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NEET UG 2026 के लिए NTA के नए दिशा निर्देश जारी, जानें आधार और कैटेगरी सर्टिफिकेट के जरुरी अपडेट

NEET UG 2026 के लिए NTA के नए दिशा निर्देश जारी, जानें आधार और कैटेगरी सर्टिफिकेट के जरुरी अपडेट

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भारत में मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) एक प्रमुख परीक्षा है। लाखों छात्रों का भविष्य इस परीक्षा की सफलता से जुड़ा होता है। ऐसे में, परीक्षा से संबंधित आवेदन प्रक्रिया में थोड़ी सी भी लापरवाही छात्रों के सपनों पर भारी पड़ सकती है। हाल ही में, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 की तैयारियों की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए छात्रों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थियों के आधार कार्ड और श्रेणी प्रमाण पत्र (Category Certificate) की वैधता एवं सटीकता पर है।

NTA द्वारा जारी इस अपडेट के अनुसार NEET UG 2026 के सभी आवेदकों को अपने आधार कार्ड और श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि आरक्षित श्रेणी के अंतर्गत आते हैं) को अप-टू-डेट और पूर्णतः सटीक रखना होगा। आधार कार्ड पर नाम, जन्म तिथि, फोटोग्राफ जैसे विवरण, तथा श्रेणी प्रमाण पत्र पर अंकित श्रेणी और जारी करने की तारीख आदि, आवेदन फॉर्म में दर्ज विवरण से पूर्णतः मेल खाने चाहिए। इन दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की गलती छात्र के आवेदन खारिज होने का कारण बन सकती है। यह ब्लॉग NTA के इन निर्देशों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करेगा, ताकि NEET UG 2026 के हर अभ्यर्थी को स्पष्टता मिल सके और वह समय रहते अपनी तैयारी को पूर्ण कर सके।

NTA के नए दिशा-निर्देश: छात्रों के लिए क्यों हैं महत्वपूर्ण?

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 की आवेदन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और धोखाधड़ी-मुक्त बनाने के उद्देश्य से यह निर्देश जारी किए हैं। पिछले कुछ वर्षों में, कुछ मामलों में दस्तावेजों में विसंगतियाँ (Inconsistencies) और गलतियाँ पाई गईं, जिसके कारण अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और कुछ के तो आवेदन रद्द भी हो गए। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए इस बार NTA ने पहले से ही सभी अभ्यर्थियों को सचेत कर दिया है।

परीक्षा से पहले इन निर्देशों के माध्यम से यह सुनिश्चित करना है कि प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही अभ्यर्थी अपने सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जाँच लें और आवश्यक सुधार कर लें। इससे आवेदन की समय सीमा के दौरान होने वाली अंतिम समय की हड़बड़ी और गलतियों से बचा जा सकेगा। NTA का यह कदम न केवल अभ्यर्थियों के हित में है, बल्कि पूरी प्रवेश प्रक्रिया की विश्वसनीयता को भी बढ़ाता है। एक बार जब अभ्यर्थी का आवेदन दस्तावेजी गलतियों के कारण खारिज हो जाता है, तो उसे सुधार का अवसर भी नहीं मिल पाता, जिससे उसका पूरा एक वर्ष ख़राब होने की सम्भावना होती है। इसलिए, NTA का यह पूर्व चेतावनी वाला दृष्टिकोण एक सराहनीय और जिम्मेदाराना कदम माना जा रहा है।

इन निर्देशों के अनुपालन से परीक्षा के बाद की प्रवेश प्रक्रिया (काउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट) भी सुचारू रूप से चलेगी, क्योंकि सभी आवश्यक सत्यापन पहले ही पूरे हो चुके होंगे। इस प्रकार, NEET UG 2026 के लिए तैयारी कर रहे हर छात्र-छात्रा के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वे इन बातों को गंभीरता से लें और अपने दस्तावेजों को पहले ही पूर्णतः चैक कर लें।

आधार कार्ड अनिवार्य दस्तावेज

NEET UG परीक्षा ही नहीं बल्कि आज भारत में होने वाली कोई भी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा के लिए आवेदन कर लो यह सबसे अनिवार्य दस्तावेज बन गया है। इससे साबित होता है की अब यह केवल एक पहचान पत्र नहीं रह गया है, बल्कि आवेदन प्रक्रिया का एक अनिवार्य अंग बन चुका है। आधार कार्ड से परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। NTA के नए दिशा-निर्देशों में आधार कार्ड से संबंधित जिन बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया है, जिन्हें NEET UG 2026 की परीक्षा देने वाले छात्रों को समझना चाहिए।

आधार कार्ड से जुड़ी मुख्य आवश्यकताएँ और सावधानियाँ

  • विवरणों की शत-प्रतिशत शुद्धता: आवेदन फॉर्म में भरे जाने वाले नाम (जो कि Class 10th के सर्टिफिकेट के अनुसार होने चाहिए), जन्म तिथि, लिंग आदि सभी जानकारी आधार कार्ड में दर्ज विवरणों से बिल्कुल मेल खाने चाहिए। “बिल्कुल मेल” का अर्थ है हूबहू समान। नाम में उपनाम का क्रम, मध्य नाम, स्पेलिंग में कोई छोटा सा अंतर भी स्वीकार्य नहीं है।
  • फोटोग्राफ और बायोमेट्रिक अपडेट: आधार कार्ड पर मौजूद फोटोग्राफ पुराना नहीं होना चाहिए और फोटो स्पष्ट होनी चाहिए। यदि आपके बचपन का आधार कार्ड है और अब आपकी शक्ल-सूरत में बदलाव आया है, तो आधार में नवीनतम फोटोग्राफ अपडेट कराना उचित रहेगा। इससे परीक्षा केंद्र पर पहचान संबंधी कोई समस्या उत्पन्न नहीं होगी।
  • आधार की वैधता स्थिति: सुनिश्चित करें कि आपका आधार कार्ड सक्रिय (Active) है और इसे निरस्त (Deactivated) नहीं किया गया है। आधार की स्थिति आधिकारिक UIDAI वेबसाइट या मोबाइल ऐप से जाँची जा सकती है। या इसके लिए आप रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर UIDAI की वेबसाइट से OTP जारी करवाकर भी जाँच सकते है की मेरा आधार कार्ड सुचारु रूप से संचालित है या नहीं है। 
  • अपडेट प्रक्रिया: यदि आपके आधार कार्ड में कोई गलती है या किसी प्रकार की जानकारी बदलना चाहते हैं (जैसे नाम, जन्म तिथि, पता), तो तुरंत नजदीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर पर संपर्क करें। नाम या जन्म तिथि जैसे महत्वपूर्ण बदलावों के लिए सहायक दस्तावेज (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट) की आवश्यकता होती है। इस प्रक्रिया में कुछ दिन से लेकर कुछ सप्ताह तक का समय लग सकता है, इसलिए छात्र अब ज्यादा देरी न करें।
गलतियों का प्रकारसंभावित जोखिमतत्काल कार्रवाई
नाम में अंतर: आवेदन फॉर्म में ‘अनुराग कुमार सिंह’ लेकिन आधार में ‘अनुराग सिंह’।आवेदन खारिज हो सकता है। पहचान संबंधी समस्या।आधार में नाम ठीक कराएँ या आवेदन फॉर्म में वही नाम डालें जो आधार में है (यदि शैक्षणिक दस्तावेजों से मेल खाता हो)।
जन्म तिथि में अंतर: शैक्षणिक दस्तावेजों और आधार में तिथि भिन्न है।गंभीर गलती, आवेदन अमान्य।सबसे पहले यह तय करें कि कौन-सी तिथि सही है। सही दस्तावेजों के साथ आधार सुधार के लिए आवेदन करें।
फोटोग्राफ पुरानी है (बचपन की फोटो)।परीक्षा केंद्र पर पहचान में कठिनाई।आधार में ‘फोटो अपडेट’ की सुविधा का उपयोग करें।
आधार कार्ड लॉक/डिएक्टिवेटेड है।आवेदन प्रक्रिया में बाधा।UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसे सक्रिय करें या हेल्पलाइन से संपर्क करें।

श्रेणी प्रमाणपत्र (Category Certificate)

आरक्षित श्रेणियों (SC, ST, OBC-NCL, EWS, PwBD) के अभ्यर्थियों के लिए उनका श्रेणी प्रमाण पत्र एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। NTA ने इस वर्ष इसके लिए भी स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए हैं। इस प्रमाण पत्र के बिना, अभ्यर्थी को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा, भले ही वह उस श्रेणी में आता हो। उम्मीदवार इस दस्तावेज के लिए निम्न बातों का विशेष ध्यान रखें।

श्रेणी प्रमाण पत्र से जुड़ी अहम और मुख्य बातें

  • सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority)द्वारा जारी: प्रमाण पत्र किसी सक्षम प्राधिकारी (जैसे तहसीलदार, जिला मजिस्ट्रेट, SDM, DM या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत कोई अधिकारी) द्वारा ही जारी किया गया होना चाहिए। ऑनलाइन जेनरेट की हुई ई-मुद्रा वाली प्रमाणित कॉपी भी मान्य है, बशर्ते वह राज्य/केंद्र सरकार के मान्य पोर्टल से बनवाई गई हो।
  • प्रमाण पत्र की समय सीमा (Validity): यह सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। NEET UG 2026 के लिए, OBC-NCL और EWS श्रेणी के प्रमाणपत्र 1 अप्रैल, 2025 या उसके बाद के तारीख वाले होने चाहिए। इसका अर्थ यह है कि 31 मार्च, 2025 से पहले जारी किया गया OBC-NCL/EWS प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा। SC/ST प्रमाण पत्रों की आमतौर पर कोई समय सीमा नहीं होती, लेकिन इनके भी हाल में बनवाये गए हो तो बेहतर है।
  • प्रमाणपत्र का प्रारूप: प्रमाण पत्र पर अभ्यर्थी का नाम, माता-पिता का नाम, श्रेणी, जारी करने की तारीख, अधिकारी के हस्ताक्षर और मोहर स्पष्ट रूप से अंकित होने चाहिए। OBC-NCL प्रमाण पत्र पर यह स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि अभ्यर्थी “क्रीमी लेयर” (Creamy Layer) से संबंधित नहीं है।
  • जानकारियों की समानता: श्रेणी प्रमाण पत्र पर अंकित नाम और अन्य विवरण, आवेदन फॉर्म और आधार कार्ड में दर्ज जानकारियों से पूर्णतः मिलने चाहिए।
श्रेणीप्रमाणपत्र का प्रकारमहत्वपूर्ण शर्तें एवं समय सीमा
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL)OBC-Non Creamy Layer Certificateजारी होने की तिथि 1 अप्रैल, 2025 या उसके बाद की होनी चाहिए। ‘क्रीमी लेयर में नहीं’ का उल्लेख अनिवार्य है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)EWS Certificateजारी होने की तिथि 1 अप्रैल, 2025 या उसके बाद की होनी चाहिए। केंद्र/राज्य सरकार के प्रारूप के अनुसार ही हो।
अनुसूचित जाति (SC)/अनुसूचित जनजाति (ST)Caste Certificate (SC/ST)आमतौर पर कोई निश्चित समय सीमा नहीं। लेकिन संबंधित राज्य सरकार द्वारा जारी वैध प्रमाण पत्र हो।
दिव्यांग जन (PwBD)बेंचमार्क दिव्यांगता प्रमाण पत्रकम से कम 40% दिव्यांगता प्रमाणित होनी चाहिए। संबंधित मेडिकल डॉक्टर द्वारा जारी।

NEET UG 2026 परीक्षा कैलेंडर और आवेदन प्रक्रिया

NEET UG 2026 की तैयारी में केवल पाठ्यक्रम का अध्ययन ही पर्याप्त नहीं है। इस महत्वपूर्ण परीक्षा की यात्रा आवेदन से लेकर प्रवेश तक एक सुनियोजित कैलेंडर और एक जटिल प्रक्रिया से चलती है। इन आधिकारिक तिथियों और चरणों की समझ एक छात्र को रणनीतिक लाभ प्रदान करती है, जिससे वह न केवल अपनी परीक्षा तैयारी, बल्कि अपने दस्तावेजीकरण और आवेदन की तैयारी को भी सही समय पर पूरा कर सकता है। छात्रों के लिए प्रवेश परीक्षा का कैलेंडर एक रोडमैप की तरह है, जो यह बताता है कि कब कौन-सा महत्वपूर्ण कदम उठाना है।

पिछले वर्षों के पैटर्न और NTA की काम को देखते हुए, NEET UG 2026 के लिए एक अनुमानित समय सीमा बनाई जा सकती है। इस कैलेंडर को समझने से छात्र आवेदन के दौरान होने वाली अंतिम समय की हड़बड़ी से बच सकते हैं। उनके लिए यह समझना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि आधार कार्ड और श्रेणी प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज इस पूरी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में आवेदन फॉर्म भरने से लेकर काउंसलिंग में सीट सुरक्षित करने तक एक केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। इसलिए, यहाँ हम न केवल तिथियों पर चर्चा करेंगे, बल्कि यह भी स्पष्ट करेंगे कि प्रत्येक चरण में दस्तावेजों की क्या आवश्यकता है।

आवेदन फॉर्म भरते समय

  • आधार नंबर: छात्रों के लिए आवेदन फॉर्म का पहला चरण आधार नंबर डालने से शुरू होगा। आधार नंबर डालने के बाद NTA का सिस्टम स्वतः ही आधार से जुड़े नाम, जन्मतिथि, लिंग और फोटोग्राफ को फॉर्म में भर देगा। यही कारण है कि आधार में सभी अनिवार्य जानकारियां एकदम सही रहे।
  • श्रेणी का चयन: आपको फॉर्म में अपनी श्रेणी (General/OBC-NCL/SC/ST/EWS/PwBD) चुननी होगी। यह चयन आपके श्रेणी प्रमाणपत्र के अनुरूप ही होना चाहिए।
  • दस्तावेज अपलोड: फॉर्म के अंतिम चरण में, आपको अपने आधार कार्ड, श्रेणी प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), कक्षा 10 और 12 की अंकसूची (Marksheet), पासपोर्ट फोटो और हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। यहाँ अपलोड किया गया हर दस्तावेज, फॉर्म में दर्ज विवरण और आपस में एक-दूसरे से मेल खाना चाहिए।

परीक्षा के बाद की प्रक्रिया में

  • काउंसलिंग और रजिस्ट्रेशन: अखिल भारतीय कोटा (AIQ) या राज्य कोटा की काउंसलिंग के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन करना होता है। इस दौरान फिर से इन दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
  • सीट अलॉटमेंट और प्रवेश: अंतिम सीट अलॉटमेंट के बाद, संबंधित मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेते समय इन दस्तावेजों की मूल प्रति (Original) जमा करानी पड़ती है। यदि दस्तावेजों में कोई गलतियां पाई जाती है, तो प्रवेश रद्द किया जा सकता है, भले ही आपने परीक्षा पास की हो और काउंसलिंग में भाग लिया हो।

NEET UG 2026 की अनुमानित समयसीमा (Tentative Timeline)

कार्यक्रमअनुमानित समयसीमादस्तावेजों से संबंध
आधिकारिक अधिसूचना जारीजनवरी 2026 – फरवरी 2026दिशा-निर्देश पढ़ें, आवश्यकताएँ समझें।
ऑनलाइन आवेदन शुरूमार्च – अप्रैल 2025सभी दस्तावेज तैयार व सुधारे हुए होने चाहिए।
आवेदन की अंतिम तिथिअप्रैल 2025 के प्रथम सप्ताहसुधार का कोई मौका नहीं।
एडमिट कार्ड जारीअप्रैल 2025 के अंतिम सप्ताहआधार से मैच होने वाली फोटो एडमिट कार्ड पर आएगी।
NEET UG 2026 परीक्षामई 2026आधार कार्ड मूल पहचान पत्र के रूप में।
उत्तर कुंजी और परिणामजून 2026
काउंसलिंग प्रक्रिया शुरूजुलाई-अगस्त 2026श्रेणी प्रमाण पत्र का फिर से सत्यापन।

कुछ विशेष परिस्थितियाँ और समाधान

NEET UG की आवेदन प्रक्रिया में समानता बनाए रखने के लिए NTA द्वारा जारी सामान्य दिशा-निर्देश अधिकांश अभ्यर्थियों पर लागू होते हैं। लेकिन, कुछ अभ्यर्थी ऐसी विशिष्ट परिस्थितियों में होते हैं, जहाँ सामान्य नियमों का सीधा प्रयोग संभव नहीं होता। इन परिस्थितियों में नाम परिवर्तन, विदेशी नागरिकता, विशेष क्षेत्रीय नियम या नाबालिग होना जैसे मुद्दे शामिल हैं। ऐसे मामलों से छात्रों को भ्रम या चिंता हो सकती है, क्योंकि उन्हें डर होता है कि कहीं दस्तावेजी गलतियों के कारण उनकी मेहनत बेकार न हो जाए। 

इसीलिए, NTA ने इन विशेष परिस्थितियों को पहचानना और ऐसे छात्रों के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए हमारे ब्लॉग की यह जानकारी अभ्यर्थियों को एक स्पष्ट रास्ता दिखाती है और उन्हें आवेदन प्रक्रिया के दौरान होने वाली गलतियों से बचाती है। आइए, ऐसी ही कुछ सामान्य विशेष परिस्थितियों और उनके व्यावहारिक समाधानों पर विस्तार से चर्चा करते हैं।

1. एकल शिशु (Single Child) या विवाह के बाद नाम परिवर्तन

यदि किसी छात्र ने विवाह के बाद अपना नाम बदला है (यह दिक्कत सामान्यतः छात्राओं को आती है) तो उन्हें एक शपथ-पत्र (Affidavit) तैयार करवाना चाहिए, जो यह घोषित करे कि दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं। हालाँकि, सबसे बेहतर यही है कि आधार कार्ड को नए नाम से अपडेट करवा लिया जाए। शपथ-पत्र एक नोटरी पब्लिक या (एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट) के सामने जारी किया जाना चाहिए और इसे आवेदन के साथ अपलोड करने की आवश्यकता होती है।

2. NRI/OCI/विदेशी छात्र

इन छात्रों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। उन्हें प्राथमिक पहचान पत्र के रूप में पासपोर्ट का उपयोग करना होगा। उनके श्रेणी प्रमाणपत्र के नियम भी अलग हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, OCI कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों के समान ही श्रेणी प्रमाणपत्र जमा करने होते हैं, जबकि NRI/विदेशी नागरिकों के लिए आरक्षण का कोटा अलग होता है। इन अभ्यर्थियों को NTA की अधिसूचना में दी गई विशेष निर्देशों को  ध्यान से पढ़ना चाहिए।

3. जम्मू-कश्मीर, असम, मेघालय के निवासी

इन राज्यों के कुछ निवासियों के पास आधार कार्ड नहीं होता है। ऐसे में NTA एक वैकल्पिक दस्तावेजों की सूची जारी करती है, जैसे पासपोर्ट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड आदि। छात्रों को आधिकारिक अधिसूचना में इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। छात्रों को सलाह है कि वे इनमें से किसी एक वैध पहचान पत्र को पहले से तैयार रखें।

4. अभ्यर्थी नाबालिग है (17 वर्ष से कम आयु)

यदि अभ्यर्थी की आयु 17 वर्ष से कम है, तो उसके माता-पिता/अभिभावक का आधार विवरण भी आवेदन फॉर्म में भरना पड़ता है। और छात्र के अभिभावक के हस्ताक्षर वाला अनुमति प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होगा। इस प्रमाणपत्र में यह घोषणा की जाती है कि अभिभावक बच्चे को NEET UG 2026 परीक्षा देने की अनुमति देते हैं। इस फॉर्मेट को NTA अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करवाता है।

5. ट्रांसजेंडर कैटेगरी के छात्र

ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए लिंग के चयन का विकल्प आवेदन फॉर्म में उपलब्ध होता है। उन्हें अपना लिंग ‘ट्रांसजेंडर’ के रूप में चुनना होगा। पहचान के लिए ऐसे छात्रों के पास आधार कार्ड या पासपोर्ट पर भी लिंग का यही विवरण दर्ज होना चाहिए। यदि आधार में सुधार की आवश्यकता है, तो उसे पहले ही करा लेना चाहिए।

कोचिंग संस्थानों के छात्रों के लिए विशेष सुझाव

जो छात्र MATRIX NEET Division (सीकर), ALLEN (सीकर), Gurukripa Career Institute, Prince Career Pioneer जैसे प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों से तैयारी कर रहे हैं, उनके पास शैक्षणिक मार्गदर्शन का तो उत्कृष्ट साधन पहले से ही है। इन संस्थानों की दिनचर्या, अध्ययन सामग्री और टेस्ट सीरीज़ छात्रों को परीक्षा की चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार करती है। हालाँकि, इस ब्लॉग में चर्चित दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया एक ऐसा क्षेत्र है, जिसकी पहल छात्रों को स्वयं करनी होगी।

अपने कोचिंग के प्रबंधन से सुचना ले

छात्र अपने संस्थान के प्रशासनिक कार्यालय या काउंसलर को NTA के इन नए दिशा-निर्देशों के बारे में अवश्य पूछें। अक्सर बड़े कोचिंग संस्थान छात्रों को दस्तावेज सत्यापन और आवेदन भरने में सहायता प्रदान करते हैं। उनसे पूछें कि क्या वे आधार सुधार या श्रेणी प्रमाण पत्र बनवाने में मार्गदर्शन दे सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया का अभ्यास करें

जैसे छात्र मॉक टेस्ट देते हैं, वैसे ही जब NTA की वेबसाइट पर पुराने साल का आवेदन फॉर्म प्रारूप (Sample/Previous Year Form) उपलब्ध हो, तो उसे डाउनलोड करके एक बार भरने का अभ्यास कर लें। इससे आपको पता चल जाएगा कि किस चरण में कौन सा दस्तावेज चाहिए और कहाँ कोई गलती है।

समय प्रबंधन है कुंजी

छात्रों को कोचिंग की क्लास और टेस्ट सीरीज़ बहुत व्यस्त रखती है। ऐसे में, दस्तावेज सुधार के काम को टालें नहीं। यह एक ऐसा कार्य है जो आपके मन से एक बड़ी चिंता को दूर करेगा और आपको शांति से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने देगा।

अपने शिक्षकों और अभिभावकों की मदद लें

अपने अभिभावकों को इस प्रक्रिया में शामिल करें। श्रेणी प्रमाण पत्र बनवाने जैसे कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। साथ ही, अपने कोचिंग के बायोलॉजी, केमिस्ट्री या फिजिक्स के शिक्षक से भी, सलाह ले सकते हैं। वे पिछले वर्षों के छात्रों के अनुभव बता देते हैं।

निष्कर्ष

NEET UG 2026 परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों के लिए, NTA द्वारा जारी ये नए दिशा-निर्देश एक स्पष्ट संदेश देते हैं: “परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ, सम्पूर्ण पहचान सम्बंधित दस्तावेजों की जानकारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी की परीक्षा के लिए तैयारी।” आधार कार्ड और श्रेणी प्रमाण पत्र जैसे मूलभूत दस्तावेजों में सटीकता सुनिश्चित करना अब एक विकल्प नहीं, बल्कि परीक्षा में बैठने की पहली और अनिवार्य शर्त बन गई है। इन दस्तावेजों में छोटी सी भी गलती न केवल छात्रों के आवेदन को जोखिम में डाल सकती है, बल्कि साल भर की कड़ी मेहनत और आकांक्षाओं पर पानी फेर सकती है।

इस ब्लॉग में छात्रों को दस्तावेज सबंधित सम्पूर्ण जानकरियां दी गई है। NTA ने समय रहते छात्रों को नोटिफिकेशन के माध्यम से सुचना दे दी है; अब यह छात्रों की ज़िम्मेदारी है कि वे अपने दस्तावेजों की पूर्ण जाँच करें, आवश्यक सुधार करें और आत्मविश्वासी मन से आवेदन प्रक्रिया की ओर बढ़ें। याद रखें, एक सफल डॉक्टर बनने का सफर सिर्फ परीक्षा पास करने से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी पूर्वक हर छोटे से बड़े कार्य को पूरा करने से शुरू होता है।

इन्हें भी पढ़ें:

FAQ’s

Q. NEET UG 2026 परीक्षा के लिए आधार कार्ड में क्या अपडेट करने जरुरी हैं?

NEET UG परीक्षा के लिए हाल ही में NTA ने एक ऐडवाइजरी कर आधार कार्ड की जिन जानकरियों में गलतियाँ है उनमें सुधार करने के लिए छात्रो को दिशा निर्देश दिए है।

Q. NEET UG 2026 परीक्षा के लिए श्रेणी प्रमाण पत्र (Category Certificate) में क्या सुधार करने की आवश्यकता है?

NEET परीक्षा के लिए NTA ने छात्रों को निर्देश दिया है की जिन विद्यार्थियों का श्रेणी प्रमाण पत्र एक वर्ष से अधिक पुराना है वे विद्यार्थी प्रवेश फॉर्म शुरू होने से पहले अपने लिए एक नया श्रेणी प्रमाण पत्र बनवा लें।

Q. क्या NEET परीक्षा 2026 के लिए आधार कार्ड में नई फोटो होनी चाहिए?

हाँ, NTA द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार छात्रों की आधार में नवीनतम फोटो होनी चाहिए। इस आधार कार्ड की फोटो के अनुरूप ही परीक्षा के लिए जरी होने वाले प्रवेश पत्र में फोटो होगी। परीक्षा के समय पहचान के लिए होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए छात्रों की फोटो आधार कार्ड में नई होनी आवश्यक है।

Q. NEET UG 2026 की परीक्षा कब होगी?

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने NEET UG 2026 परीक्षा मई 2026 के पहले रविवार को (3 मई 2026) आयोजित होने की संभावना है, जबकि आवेदन प्रक्रिया फरवरी में शुरू होने की उम्मीद है।

Q. NEET की तैयारी के लिए Best कोचिंग कौनसी है?

वर्तमान समय में NEET UG परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों की पहली पसंद सीकर की Matrix NEET Division बनी हुई है। इसके साथ ही अन्य शीर्ष कोचिंगो में Prince, Gurukripa, Allen, Path Career Academy का नाम प्रमुख रूप से आता है।