपुर बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश 2020 100 पहाड़ी क्षेत्र फोकस
12 AIIMS गुवाहाटी गुवाहाटी, असम 2020 125 पूर्वोत्तर का हब
13 AIIMS राजकोट राजकोट, गुजरात 2020 50 बाल रोग विशेष
14 AIIMS कल्याणी कल्याणी, पश्चिम बंगाल 2019 125 कैंसर अस्पताल
15 AIIMS मणिपुर इम्फाल, मणिपुर 2019 125 ट्राइबल स्वास्थ्य
16 AIIMS देवघर देवघर, झारखंड 2019 125 रेडिएशन ऑन्कोलॉजी
17 AIIMS मदुरै मदुरै, तमिलनाडु 2021 50 ट्रॉपिकल मेडिसिन
18 AIIMS बेंगलुरु बेंगलुरु, कर्नाटक 2022 50 बायोटेक रिसर्च पर विशेष केन्द्रित 
19 AIIMS अवंतीपोरा अवंतीपोरा, जम्मू-कश्मीर 2023 50 कश्मीर घाटी सेवा
20 AIIMS रेवाड़ी रेवाड़ी, हरियाणा 2023 100 दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रभावशाली
21 AIIMS विजयपुर विजयपुर, जम्मू-कश्मीर 2023 100 उत्तरी सीमा सुरक्षा
22 AIIMS दरभंगा दरभंगा, बिहार 2024 100 कोसी क्षेत्र विकास
23 AIIMS राजमहेंड्रवर्म राजमहेंड्रवर्म, आंध्र प्रदेश 2024 100 तटीय स्वास्थ्य
24 AIIMS मिरीक मिरीक, सिक्किम 2024 50 हिमालयी चिकित्सा
25 AIIMS वेरांगल वेरांगल, तेलंगाना 2025 100 टेक-हब एकीकरण
26 AIIMS बरेली बरेली, उत्तर प्रदेश 2025 100 पश्चिमी यूपी क्षेत्र पर विशेष ध्यान 

AIIMS सरकारी मेडिकल कॉलेज छात्रों के लिए क्यों महत्व रखते है?

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) चिकित्सा शिक्षा में भारत के शीर्ष संस्थान हैं। इनकी स्थापना वर्ष 1956 से शुरू हुई थी। ये केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्वायत्त संस्थान हैं। वर्तमान में भारत में 26 AIIMS कार्यरत हैं। ये MBBS से लेकर सुपरस्पेशलाइजेशन (उच्च विशेषज्ञ) तक शिक्षा प्रदान करते हैं। आधुनिक प्रयोगशालाएँ एवं विशाल अस्पताल छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हैं। NIRF रैंकिंग में AIIMS दिल्ली प्रथम स्थान प्राप्त करता है। इन संस्थानों को NEET UG टॉपर्स अपना लक्ष्य बनाते हैं। ये संस्थान अनुसंधान एवं स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी हैं।

  • विश्वस्तरीय शिक्षा: AIIMS में उच्च गुणवत्ता फैकल्टी द्वारा मेडिकल छात्रों को पढ़ाया जाता है। यहाँ छात्र बहु-विषयक ज्ञान प्राप्त करते हैं।
  • उन्नत सुविधाएँ: 2,000+ बेड वाले अस्पताल छात्रों को ट्रॉमा एवं विशेषज्ञता पूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हैं। यहाँ के अनुसंधान केंद्र नवीन चिकित्सा खोजों को भी प्रोत्साहित करते हैं।
  • उच्च प्रतिष्ठा: NIRF शीर्ष रैंकिंग हासिल करने के चलते यहाँ से छात्रों की UG होने पर उन्हें सरकारी नौकरियों एवं PG प्रवेश में प्राथमिकता मिलती हैं। इन संस्थानों को वैश्विक मान्यता प्राप्त होती है।
  • कम फीस: यहाँ वार्षिक फीस 5,000-10,000 रुपये तक होती है। अर्थार्त यहाँ कम वार्षिक शुल्क में उच्च गुणवत्ता वाली मेडिकल शिक्षा प्राप्त की जा सकती है। सरकारी आरक्षण नीति से विभिन्न वर्गों के छात्र लाभान्वित होते हैं।
  • राष्ट्रीय सेवा: ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में AIIMS के छात्र स्वास्थ्य असमानता को कम करने के लिए प्रयासरत होते हैं। तथा छात्र राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान देते हैं।

राज्यवार सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सूचि:

NMC के अनुसार भारत में सरकारी मेडिकल कॉलेज समान रूप से वितरित नहीं है, लेकिन भारत सरकार इस दिशा में लगातार प्रयासरत है। नीचे NEET UG की तैयारी कर रहे छात्रों की जानकारी के लिए 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या, प्रमुख कॉलेजों के नाम और राज्यों की अनुमानित सीटों के साथ तालिका दी गई है।

 

राज्य/केंद्र सरकारी कॉलेज संख्या प्रमुख कॉलेज उदाहरण कुल सीटें (लगभग) टिप्पणी
उत्तर प्रदेश 40+ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ; एसएन मेडिकल आगरा 5,700 अधिकतम संख्या, उच्च प्रतिस्पर्धा
तमिलनाडु 38 मद्रास मेडिकल चेन्नई; स्टैनली मेडिकल 5,500 उन्नत सुविधाएं
महाराष्ट्र 31 सेठ जीएस मुंबई; BJ अहमदाबाद 4,500 शहरी हब
राजस्थान 26 SMS जयपुर; RNT उदयपुर 3,500 रेगिस्तानी स्वास्थ्य
पश्चिम बंगाल 25 कलकत्ता नेशनल; RG कर कोलकाता 3,200 घनी आबादी
कर्नाटक 21 बैंगलोर मेडिकल; मैसूर मेडिकल 3,000 रिसर्च फोकस
गुजरात 18 BJ अहमदाबाद; सिविल सूरत 2,500 औद्योगिक स्वास्थ्य
मध्य प्रदेश 13 गांधी भोपाल; AIIMS भोपाल 1,800 आदिवासी क्षेत्र
आंध्र प्रदेश 13 रंगाराया काकीनाड़ा; GMC विजयवाड़ा 1,700 तटीय सेवा
केरल 12 GMC तिरुवनंतपुरम; कोझिकोड GMC 1,600 उच्च साक्षरता
बिहार 10 पाटलिपुत्र; महाबोधि (नया) 1,400 विस्तार जारी
ओडिशा 8 AIIMS भुवनेश्वर; स्कॉटिश चर्च 1,200 ट्राइबल फोकस
छत्तीसगढ़ 7 पंडित जगदीशचंद्र रायपुर 1,000 नक्सल क्षेत्र
हरियाणा 6 भिवानी GMC (नया); PGIMS रोहतक 900 एनसीआर निकट
असम 5 गुवाहाटी मेडिकल; सिलचर 700 पूर्वोत्तर हब
जम्मू-कश्मीर 5 GMC श्रीनगर; GMC जम्मू 800 विशेष स्थिति
झारखंड 4 AIIMS देवघर; रांची मेडिकल 600 खनन स्वास्थ्य
पंजाब 4 GMC अमृतसर; पटियाला GMC 600 कृषि क्षेत्र
हिमाचल प्रदेश 3 AIIMS बिलासपुर; IGMC शिमला 500 पहाड़ी सेवा
उत्तराखंड 2 HNB श्रीनगर गढ़वाल; AIIMS रिशिकेश 300 पर्यटन स्वास्थ्य
दिल्ली 5 मौलाना आजाद; AIIMS दिल्ली 1,000 राजधानी
पुदुच्चेरी 2 JIPMER; GMC 400 केंद्रशासित
मणिपुर 2 AIIMS इम्फाल; RIMS 300 ट्राइबल
त्रिपुरा 1 Agartala GMC 150 पूर्वोत्तर
मेघालय 1 NEIGRIHMS शिलांग 150 हिल स्टेट
नागालैंड 1 Kohima GMC 100 बॉर्डर सेवा
मिजोरम 1 Zemabawk GMC 100 न्यूनतम
सिक्किम 1 AIIMS मिरीक 150 हिमालय
अन्य (अंडमान, चंडीगढ़ आदि) 10+ ANIIMS पोर्ट ब्लेयर; GMCH चंडीगढ़ 2,000 द्वीप/UT

राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेज छात्रों के लिया क्या महत्व रखते हैं?

राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा शिक्षा के आधार स्तंभ हैं। ये राज्य सरकारों द्वारा संचालित होते हैं। इनकी स्थापना स्वतंत्र भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के लिए की गई है। वर्तमान में इन संस्थानों में छात्रों को प्रवेश NEET UG परीक्षा के माध्यम से दिया जाता है। कम फीस एवं उच्च गुणवत्ता इन संस्थानों की विशेषता है। यहाँ से MBBS करने वाले छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप के अवसर मिलते हैं। इन सरकारी कॉलेजों में राज्य कोटा (85 प्रतिशत सीटें) गृह निवासियों को प्राथमिकता देता है। इसके साथ इन कॉलेजों की निम्न विशेषताएं है:

  • निम्न फीस संरचना: इन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वार्षिक फीस 10,000-50,000 रुपये निश्चित की गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र लाभान्वित होते हैं।
  • राज्य कोटा लाभ: इन सरकारी संस्थानों में 85 प्रतिशत सीटें गृह राज्य निवासी छात्रों के लिए आरक्षित रखी गई है। इन संस्थानों की प्रवेश कटऑफ राष्ट्रीय कोटा से कम रहती है।
  • व्यावहारिक प्रशिक्षण: इन कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में छात्रों को रोगी की देखभाल और इलाज करने का अनुभव मिलता है,जो उनकी विशेषज्ञता को बढाती है। इंटर्नशिप से छात्रों में चिकित्सकीय कौशल विकसित होते हैं।
  • आरक्षण नीति: SC/ST/OBC/EWS के आरक्षण कोटे से विविधता सुनिश्चित की जाती है।
  • करियर प्रगति: राज्यों के इन सरकारी मेडिकल संस्थानों से स्नातक करने वाले छात्रों को सरकारी नौकरियों एवं PG में प्राथमिकता मिलती हैं।

भारत में सबसे अधिक सीटों वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज:

भारत के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वे संस्थान सर्वोच्च स्थान रखते हैं, जहां वार्षिक एमबीबीएस सीटों की संख्या 250 तक पहुंच जाती है। ये कॉलेज प्राचीन काल से चले आ रहे ऐतिहासिक केंद्र हैं। इनकी स्थापना ब्रिटिश युग में हुई थी। इन्होंने स्वतंत्र भारत में चिकित्सा शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इन मेडिकल कॉलेजों में बहु-विशेषज्ञता सेवाएं प्रदान की जाती हैं। छात्रों को अनुसंधान के अवसर प्राप्त होते हैं। NEET UG परीक्षा में 650 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले टॉप 5,000 रैंकर्स के लिए ये आदर्श गंतव्य सिद्ध होते हैं। इनकी प्रवेश कटऑफ उच्च होती है। इन कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए राज्य कोटा एवं ऑल इंडिया कोटा दोनों में प्रतिस्पर्धा तीव्र रहती है। नीचे 250 सीटों वाले शीर्ष सरकारी मेडिकल कॉलेजों की विस्तृत सूची प्रस्तुत की गई है। यह सूची सीट संख्या के अवरोही क्रम में व्यवस्थित है। साथ ही इसमें प्रत्येक कॉलेज का नाम, राज्य एवं शहर, स्थापना वर्ष, सीट संख्या एवं अनुमानित कटऑफ AIR रैंक सहित दिया गया है।

 

क्रमांक कॉलेज का नाम राज्य/शहर स्थापना वर्ष सीटें (2025-26) कटऑफ (अनुमानित AIR)
1 मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज दिल्ली 1926 250 100-500
2 मद्रास मेडिकल कॉलेज चेन्नई 1835 250 200-800
3 बीजे मेडिकल कॉलेज अहमदाबाद 1871 250 300-1,000
4 सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज एवं केईएम मुंबई 1926 250 400-1,200
5 सरकारी मेडिकल कॉलेज, तिरुवनंतपुरम तिरुवनंतपुरम 1951 250 500-1,500
6 बैंगलोर मेडिकल कॉलेज एवं अनुसंधान संस्थान बैंगलोर 1955 250 600-1,800
7 उस्मानिया मेडिकल कॉलेज हैदराबाद 1919 250 700-2,000
8 कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज कोलकाता 1921 250 800-2,200
9 सरकारी मेडिकल कॉलेज, नागपुर नागपुर 1947 250 900-2,500
10 गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल 1955 250 1,000-2,800
11 किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ 1905 250 1,200-3,000
12 सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज जयपुर 1930 250 1,400-3,200
13 वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल दिल्ली 1950s 250 1,500-3,500
14 लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज दिल्ली 1916 240 1,600-3,600
15 नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय मंगलोर 1960 250 1,700-4,000
16 सरकारी त्रिची मेडिकल कॉलेज तिरुचिरापल्ली 1960 250 1,800-4,200
17 सरकारी कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज कोयंबटूर 1960 250 2,000-4,500
18 एमआर मेडिकल कॉलेज गुलबर्गा 1961 200 2,200-5,000
19 सरकारी मेडिकल कॉलेज, बरेली बरेली 1950s 250 2,500-5,500
20 सरकारी मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर श्रीनगर 1959 180 2,800-6,000

 

केंद्र सरकार के अधीन संचालित मेडिकल कॉलेज

केंद्र सरकार के अधीन संचालित सरकारी मेडिकल कॉलेज भारत के चिकित्सा शिक्षा के शीर्ष संस्थान हैं। इनकी स्थापना संसदीय अधिनियमों द्वारा की गई है। प्रमुख उदाहरण देखें तो इस श्रेणी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) एवं जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (JIPMER) हैं। ये भारत के मेडिकल शिक्षा के स्वायत्त संसथान हैं। इन संस्थानों में छात्रों का प्रवेश NEET UG परीक्षा के माध्यम से किया जाता है। ये संस्थान पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तृत करने में योगदान दे रहें हैं। इन संस्थानों से मेडिकल शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों को उच्च प्रतिष्ठा एवं वैश्विक अवसर प्राप्त होते हैं। इसके अलावा इन संस्थानों की निम्न विशेषताएं है:

  • स्वायत्त संचालन: ये संस्थान केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित होते है, अर्थार्त इनके संचालन के लिए आर्थिक सहयोग केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता है। इन संस्थानों की फैकल्टी का चयन राष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है, जिससे उन्हें शैक्षणिक स्वतंत्रता रहती है।
  • उन्नत अनुसंधान: इन मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक लैब एवं क्लिनिकल ट्रायल केंद्र उपलब्ध होते है, जिससे छात्रों को वैज्ञानिक परियोजनाओं में भाग लेने का अवसर मिलता है।
  • राष्ट्रीय कोटे में प्राथमिकता: इन संस्थानों में 15 प्रतिशत AIQ सीटें समस्त भारत हेतु निश्चित होती है, जिससे NEET UG परीक्षा के टॉप रैंकर्स को लाभ मिलता है।
  • विशेषज्ञ प्रशिक्षण: यहाँ से MBBS करने वाले छात्रों को मल्टीस्पेशलिटी अस्पतालों में इंटर्नशिप की सुविधाएँ मिलती है।

मेडिकल कॉलेजों में All India Quota और State Quota क्या है?

मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया NEET UG परीक्षा आधारित होती है। सरकारी कॉलेजों की सीटें दो कोटों में विभाजित रहती हैं। जिसमें ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की 15 प्रतिशत सीटें समस्त भारत के योग्य अभ्यर्थियों हेतु आरक्षित होती है। राज्य कोटा में 85 प्रतिशत सीटें गृह राज्य निवासी छात्रों के लिए आरक्षित होती है। भारत की मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) AIQ काउंसलिंग संचालित करती है, जबकि राज्य प्राधिकरण राज्य कोटा हेतु कार्यवाही करते हैं। सीटों की यह व्यवस्था भारत में क्षेत्रीय संतुलन एवं राष्ट्रीय एकीकरण सुनिश्चित करती है।

शीर्ष सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

मेडिकल की तैयारी करने वाले प्रत्येक छात्र का सपना होता है कि उसे NEET UG परीक्षा में शीर्ष रैंक हासिल हो और वह देश के सर्वोच्च सरकारी मेडिकल कॉलेज से MBBS की शिक्षा प्राप्त करे। सीकर के सैकड़ों छात्र SMS मेडिकल कॉलेज जयपुर, AIIMS दिल्ली, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और मद्रास मेडिकल कॉलेज जैसे शीर्ष सरकारी कॉलेजों तक पहुँचे हैं। ये कॉलेज 650 से 700 या उससे अधिक अंकों तथा AIR 1 से 5000 तक की रैंक हासिल करने वाले छात्रों को प्रवेश देते है, क्योंकि इनमें प्रवेश पाने की प्रतिस्पर्धा छात्रों में सर्वाधिक होती है। NEET UG परीक्षा में सफलता केवल कड़ी मेहनत से नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए छात्रों को पढाई के लिए वैज्ञानिक रणनीति, मानसिक दृढ़ता और अपने द्वारा होने वाली गलतियों के विश्लेषण करने से प्राप्त होती है। छात्र NEET परीक्षा में शीर्ष रैंक हासिल करने के लिए अपनी तैयारी के दौरान NCERT को अच्छी तरह समझें। जीव विज्ञान में 340+, भौतिकी-रसायन विज्ञान में 160+ अंकों का लक्ष्य रखें।

इसके अलावा छात्र अपनी तैयारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण कोचिंग संस्थान का चयन करें। इन कोचिंग संस्थानों में प्रमुख रूप से Matrix Academy (उत्तम टेस्ट सीरीज वह भी न्यूनतम फीस में), Gurukripa (अनुभवी शिक्षक), Path (व्यक्तिगत मार्गदर्शन), CLC (शंका समाधान), Allen Sikar (राष्ट्रीय स्तर पर पहचान), Prince को चुनें। सीकर के इन संस्थानों से प्रतिवर्ष सैंकड़ों छात्रों को शीर्ष रैंक हासिल होती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण वर्ष 2025 में देखने को मिला, वर्ष 2025 में NTA ने NEET UG परीक्षा के इतिहास का सबसे कठिन पेपर बनाया लेकिन इसमें भी बाजी सीकर की NEET कोचिंग के होनहार छात्र महेश कुमार ने मारी, इन्होने NEET UG परीक्षा 2025 में AIR – 1 हासिल की जो सीकर की NEET कोचिंग्स की विश्वश्नीयता को दर्शाता है।

निष्कर्ष

भारत में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या, सीटें और प्रवेश प्रक्रिया को समझना NEET UG की तैयारी कर रहे छात्रों एवं उनके अभिभावकों के लिए अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के अनुसार देश में लगभग 482 सरकारी मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं, जो कम फीस, अनुभवी फैकल्टी, बड़े शिक्षण अस्पताल और बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करते हैं। AIIMS, JIPMER तथा राज्य सरकारों द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज MBBS के साथ-साथ आगे की पढ़ाई और सरकारी सेवाओं के लिए मजबूत आधार तैयार करते हैं।

NEET UG में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण छात्रों के लिए राज्यवार कॉलेजों की स्थिति, सीटों की संख्या, ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा की जानकारी होना बेहद जरूरी है। सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और स्पष्ट रणनीति से ही शीर्ष सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश संभव हो पाता है। इसी दिशा में सीकर जैसे शिक्षा हब में स्थित Matrix Academy, Gurukripa, Path, CLC, Allen Sikar और Prince जैसी कोचिंग संस्थाएँ छात्रों को मजबूत शैक्षणिक आधार, नियमित टेस्ट सीरीज और व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।

अंततः, सरकारी मेडिकल कॉलेज न केवल किफायती शिक्षा का माध्यम हैं, बल्कि देश के स्वास्थ्य तंत्र को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सही जानकारी, मेहनत और उचित मार्गदर्शन के साथ छात्र अपने डॉक्टर बनने के सपने को साकार कर सकते हैं।

 

FAQ’s

भारत में कुल कितने सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं?

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के 13 अक्टूबर 2025 के अनुसार, भारत में कुल 850+ MBBS कॉलेज हैं, जिनमें 482 सरकारी कॉलेज शामिल हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के लिए कम फीस में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध है। आधिकारिक जानकारी के लिए यह ब्लॉग देखें या nmc.org.in से PDF डाउनलोड करें।

राजस्थान में कुल कितने सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं?

राजस्थान में वर्तमान में कुल 26 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 3,500 से अधिक सीटें संचालित की जा रही है। राजस्थान में SMS मेडिकल कॉलेज जयपुर, RNT मेडिकल कॉलेज उदयपुर प्रमुख है।

2025 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटें कितनी हैं?

NMC के अनुसार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 55,688 MBBS सीटें हैं, जो कुल 1,24,825 का 45% हैं। जिनमें से छात्रों के लिए  AIIMS की  2,044 सीटें प्रमुख हैं।

सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए NEET UG की कटऑफ कितनी रहती है?

सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के लिए NEET UG की कटऑफ हर साल बदलती है, लेकिन सामान्यतः जनरल कैटेगरी के लिए 600-650+ अंक, ओबीसी के लिए 580-620+ अंक, और एससी/एसटी के लिए 450-500+ अंक तक रहती है। यह मेडिकल कॉलेज के राज्य और कॉलेज पर निर्भर करता है कि कटऑफ क्या रहेगी।

क्या भविष्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ेगी?

भारत सरकार और NMC द्वारा लगातार नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति दी जा रही है। वर्ष 2025 में भी देशभर में 41 नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी गई है। इसका उद्देश्य डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात में सुधार करना और ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है।

क्या भविष्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ेगी?

भारत सरकार और NMC द्वारा लगातार नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति दी जा रही है। वर्ष 2025 में भी देशभर में 41 नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी गई है। इसका उद्देश्य डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात में सुधार करना और ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है।