भारत में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश पाने की इच्छा रखने वाले लाखों छात्रों के लिए NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) एकमात्र और सबसे महत्वपूर्ण द्वार है। चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए AIIMS, JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान हों या देश के शीर्ष निजी मेडिकल कॉलेज, सभी में प्रवेश का मार्ग NEET परीक्षा से होकर गुजरता है। परीक्षा के इस निर्णायक महत्व को देखते हुए, NEET 2026 का पैटर्न और संरचना समझना प्रत्येक उम्मीदवार के लिए सफलता की पहली सीढ़ी है।
NEET का पैटर्न समय-समय पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा संशोधित किया जाता रहा है, ताकि यह अधिक प्रभावी और व्यापक मूल्यांकन प्रणाली बन सके। वर्ष 2021 में प्रमुख बदलावों के बाद, NEET 2026 का पैटर्न भी छात्रों की समग्र योग्यता का आकलन करने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। इस लेख में, हम NEET 2026 परीक्षा के अपेक्षित पैटर्न, विषयवार वेटेज, प्रश्नों के प्रकार, अंकन योजना और अन्य सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करेंगे, जो आपकी तैयारी को सटीक दिशा प्रदान करेगी।
NEET 2026 परीक्षा: एक संक्षिप्त परिचय
NEET-UG (Undergraduate) भारत में MBBS, BDS, BAMS, BUMS, BHMS और अन्य अंडरग्रेजुएट मेडिकल एवं डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय स्तर की एकल प्रवेश परीक्षा है। इसका आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) करती है। वर्ष 2016 से लगातार आयोजित हो रही इस परीक्षा का उद्देश्य देश भर में मेडिकल प्रवेश के लिए एक समान, पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया स्थापित करना है।
NEET 2026 की परीक्षा मई 2026 में आयोजित होने की संभावना है। इस परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ रही है, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर भी अधिक हो गया है। ऐसे में, नवीनतम पैटर्न और परीक्षा योजना की स्पष्ट समझ ही छात्रों को रणनीतिक तैयारी करने और सफलता प्राप्त करने में मदद कर सकती है।
NEET 2026 परीक्षा पैटर्न की मुख्य विशेषताएं
NEET 2026 का पैटर्न पिछले वर्षों के पैटर्न पर ही आधारित रहने की उम्मीद है, जिसमें कुछ सूक्ष्म बदलाव हो सकते हैं। यह पैटर्न मुख्य रूप से परीक्षा के मोड, अवधि, प्रश्नों की संख्या, प्रकार और अंकन प्रणाली को परिभाषित करता है। यहाँ NEET 2026 के अपेक्षित पैटर्न की प्रमुख बातों को एक सारणी के माध्यम से समझाया गया है।
NEET 2026 परीक्षा पैटर्न:
NEET 2026 का परीक्षा पैटर्न उन लाखों छात्रों के लिए रोडमैप का काम करेगा, जो अगले वर्ष होने वाली इस महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रवेश परीक्षा में शामिल होंगे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस परीक्षा का पैटर्न एक सुव्यवस्थित ढांचा प्रदान करता है, जिसमें परीक्षा की संरचना, प्रश्नों का वितरण, अंकन प्रणाली और समयावधि जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल होते हैं। इस पैटर्न को समझना केवल परीक्षा के स्वरूप को जानने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक कुशल तैयारी रणनीति बनाने की नींव है।
वर्ष 2021 में सेक्शन-वाइस वैकल्पिक प्रश्नों की व्यवस्था लागू होने के बाद से NEET का मूल ढांचा लगभग स्थिर रहा है। NEET 2026 के पैटर्न में भी इसी नियम का पालन करते हुए, छात्रों को प्रत्येक विषय में कुछ चुनाव की स्वतंत्रता प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें अपनी ताकत के अनुसार प्रश्नों का चयन करने का अवसर मिलेगा। नीचे दी गई तालिका NEET 2026 के अपेक्षित पैटर्न को सभी महत्वपूर्ण मापदंडों के साथ स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करती है।
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| परीक्षा का मोड | ऑफलाइन (पेन और पेपर आधारित) |
| परीक्षा की अवधि | 3 घंटे 20 मिनट (200 मिनट) |
| प्रश्नों की कुल संख्या | 200 प्रश्न (उत्तर देने होंगे: 180) |
| प्रश्नों का प्रकार | बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) |
| अंकन योजना | सही उत्तर: +4 अंक गलत उत्तर: -1 अंक प्रश्न छोड़ना: 0 अंक |
| कुल अधिकतम अंक | 720 अंक |
| परीक्षा माध्यम | 13 भाषाएँ: हिंदी, अंग्रेजी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मराठी, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू, उर्दू |
NEET 2026 विषयवार विभाजन और प्रश्न वितरण
NEET 2026 की परीक्षा में तीन मुख्य विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे: फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी। बायोलॉजी को दो भागों – बॉटनी (पादप विज्ञान) और जूलॉजी (प्राणी विज्ञान) में विभाजित किया गया है। प्रत्येक विषय से प्रश्नों का वितरण एक समान है, लेकिन बायोलॉजी का कुल वेटेज सबसे अधिक (50%) है।
NEET में विषयवार प्रश्नों की संख्या और सेक्शन
NEET 2026 में प्रत्येक विषय के प्रश्नों को दो सेक्शन (A और B) में बांटा गया है। यह व्यवस्था छात्रों को कुछ चुनाव की स्वतंत्रता प्रदान करती है।
-
सेक्शन A: इसमें 35 प्रश्न होंगे। इन सभी 35 प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य होगा।
-
सेक्शन B: इसमें 15 प्रश्न होंगे। इन 15 में से किसी भी 10 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।
इस प्रकार, प्रत्येक विषय से कुल 45 प्रश्नों (35+10) के उत्तर देने होंगे। चारों विषयों को मिलाकर कुल 180 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे।
नीचे दी गई तालिका में विषयवार प्रश्नों के विभाजन को स्पष्ट किया गया है:
NEET 2026: विषयवार प्रश्न वितरण और अंक
यहाँ NEET 2026 के विषयवार प्रश्न वितरण और अंकों की स्पष्ट टेबल प्रस्तुत की गई है। यह छात्रों को परीक्षा की संरचना (Pattern) समझने में मदद करेगी।
| विषय | सेक्शन A (अनिवार्य) | सेक्शन B (वैकल्पिक – 10 चुनें) | कुल प्रश्न (उत्तर देने योग्य) | कुल अंक (अधिकतम) |
|---|---|---|---|---|
| फिजिक्स | 35 | 10 (15 में से) | 45 | 180 |
| केमिस्ट्री | 35 | 10 (15 में से) | 45 | 180 |
| बॉटनी | 35 | 10 (15 में से) | 45 | 180 |
| जूलॉजी | 35 | 10 (15 में से) | 45 | 180 |
| कुल योग | 140 | 40 | 180 | 720 |
NEET 2026 पाठ्यक्रम (सिलेबस) की विस्तृत रूपरेखा
NEET 2026 का पाठ्यक्रम (सिलेबस) छात्रों की तैयारी की दिशा निर्धारित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह सिलेबस पूरी तरह से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 11वीं और 12वीं की NCERT पाठ्यपुस्तकों पर आधारित है। इसमें भौतिक विज्ञान (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry) और जीव विज्ञान (Biology) – इन तीन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है। जीव विज्ञान को पादप विज्ञान (Botany) और प्राणी विज्ञान (Zoology) के रूप में विभाजित किया गया है। इस व्यापक सिलेबस को योजनाबद्ध तरीके से समझना और महत्वपूर्ण इकाइयों को चिन्हित करना, सफलता की रणनीति बनाने का प्रथम चरण है।
सिलेबस की गहन समझ से छात्र अनावश्यक विषयों पर समय बर्बाद करने से बच सकते हैं और उन इकाइयों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जिनसे प्रतिवर्ष अधिकाधिक प्रश्न पूछे जाते हैं। नीचे प्रत्येक विषय के अध्यायों और उनके अनुमानित महत्व को स्पष्ट करती हुई विस्तृत तालिकाएँ प्रस्तुत की गई हैं।
भौतिकी का पाठ्यक्रम(Physics Syllabus For NEET 2026):
फिजिक्स के प्रश्न अवधारणात्मक समझ और संख्यात्मक समस्याओं को हल करने की क्षमता पर केंद्रित होते हैं। यहाँ कक्षा 11वीं और 12वीं के महत्वपूर्ण अध्याय दिए गए हैं।
| अध्याय क्रमांक | अध्याय का नाम (हिंदी / English) | प्रमुख विषय-क्षेत्र | अनुमानित महत्व (प्रश्न संख्या) |
|---|---|---|---|
| कक्षा 11वीं | |||
| 1 | भौतिक जगत और मापन / Physical World and Measurement | मूलभूत | 1-2 |
| 2 & 3 | सदिश, सरल रेखा व समतल में गति / Motion | मैकेनिक्स | 4-5 |
| 4 & 5 | गति के नियम, कार्य, ऊर्जा और शक्ति / Laws of Motion, Work, Energy & Power | मैकेनिक्स | 4-5 |
| 6 | कणों के निकाय तथा घूर्णी गति / System of Particles & Rotational Motion | मैकेनिक्स | 2-3 |
| 7 | गुरुत्वाकर्षण / Gravitation | मैकेनिक्स | 2-3 |
| 8 & 9 | द्रव्य के यांत्रिक व तापीय गुण / Properties of Matter | ठोस व द्रव | 2-3 |
| 10 & 11 | ऊष्मागतिकी / Thermodynamics | थर्मोडायनामिक्स | 3-4 |
| 12 & 13 | दोलन व तरंगें / Oscillations & Waves | तरंग गति | 2-3 |
| कक्षा 12वीं | |||
| 1 & 2 | वैद्युत आवेश, क्षेत्र व विभव / Electrostatics | इलेक्ट्रोस्टैटिक्स | 4-5 |
| 3 | विद्युत धारा / Current Electricity | इलेक्ट्रिसिटी | 3-4 |
| 4 & 5 | चुम्बकत्व / Magnetism | मैग्नेटिज्म | 3-4 |
| 6 & 7 | वैद्युतचुम्बकीय प्रेरण व प्रत्यावर्ती धारा / EMI & AC | इलेक्ट्रोमैग्नेटिज्म | 3-4 |
| 8 | वैद्युतचुम्बकीय तरंगें / Electromagnetic Waves | तरंगें | 1-2 |
| 9 & 10 | किरण प्रकाशिकी व तरंग प्रकाशिकी / Ray & Wave Optics | ऑप्टिक्स | 4-5 |
| 11 | विकिरण तथा द्वैत प्रकृति / Dual Nature of Radiation | आधुनिक भौतिकी | 2-3 |
| 12 & 13 | परमाणु व नाभिक / Atoms & Nuclei | आधुनिक भौतिकी | 2-3 |
| 14 | अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी / Semiconductor Electronics | इलेक्ट्रॉनिक्स | 3-4 |
केमिस्ट्री का पाठ्यक्रम (Chemistry Syllabus For NEET 2026):
रसायन विज्ञान के पाठ्यक्रम को तार्किक रूप से तीन शाखाओं में बाँटकर पढ़ा जा सकता है। नीचे दी गई तालिका इन शाखाओं और उनके अंतर्गत आने वाले अध्यायों का विवरण देती है।
| शाखा | कक्षा | प्रमुख अध्याय (हिंदी [English]) | अनुमानित महत्व |
|---|---|---|---|
| फिजिकल केमिस्ट्री | |||
| 11वीं | रसायन विज्ञान की मूल अवधारणाएँ [Some Basic Concepts of Chemistry], परमाणु संरचना [Structure of Atom], रासायनिक आबंधन [Chemical Bonding], द्रव्य की अवस्थाएँ [States of Matter], ऊष्मागतिकी [Thermodynamics], साम्यावस्था [Equilibrium], रेडॉक्स अभिक्रियाएँ [Redox Reactions] | उच्च (लगभग 12-15 प्रश्न) | |
| 12वीं | ठोस अवस्था [Solid State], विलयन [Solutions], वैद्युतरसायन [Electrochemistry], रासायनिक बलगतिकी [Chemical Kinetics], पृष्ठ रसायन [Surface Chemistry] | उच्च (लगभग 10-12 प्रश्न) | |
| इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री | |||
| 11वीं | तत्वों का वर्गीकरण [Periodic Classification], s-ब्लॉक तत्व [s-Block Elements], p-ब्लॉक [p-Block (Group 13,14)], हाइड्रोजन [Hydrogen] | मध्यम (लगभग 8-10 प्रश्न) | |
| 12वीं | p-ब्लॉक [p-Block (Group 15-18)], d- एवं f- ब्लॉक तत्व [d & f Block Elements], उपसहसंयोजक यौगिक [Coordination Compounds], तत्वों का निष्कर्षण [Isolation of Elements] | उच्च (लगभग 10-12 प्रश्न) | |
| ऑर्गेनिक केमिस्ट्री | |||
| 11वीं | कार्बनिक रसायन के मूल सिद्धांत [Organic Chemistry – Basic Principles], हाइड्रोकार्बन [Hydrocarbons] | मध्यम (लगभग 8-10 प्रश्न) | |
| 12वीं | हैलोएल्केन्स व हैलोएरीन्स [Haloalkanes & Haloarenes], ऐल्कोहॉल, फीनॉल व ईथर [Alcohols, Phenols & Ethers], एल्डिहाइड, कीटोन व कार्बोक्सिलिक अम्ल [Aldehydes, Ketones & Carboxylic Acids], एमीन [Amines], जैव-अणु [Biomolecules], बहुलक [Polymers], दैनिक जीवन में रसायन [Chemistry in Everyday Life] | उच्च (लगभग 12-15 प्रश्न) |
बायोलॉजी का पाठ्यक्रम: (Botany and Zoology Syllabus For NEET 2026)
बायोलॉजी NEET में सर्वाधिक 50% वेटेज (90 प्रश्न) रखती है। इसे दो भागों में समझा जाता है।
| कक्षा | प्रमुख इकाई / अध्याय (हिंदी [English]) | विषय-क्षेत्र | अनुमानित महत्व |
|---|---|---|---|
| कक्षा 11वीं | |||
| 11वीं | वनस्पति जगत का वर्गीकरण एवं पादप जगत [Plant Kingdom] | बॉटनी – वर्गीकरण | महत्वपूर्ण |
| 11वीं | पुष्पी पादपों की आकारिकी एवं शारीर [Morphology & Anatomy] | बॉटनी – संरचना | महत्वपूर्ण |
| 11वीं | पादप में परिवहन, खनिज पोषण, श्वसन [Transport, Nutrition, Respiration] | बॉटनी – पादप शारीरिकी | अति महत्वपूर्ण |
| 11वीं | उच्च पादपों में प्रकाश-संश्लेषण [Photosynthesis] | बॉटनी – पादप शारीरिकी | अति महत्वपूर्ण |
| 11वीं | पादप वृद्धि एवं परिवर्धन [Plant Growth & Development] | बॉटनी – वृद्धि नियंत्रण | महत्वपूर्ण |
| 11वीं | प्राणि जगत [Animal Kingdom] | जूलॉजी – वर्गीकरण | अति महत्वपूर्ण |
| 11वीं | अकशेरुकी [Structural Organisation in Animals] | जूलॉजी – संरचना | मध्यम |
| 11वीं | कोशिका: जीवन की इकाई एवं कोशिका चक्र [Cell & Cell Cycle] | जूलॉजी – कोशिका जीवविज्ञान | अति महत्वपूर्ण |
| 11वीं | मानव शरीर विज्ञान [Human Physiology] (पाचन, श्वसन, उत्सर्जन, आदि) | जूलॉजी – शारीरिकी | सर्वाधिक महत्वपूर्ण (20+ प्रश्न) |
| कक्षा 12वीं | |||
| 12वीं | पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन [Sexual Reproduction in Plants] | बॉटनी – प्रजनन | अति महत्वपूर्ण |
| 12वीं | जैव प्रौद्योगिकी [Biotechnology] | बॉटनी – आनुवंशिकी एवं जैवप्रौद्योगिकी | अति महत्वपूर्ण |
| 12वीं | जीव और समष्टियाँ, पारिस्थितिकी तंत्र [Ecology] | बॉटनी – पारिस्थितिकी | महत्वपूर्ण |
| 12वीं | मानव जनन एवं जनन स्वास्थ्य [Human Reproduction & Health] | जूलॉजी – प्रजनन | अति महत्वपूर्ण |
| 12वीं | आनुवंशिकता और विविधता [Principles of Inheritance] | जूलॉजी – आनुवंशिकी | अति महत्वपूर्ण |
| 12वीं | विकास का आणविक आधार [Molecular Basis of Inheritance] | जूलॉजी – आनुवंशिकी | अति महत्वपूर्ण |
| 12वीं | विकास [Evolution] | जूलॉजी – विकास | महत्वपूर्ण |
| 12वीं | मानव स्वास्थ्य और रोग [Human Health & Disease] | जूलॉजी – स्वास्थ्य एवं रोग | अति महत्वपूर्ण |
NEET 2026 परीक्षा तैयारी के लिए रणनीतियाँ
NEET 2026 की अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता पाने के लिए केवल कठिन परिश्रम ही पर्याप्त नहीं है; एक बुद्धिमत्तापूर्ण, रणनीतिक और अनुशासित दृष्टिकोण आवश्यक है। सही दिशा-निर्देश और एक संरचित योजना के बिना, व्यापक सिलेबस और लाखों छात्रों के बीच अपनी पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सफलता का मंत्र नियमितता, गुणवत्तापूर्ण अभ्यास और निरंतर मूल्यांकन में निहित है।
यह खंड उन व्यावहारिक और कारगर रणनीतियों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करता है, जिन्हें अपनाकर कोई भी छात्र अपनी तैयारी को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकता है। इन रणनीतियों को चार स्पष्ट भागों में विभाजित किया गया है: नींव का निर्माण, अवधारणात्मक मजबूती, नियमित मूल्यांकन, और समग्र कल्याण। इन चारों का समन्वय ही NEET 2026 में उत्कृष्ट स्कोर की कुंजी है।
NCERT NEET 2026 की तैयारी के लिए बुनियादी
NCERT की पाठ्यपुस्तकों को NEET की ‘बाइबिल’ कहा जाए तो कुछ भी ज्यादा नही होगा। अधिकांश प्रश्न, चाहे वे सीधे हों या अवधारणा-आधारित, इन्हीं NCERT पुस्तकों से लिए जाते हैं। छात्र NEET की तैयारी NCERT पुस्तकों से निम्न तरीकों से कर सकते हैं।
| कार्ययोजना | विस्तृत क्रियान्वयन | अपेक्षित परिणाम |
|---|---|---|
| गहन अध्ययन | प्रत्येक पंक्ति, उदाहरण, पैरा, बॉक्स में दी गई जानकारी, डायग्राम और चैप्टर एंड सारांश को 2-3 बार पढ़ें | पाठ्यक्रम का संपूर्ण कवरेज और छोटे से छोटे तथ्यों पर पकड़ |
| विषयवार दृष्टिकोण | बायोलॉजी: NCERT को शब्दशः याद करने पर जोर। सभी डायग्राम स्वयं बनाने का अभ्यास करें। फिजिक्स/केमिस्ट्री: कॉन्सेप्ट और डेरिवेशन समझें। NCERT में दिए गए सभी न्यूमेरिकल्स हल करें |
बायोलॉजी में सटीकता और फिजिक्स/केमिस्ट्री में कॉन्सेप्ट क्लैरिटी |
| नोट्स निर्माण | प्रत्येक अध्याय के बाद स्वयं के शॉर्ट नोट्स या फ्लैश कार्ड बनाएं। ये रिवीजन के समय अमूल्य साबित होंगे | त्वरित रिवीजन की सुविधा और समय की बचत |
अवधारणात्मक मजबूती (Strong Conceptual Knowledge)
छात्रों को यह बात समझ लेनी चाहिए की रटने से प्राप्त ज्ञान स्थायी नहीं होता। खासकर फिजिक्स और केमिस्ट्री में, इन विषयों में कॉन्सेप्ट की गहरी समझ ही जटिल प्रश्नों को हल करने में सक्षम बनाती है। छात्र निम्न प्रक्रियाओं का पालन अवश्य करें यह आपकी तैयारी के लिए मददगार सिद्ध होगी।
-
फिजिक्स: फार्मूले को केवल याद न करें, समझें कि वह कैसे और कहाँ से आया। प्रत्येक टॉपिक के बाद विभिन्न स्तर (आसान, मध्यम, कठिन) के प्रश्नों का अभ्यास करें। यूनिट्स और डायमेंशनल एनालिसिस पर ध्यान दें।
-
केमिस्ट्री:
-
फिजिकल केमिस्ट्री: न्यूमेरिकल प्रैक्टिस सबसे महत्वपूर्ण है। स्टेप-बाय-स्टेप हल करने की आदत डालें।
-
ऑर्गेनिक केमिस्ट्री: रिएक्शन मैकेनिज्म पर फोकस करें। यह समझने की कोशिश करें कि कोई रिएक्शन क्यों और कैसे होता है, न कि केवल क्या होता है। नेम रिएक्शंस भी महत्वपूर्ण हैं।
-
इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री: तथ्यों को याद करने के साथ-साथ ट्रेंड्स (जैसे आयनन एन्थैल्पी, आकार में परिवर्तन) को समझें।
-
नियमित मूल्यांकन (Regular Evaluation)
यह वह प्रक्रिया है जो छात्रों की तैयारी को वास्तविक परीक्षा से जोड़ती है, छात्रों के नियमित मुल्यांकन करने से उन्हें अपनी गलतियों का पता चलता है और वे परीक्षा से पहले ही उन्हें सुधारकर अपने NEET स्कोर में सुधार कर सकतें है। यहाँ NEET तैयारी के लिए गतिविधियों की कार्ययोजना को स्पष्ट टेबल में प्रस्तुत किया गया है। यह छात्रों के लिए व्यवस्थित अभ्यास रणनीति प्रदान करता है।
| गतिविधि | अनुशंसित आवृत्ति | उद्देश्य एवं लाभ |
|---|---|---|
| रिवीजन | साप्ताहिक (गत सप्ताह के टॉपिक्स) एवं मासिक (सभी कवर किए गए टॉपिक्स) | भूलने की दर को कम करना, अवधारणाओं को दीर्घकालिक स्मृति में स्थानांतरित करना |
| मॉक टेस्ट | पूर्ण सिलेबस कवर होने के बाद साप्ताहिक 1-2 पूर्ण लंबाई वाले मॉक टेस्ट | समय प्रबंधन, परीक्षा के दबाव में काम करने की क्षमता, सटीकता में वृद्धि, वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव |
| PYQ अभ्यास | प्रतिदिन कम से कम 20-30 पिछले वर्षों के प्रश्न (NEET/AIPMT) हल करें | प्रश्नों के पैटर्न, कठिनाई स्तर और महत्वपूर्ण टॉपिक्स की पहचान। आत्मविश्वास में वृद्धि |
| विश्लेषण | हर मॉक टेस्ट और PYQ सेशन के बाद गलतियों का गहन विश्लेषण करें | कमजोर क्षेत्रों की पहचान, गलतियों से सीख, भविष्य में पुनरावृत्ति रोकना |
स्थिर का आधार: योजना, अनुशासन एवं स्वास्थ्य
इन्हें भी पढ़ें:
- नीट एग्जाम क्या होता है?
- सीकर में नीट के बेस्ट कोचिंग सेंटर
- सीकर बनाम कोटा: कौन है बेहतर
- सीकर के बेस्ट JEE कोचिंग सेंटर
- सीकर कोचिंग के लिए बेस्ट क्यों है?


