भारत में मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) एक महत्वपूर्ण कदम है। चाहे आपका लक्ष्य AIIMS, JIMPR जैसे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान हों या टॉप प्राइवेट मेडिकल कॉलेज, NEET परीक्षा पास करना अनिवार्य है। इस व्यापक गाइड में हम NEET के हर पहलू पर गहराई से चर्चा करेंगे।
आज के इस लेख को पढ़ कर आपको नीट परीक्षा के बारे में सबकुछ पता चल जाएगा जैसे कि NEET kya hota hai, नीट एग्जाम किसलिये होता है, नीट एग्जाम कितनी बार दे सकते हैं नीट एग्जाम कैसे होता है (neet ka exam kaise hota hai), नीट एग्जाम कौन लेता है, उसका सिलेबस क्या है इत्यादि। इसे पढ़कर आपकी नीट के बारे में हरेक शंका का सरल समाधान हो जाएगा। तो आइये जाने NEET परीक्षा के बारे में।
नीट एग्जाम क्या होता है?
NEET यानी National Eligibility cum Entrance Test, भारत में अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज (MBBS, BDS, BAMS, BUMS, BHMS आदि) में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली एक राष्ट्रीय स्तर की एकल प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई थी, ताकि देश भर में मेडिकल प्रवेश के लिए एक समान और पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित की जा सके। इससे पहले, विभिन्न राज्यों और संस्थानों की अपनी अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं होती थीं, जिससे छात्रों को कई परीक्षाएं देनी पड़ती थीं।
NEET का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है, जो भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। इस परीक्षा को पास करना अब भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त मेडिकल या डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसका मुख्य उद्देश्य योग्य और मेधावी छात्रों का चयन करके चिकित्सा शिक्षा के मानकों को उच्च बनाए रखना है।
नीट की फुल फॉर्म क्या है?
सबसे पहले तो हम नीट एग्जाम की फुल फॉर्म (NEET Full Form in Hindi) की बात कर लेते हैं क्योंकि बहुत से लोग इसे देना तो चाहते हैं लेकिन उन्हें इसकी फुल फॉर्म ही नहीं पता होती है। तो नीट अंग्रेजी भाषा का शब्द है जिसकी फुल फॉर्म (NEET ki full form) नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (National Eligibility cum Entrance Test) होती है। हालाँकि इसका पूरा नाम नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट) / National Eligibility cum Entrance Test (Undergraduate / UG) होता है।
वहीं यदि हम नीट के हिंदी नाम की बात करें तो इसे हिंदी में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा कहा जाता है। वहीं यदि हमे अंडरग्रेजुएट शब्द भी जोड़ना है तो उसे हम यूँ का यूँ या फिर यूजी करके जोड़ सकते हैं। इसे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी जिसे अंग्रेजी में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency / NTA) भी कहते हैं, के द्वारा भारतीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के साथ मिलकर आयोजित करवाया जाता है।
NEET परीक्षा का इतिहास और पृष्ठभूमि
NEET परीक्षा का इतिहास काफी रोचक और विकासवादी रहा है। वर्ष 2013 से पहले, मेडिकल प्रवेश के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान प्रवेश परीक्षा (AIPMT) और कई राज्य-स्तरीय व संस्थागत परीक्षाएं होती थीं। इस अराजकता और छात्रों के बोझ को कम करने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) ने NEET की अवधारणा पेश की।
पहली NEET परीक्षा वर्ष 2013 में आयोजित की गई, लेकिन कुछ विवादों और चुनौतियों के कारण सर्वोच्च न्यायालय ने इसे रोक दिया। इसके बाद वर्ष 2014 और 2015 में यह परीक्षा नहीं हुई। हालांकि, वर्ष 2016 में सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के बाद NEET को फिर से लागू किया गया और तब से यह लगातार हर वर्ष आयोजित हो रही है। वर्तमान में, NEET ही मेडिकल शिक्षा में प्रवेश का एकमात्र राष्ट्रीय माध्यम है, जिसने AIPMT और अन्य सभी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं को प्रतिस्थापित कर दिया है।
NEET परीक्षा किसके लिए आवश्यक है?
NEET परीक्षा मुख्य रूप से उन सभी भारतीय छात्रों के लिए आवश्यक है, जो देश में किसी भी मान्यता प्राप्त मेडिकल संस्थान से अंडरग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। इस परीक्षा का प्राथमिक उद्देश्य डॉक्टर बनने के इच्छुक छात्रों के चयन की एक निष्पक्ष और मानकीकृत प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
NEET द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रमुख कोर्स
NEET परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र निम्नलिखित अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में प्रवेश के लिए पात्र होते हैं:
MBBS (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी)
BDS (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी)
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी)
BUMS (बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी)
BHMS (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी)
BSMS (बैचलर ऑफ सिद्धा मेडिसिन एंड सर्जरी)
BVSc & AH (बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंडरी)
इसका मतलब है कि चिकित्सा के एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी सहित विभिन्न पारंपरिक और वैकल्पिक शाखाओं में जाने का रास्ता NEET से ही शुरू होता है।
NEET परीक्षा का पैटर्न और संरचना
NEET परीक्षा एक ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाती है, जिसमें पेन और पेपर का उपयोग किया जाता है। परीक्षा की संरचना और पैटर्न को समझना सफलता की पहली कुंजी है। NTA समय-समय पर इसमें मामूली बदलाव कर सकता है, लेकिन मूल ढांचा लगभग समान रहता है।
यहाँ NEET परीक्षा पैटर्न 2026 (अनुमानित) की जानकारी को स्पष्ट और सुव्यवस्थित टेबल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह छात्रों और अभिभावकों के लिए आसानी से समझने योग्य है।
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| परीक्षा मोड | ऑफलाइन (पेन और पेपर आधारित) |
| परीक्षा की अवधि | 3 घंटे 20 मिनट (200 मिनट) |
| परीक्षा का समय | दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:20 बजे तक |
| प्रश्नों की कुल संख्या | 200 प्रश्न (180 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे) |
| प्रश्नों का प्रकार | बहुविकल्पीय (MCQs) |
| अंकन योजना | प्रत्येक सही उत्तर: +4 अंक प्रत्येक गलत उत्तर: -1 अंक (नकारात्मक अंकन) प्रश्न छोड़ने पर: 0 अंक |
| कुल अधिकतम अंक | 720 अंक |
| माध्यम/भाषाएं | अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मराठी, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू, उर्दू |
नीट एग्जाम कैसे होता है?
अब बात करते हैं नीट एग्जाम को देने के बारे में। तो बहुत से छात्र इस बात को लेकर शंका में रहते हैं कि नीट एग्जाम का पैटर्न कैसा होता है या फिर इसे किस तरह से दिया जाता है। ऐसे में यहाँ हम आपको पहले ही बता दें कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के द्वारा इसमें परिवर्तन किया जा सकता है लेकिन फिर भी अभी जो पैटर्न है, वह हम आपको बता देते हैं।
नीट एग्जाम देने का समय
अब बात करते हैं नीट एग्जाम देने के समय के बारे में अर्थात आपको नीट की परीक्षा देने के लिए कुल कितना समय मिलता (NEET exam time duration) है। तो इसके लिए आपको कुल 3 घंटे 20 मिनट अर्थात 200 मिनट का समय मिलता है। नीट की परीक्षा दोपहर में 2 बजे शुरू होती है और 5 बजकर 20 मिनट पर समाप्त होती है। हालाँकि आपको परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले एग्जाम सेंटर पर पहुँच जाना होता है ताकि बाकि फॉर्मेलिटी पूरी की जा सके।
NEET के विषयवार विभाजन और सेक्शन
NEET परीक्षा में चार मुख्य विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं: फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी (पादप विज्ञान) और जूलॉजी (प्राणी विज्ञान)। बॉटनी और जूलॉजी को मिलाकर इसे बायोलॉजी के रूप में जाना जाता है।
प्रत्येक विषय के प्रश्नों को दो सेक्शन में बांटा गया है:
सेक्शन A: इसमें 35 प्रश्न होते हैं, जिनके उत्तर देना अनिवार्य है।
सेक्शन B: इसमें 15 प्रश्न होते हैं, जिनमें से किसी भी 10 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।
इस प्रकार, प्रत्येक विषय से कुल 45 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं और चारों विषयों को मिलाकर कुल 180 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं।
NEET परीक्षा के लिए पात्रता मानदंड
NEET परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों को NTA द्वारा निर्धारित कुछ पात्रता मानदंडों को पूरा करना होता है। इन नियमों का पालन न करने पर आवेदन रद्द हो सकता है।
आयु सीमा संबंधी पात्रता
न्यूनतम आयु: परीक्षा के वर्ष की 31 दिसंबर तक आवेदक की आयु कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए।
अधिकतम आयु: सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष और आरक्षित श्रेणी (SC/ST/OBC) के उम्मीदवारों के लिए 30 वर्ष है (छूट के साथ)। हालांकि, अधिकतम आयु सीमा को लेकर विवाद रहा है और सर्वोच्च न्यायालय का अंतिम फैसला आना बाकी है। NTA की अधिसूचना में दी गई वर्तमान आयु सीमा ही मान्य है।
शैक्षणिक योग्यता
आवश्यक विषय: उम्मीदवार ने कक्षा 12वीं या समकक्ष परीक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी/बायोटेक्नोलॉजी और अंग्रेजी के साथ उत्तीर्ण की हो।
न्यूनतम अंक: कक्षा 12वीं में अनिवार्य विषयों (PCB यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) में न्यूनतम अंकों का प्रतिशत:
सामान्य श्रेणी: 50%
SC/ST/OBC श्रेणी: 40%
PwD श्रेणी: 45%
राष्ट्रीयता संबंधी पात्रता
भारतीय नागरिक, अनिवासी भारतीय (NRI), विदेशी नागरिक, भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) और प्रवासी भारतीय (OCI) सभी NEET परीक्षा के लिए आवेदन करने के पात्र होते हैं।
नीट एग्जाम कितनी बार दे सकते हैं?
अब जब आप यह जान चुके हैं कि नीट को देने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष है और अधिकतम आयु सीमा का मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित चल रहा है तो ऐसे में नीट एग्जाम कितनी बार दिया जा सकता है, यह प्रश्न उठाना स्वाभाविक है। ऐसे में आज हम आपको बता दें कि वर्तमान नियमों के अनुसार नीट की परीक्षा देने के लिए कोई लिमिट नहीं है और यह आप 17 वर्ष की आयु होने के बाद बाकि के सभी मानदंडों को पूरा करते हुए कितनी भी बार दे सकते हैं।
हालाँकि इस पर जैसे ही अधिकतम आयु सीमा का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय से आएगा तो इसकी भी एक लिमिट निर्धारित हो जाएगी। इसी के साथ ही कभी भी यह निर्णय भी लिया जा सकता है कि एक छात्र अपनी न्यूनतम व अधिकतम आयु सीमा के बीच में कितनी बार नीट की परीक्षा में बैठ सकता है लेकिन अभी इसके बारे में चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है।
NEET परीक्षा का सिलेबस और तैयारी की रणनीति
NEET परीक्षा में सफलता पाने के लिए सिलेबस की गहन समझ और एक व्यवस्थित तैयारी रणनीति सबसे महत्वपूर्ण आधार है। यह परीक्षा मूल रूप से कक्षा 11वीं और 12वीं के NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित है, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (बॉटनी एवं जूलॉजी) विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। सिलेबस का संपूर्ण ज्ञान न केवल अच्छे अंक दिलाने में सहायक होता है, बल्कि परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास भी बनाए रखता है। एक स्पष्ट सिलेबस और उसके अनुसार तैयारी का प्लान छात्रों को अनावश्यक विषयों में समय बर्बाद करने से बचाता है और फोकस्ड अध्ययन में मदद करता है।
प्रत्येक विषय के लिए महत्वपूर्ण टॉपिक्स, उनके वेटेज और अध्ययन के तरीकों को समझना अत्यंत आवश्यक है। NEET का सिलेबस व्यापक है, लेकिन कुछ यूनिट्स से प्रतिवर्ष अधिक संख्या में प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए स्मार्ट स्टडी करना जरूरी हो जाता है। इस भाग में हम विस्तार से हर विषय के सिलेबस की संरचना, अध्यायों के नाम और तैयारी के लिए विशेष टिप्स पर चर्चा करेंगे, जिससे आपकी तैयारी और भी प्रभावी बन सके।
NEET का पूरा सिलेबस कक्षा 11वीं और 12वीं की NCERT किताबों से आता है। यहां हम प्रत्येक विषय के अंतर्गत आने वाले प्रमुख अध्यायों और इकाइयों (Units) की सूची प्रस्तुत कर रहे हैं, जो आपकी तैयारी को एक संरचना प्रदान करेगी। जानें NEET की सबसे अच्छी तैयारी कहाँ होती है?
फिजिक्स का सिलेबस (Physics Syllabus)
फिजिक्स को अक्सर छात्र चुनौतीपूर्ण मानते हैं, लेकिन कॉन्सेप्ट क्लियरिटी और नियमित प्रैक्टिस से इसमें महारत हासिल की जा सकती है। फिजिक्स के प्रश्न कैलकुलेशन और अवधारानाओं पर आधारित होते हैं।
| अध्याय क्रमांक | अध्याय का नाम | महत्व (अनुमानित प्रश्न संख्या) |
|---|---|---|
| कक्षा 11वीं | ||
| 1 | भौतिक जगत और मापन | 1-2 |
| 2 | सदिश और गति के नियम | 2-3 |
| 3 | सरल रेखा में गति | 2-3 |
| 4 | समतल में गति | 2-3 |
| 5 | गति के नियम | 2-3 |
| 6 | कार्य, ऊर्जा और शक्ति | 2-3 |
| 7 | कणों के निकाय तथा घूर्णी गति | 2-3 |
| 8 | गुरुत्वाकर्षण | 2-3 |
| 9 | ठोसों के यांत्रिक गुण | 1-2 |
| 10 | तरलों के यांत्रिक गुण | 1-2 |
| 11 | द्रव्य के तापीय गुण | 2-3 |
| 12 | ऊष्मागतिकी | 2-3 |
| 13 | अणुगति सिद्धांत | 1-2 |
| 14 | दोलन | 1-2 |
| 15 | तरंगें | 1-2 |
| कक्षा 12वीं | ||
| 1 | वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र | 2-3 |
| 2 | स्थिर वैद्युत विभव तथा धारिता | 2-3 |
| 3 | विद्युत धारा | 3-4 |
| 4 | गतिमान आवेश और चुम्बकत्व | 3-4 |
| 5 | चुम्बकत्व तथा द्रव्य | 1-2 |
| 6 | वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण | 2-3 |
| 7 | प्रत्यावर्ती धारा | 2-3 |
| 8 | वैद्युतचुम्बकीय तरंगें | 1-2 |
| 9 | किरण प्रकाशिकी | 2-3 |
| 10 | तरंग प्रकाशिकी | 2-3 |
| 11 | विकिरण तथा द्वैत प्रकृति | 2-3 |
| 12 | परमाणु | 1-2 |
| 13 | नाभिक | 1-2 |
| 14 | अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी | 3-4 |
केमिस्ट्री का सिलेबस (Chemistry Syllabus)
केमिस्ट्री को तीन उप-विभागों में बांटकर पढ़ना प्रभावी होता है: फिजिकल केमिस्ट्री, ऑर्गेनिक केमिस्ट्री और इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री। इसमें कॉन्सेप्ट, रिएक्शन मैकेनिज्म और तथ्यों का संतुलित ज्ञान जरूरी है।
| अध्याय क्रमांक | अध्याय का नाम (हिंदी / English) | श्रेणी | NEET वेटेज (%) |
|---|---|---|---|
| कक्षा 11वीं | |||
| 1 | रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएँ / Some Basic Concepts of Chemistry | फिजिकल केमिस्ट्री | 2-3% |
| 2 | परमाणु की संरचना / Structure of Atom | फिजिकल केमिस्ट्री | 5-6% |
| 3 | तत्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता / Classification of Elements and Periodicity in Properties | इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 3-4% |
| 4 | रासायनिक आबंधन एवं आण्विक संरचना / Chemical Bonding and Molecular Structure | फिजिकल/इनऑर्गेनिक | 5-6% |
| 5 | द्रव्य की अवस्थाएँ / States of Matter | फिजिकल केमिस्ट्री | 2% |
| 6 | ऊष्मागतिकी / Thermodynamics | फिजिकल केमिस्ट्री | 8-9% |
| 7 | साम्यावस्था / Equilibrium | फिजिकल केमिस्ट्री | 6-7% |
| 8 | रेडॉक्स अभिक्रियाएँ / Redox Reactions | फिजिकल केमिस्ट्री | 3-4% |
| 9 | हाइड्रोजन / Hydrogen | इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 2-3% |
| 10 | s-ब्लॉक तत्व / s-Block Elements | इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 2-3% |
| 11 | p-ब्लॉक तत्व (समूह 13 एवं 14) / p-Block Elements (Group 13 & 14) | इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 4-5% |
| 12 | कार्बनिक रसायन: कुछ आधारभूत सिद्धान्त तथा तकनीकें / Organic Chemistry: Basic Principles & Techniques | ऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 4-5% |
| 13 | हाइड्रोकार्बन / Hydrocarbons | ऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 3-4% |
| 14 | पर्यावरणीय रसायन / Environmental Chemistry | सामान्य | 2% |
| कक्षा 12वीं | |||
| 1 | ठोस अवस्था / The Solid State | फिजिकल केमिस्ट्री | 2-3% |
| 2 | विलयन / Solutions | फिजिकल केमिस्ट्री | 5-6% |
| 3 | वैद्युतरसायन / Electrochemistry | फिजिकल केमिस्ट्री | 4-5% |
| 4 | रासायनिक बलगतिकी / Chemical Kinetics | फिजिकल केमिस्ट्री | 3-4% |
| 5 | पृष्ठ रसायन / Surface Chemistry | फिजिकल केमिस्ट्री | 2% |
| 6 | तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धान्त एवं प्रक्रम / General Principles and Processes of Isolation of Elements | इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 1-2% |
| 7 | p-ब्लॉक तत्व (समूह 15 से 18) / p-Block Elements (Group 15 to 18) | इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 6-7% |
| 8 | d- एवं f- ब्लॉक तत्व / d & f Block Elements | इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 4-5% |
| 9 | उपसहसंयोजक यौगिक / Coordination Compounds | इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 9% |
| 10 | हैलोएल्केन्स तथा हैलोएरीन्स / Haloalkanes and Haloarenes | ऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 3-4% |
| 11 | ऐल्कोहॉल, फीनॉल एवं ईथर / Alcohols, Phenols and Ethers | ऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 4-5% |
| 12 | एल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल / Aldehydes, Ketones and Carboxylic Acids | ऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 4-5% |
| 13 | एमीन / Amines | ऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 3-4% |
| 14 | जैव-अणु / Biomolecules | ऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 2-3% |
| 15 | बहुलक / Polymers | ऑर्गेनिक केमिस्ट्री | 3% |
| 16 | दैनिक जीवन में रसायन / Chemistry in Everyday Life | सामान्य | 2% |
बायोलॉजी का सिलेबस (Biology Syllabus)
बायोलॉजी NEET में अधिकतम 90 प्रश्नों (बॉटनी और जूलॉजी मिलाकर) के साथ सबसे अधिक वेटेज रखता है। इसमें तथ्यों, डायग्राम और कॉन्सेप्ट की समझ दोनों की आवश्यकता होती है। NEET 2026 के लिए Best Biology Books कौन-कौन सी हैं?
Botany (पादप विज्ञान)
| अध्याय क्रमांक | अध्याय का नाम (हिंदी / English) | महत्व | NEET वेटेज (%) |
|---|---|---|---|
| कक्षा 11वीं | |||
| – | जीव जगत / The Living World | मूलभूत | 2% |
| – | वनस्पति जगत का वर्गीकरण / Biological Classification | महत्वपूर्ण | 4-5% |
| – | वनस्पति जगत / Plant Kingdom | अति महत्वपूर्ण | 6-7% |
| – | पुष्पी पादपों की आकारिकी / Morphology of Flowering Plants | अति महत्वपूर्ण | 5-6% |
| – | पुष्पी पादपों का शारीर / Anatomy of Flowering Plants | महत्वपूर्ण | 4-5% |
| – | पादप में परिवहन / Transport in Plants | महत्वपूर्ण | 5-6% |
| – | खनिज पोषण / Mineral Nutrition | महत्वपूर्ण | 3-4% |
| – | उच्च पादपों में प्रकाश-संश्लेषण / Photosynthesis in Higher Plants | अति महत्वपूर्ण | 8-9% |
| – | पादप में श्वसन / Respiration in Plants | महत्वपूर्ण | 3-4% |
| – | पादप वृद्धि एवं परिवर्धन / Plant Growth and Development | अति महत्वपूर्ण | 5-6% |
| कक्षा 12वीं | |||
| – | जनन / Reproduction in Organisms | मूलभूत | 2% |
| – | पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन / Sexual Reproduction in Flowering Plants | अति महत्वपूर्ण | 10-12% |
| – | मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव / Microbes in Human Welfare | महत्वपूर्ण | 4-5% |
| – | जैव प्रौद्योगिकी – सिद्धान्त व प्रक्रम / Biotechnology: Principles and Processes | अति महत्वपूर्ण | 6-7% |
| – | जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग / Biotechnology and its Applications | अति महत्वपूर्ण | 6-7% |
| – | जीव और समष्टियाँ / Organisms and Populations | महत्वपूर्ण | 4-5% |
| – | पारिस्थितिकी तंत्र / Ecosystem | महत्वपूर्ण | 6-7% |
| – | जैव विविधता एवं संरक्षण / Biodiversity and Conservation | महत्वपूर्ण | 3-4% |
Zoology (प्राणी विज्ञान)
| अध्याय क्रमांक | अध्याय का नाम (हिंदी / English) | महत्व | NEET वेटेज (%) |
|---|---|---|---|
| कक्षा 11वीं | |||
| – | प्राणि जगत / Animal Kingdom | अति महत्वपूर्ण | 8-10% |
| – | अकशेरुकी / Structural Organisation in Animals | महत्वपूर्ण | 5% |
| – | कोशिका: जीवन की इकाई / Cell: The Unit of Life | अति महत्वपूर्ण | 9-10% |
| – | कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन / Cell Cycle and Cell Division | अति महत्वपूर्ण | 6-7% |
| – | मानव शरीर विज्ञान / Human Physiology (सभी उप-अध्याय) | सबसे अधिक वेटेज | 20-22% |
| कक्षा 12वीं | |||
| – | मानव जनन / Human Reproduction | अति महत्वपूर्ण | 9-10% |
| – | जनन स्वास्थ्य / Reproductive Health | महत्वपूर्ण | 3-4% |
| – | आनुवंशिकता और विविधता के सिद्धांत / Principles of Inheritance and Variation | अति महत्वपूर्ण | 6-7% |
| – | विकास का आणविक आधार / Molecular Basis of Inheritance | अति महत्वपूर्ण | 10-12% |
| – | विकास / Evolution | अति महत्वपूर्ण | 6-7% |
| – | मानव स्वास्थ्य और रोग / Human Health and Disease | अति महत्वपूर्ण | 8-9% |
NEET परीक्षा की तैयारी के लिए प्रभावी टिप्स
सिलेबस जानने के बाद एक ठोस तैयारी रणनीति बनाना अगला महत्वपूर्ण कदम है। यहां कुछ विस्तृत और व्यावहारिक टिप्स दी गई हैं जो आपकी तैयारी को दिशा देंगी और बताएंगे कि NEET UG 2026 की तैयारी कैसे करें।
NCERT को समझें, रटें नहीं
Matrix NEET Division के विशेषज्ञ शिक्षकों के अनुसार NCERT की किताबें NEET की बाइबिल हैं। इसलिए छात्र इन किताबों से केवल टॉपिक्स पढ़ने के बजाय हर लाइन, बॉक्स में दी गई जानकारी, डायग्राम और चैप्टर के अंत में दिए गए सारांश को ध्यान से पढ़ें। बायोलॉजी के लिए तो NCERT ही काफी है। फिजिक्स और केमिस्ट्री में कॉन्सेप्ट समझने के लिए NCERT को आधार बनाकर ही अन्य किताबों की मदद लें।
कॉन्सेप्ट और एप्लीकेशन पर फोकस करें
फिजिक्स और केमिस्ट्री में फार्मूले रटने से ज्यादा जरूरी है कि उनकी व्युत्पत्ति और उपयोग समझें। हर टॉपिक के बाद उससे जुड़े विभिन्न स्तर के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करें। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में रिएक्शन मैकेनिज्म और नेम रिएक्शन दोनों पर पकड़ बनाएं।
एक स्मार्ट स्टडी प्लान बनाएं और उस पर टिके रहें
- लंबे समय का प्लान: पूरे सिलेबस को कवर करने, रिवीजन करने और मॉक टेस्ट देने के लिए एक यथार्थवादी टाइमटेबल बनाएं।
- दैनिक और साप्ताहिक लक्ष्य: रोजाना कुछ अध्याय पढ़ने, प्रश्न हल करने और रिवीजन का लक्ष्य निर्धारित करें। सप्ताह के अंत में पूरे हफ्ते के टॉपिक्स का रिवीजन जरूर करें।
- कमजोर विषयों पर अधिक ध्यान: अपने कमजोर एरिया को पहचानें और उन पर अतिरिक्त समय दें, लेकिन मजबूत विषयों की उपेक्षा न करें।
रिवीजन और मॉक टेस्ट का अभ्यास
- नियमित रिवीजन: मानव मस्तिष्क भूलने के लिए बना है। इसलिए पढ़े हुए टॉपिक्स का साप्ताहिक और मासिक रिवीजन करते रहें। शॉर्ट नोट्स और फ्लैश कार्ड्स रिवीजन में बहुत मददगार होते हैं।
- मॉक टेस्ट का महत्व: तैयारी के शुरुआती दौर से ही टॉपिक-वाइज टेस्ट देना शुरू कर दें। पूरा सिलेबस कवर होने के बाद पूर्ण लंबाई वाले मॉक टेस्ट देने शुरू करें। यह आपकी स्पीड, एक्यूरेसी और परीक्षा के प्रेशर को हैंडल करने की क्षमता बढ़ाता है।
- पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र: कम से कम पिछले 10 वर्षों के NEET और AIPMT के प्रश्न पत्र हल करें। इससे आपको प्रश्नों के पैटर्न, कठिनाई स्तर और महत्वपूर्ण टॉपिक्स का पता चलेगा।
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें
- संतुलित दिनचर्या: 6-8 घंटे की पूरी नींद लें। नींद की कमी याददाश्त और एकाग्रता पर बुरा प्रभाव डालती है।
- पोषण और व्यायाम: पौष्टिक भोजन लें और दिन में कम से कम 30 मिनट हल्का व्यायाम (टहलना, योग, स्ट्रेचिंग) जरूर करें। यह तनाव कम करता है और ऊर्जा बनाए रखता है।
- तनाव प्रबंधन: तैयारी के दौरान तनाव स्वाभाविक है। इसके लिए ब्रेक लें, अपने शौक के लिए थोड़ा समय निकालें, परिवार और दोस्तों से बात करें। ध्यान (मेडिटेशन) तनाव कम करने का एक शानदार तरीका है।
इन सभी बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए, एक अनुशासित और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आप NEET की इस चुनौतीपूर्ण यात्रा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। याद रखें, नियमितता और सही दिशा में किया गया प्रयास हमेशा रंग लाता है।
निष्कर्ष
NEET परीक्षा भारतीय चिकित्सा शिक्षा में प्रवेश की आधारशिला है, जो लाखों छात्रों के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने का मुख्य मार्ग है। यह परीक्षा न केवल छात्रों के ज्ञान और योग्यता का आकलन करती है, बल्कि देश के भविष्य के स्वास्थ्यकर्मियों का चयन करने की एक पारदर्शी और मानकीकृत प्रणाली भी प्रदान करती है। इस व्यापक मार्गदर्शिका में हमने NEET के हर पहलू – उसके इतिहास, पात्रता मानदंड, परीक्षा पैटर्न, विस्तृत सिलेबस और प्रभावी तैयारी रणनीतियों पर चर्चा की है। इन सभी जानकारियों को समझकर और एक अनुशासित दृष्टिकोण अपनाकर, कोई भी छात्र इस चुनौतीपूर्ण परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकता है।
आशा है कि यह गाइड आपकी हर शंका का समाधान करने और आपकी तैयारी के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने में सहायक रही होगी। याद रखें कि सफलता केवल कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास से ही मिलती है। अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें, सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें और हर दिन कुछ नया सीखने की चाह बनाए रखें। NEET की यह यात्रा निश्चित रूप से आपको न केवल एक सफल डॉक्टर बनाएगी, बल्कि एक अनुशासित और लक्ष्य-केंद्रित व्यक्तित्व भी विकसित करेगी। आपकी सफलता की शुभकामनाएं!
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- मैट्रिक्स नीट डिवीज़न के बारे में जानकारी
FAQ’s on NEET Exam
NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) भारत में MBBS, BDS और अन्य अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। यह भारत के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का एकमात्र माध्यम है, जिससे पारदर्शिता और मानकीकरण सुनिश्चित होता है।
NEET परीक्षा में बैठने के लिए उम्मीदवार की आयु परीक्षा वर्ष की 31 दिसंबर तक कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, NEET 2026 के लिए, उम्मीदवार की आयु 31 दिसंबर 2026 तक 17 वर्ष होनी चाहिए।
हाँ, SC/ST/OBC वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्राप्त है। इसके अलावा, दिव्यांग छात्रों के लिए भी छूट का प्रावधान है।
NEET परीक्षा में कुल 200 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें से 180 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। परीक्षा की कुल अवधि 3 घंटे 20 मिनट (200 मिनट) होती है, जो दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:20 बजे तक आयोजित की जाती है।
NEET में प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक मिलते हैं, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 अंक काट लिया जाता है (नकारात्मक अंकन)। यदि कोई प्रश्न छोड़ दिया जाता है, तो न तो अंक मिलते हैं और न ही काटे जाते हैं। इस प्रकार, अधिकतम अंक 720 और न्यूनतम -180 हो सकते हैं।
वर्तमान नियमों के अनुसार, NEET परीक्षा में बैठने के लिए कोई अधिकतम प्रयास सीमा नहीं है। उम्मीदवार न्यूनतम आयु मानदंड पूरा करने के बाद कितनी भी बार परीक्षा दे सकते हैं, जब तक कि अधिकतम आयु सीमा लागू नहीं होती।


