Home / Coaching / NEET एग्जाम क्या होता है? (What is NEET Exam?)
SIKAR COACHING AND SCHOOL का NEET 2023 का प्रचार लोगो, जिसमें हिंदी में "NEET एग्जाम क्या होता है?" और अंग्रेजी में "WHAT IS NEET EXAM?" लिखा है।

NEET एग्जाम क्या होता है? (What is NEET Exam?)

Table of Contents

भारत में मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) एक महत्वपूर्ण कदम है। चाहे आपका लक्ष्य AIIMS, JIMPR जैसे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान हों या टॉप प्राइवेट मेडिकल कॉलेज, NEET परीक्षा पास करना अनिवार्य है। इस व्यापक गाइड में हम NEET के हर पहलू पर गहराई से चर्चा करेंगे।

आज के इस लेख को पढ़ कर आपको नीट परीक्षा के बारे में सबकुछ पता चल जाएगा जैसे कि NEET kya hota hai, नीट एग्जाम किसलिये होता है, नीट एग्जाम कितनी बार दे सकते हैं नीट एग्जाम कैसे होता है (neet ka exam kaise hota hai), नीट एग्जाम कौन लेता है, उसका सिलेबस क्या है इत्यादि। इसे पढ़कर आपकी नीट के बारे में हरेक शंका का सरल समाधान हो जाएगा। तो आइये जाने NEET परीक्षा के बारे में।

नीट एग्जाम क्या होता है?

NEET यानी National Eligibility cum Entrance Test, भारत में अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज (MBBS, BDS, BAMS, BUMS, BHMS आदि) में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली एक राष्ट्रीय स्तर की एकल प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई थी, ताकि देश भर में मेडिकल प्रवेश के लिए एक समान और पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित की जा सके। इससे पहले, विभिन्न राज्यों और संस्थानों की अपनी अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं होती थीं, जिससे छात्रों को कई परीक्षाएं देनी पड़ती थीं।

NEET का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है, जो भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। इस परीक्षा को पास करना अब भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त मेडिकल या डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य योग्य और मेधावी छात्रों का चयन करके चिकित्सा शिक्षा के मानकों को उच्च बनाए रखना है।

नीट की फुल फॉर्म क्या है?

सबसे पहले तो हम नीट एग्जाम की फुल फॉर्म (NEET Full Form in Hindi) की बात कर लेते हैं क्योंकि बहुत से लोग इसे देना तो चाहते हैं लेकिन उन्हें इसकी फुल फॉर्म ही नहीं पता होती है। तो नीट अंग्रेजी भाषा का शब्द है जिसकी फुल फॉर्म (NEET ki full form) नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (National Eligibility cum Entrance Test) होती है। हालाँकि इसका पूरा नाम नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) / National Eligibility cum Entrance Test (Undergraduate / UG) होता है।

वहीं यदि हम नीट के हिंदी नाम की बात करें तो इसे हिंदी में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा कहा जाता है। वहीं यदि हमे अंडरग्रेजुएट शब्द भी जोड़ना है तो उसे हम यूँ का यूँ या फिर यूजी करके जोड़ सकते हैं। इसे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी जिसे अंग्रेजी में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency / NTA) भी कहते हैं, के द्वारा भारतीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के साथ मिलकर आयोजित करवाया जाता है।

NEET परीक्षा का इतिहास और पृष्ठभूमि

NEET परीक्षा का इतिहास काफी रोचक और विकासवादी रहा है। वर्ष 2013 से पहले, मेडिकल प्रवेश के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान प्रवेश परीक्षा (AIPMT) और कई राज्य-स्तरीय व संस्थागत परीक्षाएं होती थीं। इस अराजकता और छात्रों के बोझ को कम करने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) ने NEET की अवधारणा पेश की।

पहली NEET परीक्षा वर्ष 2013 में आयोजित की गई, लेकिन कुछ विवादों और चुनौतियों के कारण सर्वोच्च न्यायालय ने इसे रोक दिया। इसके बाद वर्ष 2014 और 2015 में यह परीक्षा नहीं हुई। हालांकि, वर्ष 2016 में सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के बाद NEET को फिर से लागू किया गया और तब से यह लगातार हर वर्ष आयोजित हो रही है। वर्तमान में, NEET ही मेडिकल शिक्षा में प्रवेश का एकमात्र राष्ट्रीय माध्यम है, जिसने AIPMT और अन्य सभी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं को प्रतिस्थापित कर दिया है।

NEET परीक्षा किसके लिए आवश्यक है?

NEET परीक्षा मुख्य रूप से उन सभी भारतीय छात्रों के लिए आवश्यक है, जो देश में किसी भी मान्यता प्राप्त मेडिकल संस्थान से अंडरग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। इस परीक्षा का प्राथमिक उद्देश्य डॉक्टर बनने के इच्छुक छात्रों के चयन की एक निष्पक्ष और मानकीकृत प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

NEET द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रमुख कोर्स

NEET परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र निम्नलिखित अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में प्रवेश के लिए पात्र होते हैं:

  • MBBS (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी)

  • BDS (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी)

  • BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी)

  • BUMS (बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी)

  • BHMS (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी)

  • BSMS (बैचलर ऑफ सिद्धा मेडिसिन एंड सर्जरी)

  • BVSc & AH (बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंडरी)

इसका मतलब है कि चिकित्सा के एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी सहित विभिन्न पारंपरिक और वैकल्पिक शाखाओं में जाने का रास्ता NEET से ही शुरू होता है।

NEET परीक्षा का पैटर्न और संरचना

NEET परीक्षा एक ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाती है, जिसमें पेन और पेपर का उपयोग किया जाता है। परीक्षा की संरचना और पैटर्न को समझना सफलता की पहली कुंजी है। NTA समय-समय पर इसमें मामूली बदलाव कर सकता है, लेकिन मूल ढांचा लगभग समान रहता है।

यहाँ NEET परीक्षा पैटर्न 2026  (अनुमानित) की जानकारी को स्पष्ट और सुव्यवस्थित टेबल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह छात्रों और अभिभावकों के लिए आसानी से समझने योग्य है।

पैरामीटरविवरण
परीक्षा मोडऑफलाइन (पेन और पेपर आधारित)
परीक्षा की अवधि3 घंटे 20 मिनट (200 मिनट)
परीक्षा का समयदोपहर 2:00 बजे से शाम 5:20 बजे तक
प्रश्नों की कुल संख्या200 प्रश्न (180 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे)
प्रश्नों का प्रकारबहुविकल्पीय (MCQs)
अंकन योजनाप्रत्येक सही उत्तर: +4 अंक
प्रत्येक गलत उत्तर: -1 अंक (नकारात्मक अंकन)
प्रश्न छोड़ने पर: 0 अंक
कुल अधिकतम अंक720 अंक
माध्यम/भाषाएंअंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मराठी, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू, उर्दू

नीट एग्जाम कैसे होता है?

अब बात करते हैं नीट एग्जाम को देने के बारे में। तो बहुत से छात्र इस बात को लेकर शंका में रहते हैं कि नीट एग्जाम का पैटर्न कैसा होता है या फिर इसे किस तरह से दिया जाता है। ऐसे में यहाँ हम आपको पहले ही बता दें कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के द्वारा इसमें परिवर्तन किया जा सकता है लेकिन फिर भी अभी जो पैटर्न है, वह हम आपको बता देते हैं।

नीट एग्जाम देने का समय

अब बात करते हैं नीट एग्जाम देने के समय के बारे में अर्थात आपको नीट की परीक्षा देने के लिए कुल कितना समय मिलता (NEET exam time duration) है। तो इसके लिए आपको कुल 3 घंटे 20 मिनट अर्थात 200 मिनट का समय मिलता है। नीट की परीक्षा दोपहर में 2 बजे शुरू होती है और 5 बजकर 20 मिनट पर समाप्त होती है। हालाँकि आपको परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले एग्जाम सेंटर पर पहुँच जाना होता है ताकि बाकि फॉर्मेलिटी पूरी की जा सके।

NEET के विषयवार विभाजन और सेक्शन

NEET परीक्षा में चार मुख्य विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं: फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी (पादप विज्ञान) और जूलॉजी (प्राणी विज्ञान)। बॉटनी और जूलॉजी को मिलाकर इसे बायोलॉजी के रूप में जाना जाता है।

प्रत्येक विषय के प्रश्नों को दो सेक्शन में बांटा गया है:

  • सेक्शन A: इसमें 35 प्रश्न होते हैं, जिनके उत्तर देना अनिवार्य है।

  • सेक्शन B: इसमें 15 प्रश्न होते हैं, जिनमें से किसी भी 10 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।

इस प्रकार, प्रत्येक विषय से कुल 45 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं और चारों विषयों को मिलाकर कुल 180 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं।

NEET परीक्षा के लिए पात्रता मानदंड

NEET परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों को NTA द्वारा निर्धारित कुछ पात्रता मानदंडों को पूरा करना होता है। इन नियमों का पालन न करने पर आवेदन रद्द हो सकता है।

आयु सीमा संबंधी पात्रता

  • न्यूनतम आयु: परीक्षा के वर्ष की 31 दिसंबर तक आवेदक की आयु कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए।

  • अधिकतम आयु: सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष और आरक्षित श्रेणी (SC/ST/OBC) के उम्मीदवारों के लिए 30 वर्ष है (छूट के साथ)। हालांकि, अधिकतम आयु सीमा को लेकर विवाद रहा है और सर्वोच्च न्यायालय का अंतिम फैसला आना बाकी है। NTA की अधिसूचना में दी गई वर्तमान आयु सीमा ही मान्य है।

शैक्षणिक योग्यता

  • आवश्यक विषय: उम्मीदवार ने कक्षा 12वीं या समकक्ष परीक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी/बायोटेक्नोलॉजी और अंग्रेजी के साथ उत्तीर्ण की हो।

  • न्यूनतम अंक: कक्षा 12वीं में अनिवार्य विषयों (PCB यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) में न्यूनतम अंकों का प्रतिशत:

    • सामान्य श्रेणी: 50%

    • SC/ST/OBC श्रेणी: 40%

    • PwD श्रेणी: 45%

राष्ट्रीयता संबंधी पात्रता

भारतीय नागरिक, अनिवासी भारतीय (NRI), विदेशी नागरिक, भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) और प्रवासी भारतीय (OCI) सभी NEET परीक्षा के लिए आवेदन करने के पात्र होते हैं।

नीट एग्जाम कितनी बार दे सकते हैं?

अब जब आप यह जान चुके हैं कि नीट को देने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष है और अधिकतम आयु सीमा का मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित चल रहा है तो ऐसे में नीट एग्जाम कितनी बार दिया जा सकता है, यह प्रश्न उठाना स्वाभाविक है। ऐसे में आज हम आपको बता दें कि वर्तमान नियमों के अनुसार नीट की परीक्षा देने के लिए कोई लिमिट नहीं है और यह आप 17 वर्ष की आयु होने के बाद बाकि के सभी मानदंडों को पूरा करते हुए कितनी भी बार दे सकते हैं।

हालाँकि इस पर जैसे ही अधिकतम आयु सीमा का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय से आएगा तो इसकी भी एक लिमिट निर्धारित हो जाएगी। इसी के साथ ही कभी भी यह निर्णय भी लिया जा सकता है कि एक छात्र अपनी न्यूनतम व अधिकतम आयु सीमा के बीच में कितनी बार नीट की परीक्षा में बैठ सकता है लेकिन अभी इसके बारे में चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है।

NEET परीक्षा का सिलेबस और तैयारी की रणनीति

NEET परीक्षा में सफलता पाने के लिए सिलेबस की गहन समझ और एक व्यवस्थित तैयारी रणनीति सबसे महत्वपूर्ण आधार है। यह परीक्षा मूल रूप से कक्षा 11वीं और 12वीं के NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित है, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (बॉटनी एवं जूलॉजी) विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। सिलेबस का संपूर्ण ज्ञान न केवल अच्छे अंक दिलाने में सहायक होता है, बल्कि परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास भी बनाए रखता है। एक स्पष्ट सिलेबस और उसके अनुसार तैयारी का प्लान छात्रों को अनावश्यक विषयों में समय बर्बाद करने से बचाता है और फोकस्ड अध्ययन में मदद करता है।

प्रत्येक विषय के लिए महत्वपूर्ण टॉपिक्स, उनके वेटेज और अध्ययन के तरीकों को समझना अत्यंत आवश्यक है। NEET का सिलेबस व्यापक है, लेकिन कुछ यूनिट्स से प्रतिवर्ष अधिक संख्या में प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए स्मार्ट स्टडी करना जरूरी हो जाता है। इस भाग में हम विस्तार से हर विषय के सिलेबस की संरचना, अध्यायों के नाम और तैयारी के लिए विशेष टिप्स पर चर्चा करेंगे, जिससे आपकी तैयारी और भी प्रभावी बन सके।

NEET का पूरा सिलेबस कक्षा 11वीं और 12वीं की NCERT किताबों से आता है। यहां हम प्रत्येक विषय के अंतर्गत आने वाले प्रमुख अध्यायों और इकाइयों (Units) की सूची प्रस्तुत कर रहे हैं, जो आपकी तैयारी को एक संरचना प्रदान करेगी। जानें NEET की सबसे अच्छी तैयारी कहाँ होती है?

फिजिक्स का सिलेबस (Physics Syllabus)

फिजिक्स को अक्सर छात्र चुनौतीपूर्ण मानते हैं, लेकिन कॉन्सेप्ट क्लियरिटी और नियमित प्रैक्टिस से इसमें महारत हासिल की जा सकती है। फिजिक्स के प्रश्न कैलकुलेशन और अवधारानाओं पर आधारित होते हैं।

अध्याय क्रमांकअध्याय का नाममहत्व (अनुमानित प्रश्न संख्या)
कक्षा 11वीं
1भौतिक जगत और मापन1-2
2सदिश और गति के नियम2-3
3सरल रेखा में गति2-3
4समतल में गति2-3
5गति के नियम2-3
6कार्य, ऊर्जा और शक्ति2-3
7कणों के निकाय तथा घूर्णी गति2-3
8गुरुत्वाकर्षण2-3
9ठोसों के यांत्रिक गुण1-2
10तरलों के यांत्रिक गुण1-2
11द्रव्य के तापीय गुण2-3
12ऊष्मागतिकी2-3
13अणुगति सिद्धांत1-2
14दोलन1-2
15तरंगें1-2
कक्षा 12वीं
1वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र2-3
2स्थिर वैद्युत विभव तथा धारिता2-3
3विद्युत धारा3-4
4गतिमान आवेश और चुम्बकत्व3-4
5चुम्बकत्व तथा द्रव्य1-2
6वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण2-3
7प्रत्यावर्ती धारा2-3
8वैद्युतचुम्बकीय तरंगें1-2
9किरण प्रकाशिकी2-3
10तरंग प्रकाशिकी2-3
11विकिरण तथा द्वैत प्रकृति2-3
12परमाणु1-2
13नाभिक1-2
14अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी3-4

केमिस्ट्री का सिलेबस (Chemistry Syllabus)

केमिस्ट्री को तीन उप-विभागों में बांटकर पढ़ना प्रभावी होता है: फिजिकल केमिस्ट्री, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री और इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री। इसमें कॉन्सेप्ट, रिएक्शन मैकेनिज्म और तथ्यों का संतुलित ज्ञान जरूरी है।

अध्याय क्रमांकअध्याय का नाम (हिंदी / English)श्रेणीNEET वेटेज (%)
कक्षा 11वीं
1रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ / Some Basic Concepts of Chemistryफिजिकल केमिस्ट्री2-3%
2परमाणु की संरचना / Structure of Atomफिजिकल केमिस्ट्री5-6%
3तत्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता / Classification of Elements and Periodicity in Propertiesइनऑर्गेनिक केमिस्ट्री3-4%
4रासायनिक आबंधन एवं आण्विक संरचना / Chemical Bonding and Molecular Structureफिजिकल/इनऑर्गेनिक5-6%
5द्रव्य की अवस्थाएँ / States of Matterफिजिकल केमिस्ट्री2%
6ऊष्मागतिकी / Thermodynamicsफिजिकल केमिस्ट्री8-9%
7साम्यावस्था / Equilibriumफिजिकल केमिस्ट्री6-7%
8रेडॉक्स अभिक्रियाएँ / Redox Reactionsफिजिकल केमिस्ट्री3-4%
9हाइड्रोजन / Hydrogenइनऑर्गेनिक केमिस्ट्री2-3%
10s-ब्लॉक तत्व / s-Block Elementsइनऑर्गेनिक केमिस्ट्री2-3%
11p-ब्लॉक तत्व (समूह 13 एवं 14) / p-Block Elements (Group 13 & 14)इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री4-5%
12कार्बनिक रसायन: कुछ आधारभूत सिद्धान्त तथा तकनीकें / Organic Chemistry: Basic Principles & Techniquesऑर्गेनिक केमिस्ट्री4-5%
13हाइड्रोकार्बन / Hydrocarbonsऑर्गेनिक केमिस्ट्री3-4%
14पर्यावरणीय रसायन / Environmental Chemistryसामान्य2%
कक्षा 12वीं
1ठोस अवस्था / The Solid Stateफिजिकल केमिस्ट्री2-3%
2विलयन / Solutionsफिजिकल केमिस्ट्री5-6%
3वैद्युतरसायन / Electrochemistryफिजिकल केमिस्ट्री4-5%
4रासायनिक बलगतिकी / Chemical Kineticsफिजिकल केमिस्ट्री3-4%
5पृष्ठ रसायन / Surface Chemistryफिजिकल केमिस्ट्री2%
6तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धान्त एवं प्रक्रम / General Principles and Processes of Isolation of Elementsइनऑर्गेनिक केमिस्ट्री1-2%
7p-ब्लॉक तत्व (समूह 15 से 18) / p-Block Elements (Group 15 to 18)इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री6-7%
8d- एवं f- ब्लॉक तत्व / d & f Block Elementsइनऑर्गेनिक केमिस्ट्री4-5%
9उपसहसंयोजक यौगिक / Coordination Compoundsइनऑर्गेनिक केमिस्ट्री9%
10हैलोएल्केन्स तथा हैलोएरीन्स / Haloalkanes and Haloarenesऑर्गेनिक केमिस्ट्री3-4%
11ऐल्कोहॉल, फीनॉल एवं ईथर / Alcohols, Phenols and Ethersऑर्गेनिक केमिस्ट्री4-5%
12एल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल / Aldehydes, Ketones and Carboxylic Acidsऑर्गेनिक केमिस्ट्री4-5%
13एमीन / Aminesऑर्गेनिक केमिस्ट्री3-4%
14जैव-अणु / Biomoleculesऑर्गेनिक केमिस्ट्री2-3%
15बहुलक / Polymersऑर्गेनिक केमिस्ट्री3%
16दैनिक जीवन में रसायन / Chemistry in Everyday Lifeसामान्य2%

बायोलॉजी का सिलेबस (Biology Syllabus)

बायोलॉजी NEET में अधिकतम 90 प्रश्नों (बॉटनी और जूलॉजी मिलाकर) के साथ सबसे अधिक वेटेज रखता है। इसमें तथ्यों, डायग्राम और कॉन्सेप्ट की समझ दोनों की आवश्यकता होती है। NEET 2026 के लिए Best Biology Books कौन-कौन सी हैं?

Botany (पादप विज्ञान)

अध्याय क्रमांकअध्याय का नाम (हिंदी / English)महत्वNEET वेटेज (%)
कक्षा 11वीं
जीव जगत / The Living Worldमूलभूत2%
वनस्पति जगत का वर्गीकरण / Biological Classificationमहत्वपूर्ण4-5%
वनस्पति जगत / Plant Kingdomअति महत्वपूर्ण6-7%
पुष्पी पादपों की आकारिकी / Morphology of Flowering Plantsअति महत्वपूर्ण5-6%
पुष्पी पादपों का शारीर / Anatomy of Flowering Plantsमहत्वपूर्ण4-5%
पादप में परिवहन / Transport in Plantsमहत्वपूर्ण5-6%
खनिज पोषण / Mineral Nutritionमहत्वपूर्ण3-4%
उच्च पादपों में प्रकाश-संश्लेषण / Photosynthesis in Higher Plantsअति महत्वपूर्ण8-9%
पादप में श्वसन / Respiration in Plantsमहत्वपूर्ण3-4%
पादप वृद्धि एवं परिवर्धन / Plant Growth and Developmentअति महत्वपूर्ण5-6%
कक्षा 12वीं
जनन / Reproduction in Organismsमूलभूत2%
पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन / Sexual Reproduction in Flowering Plantsअति महत्वपूर्ण10-12%
मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव / Microbes in Human Welfareमहत्वपूर्ण4-5%
जैव प्रौद्योगिकी – सिद्धान्त व प्रक्रम / Biotechnology: Principles and Processesअति महत्वपूर्ण6-7%
जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग / Biotechnology and its Applicationsअति महत्वपूर्ण6-7%
जीव और समष्टियाँ / Organisms and Populationsमहत्वपूर्ण4-5%
पारिस्थितिकी तंत्र / Ecosystemमहत्वपूर्ण6-7%
जैव विविधता एवं संरक्षण / Biodiversity and Conservationमहत्वपूर्ण3-4%

Zoology (प्राणी विज्ञान)

अध्याय क्रमांकअध्याय का नाम (हिंदी / English)महत्वNEET वेटेज (%)
कक्षा 11वीं
प्राणि जगत / Animal Kingdomअति महत्वपूर्ण8-10%
अकशेरुकी / Structural Organisation in Animalsमहत्वपूर्ण5%
कोशिका: जीवन की इकाई / Cell: The Unit of Lifeअति महत्वपूर्ण9-10%
कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन / Cell Cycle and Cell Divisionअति महत्वपूर्ण6-7%
मानव शरीर विज्ञान / Human Physiology (सभी उप-अध्याय)सबसे अधिक वेटेज20-22%
कक्षा 12वीं
मानव जनन / Human Reproductionअति महत्वपूर्ण9-10%
जनन स्वास्थ्य / Reproductive Healthमहत्वपूर्ण3-4%
आनुवंशिकता और विविधता के सिद्धांत / Principles of Inheritance and Variationअति महत्वपूर्ण6-7%
विकास का आणविक आधार / Molecular Basis of Inheritanceअति महत्वपूर्ण10-12%
विकास / Evolutionअति महत्वपूर्ण6-7%
मानव स्वास्थ्य और रोग / Human Health and Diseaseअति महत्वपूर्ण8-9%

NEET परीक्षा की तैयारी के लिए प्रभावी टिप्स

सिलेबस जानने के बाद एक ठोस तैयारी रणनीति बनाना अगला महत्वपूर्ण कदम है। यहां कुछ विस्तृत और व्यावहारिक टिप्स दी गई हैं जो आपकी तैयारी को दिशा देंगी और बताएंगे कि NEET UG 2026 की तैयारी कैसे करें

NCERT को समझें, रटें नहीं

Matrix NEET Division के विशेषज्ञ शिक्षकों के अनुसार NCERT की किताबें NEET की बाइबिल हैं। इसलिए छात्र इन किताबों से केवल टॉपिक्स पढ़ने के बजाय हर लाइन, बॉक्स में दी गई जानकारी, डायग्राम और चैप्टर के अंत में दिए गए सारांश को ध्यान से पढ़ें। बायोलॉजी के लिए तो NCERT ही काफी है। फिजिक्स और केमिस्ट्री में कॉन्सेप्ट समझने के लिए NCERT को आधार बनाकर ही अन्य किताबों की मदद लें।

कॉन्सेप्ट और एप्लीकेशन पर फोकस करें

फिजिक्स और केमिस्ट्री में फार्मूले रटने से ज्यादा जरूरी है कि उनकी व्युत्पत्ति और उपयोग समझें। हर टॉपिक के बाद उससे जुड़े विभिन्न स्तर के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करें। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में रिएक्शन मैकेनिज्म और नेम रिएक्शन दोनों पर पकड़ बनाएं।

एक स्मार्ट स्टडी प्लान बनाएं और उस पर टिके रहें

  • लंबे समय का प्लान: पूरे सिलेबस को कवर करने, रिवीजन करने और मॉक टेस्ट देने के लिए एक यथार्थवादी टाइमटेबल बनाएं।
  • दैनिक और साप्ताहिक लक्ष्य: रोजाना कुछ अध्याय पढ़ने, प्रश्न हल करने और रिवीजन का लक्ष्य निर्धारित करें। सप्ताह के अंत में पूरे हफ्ते के टॉपिक्स का रिवीजन जरूर करें।
  • कमजोर विषयों पर अधिक ध्यान: अपने कमजोर एरिया को पहचानें और उन पर अतिरिक्त समय दें, लेकिन मजबूत विषयों की उपेक्षा न करें।

रिवीजन और मॉक टेस्ट का अभ्यास

  • नियमित रिवीजन: मानव मस्तिष्क भूलने के लिए बना है। इसलिए पढ़े हुए टॉपिक्स का साप्ताहिक और मासिक रिवीजन करते रहें। शॉर्ट नोट्स और फ्लैश कार्ड्स रिवीजन में बहुत मददगार होते हैं।
  • मॉक टेस्ट का महत्व: तैयारी के शुरुआती दौर से ही टॉपिक-वाइज टेस्ट देना शुरू कर दें। पूरा सिलेबस कवर होने के बाद पूर्ण लंबाई वाले मॉक टेस्ट देने शुरू करें। यह आपकी स्पीड, एक्यूरेसी और परीक्षा के प्रेशर को हैंडल करने की क्षमता बढ़ाता है।
  • पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र: कम से कम पिछले 10 वर्षों के NEET और AIPMT के प्रश्न पत्र हल करें। इससे आपको प्रश्नों के पैटर्न, कठिनाई स्तर और महत्वपूर्ण टॉपिक्स का पता चलेगा।

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें

  • संतुलित दिनचर्या: 6-8 घंटे की पूरी नींद लें। नींद की कमी याददाश्त और एकाग्रता पर बुरा प्रभाव डालती है।
  • पोषण और व्यायाम: पौष्टिक भोजन लें और दिन में कम से कम 30 मिनट हल्का व्यायाम (टहलना, योग, स्ट्रेचिंग) जरूर करें। यह तनाव कम करता है और ऊर्जा बनाए रखता है।
  • तनाव प्रबंधन: तैयारी के दौरान तनाव स्वाभाविक है। इसके लिए ब्रेक लें, अपने शौक के लिए थोड़ा समय निकालें, परिवार और दोस्तों से बात करें। ध्यान (मेडिटेशन) तनाव कम करने का एक शानदार तरीका है।

इन सभी बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए, एक अनुशासित और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आप NEET की इस चुनौतीपूर्ण यात्रा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। याद रखें, नियमितता और सही दिशा में किया गया प्रयास हमेशा रंग लाता है।

निष्कर्ष

NEET परीक्षा भारतीय चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश की आधारशिला है, जो लाखों छात्रों के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने का मुख्य मार्ग है। यह परीक्षा न केवल छात्रों के ज्ञान और योग्यता का आकलन करती है, बल्कि देश के भविष्य के स्वास्थ्यकर्मियों का चयन करने की एक पारदर्शी और मानकीकृत प्रणाली भी प्रदान करती है। इस व्यापक मार्गदर्शिका में हमने NEET के हर पहलू – उसके इतिहास, पात्रता मानदंड, परीक्षा पैटर्न, विस्तृत सिलेबस और प्रभावी तैयारी रणनीतियों पर चर्चा की है। इन सभी जानकारियों को समझकर और एक अनुशासित दृष्टिकोण अपनाकर, कोई भी छात्र इस चुनौतीपूर्ण परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकता है।

आशा है कि यह गाइड आपकी हर शंका का समाधान करने और आपकी तैयारी के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने में सहायक रही होगी। याद रखें कि सफलता केवल कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास से ही मिलती है। अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें, सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें और हर दिन कुछ नया सीखने की चाह बनाए रखें। NEET की यह यात्रा निश्चित रूप से आपको न केवल एक सफल डॉक्टर बनाएगी, बल्कि एक अनुशासित और लक्ष्य-केंद्रित व्यक्तित्व भी विकसित करेगी। आपकी सफलता की शुभकामनाएं!

इन्हें भी पढ़ें:

FAQ’s on NEET Exam

NEET परीक्षा क्या है?

NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) भारत में MBBS, BDS और अन्य अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। यह भारत के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का एकमात्र माध्यम है, जिससे पारदर्शिता और मानकीकरण सुनिश्चित होता है।

NEET exam के लिए न्यूनतम आयु सीमा क्या है?

NEET परीक्षा में बैठने के लिए उम्मीदवार की आयु परीक्षा वर्ष की 31 दिसंबर तक कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, NEET 2026 के लिए, उम्मीदवार की आयु 31 दिसंबर 2026 तक 17 वर्ष होनी चाहिए।

क्या NEET परीक्षा में आयु सीमा से संबंधित कोई छूट है?

हाँ, SC/ST/OBC वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्राप्त है। इसके अलावा, दिव्यांग छात्रों के लिए भी छूट का प्रावधान है।

NEET परीक्षा में कितने प्रश्न पूछे जाते हैं और परीक्षा की अवधि क्या है?

NEET परीक्षा में कुल 200 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें से 180 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। परीक्षा की कुल अवधि 3 घंटे 20 मिनट (200 मिनट) होती है, जो दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:20 बजे तक आयोजित की जाती है।

NEET परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग कैसे काम करती है?

NEET में प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक मिलते हैं, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 अंक काट लिया जाता है (नकारात्मक अंकन)। यदि कोई प्रश्न छोड़ दिया जाता है, तो न तो अंक मिलते हैं और न ही काटे जाते हैं। इस प्रकार, अधिकतम अंक 720 और न्यूनतम -180 हो सकते हैं।

NEET परीक्षा में कितनी बार बैठ सकते हैं?

वर्तमान नियमों के अनुसार, NEET परीक्षा में बैठने के लिए कोई अधिकतम प्रयास सीमा नहीं है। उम्मीदवार न्यूनतम आयु मानदंड पूरा करने के बाद कितनी भी बार परीक्षा दे सकते हैं, जब तक कि अधिकतम आयु सीमा लागू नहीं होती।

Q. NEET परीक्षा क्या है और इसका क्या महत्व है?

NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) भारत में MBBS, BDS और अन्य अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। यह भारत के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का एकमात्र माध्यम है, जिससे पारदर्शिता और मानकीकरण सुनिश्चित होता है।

Q. NEET परीक्षा के लिए न्यूनतम आयु सीमा क्या है?

NEET परीक्षा में बैठने के लिए उम्मीदवार की आयु परीक्षा वर्ष की 31 दिसंबर तक कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, NEET 2026 के लिए, उम्मीदवार की आयु 31 दिसंबर 2026 तक 17 वर्ष होनी चाहिए।

Q. क्या NEET परीक्षा में आयु सीमा से संबंधित कोई छूट है?

हाँ, SC/ST/OBC वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्राप्त है। इसके अलावा, दिव्यांग छात्रों के लिए भी छूट का प्रावधान है।

Q. NEET परीक्षा में कितने प्रश्न पूछे जाते हैं और परीक्षा की अवधि क्या है?

NEET परीक्षा में कुल 200 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें से 180 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। परीक्षा की कुल अवधि 3 घंटे 20 मिनट (200 मिनट) होती है, जो दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:20 बजे तक आयोजित की जाती है।

Q. NEET परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग कैसे काम करती है?

NEET में प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक मिलते हैं, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 अंक काट लिया जाता है (नकारात्मक अंकन)। यदि कोई प्रश्न छोड़ दिया जाता है, तो न तो अंक मिलते हैं और न ही काटे जाते हैं। इस प्रकार, अधिकतम अंक 720 और न्यूनतम -180 हो सकते हैं।

Q. NEET परीक्षा में कितनी बार बैठ सकते हैं?

वर्तमान नियमों के अनुसार, NEET परीक्षा में बैठने के लिए कोई अधिकतम प्रयास सीमा नहीं है। उम्मीदवार न्यूनतम आयु मानदंड पूरा करने के बाद कितनी भी बार परीक्षा दे सकते हैं, जब तक कि अधिकतम आयु सीमा लागू नहीं होती।