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"सिक्कर कोचिंग एंड स्कूल का एक पोस्टर, जिसमें लिखा है 'कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में 90%+ स्कोर कैसे करें? पूरी रणनीति और टिप्स'। तस्वीर में एक छात्रा चश्मा पहनकर एकाग्रता के साथ पढ़ाई करती हुई दिखाई दे रही है।"

कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में 90%+ स्कोर कैसे करें? पूरी रणनीति और टिप्स

कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा (Class 10th Board Exam) एक विद्यार्थी के शैक्षणिक जीवन का पहला महत्वपूर्ण मोड़ होती है। यह वह समय है जब छात्र पहली बार एक राष्ट्रीय/राज्य स्तर की मानकीकृत परीक्षा का सामना करते हैं, और इसमें उच्च अंक प्राप्त करना न केवल आगे की पढाई के लिए आत्मविश्वास बढ़ाता है, बल्कि सही स्ट्रीम (विषय) चुनने का आधार भी बनता है। छात्रों के लिए लिखित सैद्धांतिक परीक्षाओं में (Written Theory Exams) 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने का लक्ष्य केवल कड़ी मेहनत तक सीमित नहीं है।

इस ब्लॉग के माध्यम से, हम आपके लिए बोर्ड परीक्षाओं में 90 % से अधिक अंक प्राप्त करने का एक कंप्लीट ब्लूप्रिंट लेकर आए हैं। इसमें न केवल विषयवार पढ़ाई के टिप्स, बल्कि समय प्रबंधन, माइंडसेट, स्वास्थ्य और परीक्षा के दौरान अपने प्रदर्शन को अधिकतम करने के तरीके शामिल हैं। यह मार्गदर्शिका उन सभी छात्रों के लिए है जो अपनी क्षमता को पहचानते हैं और उसे साबित करने के लिए एक प्रभावी रास्ता ढूंढ रहे हैं। याद रखें, 90%+ स्कोर का सफर ‘असंभव’ नहीं है, इस लक्ष्य को हासिल करने का पहला कदम आपकी मेहनत के साथ शुरू होता है।

90%+ स्कोर की नींव

90 प्रतिशत से अधिक अंक पाठ्यक्रम (Syllabus) रटने से हासिल नहीं किये जा सकते, बल्कि इसके लिए छात्रों को एक समग्र दृष्टिकोण (Holistic Approach) अपनाने की आवश्यकता होती है। इसकी शुरुआत एक मजबूत मानसिकता और एक ठोस योजना से होती है। इसके लिए छात्रों का सबसे पहला कदम है अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प (Firm Determination) लेना और यह समझना कि यह यात्रा आसान नहीं, लेकिन निश्चित रूप से प्राप्त करने योग्य है।

विशेषज्ञों और पिछले वर्षों के टोपर छात्रों के अनुसार बोर्ड परीक्षा की सफलता का 50% रहस्य एक प्रभावी योजना में ही छिपा होता है। दूसरा महत्वपूर्ण पहलू है तनाव प्रबंधन (Stress Management)। बोर्ड परीक्षा का दबाव हर किसी छात्र पर होना स्वाभाविक है, लेकिन इस दबाव को सकारात्मक ऊर्जा में बदलना और नियमित अंतराल पर आराम करना आपकी उत्पादकता (Productivity) बनाए रखने के लिए जरूरी है। एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए ध्यान (Meditation) या नियमित व्यायाम करना भी सहायक हो सकते हैं।

स्मार्ट स्टडी प्लान और टाइम मैनेजमेंट (Smart Study Plan & Time Management)

स्मार्ट स्टडी प्लान 10वीं बोर्ड परीक्षा के छात्रों के लिए एक ऐसा रोडमैप है जो उन्हें उनकी पढाई में भटकाव लाने से बचाता है। यह व्यवस्थित Study Plan हर दिन उस छात्र को उसके लक्ष्य के करीब ले जाता है, जो उसने बोर्ड परीक्षा में 90% से अधिक अंक प्राप्त करने का बनाया है। बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों की पढाई योजना इस तालिका के अनुरूप होनी चाहिए।

योजना का घटकक्या करें? (What to Do?)क्यों जरूरी? (Why is it Important?)
व्यक्तिगत समयसारिणी (Personalized Time-Table)सुबह जल्दी उठकर (5-6 बजे) सबसे कठिन विषय पढ़ें।दिन को 3-4 अध्ययन सत्रों (Study Slots) में बांटें, हर सत्र 45-60 मिनट का हो।हर सत्र के बीच 5-10 मिनट का ब्रेक जरूर लें।सप्ताहांत में एक दिन पूर्ण रूप से रिवीजन के लिए और दूसरा दिन आराम/हॉबी के लिए रखें।सुबह का समय दिमाग तरोताजा रहता है, जिससे कठिन चीजें जल्दी याद होती हैं।छोटे सत्र और ब्रेक एकाग्रता बनाए रखते हैं और ‘बर्नआउट’ से बचाते हैं।संतुलित रूटीन थकान नहीं होने देता।
प्राथमिकता सूची (Priority List)सिलेबस को तीन भागों में बांटें: मजबूत (Strong), औसत (Average), कमजोर (Weak) विषय/अध्याय।कमजोर विषयों को सप्ताह के सबसे ज्यादा ऊर्जा वाले समय (Peak Hours) में रखें।मजबूत विषयों को रिवीजन और प्रैक्टिस के लिए नियमित समय दें।समय और ऊर्जा का कुशल आवंटन होता है।कमजोरियों पर ध्यान देने से समग्र प्रदर्शन में तेजी से सुधार आता है।मजबूत विषयों पर पकड़ बनी रहती है।
लक्ष्य-आधारित दैनिक लक्ष्य (Goal-Based Daily Targets)दिन की शुरुआत में ही तय कर लें कि आज कौन से 2-3 अध्याय पूरे करने हैं या कितने सैंपल पेपर सॉल्व करने हैं।लक्ष्य यथार्थवादी और मापने योग्य (Measurable) होने चाहिए।यह प्रेरणा और अनुशासन बनाए रखता है।हर दिन कुछ पूरा करने की संतुष्टि मिलती है, जो आत्मविश्वास बढ़ाती है।अंतिम समय में पढ़ाई का बोझ नहीं रहता।

सिलेबस और कांसेप्ट क्लैरिटी (Syllabus & Concept Clarity)

10 वीं बोर्ड परीक्षा में 90% से अधिक का स्कोर हासिल करने के लिए एक Smart Study Plan के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कदम है। छात्र को अपने पाठ्यक्रम (Syllabus ) पर पूरी पकड़ रखना और परीक्षा के पूछी जाने वाली महत्वपूर्ण अवधारणाओं को गहराई से समझना। पिछले वर्षों के टोपर छात्रों के अनुसार 10 वीं कक्षा में भी अब रटकर पढ़ने से काम नहीं चलता है बल्कि पाठय्रकम की सम्पूर्ण अवधारणाओं को सीखने से टॉप करने का रास्ता खुलता है।

  • NCERT को बाइबिल मानें: 10 वीं बोर्ड परीक्षा में पूछे जाने वाले 90% से अधिक प्रश्न सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से NCERT किताबों से ही आते हैं। इसलिए छात्र हर विषय की NCERT को कम से कम 3-4 बार अलग-अलग तरीकों से पढ़ें:
  • पहली बार: धीरे-धीरे, हर लाइन और डायग्राम को समझते हुए।
  • दूसरी बार: नोट्स बनाते हुए और महत्वपूर्ण बिंदुओं को हाइलाइट करते हुए।
  • तीसरी बार: अध्याय के अंत के सभी प्रश्नों को हल करते हुए और रिवीजन करते हुए इस चरण में आप अंतिम समय के लिए कुछ संक्षिप्त (Short ) नोट्स भी बना सकतें हैं। 
  • कांसेप्ट क्लैरिटी पर फोकस: छात्र विज्ञान (Science) और गणित (Maths) में फार्मूले रटने के बजाय, यह समझें कि वे कैसे बने और परीक्षा के पेपर में कहां काम आएंगे। सामाजिक विज्ञान (Social Science) में घटनाओं के कारण और परिणाम (Cause & Effect) के बीच संबंध समझें। हिंदी/अंग्रेजी में व्याकरण (Grammar) के नियमों को उदाहरण सहित याद रखें।
  • नोट्स बनाना जरूरी है: अपने हाथ से छोटे-छोटे, स्पष्ट नोट्स (चैप्टरवाइस) जरूर बनाएं। इनमें केवल सूत्र, डेफिनेशन, डायग्राम, नाम, तिथियां और महत्वपूर्ण बिंदु ही लिखें। ये नोट्स आखिरी समय में रिवीजन के लिए सोने की चाबी साबित होंगे।
  • डाउट क्लीयरेंस: छात्र अपने मन में उठने वाले किसी भी सवाल या संदेह को दबाकर न रखें। उसे तुरंत अध्यापक, दोस्त या ऑनलाइन विश्वसनीय स्रोतों से स्पष्ट कर लें। एक अनसुलझा डाउट परीक्षा हॉल में आपके लक्ष्य के लिए भारी पड़ सकता है।

मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस (Mock Tests और Practice)

कक्षा 10 वीं बोर्ड परीक्षार्थियों को यह बात समझ लेनी चाहिए की जितना ज्यादा अभ्यास, उतनी ही पक्की पकड़। 90%+ स्कोर के लक्ष्य में, मॉक टेस्ट और नियमित प्रैक्टिस वह कार्य है जो छात्रों की पढाई और तैयारी को वास्तविक परीक्षा परिणाम से जोड़ता है। यह केवल ज्ञान का आकलन नहीं करता, बल्कि आपको परीक्षा के तनाव (Exam Pressure) में रहकर भी अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन देने का अभ्यास कराता है।

अभ्यास का प्रकारकैसे करें?मुख्य फायदा
अध्यायवार प्रश्न अभ्यासहर अध्याय पूरा करने के बाद NCERT एक्सरसाइज और 2-3 अन्य किताबों से प्रश्न हल करें।अवधारणाओं की पकड़ मजबूत होती है, छोटी गलतियां सुधरती हैं।
पिछले 10 वर्षों के प्रश्नपत्रटाइमर लगाकर, वास्तविक परीक्षा जैसे माहौल में पुराने पेपर सॉल्व करें। हल करने के बाद उत्तर ध्यान से चेक करें और गलतियों की लिस्ट बनाएं।परीक्षा पैटर्न, महत्वपूर्ण टॉपिक्स का पता चलता है। गति और सटीकता बढ़ती है।
मॉक टेस्ट सीरीजमहीने में कम से कम 4-5 फुल सिलेबस मॉक टेस्ट दें। इसे ऐसे दिन पर दें जब आप पूरी तरह तैयार हों।परीक्षा का तनाव और टाइम मैनेजमेंट सीखने को मिलता है। तैयारी का सही आकलन होता है।
सैंपल पेपर और मॉडल आंसरबोर्ड द्वारा जारी सैंपल पेपर और टॉपर्स के मॉडल आंसर शीट देखें कि उत्तर कैसे लिखने पर पूरे अंक मिलते हैं।उत्तर लेखन शैली, प्रस्तुति और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करने का तरीका पता चलता है।

विषयवार तैयारी की रणनीति (Subject-Wise Preparation Strategy)

90% से अधिक अंक प्राप्त करने के लिए सभी विषयों को एक जैसा नहीं पढ़ा जा सकता। प्रत्येक विषय का अपना एक स्वरूप, महत्व और मांग होती है। एक जैसी रणनीति अपनाने से छात्र कुछ विषयों में तो अच्छा कर सकते हैं, लेकिन कुछ में पीछे रह जाएंगे। इसलिए, एक सफल छात्र वही होता है जो विषय की प्रकृति के अनुरूप अपनी पढ़ाई का तरीका बदल लेता है। हमने यहाँ प्रमुख विषयों गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं के लिए विशिष्ट एवं कारगर रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। 

गणित (Mathematics)

गणित एक अभ्यास-आधारित विषय है। यहां समझ और अभ्यास का अनुपात 30:70 है। छात्र इस बात की गांठ बांध ले, गणित विषय में केवल सूत्र याद करने से काम नहीं चलेगा, उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के माध्यम से अभ्यास में लाना जरूरी है। छात्र इस तालिका का अनुसरण कर सकतें है। 

रणनीति (Strategy)क्रिया-योजना (Action Plan)विशेष टिप (Tip)
अवधारणा स्पष्टता (Concept Clarity)NCERT की व्याख्याओं और उदाहरणों को बिना छोड़े समझें। हर स्टेप का तर्क जानें।हर नए फॉर्मूले के साथ उसका व्युत्पत्ति (Derivation) या तर्क समझने का प्रयास करें।
नियमित अभ्यास (Regular Practice)रोजाना NCERT के अभ्यास और एक अतिरिक्त किताब से प्रश्न हल करें। विविधता पर ध्यान दें।“देखकर” नहीं, बल्कि “स्वयं हल करके” अभ्यास करें।
मॉक टेस्ट (Mock Tests)टाइमर लगाकर प्रश्नपत्र हल करें। इससे गति और सटीकता दोनों बढ़ेगी।हर मॉक टेस्ट के बाद गलत हुए प्रश्नों का विश्लेषण जरूर करें।
सूत्र संशोधन (Formula Revision)अध्यायवार सभी सूत्रों की एक अलग नोटबुक/चार्ट बनाएं। रोज सुबह एक नजर डालें।सूत्रों को उनके अनुप्रयोग (Application) के साथ याद रखें, शब्दशः रटने से नहीं।

सुझाव: कक्षा 10 वीं के छात्र अपने दिन की शुरुआत गणित के सवालों के अभ्यास करने से करें। सीकर के बोर्डिंग स्कूलों के विशेषज्ञों के अनुसार सुबह का तरोताजा दिमाग जटिल समस्याओं को हल करने में अधिक कुशल होता है।

विज्ञान (Science)

विज्ञान तीन अलग-अलग विषयों का समूह है, जिनमें से प्रत्येक की अपनी मांग है। फिजिक्स में गणितीय समझ, केमिस्ट्री में प्रायोगिक समझ (Practical Understanding) और बायोलॉजी में दृश्य स्मृति (Visual Memory) की आवश्यकता होती है। छात्र विज्ञान विषय को इसी आधार पर पढ़ें।

घटक (Component)रणनीति (Strategy)
भौतिकी (Physics)नियमों और सिद्धांतों की गहन समझ पर फोकस करें। उदाहरणों के साथ समझें। न्यूमेरिकल्स का नियमित अभ्यास जरूरी है।
रसायन विज्ञान (Chemistry)रासायनिक अभिक्रियाओं (Reactions), समीकरणों (Equations) और आवर्त सारणी (Periodic Table) के ट्रेंड्स को याद रखें। डायग्राम (जैसे कोई डिवाइस) भी महत्वपूर्ण हैं।
जीव विज्ञान (Biology)डायग्राम, प्रक्रियाओं के चरण और परिभाषाओं पर जोर दें। चित्र बनाने का अभ्यास करें और उसमें हर भाग का नाम लिखें।

स्मार्ट दृष्टिकोण: बायोलॉजी के लिए कॉन्सेप्ट मैप्स (Concept Maps) और फिजिक्स की प्रक्रियाओं के लिए फ्लोचार्ट्स (Flowcharts) बनाएं। यह याद रखने में बहुत मददगार होता है। ये कॉन्सेप्ट्स 10 वीं के बाद NEET की तैयारी करने वाले छात्रों को बहुत ज्यादा काम आतें हैं।

सामाजिक विज्ञान (Social Science)

सामाजिक विज्ञान विषय सूचनाओं का एक विशाल भंडार है, जिसे याद रखने के लिए रटने के बजाय इतिहास और घटनाओं को समझने बीच आपसी संबंध बनाने की जरूरत होती है।

फोकस क्षेत्र (Focus Area)तैयारी रणनीति (Preparation Strategy)
इतिहास (History)घटनाओं की टाइमलाइन चार्ट बनाएं। कारण, घटना और परिणाम (Cause, Event, Effect) को जोड़कर याद करें।
भूगोल (Geography)मानचित्र कार्य (Map Work) का नियमित अभ्यास सबसे जरूरी है। महत्वपूर्ण परिभाषाओं और भू-आकृतियों को समझें।
राजनीति विज्ञान (Civics)अध्यायों में दिए गए अधिकारों, संस्थाओं और प्रक्रियाओं के बीच आपसी संबंध (Inter-connections) समझें।
अर्थशास्त्र (Economics)महत्वपूर्ण शब्दावली (टर्म्स) की सटीक परिभाषाएं और उनके वास्तविक जीवन में अनुप्रयोग (Applications) समझें।

महत्वपूर्ण टिप: छात्र अगर इस विषय को मानचित्र और फ्लोचार्ट्स का प्रयोग कर पढ़ें तो स्कोर में एक बड़ा अंतर ला सकते हैं। उन्हें नजरअंदाज न करें।

भाषाएँ (हिंदी एवं अंग्रेजी) (Languages – Hindi & English)

भाषायी विषयों में अंकों का आधार व्याकरणिक शुद्धता और अभिव्यक्ति की स्पष्टता है। इसलिए छात्रों को इस बात का समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि यहाँ रटंत विद्या काम नहीं आती बल्कि, बार बार किया गया अभ्यास काम आता है।

क्षेत्र (Area)क्रिया-योजना (Action Plan)
लेखन कौशल (Writing Skills)निबंध (Essay), पत्र (Letter), सार-लेखन (Precis) और अपठित गद्यांश (Comprehension) का नियमित अभ्यास करें।
व्याकरण (Grammar)व्याकरण के नियमों को रोजाना कुछ प्रश्न हल करके मजबूत करें। गलतियों को सुधारने पर ध्यान दें।
साहित्य (Literature)पाठ्यपुस्तक के पात्रों का चरित्र-चित्रण (Character Sketch), कविताओं के भावार्थ और महत्वपूर्ण उद्धरण (Quotes) याद करें।

Golden Rule: साफ़ हैंडराइटिंग + सुनिर्मित उत्तर (Structured Answers) = आसान अंक। छात्र इन विषयों में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर को पैराग्राफ और पॉइंट्स में लिखकर प्रस्तुत करें। इससे परीक्षक प्रभावित होगा और श्रेष्ठ अंक देने के लिए बाध्य होता है।

दैनिक अध्ययन योजना – Daily Study Plan (Sample)

90% से अधिक अंक प्राप्त करना कोई एक दिन का चमत्कार नहीं, बल्कि निरंतर और अनुशासित प्रयास का परिणाम है। एक संतुलित और व्यवस्थित दैनिक समय सारणी (Daily Time Table) छात्रों का इस लक्ष्य की ओर बढ़ने का सबसे मजबूत हथियार है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र हर विषय को पर्याप्त समय दें, नियमित रिवीजन करें और मॉक टेस्ट के लिए भी समय निकालें। जिससे उनकी तैयारी संपूर्ण और प्रभावी बानी रहे। इस Study Planning में पोषण, नींद और छोटे-छोटे विराम (Breaks) को भी शामिल किया गया है।

90%+ स्कोर के लिए दैनिक समय सारणी

नीचे दी गई तालिका एक आदर्श दिन की रूपरेखा है। छात्र इसे अपनाने से पहले, अपने स्कूल/कोचिंग के घंटे और अपने सबसे अधिक ऊर्जावान समय (Peak Productivity Hours) के अनुसार इसमें बदलाव कर लें।

समय स्लॉट (Time Slot)गतिविधि (Activity)विस्तृत कार्य योजना एवं सुझाव
सुबह 6:00 – 7:30 बजेगणित / विज्ञान अभ्यासकार्य: कठिन अध्यायों के प्रश्न हल करना या न्यूमेरिकल प्रैक्टिस।सुझाव: यह समय दिमाग के सबसे तेज और तरोताजा रहने का होता है, इसलिए सबसे चुनौतीपूर्ण विषय इसी दौरान पढ़ें।
सुबह 8:00 – 9:00 बजेअंग्रेजी भाषा एवं साहित्यकार्य: व्याकरण (Grammar) के नियमों का अभ्यास, निबंध/पत्र लेखन, या साहित्यिक पाठों का रिवीजन।सुझाव: एक दिन व्याकरण पर, अगले दिन साहित्य पर फोकस करें।
दोपहर 10:00 – 12:00 बजेसामाजिक विज्ञानकार्य: नए अध्याय पढ़ना, नोट्स बनाना या मैप वर्क का अभ्यास।सुझाव: इतिहास और नागरिक शास्त्र को कहानी की तरह पढ़ें, भूगोल में मानचित्र पर जरूर काम करें।
दोपहर 12:30 – 2:30 बजेदोपहर का भोजन एवं आरामकार्य: पौष्टिक हल्का भोजन करें और 20-30 मिनट की झपकी (Power Nap) ले सकते हैं।सुझाव: स्क्रीन (मोबाइल/टीवी) से दूर रहें ताकि दिमाग को विश्राम मिल सके।
दोपहर 3:00 – 4:30 बजेरिवीजन या कमजोर टॉपिक पर फोकसकार्य: सुबह या पिछले दिन पढ़े गए विषयों का दोहराव या अपने कमजोर अध्यायों पर काम करना।सुझाव: यह समय अपनी गलतियों की लिस्ट पर काम करने के लिए आदर्श है।
शाम 5:00 – 7:00 बजेमॉक टेस्ट / पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रकार्य: पूर्ण समयबद्ध परीक्षा (Timed Test) देना।सुझाव: हफ्ते में कम से कम 3-4 दिन यह अभ्यास जरूर करें। टेस्ट के बाद उत्तर जांचें और एनालिसिस करें।
रात 8:00 – 9:00 बजेहल्का रिवीजन एवं नोट्स समीक्षाकार्य: दिन भर में पढ़े गए विषयों के अपने बनाए संक्षिप्त नोट्स (Short Notes) देखना।सुझाव: कोई नया टॉपिक शुरू न करें। सूत्र, तिथियां, नाम आदि याद करने का समय है।
रात 9:30 बजे तकडिनर एवं विश्रामसुझाव: हल्का डिनर लें, परिवार के साथ समय बिताएं, संगीत सुनें या हल्का पढ़ें।
रात 10:00 बजेसोने का समयसुझाव: 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद लेना याद रखें। यह याद्दाश्त और एकाग्रता के लिए अत्यंत जरूरी है।

60-30-10 अध्ययन सत्र संरचना (Study Session Structure)

बिना थके लंबे समय तक प्रभावी ढंग से पढ़ाई जारी रखने के लिए, केवल समय निर्धारित करना ही काफी नहीं है, बल्कि प्रत्येक अध्ययन सत्र (Study Session) की आंतरिक संरचना (Internal Structure) भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। 60-30-10 अध्ययन सत्र संरचना एक वैज्ञानिक और अत्यंत प्रभावी तरीका है जो 10वीं  Board Exam की तैयारी में एकाग्रता के साथ याद रखने की क्षमता (Retention Power) को अधिकतम करता है। 

यह विधि मानती है कि मनुष्य का दिमाग लगातार एक ही तरह के काम को करते रहने से जल्दी थक जाता है और उसकी कार्यकुशलता (Productivity) घट जाती है। इसलिए, इसमें अध्ययन के घंटों को तीन स्पष्ट भागों में बांटकर छात्रों के मस्तिष्क को लगातार सक्रिय, सजग और थकान से मुक्त रखने का प्रयास किया जाता है। इस रणनीति को अपनाकर छात्र न केवल अधिक देर तक पढ़ सकेंगे, बल्कि पढ़ा हुआ लंबे समय तक याद भी रख पाएंगे।

समय विभाजन (Time Division)चरण का नाम एवं उद्देश्यक्या करें? (विस्तृत कार्य योजना)इसके लाभ
60% – लर्निंग फेज (सीखने का चरण)नए अवधारणाओं को समझना एवं कठिन प्रश्नों का अभ्यास(उद्देश्य: नया ज्ञान अर्जित करना और उस पर पकड़ बनाना)इस समय में पूरी तरह से नया टॉपिक पढ़ें और समझें।समझने के बाद, उस टॉपिक से जुड़े उदाहरण (Examples) और कठिन प्रश्न (Tough Questions) हल करने का प्रयास करें।अपना पूरा ध्यान इसी नई सामग्री पर केंद्रित रखें।दिमाग सबसे ज्यादा फ्रेश होने पर नई और चुनौतीपूर्ण सामग्री सीखता है, जिससे समझ गहरी होती है।नई अवधारणा पर तुरंत प्रैक्टिस करने से वह लंबे समय तक याद रहती है।
30% – रिवीजन फेज (दोहराने का चरण)पिछली सामग्री का व्यवस्थित दोहराव(उद्देश्य: पुराने ज्ञान को ताज़ा रखना और भूलने की प्रक्रिया को रोकना)पिछले दिन या सप्ताह में पढ़े गए अध्यायों के अपने संक्षिप्त नोट्स (Short Notes) दोबारा देखें।पहले हल किए गए प्रश्नों में से कुछ चुनकर दोबारा हल करने का प्रयास करें।फ्लैशकार्ड्स (Flashcards) या सूत्र चार्ट का उपयोग करके जल्दी-जल्दी रिवीजन करें।नियमित दोहराव से याददाश्त मजबूत होती है।पुराने और नए ज्ञान के बीच संबंध बनाने में मदद मिलती है, जिससे समग्र समझ बेहतर होती है।
10% – रिफ्रेश फेज (तरोताजा होने का चरण)विराम लेकर दिमाग तरोताजा करना(उद्देश्य: मानसिक थकान दूर करना और अगले सत्र के लिए ऊर्जा बहाल करना)अपनी सीट से उठकर थोड़ी सैर (Short Walk) करें।हल्का संगीत सुनें या कुछ स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज (Stretching) करें।पानी पिएं या हल्का नाश्ता लें।मोबाइल/सोशल मीडिया से दूर रहें “यह दिमाग को और थकाता है”।छोटे विराम से एकाग्रता और उत्पादकता वापस आती है।मानसिक थकान (Mental Fatigue) और ‘बर्नआउट’ की संभावना कम हो जाती है।अगले अध्ययन सत्र के लिए उत्साह बना रहता है।

निष्कर्ष

कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में 90% से अधिक अंक प्राप्त करना कोई कठिन लक्ष्य नहीं है, बल्कि एक व्यवस्थित, समर्पित और बुद्धिमानी भरी तैयारी (Systematic, Dedicated and Smart Preparation) का परिणाम है। इस यात्रा में सफलता की कुंजी केवल लंबे घंटे पढ़ने में नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण अध्ययन (Quality Study) में छिपी है। एक स्पष्ट रणनीति के तहत समय प्रबंधन, विषयवार समझ, नियमित अभ्यास और मानसिक संतुलन को बनाए रखना ही आपको शीर्ष पर ले जाएगा। याद रखें, यह परीक्षा आपकी क्षमताओं का आकलन है, सीमाओं का नहीं। अपनी तैयारी पर भरोसा रखें, इस गाइड में बताए गए चरणों का पालन करें, और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहें।

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FAQ’s

Q. क्या 10वीं बोर्ड में 90%+ स्कोर करना संभव है?

हाँ, बिल्कुल संभव है। यह लक्ष्य एक वैज्ञानिक रणनीति, अनुशासित दिनचर्या और नियमित अभ्यास से प्राप्त किया जा सकता है। सही मार्गदर्शन और समर्पण से औसत छात्र कक्षा 10वीं में 90% से अधिक अंक प्राप्त करने का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

Q. कक्षा 10वीं में 90%+ स्कोर के लिए कितने घंटे पढ़ाई जरूरी है?

कक्षा 10वीं में 90%+ स्कोर प्राप्त करने के लिए घंटों की बजाय गुणवत्ता और निरंतरता ज्यादा महत्वपूर्ण है। एक सामान्य नियम के तौर पर, स्कूल के अलावा 6-7 घंटे की फोकस्ड पढ़ाई पर्याप्त हो सकती है, बस वह एक अच्छी योजना के तहत हो।

Q. क्या 10वीं कक्षा में 90%+ स्कोर के लिए NCERT किताबें पर्याप्त हैं?

बिलकुल, पूरी तरह से। 10वीं कक्षा में 90%+ स्कोर के लिए NCERT किताबें पर्याप्त हैं। बोर्ड परीक्षा के लिए NCERT को आधार बनाना सबसे जरूरी है। 90% से अधिक प्रश्न सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से NCERT से ही आते हैं।

Q. अगर कक्षा 10 का एक विषय कमजोर है तो क्या करें?

अगर किसी छात्र का कक्षा 10 वीं में कोई एक विषय कमजोर है, तो उस विषय को अपनी दिनचर्या में प्राथमिकता (Priority) दें और सबसे ऊर्जावान समय में पढ़ें। उस विषय पर पकड़ बनाने के लिए विषय की बुनियादी अवधारणाओं (Basic Concepts) पर गहन ध्यान दें।

Q. कक्षा 10 वीं का सिलेबस कब तक पूरा कर लेना चाहिए?

छात्रों को परीक्षा से 2 महीने पहले पूरा सिलेबस कवर कर लेना चाहिए। इससे बचे हुए समय में केवल रिवीजन, मॉक टेस्ट और कमजोरियों पर काम करने का अवसर मिलता है।