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JEE Main 2026 में 70 से 80 Percentile स्कोर करने वाले छात्रों के लिए करियर ऑप्शन बताता हुआ Sikar Coaching And School का ग्राफिक

JEE Main 2026 में 70 से 80 Percentile पर कौन से Career Options हैं बेस्ट?

JEE Main 2026 का परिणाम आने के बाद यदि आप 70 से 80 Percentile के बीच स्कोर करते हैं, तो यह निराश होने का समय नहीं है, बल्कि रणनीति बनाने का समय है। यह स्कोर बताता है कि आपने परीक्षा में भाग लेने वाले 80% छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि यह स्कोर छात्रों को भारत के टॉप NITs या IIITs में कंप्यूटर साइंस जैसी सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी ब्रांचों में सीट नहीं दिला सकता, लेकिन यह इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक सफल करियर रास्ता बंद नहीं करता है।

JEE Main में 70 से 80 Percentile Score छात्रों के लिए कई सरकारी फंडेड तकनीकी संस्थान (GFTIs), सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और देश के प्रतिष्ठित प्राइवेट विश्वविद्यालयों में प्रवेश देने के रास्ते खोलता हैं। अब छात्रों के सफल करियर की कुंजी यह है कि इस स्कोर के साथ कॉलेज और ब्रांच के चुनाव में संतुलन कैसे बनाया जाए। कोर इंजीनियरिंग ब्रांचेस जैसे मैकेनिकल, सिविल, या इलेक्ट्रिकल में आगे बढ़कर GATE या MBA जैसे रास्तों से छात्र शानदार करियर ग्रोथ हासिल कर सकते हैं। आइए, इस स्कोर पर सबसे सही विकल्पों का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।

70 से 80 Percentile Score पर उपलब्ध प्रमुख कॉलेज और संस्थान

JEE Main में 70-80 Percentile Score के साथ (लगभग 1.5 लाख से 2.5 लाख रैंक), छात्रों को JoSAA और राज्य स्तरीय काउंसलिंग में भाग लेना चाहिए। इस स्कोर पर कई सरकारी और निजी संस्थान बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं। विशेष रूप से गृह राज्य कोटा इन छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हो सकता है, क्योंकि NITs में 50% सीटें होम स्टेट के छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं।

राज्य स्तरीय कॉलेजों का महत्व और टॉप कॉलेज

जब बात JEE Main में 70-80 Percentile Score करने के बाद Admission की आती है, तो छात्र केवल NITs और IIITs पर ही फोकस करते हैं और राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग कॉलेजों (State Level Engineering Colleges) को नजरअंदाज कर देते हैं। छात्रों के लिए यह एक बड़ी भूल हो सकती है, क्योंकि देश के कई राज्यों में ऐसे सरकारी कॉलेज हैं जिनकी शैक्षणिक गुणवत्ता, फीस संरचना और प्लेसमेंट रिकॉर्ड कई निजी विश्वविद्यालयों से बेहतर हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के शीर्ष सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज न केवल उद्योग जगत में प्रतिष्ठित हैं, बल्कि उनकी अपनी एक अलग पहचान और एलुमिनाई नेटवर्क भी है।

इन कॉलेजों की सबसे बड़ी खासियत है होम स्टेट कोटा (Home State Quota) उदाहरण के लिए, दिल्ली के DTU या NSUT में दिल्ली के 85% से अधिक छात्रों को प्रवेश मिलता है, जिससे कटऑफ रैंक अन्य राज्यों के छात्रों की तुलना में काफी कम हो जाती है। इसी प्रकार, महाराष्ट्र के COEP या VJTI में 80% से अधिक सीटें राज्य के छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं। इसका मतलब यह है कि यदि आप उसी राज्य के निवासी हैं, तो 70-80 पर्सेंटाइल होने के बावजूद आपको सिविल, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल जैसी प्रतिष्ठित ब्रांचेस मिल सकती हैं, जहां बाहरी राज्य के छात्रों को 95+ पर्सेंटाइल की आवश्यकता होती है।

राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग कॉलेजों की विशेषताएं

बात जब राज्य स्तरीय कॉलेजों की विशेषताओं की आती है तो इनको भी देश की Top NITs से कमतर नहीं आँका जा सकता है। इन कॉलेजों में फीस भी बेहद कम होती है आमतौर पर ₹40,000 से ₹1.5 लाख प्रति वर्ष के बीच, जो किसी भी प्राइवेट कॉलेज की फीस से 50-70% कम है। साथ ही, इनमें से कई संस्थान, जैसे कि कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे (COEP) या एलडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, अहमदाबाद, का प्लेसमेंट औसत 6-12 LPA के बीच रहता है, जो टॉप NITs के बराबर है। इसलिए, छात्रों की रणनीति यह होनी चाहिए कि सबसे पहले अपने राज्य के टॉप गवर्नमेंट कॉलेजों की सूची बनाएं और उनकी काउंसलिंग प्रक्रिया को समझें, क्योंकि यही वह जगह है जहां आपके स्कोर का सबसे अधिक मूल्य है।

JEE Main में 70-80 Percentile Score पर संभावित राज्य स्तरीय कॉलेज

नीचे दी गई तालिका में कुछ प्रमुख राज्यों के टॉप सरकारी कॉलेजों की सूची दी गई है। इन कॉलेजों में उन छात्रों को प्रवेश मिलने की सर्वाधिक संभावनाएं है, जो अपने गृह राज्य कोटा (Home State Quota) का लाभ लेना चाहते हैं और जिन्होंने JEE Main में 70-80 Percentile Score हासिल किया है।

राज्यकॉलेज का नामस्थापनाअनुमानित फीस (प्रति वर्ष)लोकप्रिय ब्रांचेसप्लेसमेंट औसत (LPA)
दिल्लीदिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU)1941₹1.5 – 2.0 लाखCSE, ECE, ME, Civil12-15
दिल्लीनेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT)1983₹1.5 – 2.0 लाखCSE, ECE, IT10-14
महाराष्ट्रकॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे (COEP)1854₹0.8 – 1.2 लाखMech, Civil, E&TC8-12
महाराष्ट्रवीरमाता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (VJTI), मुंबई1887₹0.9 – 1.4 लाखElectrical, Mech, CS9-13
गुजरातएलडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, अहमदाबाद1948₹0.5 – 1.0 लाखCivil, Mech, Electrical6-9
गुजरातसरदार वल्लभभाई पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SVIT), वलसाड1997₹0.6 – 1.0 लाखCSE, Civil, IT5-8
मध्य प्रदेशमहाकौशल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT), उज्जैन2010₹0.4 – 0.8 लाखMech, Civil, Electrical4-6
राजस्थानजयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर (JECRC), जयपुर2000₹1.0 – 1.5 लाखCSE, IT, Civil4-7
उत्तर प्रदेशएमिटी यूनिवर्सिटी (गवर्नमेंट सीट्स), नोएडा2005₹1.2 – 1.8 लाखECE, EE, ME5-8
पश्चिम बंगालमौलाना अबुल कलाम आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (MAKAUT), कोलकाता2001₹0.5 – 1.0 लाखIT, CSE, EE4-7

होम स्टेट कोटा का सही उपयोग

छात्रों को इन कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया को समझना बेहद जरूरी है। इन कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए प्रत्येक राज्य की अपनी अलग काउंसलिंग प्रक्रिया होती है (जैसे दिल्ली के लिए JAC दिल्ली, महाराष्ट्र के लिए MHT CET काउंसलिंग, राजस्थान के लिए REAP, आदि)। इसके बाद निम्न चरणों का पालन करवाया जाता है।

  • पंजीकरण: सबसे पहले, जिस राज्य के आप निवासी हैं या जिस राज्य में आपने 12वीं की है, उस राज्य की ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए समय पर पंजीकरण करें।
  • दस्तावेज: निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate), 12वीं की मार्कशीट, JEE Main Score Card और कैटेगरी सर्टिफिकेट (यदि लागू हो) तैयार रखें।
  • चॉइस फिलिंग: अपने राज्य के सभी टॉप गवर्नमेंट कॉलेजों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध (List) करें। छात्र इस सूचि में इंजीनियरिंग की कोर ब्रांचेस को शामिल करना न भूलें, क्योंकि उनमें सीटें ज्यादा होती हैं और कटऑफ तुलनात्मक रूप से कम रहती है।

Core Engineering Branches करियर की नींव

JEE की तैयारी करने वाले छात्र और उनके अभिभावक अक्सर इंजीनियरिंग की CSE और IT या देश की सबसे अच्छी IIT कौन सी है? को ही सफलता का पर्याय मान लेते हैं। ऐसे छात्रों को अपने परिणामों से निराश होने के बजाय कोर ब्रांचों की और देखना चाहिए। वर्तमान समय में इंजीनियरिंग की इन कोर ब्रांचेस में भी असीम संभावनाएं हैं। इन ब्रांचों की सरकारी क्षेत्र में मांग हमेशा बनी रहती है। JEE Main में 70 से 80 Percentile Score करने वाले छात्रों को इन ब्रांचों में प्रवेश लेकर अपने भविष्य को उज्जवल बना सकतें है।

सिविल इंजीनियरिंग (Civil Engineering)

सिविल इंजीनियरिंग (Civil Engineering) सबसे पुरानी और सबसे बड़ी इंजीनियरिंग शाखाओं (Branches) में से एक है, जो सीधे तौर पर किसी देश के बुनियादी ढांचे को आकार देती है। यह वह क्षेत्र है जहां छात्र सड़क, पुल, बांध, हवाई अड्डे, रेलवे ट्रैक और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स जैसी विशाल परियोजनाओं को जमीन पर उतरते हुए देख सकते हैं। JEE Main में 70 से 80 Percentile Score हासिल करने वाले छात्रों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है क्योंकि यह ब्रांच लगभग हर सरकारी और प्राइवेट कॉलेज में उपलब्ध है और इसमें सीटों की संख्या भी अधिक है। 

भारत सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर बूम और नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) प्रोजेक्ट के तहत आने वाले दशकों में सिविल इंजीनियर्स की मांग और बढ़ने वाली है, जिससे यह करियर के लिहाज से छात्रों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद विकल्प बन जाता है।

  • करियर विकल्प: साइट इंजीनियर, प्रोजेक्ट मैनेजर, स्ट्रक्चरल डिज़ाइनर, या सरकारी विभागों (PWD, NHAI) में इंजीनियर।
  • आवश्यक कौशल: AutoCAD, STAAD Pro, BIM (Building Information Modeling) जैसे सॉफ्टवेयर की जानकारी।
  • आगे की राह: GATE की तैयारी कर M.Tech करें या सीधे PSUs (ONGC, NHAI, SAIL) में जॉब पाएं।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Mechanical Engineering)

मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Mechanical Engineering) को ‘इंजीनियरिंग की राजशाही’ कहा जाता है, क्योंकि यह हर उस उद्योग की रीढ़ है जो मशीनों और यांत्रिक शक्ति (Mechanism Power) पर चलता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर (कार, बाइक), एयरोस्पेस (रॉकेट, हवाई जहाज), मैन्युफैक्चरिंग (फैक्ट्रियां), पावर प्लांट और यहां तक कि रोबोटिक्स तक, हर जगह मैकेनिकल इंजीनियर्स की जरूरत होती है।

70-80 पर्सेंटाइल पाने वाले छात्रों का इस ब्रांच को चुनना एक रणनीतिक निर्णय हो सकता है क्योंकि यह उनको GATE के माध्यम से सरकारी क्षेत्र (PSUs) में जाने के असीमित अवसर प्रदान करती है। साथ ही, प्राइवेट सेक्टर में भी इसकी मांग लगातार बनी रहती है, खासकर डिजाइन, Research और Development के क्षेत्रों में।

  • करियर विकल्प: डिज़ाइन इंजीनियर (ऑटोमोटिव/प्रोडक्ट), मेंटेनेंस इंजीनियर, थर्मल इंजीनियर, या रोबोटिक्स एक्सपर्ट।
  • उभरते क्षेत्र: इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) डिजाइन, रिन्यूएबल एनर्जी, और 3D प्रिंटिंग में नए अवसर।
  • प्रमुख नियोक्ता: टाटा मोटर्स, महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL)।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (Electrical Engineering)

इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (EEE/ECE) एक ऐसा क्षेत्र है जो आधुनिक जीवन के हर पहलू जैसे घर की बिजली आपूर्ति से लेकर मोबाइल फोन के अंदर लगे माइक्रोचिप्स तक को छूता है। यह ब्रांच मूल रूप से दो बड़े क्षेत्रों को कवर करती है: पावर (जनरेशन, ट्रांसमिशन) और इलेक्ट्रॉनिक्स (सर्किट, कम्युनिकेशन)। इस ब्रांच को चुनने वाले छात्रों के लिए सरकारी क्षेत्र में सबसे ज्यादा अवसर हैं, जैसे बिजली निगम, BHEL, SAIL, और दूरसंचार विभाग। वहीं प्राइवेट सेक्टर में सीमेंस, एलजी, सैमसंग और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में भी इन इंजीनियर छात्रों की जबरदस्त मांग रहती है।

  • करियर विकल्प: पावर इंजीनियर, इलेक्ट्रॉनिक्स डिज़ाइन इंजीनियर, VLSI डिज़ाइनर, या टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर।
  • स्कोप: सरकारी क्षेत्र (बिजली बोर्ड, SAIL, BHEL) के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर (सीमेंस, एलजी, सैमसंग) में बेहतरीन करियर अवसर।

NITs और GFTIs में संभावनाएं

इस Percentile Range में, छात्र नए या कम प्रतिस्पर्धी NITs और कई GFTIs की कोर इंजीनियरिंग ब्रांचेस में दाखिला ले सकते हैं। ये संस्थान सरकारी अनुदान से चलते हैं, जिससे फीस कम और शिक्षा की गुणवत्ता अच्छी होती है। यहाँ हम ऐसे छात्रों के लिए इन कॉलेजों के उदहारण दे रहें है।

  • संभावित NITs: NIT Agartala, NIT Meghalaya, NIT Goa, NIT Hamirpur, और NIT Jalandhar में सिविल, मैकेनिकल, या इलेक्ट्रिकल जैसी ब्रांचेस में प्रवेश मिलने की संभावना बनती है।
  • GFTIs के विकल्प: बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा, रांची; श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, इंदौर जैसे संस्थान भी छात्रों को JEE Main Score के आधार पर प्रवेश देते हैं।

प्रतिष्ठित Private University

वर्तमान समय में इंजीनियर बनने के लिए छात्रों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इंजीयरिंग के छात्रों की संख्या बढ़ने के कारण ही अब तेजी से Private Engineering Colleges की संख्या भी बढ़ी है। छात्रों के इन कॉलेजों में एडमिशन मिलने के ज्यादा मौके होते हैं और ये आपको आपकी पसंद की ब्रांच दे सकते हैं। आधुनिक प्राइवेट कॉलेजों में अब प्लेसमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर भी बेहतरीन मिल रहा है। छात्रों की सहायता के लिए हमने तालिका में कुछ प्रतिष्ठित प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की सूचि दी है।

कॉलेज का नामलोकेशनसंभावित ब्रांचेसफीस (लगभग प्रति वर्ष)
KIIT Universityभुवनेश्वरCSE, ECE, मैकेनिकल, एयरोस्पेस₹3-4 लाख
LPUजालंधरCSE, ECE, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल₹2-3 लाख
Amity UniversityनोएडाCSE, बायोटेक्नोलॉजी, ECE₹3-4 लाख
UEM Jaipurजयपुरकंप्यूटर साइंस, सिविल₹1.5-2 लाख

गैर-इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर

JEE Main की तैयारी करते समय अधिकांश छात्रों और अभिभावकों के मन में यह धारणा बैठ जाती है कि इंजीनियरिंग ही एकमात्र सफल करियर विकल्प है, लेकिन यह सच नहीं है। छात्र JEE Main में 70-75 या 80 Percentile Score करने के बाद महसूस करते हैं कि इंजीनियरिंग आपके रुचि का क्षेत्र नहीं है या कुछ अलग और रचनात्मक करना चाहते हैं, तो ऐसे छात्रों के पास कई विकल्प मौजूद हैं। छात्रों की ये स्कोर करने की गणितीय समझ और समस्या सुलझाने की क्षमता ऐसे गुण हैं जो उन्हें कई गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में भी बढ़त दिला सकते हैं। 

इन छात्रों के लिए आर्किटेक्चर से लेकर बेसिक साइंस और डिप्लोमा कोर्सेस तक, ऐसे असंख्य विकल्प हैं जहां वे न केवल अच्छा करियर बना सकते हैं बल्कि अपनी रुचियों के अनुरूप काम भी कर सकते हैं। यह समझना जरूरी है कि सफलता की परिभाषा केवल इंजीनियर बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने में है जहां आपका मन लगता है।

आर्किटेक्चर और डिजाइन के क्षेत्र

यदि छात्रों रचनात्मकता, कला के प्रति लगाव और चीजों को डिजाइन करने की समझ है, तो उनके लिए आर्किटेक्चर एक शानदार करियर विकल्प हो सकता है। इंजीनियरिंग अलावा यह क्षेत्र आपको वास्तविक संरचनाओं को आकार देने का अवसर देता है जहां विज्ञान और कला का संगम होता है। B.Arch (Bachelor of Architecture) कोर्स में प्रवेश के लिए JEE Main Session 2 की तैयारी Sikar की शीर्ष JEE Coachings से पूरी करके दें।

  • जॉब रोल्स: आर्किटेक्ट, अर्बन प्लानर, लैंडस्केप आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर।
  • सैलरी: शुरुआत में 4-7 LPA तक मिल सकती है, और अनुभव के साथ इसमें तेजी से वृद्धि होती है।
  • स्किल्स जरूरी: क्रिएटिविटी, स्पेसिअलाइजेशन, ऑटोकैड और 3डी मॉडलिंग सॉफ्टवेयर (जैसे Revit) की जानकारी।

बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स (BCA)

जो छात्र कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन चार साल के इंजीनियरिंग कोर्स (B.Tech) के कठिन पाठ्यक्रम से बचना चाहते हैं, उनके लिए बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स (BCA) एक शानदार विकल्प है। यह तीन वर्षीय ग्रेजुएट कोर्स छात्रों को प्रोग्रामिंग, वेब डेवलपमेंट, डेटाबेस और आधुनिक आईटी टूल्स पर केंद्रित है। JEE Main के बाद यह छात्रों के लिए एक स्मार्ट चॉइस हो सकती है, क्योंकि यह उन्हें 3 साल में और कम फीस में आईटी इंडस्ट्री में प्रवेश का रास्ता देता है। सही स्किल्स के साथ बीसीए ग्रेजुएट्स के पास भी शानदार करियर अवसर हैं।

  • करियर के अवसर: सॉफ्टवेयर डेवलपर, वेब/ऐप डिजाइनर, डेटा एनालिस्ट, साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट, क्लाउड सपोर्ट इंजीनियर, यूआई/यूएक्स डिजाइनर।
  • सैलरी: शुरुआत में 3 से 6 LPA तक; अनुभव और सर्टिफिकेशन (जैसे MCA, डेटा साइंस) के साथ 10-15 LPA या उससे अधिक तक जा सकते हैं।
  • आगे की राह: MCA (मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स) करके विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं, या MBA करके टेक्नो-मैनेजरियल रोल्स में जा सकते हैं।

बैचलर ऑफ साइंस (B.Sc)

जो छात्र Physics, Chemistry या Maths की मौलिक अवधारणाओं में गहरी रुचि रखते हैं और चीजों के मूल कारणों को समझना चाहते हैं, तो उनके लिए बेसिक साइंस में करियर उपयुक्त हो सकता है। ऐसे छात्रों के पास B.Sc (Bachelor of Science) करने के बाद अनगिनत विकल्प खुल जाते हैं। यह रिसर्च और अकादमिक क्षेत्र का प्रवेश द्वार है। कई छात्र यह सोचकर B.Sc से कतराते हैं कि इसमें करियर के सीमित अवसर हैं, जबकि हकीकत यह है कि देश की शीर्ष शोध संस्थाएं ISRO, DRDO, BARC और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) लगातार साइंस ग्रेजुएट्स की मांग करती हैं।

  • करियर स्कोप: B.Sc के बाद M.Sc करके वैज्ञानिक बन सकते हैं (ISRO, DRDO, BARC में), या फिर फोरेंसिक साइंस, मौसम विज्ञान, या डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में जा सकते हैं।
  • टीचिंग फील्ड: इन छात्रों के पास बीएड करके स्कूलों में साइंस टीचर या लेक्चरर बनने का भी विकल्प है।

डिप्लोमा (Diploma) और वोकेशनल कोर्सेस (Vocational Courses)

अगर छात्र जल्दी से जॉब मार्केट में उतरना चाहते हैं और लंबी अवधि के डिग्री कोर्सेस में समय नहीं लगाना चाहते, तो डिप्लोमा और वोकेशनल कोर्सेस ऐसे छात्रों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। ये कोर्सेस आमतौर पर 6 महीने से लेकर 3 साल के होते हैं और इनका फोकस प्रैक्टिकल स्किल्स पर होता है। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा करने के बाद छात्र लेटरल एंट्री के जरिए सीधे B.Tech के दूसरे साल में भी दाखिला ले सकते हैं। वहीं, आज के डिजिटल युग में शॉर्ट टर्म IT कोर्सेस की मांग तेजी से बढ़ रही है, इन्हें करके छात्र फ्रीलांसिंग या अच्छी नौकरी शुरू कर सकते हैं।

  • शॉर्ट टर्म IT कोर्सेस: वेब डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग (बूटकैंप या डिप्लोमा) से छात्र फ्रीलांसिंग या नौकरी शुरू कर सकते हैं।
  • अन्य विकल्प: मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, फार्मेसी (D.Pharma) जैसे क्षेत्रों में भी अच्छे करियर हैं।

निष्कर्ष

JEE Main 2026 में 70 से 80 Percentile Score करना किसी सपने के टूटने का नाम नहीं है, बल्कि यह नए सिरे से रणनीति बनाकर आगे बढ़ने का अवसर है। यह स्कोर बताता है कि आपने परीक्षा में भाग लेने वाले लाखों छात्रों में से 80% से बेहतर प्रदर्शन किया है, जो अपने आप में एक उपलब्धि है। इस स्कोर के साथ भी आपके पास इंजीनियरिंग के क्षेत्र में NIT अगरतला, NIT गोवा जैसे सरकारी संस्थानों से लेकर KIIT, LPU जैसे प्रतिष्ठित प्राइवेट विश्वविद्यालयों तक कई बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हैं। खासकर होम स्टेट कोटा का लाभ उठाकर DTU, NSUT, COEP जैसे टॉप राजकीय कॉलेजों में प्रवेश की संभावना और भी मजबूत हो जाती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सफलता की कुंजी केवल CSE या IT जैसी ब्रांचों तक सीमित नहीं है। सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल जैसी कोर इंजीनियरिंग ब्रांचेस आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और GATE, PSUs, MBA के माध्यम से इनमें शानदार करियर ग्रोथ के अवसर मौजूद हैं। वहीं, यदि आप इंजीनियरिंग से हटकर कुछ अलग करना चाहते हैं, तो B.Arch, BCA, B.Sc या डिप्लोमा कोर्सेस जैसे विकल्प भी आपको एक सफल और संतुष्टिदायक करियर दे सकते हैं। याद रखें, JEE Score केवल एक प्रवेश परीक्षा का परिणाम है, यह आपकी वास्तविक क्षमता या आपके भविष्य की सफलता की गारंटी नहीं है। सही जानकारी, स्मार्ट रणनीति और निरंतर मेहनत से आप इस स्कोर के साथ भी अपने सपनों का करियर बना सकते हैं।

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FAQ’s

Q. क्या JEE Main 2026 में 70-80 Percentile Score अच्छा माना जाता है?

हां, 70-80 Percentile Score मध्यम स्तर का अच्छा स्कोर माना जाता है। यह दर्शाता है कि आपने परीक्षा में शामिल हुए 80% छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि यह टॉप NITs की प्रतिस्पर्धी ब्रांचेस के लिए पर्याप्त नहीं है, लेकिन यह कई अच्छे सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन दिला सकता है।

Q. JEE Main 2026 में 70-80 Percentile Score कौन-कौन से NITs में एडमिशन संभव है?

इस पर्सेंटाइल रेंज में छात्रों को NIT अगरतला, NIT मेघालय, NIT गोवा, NIT हमीरपुर और NIT जालंधर जैसे NITs में सिविल, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल जैसी कोर ब्रांचेस में एडमिशन मिलने की संभावना होती है, खासकर होम स्टेट कोटा के तहत।

Q. क्या 70-80 Percentile Score पर DTU या NSUT में एडमिशन मिल सकता है?

यदि आप दिल्ली के निवासी हैं और होम स्टेट कोटा का लाभ लेते हैं, तो 70-80 पर्सेंटाइल पर DTU या NSUT में कोर इंजीनियरिंग ब्रांचेस (जैसे सिविल, मैकेनिकल) में एडमिशन की संभावना बन सकती है। बाहरी राज्य के छात्रों के लिए यह मुश्किल हो सकता है।

Q. JEE Main 70-80 पर्सेंटाइल के बाद गैर-इंजीनियरिंग विकल्प क्या हैं?

इंजीनियरिंग के अलावा छात्र B.Arch (आर्किटेक्चर), BCA (कंप्यूटर एप्लीकेशन), B.Sc (बेसिक साइंस), डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग, या फार्मेसी (D.Pharma) जैसे कोर्सेस चुन सकते हैं। ये सभी क्षेत्र अच्छे करियर अवसर प्रदान करते हैं।

Q. Home State Quota का लाभ कैसे उठाया जा सकता है?

होम स्टेट कोटा का लाभ लेने के लिए सबसे पहले अपने राज्य की काउंसलिंग (जैसे दिल्ली के लिए JAC, राजस्थान के लिए REAP) में समय पर पंजीकरण करें। निवास प्रमाण पत्र, 12वीं मार्कशीट और JEE स्कोर कार्ड जैसे दस्तावेज तैयार रखें। चॉइस फिलिंग के समय अपने राज्य के सभी टॉप गवर्नमेंट कॉलेजों को प्राथमिकता दें।