सीकर शहर वर्तमान समय में केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए जाना जाता है। यहाँ JEE (Main व Advanced) और NEET परीक्षाओं की कोचिंग का एक शक्तिशाली केंद्र उभरा है, जिसका नाम है, Matrix JEE Academy। पिछले कई वर्षों से सीकर की कोचिंग से IIT और टॉप मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पाने वाले छात्रों की सफलता की कहानी का एक बड़ा हिस्सा इसी संस्थान से जुड़ा है।
यदि आप या आपका बच्चा IIT/JEE की चुनौतीपूर्ण यात्रा पर निकला है और सीकर में सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शन की तलाश में है, तो यह लेख आपके लिए ही है। यहाँ हम Matrix JEE Academy के बारे में केवल मूलभूत जानकारी ही नहीं, बल्कि आधुनिक समय के छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर एक विस्तृत शोध-आधारित मार्गदर्शन प्रस्तुत करेंगे।
Matrix JEE Academy का परिचय:
मैट्रिक्स एजुकेशन ने सीकर में दो विशिष्ट, लेकिन समान रूप से उत्कृष्ट, शैक्षणिक संस्थाएं स्थापित की हैं – Matrix JEE Academy (IIT-JEE की तैयारी के लिए) और Matrix NEET Division (NEET-UG की तैयारी के लिए)। संस्थाओं का यह विभाजन विशेषज्ञता को बढ़ावा देता है, क्योंकि दोनों परीक्षाओं का पैटर्न, पाठ्यक्रम और तैयारी की रणनीति भिन्न होती है। Matrix JEE Academy विशेष रूप से उन महत्वाकांक्षी छात्रों के लिए समर्पित है जो भारत के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग संस्थानों (IITs, NITs, IIITs) में प्रवेश पाना चाहते हैं। Matrix संस्थान की प्रतिष्ठा सीकर से निकलने वाले लगातार टॉप रैंकर्स और 99+ पर्सेंटाइल स्कोरर्स की लंबी सूचि से बनी है, जो इस बात का प्रमाण है कि उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन अब महानगरों तक सीमित नहीं हैं।
बेसिक जानकारी:
संपर्क सूचना (अपडेटेड):
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मुख्य कैंपस पता: गणपति प्लाजा के सामने, पिपराली मार्ग, सीकर, राजस्थान – 332001
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वैकल्पिक केंद्र/हॉस्टल: शहर में अन्य सुविधाजनक स्थानों पर भी अध्ययन केंद्र हो सकते हैं, जिनकी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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प्रमुख हेल्पलाइन नंबर: +91 1572 241911 (यह नंबर काउंसलिंग, एडमिशन और सामान्य जानकारी के लिए है)
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विशिष्ट क्वेरी के लिए ईमेल: info@matrixedu.in (सामान्य जानकारी), admissions@matrixedu.in (प्रवेश संबंधी)
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आधिकारिक वेबसाइट: https://www.matrixedu.in/
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सोशल मीडिया: फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर एक्टिव प्रेजेंस, जहाँ नियमित अपडेट, मोटिवेशनल कंटेंट और फ्री वेबिनार की सूचना मिलती है।
मैट्रिक्स अकैडमी का Matrix JEE Academy इंस्टीट्यूट सीकर के पिपराली रोड पर स्थित है जहाँ आप संपर्क कर सकते हैं। अब यदि हम Matrix JEE Academy को सीकर की बेस्ट JEE अकैडमी कह रहे हैं तो वह यूँ ही नहीं कह रहे हैं, इसके पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण है। इनके बारे में हम आपको एक-एक करके बताएँगे ताकि आपको अच्छे से यह आईडिया हो जाए कि आखिरकार Matrix JEE Academy ही सीकर की टॉप JEE अकैडमी क्यों है।
संस्थान का आधारभूत ढांचा:
एक अच्छा शैक्षणिक माहौल सीधे छात्रों के सीखने की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। मैट्रिक्स ने इस बात को ध्यान में रखते हुए एक आधुनिक और छात्र-केंद्रित बुनियादी ढाँचा विकसित किया है। Matrix JEE Academy का बुनियादी ढांचा निम्न रूपों में बांटा गया है।
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वातानुकूलित क्लासरूम: सभी कक्षाएं पूर्णतः वातानुकूलित हैं, जो राजस्थान की गर्मी में भी एकाग्रता बनाए रखने में सहायक हैं। कुर्सियाँ और डेस्क आरामदायक एवं पीठ के अनुकूल डिज़ाइन की गई हैं।
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डिजिटल लर्निंग: प्रत्येक कक्षा में हाई-रिज़ॉल्यूशन प्रोजेक्टर्स, स्मार्ट बोर्ड और इंटरएक्टिव डिस्प्ले सिस्टम लगे हैं। भौतिकी के जटिल सिद्धांतों, रसायन विज्ञान के आणविक मॉडलों और गणित के ज्यामितीय चित्रों को एनीमेशन और 3D मॉडल के माध्यम से सरलता से समझाया जाता है।
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विशाल और समृद्ध पुस्तकालय: स्व-अध्ययन के लिए एक शांत और विशाल लाइब्रेरी है, जहाँ JEE/NEET स्तर की सैकड़ों पुस्तकें, पत्रिकाएँ, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र और हल किए हुए सैंपल पेपर उपलब्ध हैं।
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अनवरत बिजली और सुरक्षा: बिजली कटौती की स्थिति में पूरे कैंपस के लिए जनरेटर की व्यवस्था है। परिसर में CCTV कैमरों की निगरानी और सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती से सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया गया है।
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हॉस्टल सुविधा (आवासीय छात्रों के लिए): दूर से आने वाले छात्रों के लिए साफ-सुथरे, अनुशासित और सुरक्षित हॉस्टल की व्यवस्था है, जहाँ भोजन, अध्ययन कक्ष और वाई-फाई जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं।
Matrix JEE Academy का शैक्षणिक तंत्र:
मैट्रिक्स की सफलता का मूल मंत्र है “Systematic Approach & Personalized Attention”। यहाँ पढ़ाई की प्रक्रिया को कई चरणों में विभाजित किया गया है, जिससे छात्र धीरे-धीरे मूलभूत अवधारणाओं से लेकर उच्च-स्तरीय समस्या-समाधान तक पहुँचते हैं।
चरणबद्ध शिक्षण योजना:
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फाउंडेशन कोर्स (कक्षा 9-10): इस चरण का लक्ष्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच और गणितीय कौशल का निर्माण करना है। NCERT की मूलभूत अवधारणाओं को मजबूत करते हुए, उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के बुनियादी स्तर से परिचित कराया जाता है। इससे छात्रों में आत्मविश्वास पैदा होता है और वे कक्षा 11 में जटिल विषयों के लिए तैयार होते हैं।
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इंटेंसिव कोर्स (कक्षा 11-12): यह मुख्य तैयारी का चरण है। स्कूल के साथ-साथ, JEE का पूरा पाठ्यक्रम गहनता से पढ़ाया जाता है। इसमें विस्तृत अध्ययन सामग्री, नियमित क्लास टेस्ट (CCT) और अवधारणात्मक स्पष्टीकरण पर जोर दिया जाता है।
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कोर्स-कम्प्लीट/ड्रॉपर कोर्स (12वीं के बाद): उन छात्रों के लिए जो अपनी तैयारी को अंतिम रूप देना चाहते हैं। इसमें पूरे सिलेबस का रिवीजन, अत्यधिक अभ्यास और मॉक टेस्ट की शृंखला शामिल होती है।
अध्ययन सामग्री का महत्व:
मैट्रिक्स की स्वनिर्मित अध्ययन सामग्री (स्टडी पैकेज) इसकी एक बड़ी ताकत है। यह सामग्री:
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एनसीईआरटी आधारित है, लेकिन उससे आगे बढ़कर JEE जैसी परीक्षा के स्तर तक ले जाती है।
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हर अध्याय को थ्योरी, सूत्र, उदाहरण और विभिन्न स्तर के प्रश्नों (बुनियादी से लेकर उन्नत) में बाँटा गया है।
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संक्षिप्त नोट्स और चार्ट शामिल होते हैं, जो रिवीजन के समय बेहद उपयोगी होते हैं।
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पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) और उनके चरणबद्ध हल विस्तार से दिए जाते हैं।
Matrix JEE Academy की उच्च स्तरीय फैकल्टी:
Matrix JEE Academy की असली नींव यहाँ के शिक्षक हैं। वे केवल पढ़ाने का काम नहीं करते, बल्कि छात्रों के मार्गदर्शक, मेंटर और प्रेरणास्रोत बनते हैं। यहाँ की शिक्षक फैकल्टी का चयन उच्च मानदंडो को ध्यान में रखकर किया जाता है। यह प्रक्रिया निम्न चरणों का अनुसरण करती है।
फैकल्टी चयन प्रक्रिया एवं विशेषताएँ:
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योग्यता: अधिकांश शिक्षक IIT, NIT, AIIMS और अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने स्वयं इस प्रतिस्पर्धा का सामना किया है, इसलिए वे छात्रों की मानसिकता और चुनौतियों को बेहतर समझते हैं।
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प्रशिक्षण: शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण होता है, ताकि वे नवीनतम पाठ्यक्रम परिवर्तन, परीक्षा पैटर्न और शिक्षण की आधुनिक तकनीकों से अपडेट रहें।
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शिक्षण शैली: अवधारणाओं को “कॉन्सेप्चुअल क्लैरिटी” पर केंद्रित करके पढ़ाया जाता है। रटने के बजाय समझने पर जोर दिया जाता है। शिक्षक छात्रों से नियमित संवाद करते हैं और कक्षा को इंटरैक्टिव बनाए रखते हैं।
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छात्र-शिक्षक अनुपात: एक निश्चित छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखा जाता है, ताकि प्रत्येक छात्र को पर्याप्त ध्यान मिल सके। कोचिंग की “फैक्ट्री-सिस्टम” से यह एक अलग दृष्टिकोण है।
Matrix JEE Academy की मूल्यांकन प्रणाली:
लगातार आत्म-मूल्यांकन किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का अभिन्न अंग है। Matrix ने तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक बहु-स्तरीय और डेटा-आधारित टेस्टिंग सिस्टम विकसित किया है। जो निम्न है:
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क्लास टेस्ट (CCT): हर टॉपिक के बाद छोटे टेस्ट लिए जाते हैं, ताकि तुरंत पता चल सके कि अवधारणा कितनी समझ आई।
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यूनिट टेस्ट / पार्ट-सिलेबस टेस्ट: कुछ अध्यायों या इकाइयों के पूरा होने पर लिए जाते हैं। ये थोड़े व्यापक होते हैं।
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मॉक टेस्ट सीरीज (MTS): यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। पूरे सिलेबस पर आधारित, JEE/NEET के वास्तविक पैटर्न और कठिनाई स्तर वाले मॉक टेस्ट आयोजित किए जाते हैं। इसमें:
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JEE Main पैटर्न टेस्ट
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JEE Advanced पैटर्न टेस्ट (अधिक कठिन और अवधारणात्मक)
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कंबाइंड सिलेबस टेस्ट
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ऑल इंडिया टेस्ट सीरीज (AITS): देश भर के हजारों छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर। इससे छात्र को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रैंक और तैयारी का सही आकलन मिलता है।
परिणाम विश्लेषण:
हर टेस्ट के बाद, छात्रों को एक विस्तृत परफॉर्मेंस एनालिसिस रिपोर्ट (PAR) मिलती है। इस रिपोर्ट में शामिल होते हैं:
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विषयवार और टॉपिक-वार अंक।
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सही और गलत उत्तरों का विवरण।
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समय प्रबंधन का विश्लेषण।
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अखिल भारतीय रैंक और प्रतिशतक।
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कमजोर क्षेत्रों की पहचान और उन्हें सुधारने के सुझाव।
Matrix JEE Academy का तकनीकी एकीकरण:
Matrix JEE Academy ने बदलते तकनिकी युग में खुद को अपग्रेड करते हुए छात्रों के लिए मैट्रिक्स ने पारंपरिक कक्षा शिक्षण को डिजिटल टूल्स के साथ पूरी तरह से एकीकृत किया है। जिससे यहाँ पढ़ने वाले छात्रों को विषयों की मुलभुत अवधारणाओं को समझने में आसानी हुई है। इस डिजिटल परिवर्तन के महत्वपूर्ण लाभ निम्न है
प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म और उनके लाभ:
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मैट्रिक्स लर्निंग ऐप (Student Portal): यह छात्र की तैयारी का केंद्रीय हब है। इसमें छात्र:
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मिस हुई कक्षाओं के रिकॉर्डेड लेक्चर देख सकते हैं।
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डिजिटल नोट्स और असाइनमेंट डाउनलोड कर सकते हैं।
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ऑनलाइन टेस्ट दे सकते हैं और तुरंत परिणाम देख सकते हैं।
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अपने प्रदर्शन का ग्राफ़िकल विश्लेषण देख सकते हैं।
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ऑनलाइन डाउट फोरम के माध्यम से शिक्षकों से प्रश्न पूछ सकते हैं।
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स्मार्ट क्लासेस: एनिमेशन, सिमुलेशन और वीडियो के माध्यम से जटिल विषयों (जैसे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन, ऑर्गेनिक रिएक्शन मैकेनिज्म) को स्पष्ट किया जाता है।
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ऑटोमेटेड अटेंडेंस और प्रोग्रेस रिपोर्ट: छात्रों की उपस्थिति और टेस्ट स्कोर का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाता है, जिसे अभिभावक ऐप या पोर्टल के माध्यम से देख सकते हैं।
समस्या-समाधान और सहायता प्रणाली:
Matrix JEE Academy ने छात्रों को तैयारी के दौरान आने वाली समस्याओं (Doubts) का समाधान करने के लिए कई Doubt Centers बनाये है जो छात्रों के लिए 24/7 हमेशा खुले रहते है, जिनकी निम्न विशेषताएं है।
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कक्षा के दौरान: शिक्षक विशेष समय निकालते हैं और प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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डाउट सेल (Doubt Counter): कक्षाओं के बाद, विशेष रूप से नियुक्त शिक्षकों की एक टीम एक निर्धारित समय में छात्रों के व्यक्तिगत संदेह दूर करती है। यह एक-एक छात्र के साथ बातचीत का मौका होता है।
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पीयर ग्रुप डिस्कशन: छात्रों को समूह में चर्चा करने और एक-दूसरे की समस्याएं सुलझाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे सीखने की प्रक्रिया और मजबूत होती है।
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ऑनलाइन डाउट फोरम: ऐप या पोर्टल पर, छात्र किसी भी समय (रात या छुट्टी के दिन भी) अपना प्रश्न पोस्ट कर सकते हैं। संबंधित विषय के शिक्षक 24-48 घंटों के भीतर उसका विस्तृत उत्तर देते हैं।
मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक सहयोग:
छात्रों की लंबी तैयारी के दौरान मानसिक स्वास्थ्य और प्रेरणा बनाए रखना उनके परीक्षा में सफल होने जितना ही महत्वपूर्ण है। मैट्रिक्स ने इन कठिन परीक्षाओं की तैयारी के दौरान आने वाली मानसिक और तनावग्रस्त समस्याओं को गंभीरता से लिया है। और छात्र हितों के लिए निम्न सुविधाएँ उपलब्ध करवाई है:
काउंसलिंग एवं मेंटरशिप प्रोग्राम:
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व्यक्तिगत काउंसलिंग सेशन: प्रशिक्षित काउंसलर्स छात्रों से नियमित बातचीत करते हैं, ताकि उनके अकादमिक दबाव, प्रदर्शन की चिंता, या निजी समस्याओं को समझ सकें।
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मेंटरशिप प्रोग्राम: हर छात्र को एक फैकल्टी मेंटर आवंटित किया जाता है, जो उसकी अकादमिक प्रगति पर नज़र रखता है, लक्ष्य निर्धारित करने में मदद करता है और एक विश्वसनीय मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है।
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तनाव प्रबंधन कार्यशालाएँ: योग, ध्यान (मेडिटेशन) और माइंडफुलनेस पर विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं, जो तनाव कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होते हैं।
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मोटिवेशनल सेशन और गेस्ट लेक्चर: सफल पूर्व छात्रों, IIT प्रोफेसरों और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को आमंत्रित किया जाता है, जो अपने अनुभव साझा करते हैं और छात्रों का हौसला बढ़ाते हैं।
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अभिभावक मार्गदर्शन: अभिभावकों के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं, जहाँ उन्हें बताया जाता है कि इस कठिन दौर में वे अपने बच्चों का सहयोग कैसे करें, उन पर अनावश्यक दबाव न डालें और एक सकारात्मक वातावरण बनाए रखें।
मैट्रिक्स में JEE की कोचिंग किस क्लास से शुरू कर सकते हैं?
अब यदि आप सोच रहे हैं कि आप Matrix JEE Academy के तहत अपनी JEE की कोचिंग किस क्लास के बाद से शुरू कर सकते हैं तो यहाँ हम आपको बता दें कि यहाँ पर कक्षा 5 से ही JEE की कोचिंग देनी शुरू कर दी जाती है। ऐसे में यदि कोई बच्चा जिसने अपनी चौथी कक्षा पास कर ली है और अब वह Matrix JEE Academy के तहत JEE की कोचिंग लेने का इच्छुक है तो वह उसके लिए आवेदन कर सकता है।
यह कोचिंग तीन हिस्सों में बांटी गयी है जिसमें क्लास 5 से क्लास 10 के लिए JEE कोचिंग, क्लास 11वीं व 12वीं के बच्चों के लिए JEE कोचिंग तथा क्लास बारहवीं पास बच्चों के लिए JEE कोचिंग प्रमुख है। यदि आप Matrix JEE Academy में कोचिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो Matrix JEE Academy के कोर्सेज वाले सेक्शन में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
स्कॉलरशिप एवं वित्तीय सहायता:
Matrix JEE Academy के विशेषज्ञों का विश्वास है कि पैसों की तंगी किसी होनहार बच्चे के सपनों के आड़े नहीं आनी चाहिए। इसलिए उन्होंने कई तरह की स्कॉलरशिप और फीस में छूट की व्यवस्था बनाई है, ताकि हर प्रतिभाशाली छात्र बिना किसी चिंता के बेहतरीन पढ़ाई कर सके। मैट्रिक्स संस्थान में छात्रों को निम्न स्कॉलरशिप सुविधाएँ मिलती है।
M-SAT: मैट्रिक्स स्कॉलरशिप एडमिशन टेस्ट
यह मैट्रिक्स की सबसे खास स्कॉलरशिप योजना है। M-SAT एक ऐसा टेस्ट है जो दो काम एक साथ करता है, एक तरफ तो यह देखता है कि छात्र में कितनी काबिलियत है, और दूसरी तरफ उसके हिसाब से उसे पढ़ाई का खर्चा कम करने में मदद करता है।
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यह टेस्ट ऑनलाइन भी दिया जा सकता है और ऑफलाइन भी। इससे दूर-दराज के गाँवों के बच्चे भी आसानी से हिस्सा ले सकते हैं।
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इस टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को 90 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप मिल सकती है। मतलब, अगर किसी की फीस 1 लाख रुपये है और उसे 90% स्कॉलरशिप मिलती है, तो उसे केवल 10 हज़ार रुपये ही देने होंगे।
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यह स्कॉलरशिप पूरे कोर्स के लिए लागू रहती है, बशर्ते छात्र अपनी पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन बनाए रखे और नियमित क्लास में आता रहे।
मैट्रिक्स स्कॉलरशिप व एडमिशन टेस्ट
इसे शोर्ट फॉर्म में M-SAT भी कह दिया जाता है। Matrix JEE Academy में हर उस बच्चे की कद्र की जाती है जो कुछ कर दिखाने का जूनून रखता है। इसका उदाहरण (Matrix JEE Institute Scholarship) है होनहार बच्चों के लिए M-SAT टेस्ट के जरिये स्कॉलरशिप की व्यवस्था। तो यदि आप Matrix JEE Academy में स्कॉलरशिप पाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको मैट्रिक्स के M-SAT टेस्ट में बैठना होता है। अब उसमे मिले अंकों के आधार पर आपको 90 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप मिल सकती है।
ऐसे में आपको बस 10 प्रतिशत फीस का भुगतान ही करना होगा और बाकि की फीस माफ़ कर दी जाएगी। वही कुछ ऐसे छात्र भी होते हैं जो किसी कारणवश इस टेस्ट में सफल नहीं हो पाते हैं लेकिन उनके अंक अच्छे आते हैं। ऐसे में उन्हें भी 90 प्रतिशत से कम लेकिन अलग-अलग मापदंडों के आधार पर स्कॉलरशिप देने का प्रावधान रखा गया है। इसके लिए आपको मैट्रिक्स टीम से संपर्क करना होगा।
मैट्रिक्स जेईई अकैडमी का IIT JEE का रिजल्ट
मैट्रिक्स जेईई अकैडमी, सीकर की असली पहचान और विश्वसनीयता का आधार है यहाँ के छात्रों का लगातार शानदार प्रदर्शन। हर साल, मैट्रिक्स के छात्र न सिर्फ JEE मेन और एडवांस्ड में बेहतरीन रैंक लाते हैं, बल्कि पूरे राजस्थान में सीकर को एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करते हैं। यह सफलता कोई संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित तैयारी, अनुभवी मार्गदर्शन और छात्रों की कड़ी मेहनत का नतीजा है।
JEE Main 2025: दोनों सेशन में धमाल
2025 के JEE मेन के दोनों सेशन में मैट्रिक्स के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। संस्थान के अनुसार, इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक छात्रों ने 99+ पर्सेंटाइल का आँकड़ा पार किया है।
प्रमुख उपलब्धियाँ (संस्थान द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार):
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100 पर्सेंटाइल क्लब: JEE मेन सेशन 1 में मैट्रिक्स के एक छात्र ने 100 पर्सेंटाइल हासिल कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की।
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99+ पर्सेंटाइल वालों की बढ़ती संख्या: दोनों सेशन को मिलाकर 130 से अधिक छात्रों ने 99 पर्सेंटाइल और उससे अधिक का स्कोर बनाया।
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टॉप रैंकर्स: 99.5+ पर्सेंटाइल के श्रेणी में इस वर्ष लगभग 50 छात्र शामिल रहे, जो पिछले वर्ष की तुलना में एक सुधार दर्शाता है।
JEE एडवांस्ड 2025: IIT में दाखिले की सफलता
JEE एडवांस्ड 2025 के परिणाम मैट्रिक्स की सबसे बड़ी ताकत को सामने लाते हैं – पूरे देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में सफलता। इस वर्ष भी मैट्रिक्स के दर्जनों छात्रों ने JEE एडवांस्ड क्वालीफाई किया और देश के शीर्ष IITs में अपनी सीट सुरक्षित की।
मुख्य बिंदु:
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क्वालीफाई करने वालों की संख्या: प्रारंभिक आँकड़ों के अनुसार, मैट्रिक्स से 70+ छात्रों ने JEE एडवांस्ड 2024 क्वालीफाई किया।
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टॉप IITs में प्रवेश: इनमें से एक बड़ी संख्या में छात्रों ने IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली, IIT मद्रास, IIT कानपुर और IIT खड़गपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाया।
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विभिन्न कोर्सेज में सफलता: छात्रों ने कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग जैसे लोकप्रिय कोर्सेज में सीट हासिल की।
इस वर्ष मैट्रिक्स के कुछ छात्रों ने AIR 500 के भीतर रैंक हासिल की, जो सीकर जैसे शहर के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन और संसाधनों से छोटे शहरों के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर टॉप रैंक हासिल कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
इन्हें भी पढ़ें:
- मैट्रिक्स नीट डिवीज़न के बारे में जानकारी
- मैट्रिक्स कोचिंग इंस्टीट्यूट की जानकारी
- एलन सीकर या मैट्रिक्स सीकर: कौन है बेहतर?
- मैट्रिक्स सीकर व गुरुकृपा सीकर: कौन है बेहतर?
- मैट्रिक्स या कौटिल्य: कौन है ज्यादा बेहतर?

