भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जिन्हें सामान्य रूप से IIT के नाम से जाना जाता है, भारत के सबसे प्रतिष्ठित और भरोसेमंद इंजीनियरिंग संस्थान माने जाते हैं। तभी IIT इंजीनियर्स की सैलरी भारत के बाकी इंजीनियरिंग कॉलेजों की तुलना में आमतौर पर काफी अधिक होती है। ये संस्थान न केवल उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि यहाँ से स्नातक करने वाले विद्यार्थियों की कार्य क्षमता, सोचने की क्षमता और व्यावहारिक समझ भी उन्हें देश-विदेश में पहचान दिलाती है। इन्हीं उपलब्धियों के कारण हर वर्ष लाखों छात्र JEE Main के बाद JEE Advanced जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं, ताकि उन्हें कोई भी IIT college में प्रवेश का अवसर मिल सके।
IIT से स्नातक (Graduation ) करने वाले छात्रों के करियर की शुरुआत अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों की तुलना में अच्छी मानी जाती है। IIT इंजीनियर्स की सैलरी कंपनी, स्किल और ब्रांच पर निर्भर करती है। इस कारण शुरुआती करियर में ही IIT इंजीनियर्स की सैलरी लाखों में पहुँच जाना कोई असामान्य बात नहीं है। इस ब्लॉग में हम विशेषज्ञों द्वारा बताए गए तथ्यों और वर्ष 2025 प्लेसमेंट सीजन के विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर इसे विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे। साथ ही यह भी जानेंगे कि IIT इंजीनियरों की सैलरी किन-किन कारकों पर निर्भर करती है और अलग-अलग परिस्थितियों में यह कैसे बदलती है।
IIT इंजीनियर्स की सैलरी कितनी होती है?
यदि पूरे देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों से तुलना की जाए तो IIT इंजीनियरों की औसत सैलरी सामान्य इंजीनियरिंग कॉलेजों से लगभग 3 से 4 गुना अधिक होती है। वर्ष 2025 में कई IIT की प्लेसमेंट रिपोर्ट्स के आधार पर यह देखा गया कि टॉप IIT में औसत सैलरी लगभग 20 लाख रूपये प्रति वर्ष के आसपास रही। पुराने और प्रतिष्ठित IIT जैसे IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली और IIT मद्रास में यह औसत सैलरी और भी अधिक देखी गई। इन संस्थानों में औसत पैकेज कई ब्रांचों में 22 से 28 लाख रूपये प्रतिवर्ष तक पहुँच गया, जबकि नए IIT में यह आंकड़ा सामान्यत 12 से 16 लाख रूपये प्रतिवर्ष के बीच रहा है।
वर्ष 2025 के प्लेसमेंट सीजन में अधिकतर टॉप IIT में 80% से अधिक छात्रों को अलग अलग सैलरी के आधार पर प्लेसमेंट दिया गया है। कई IIT संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के ऑफर भी छात्रों को दिए गए है। नीचे विस्तृत तालिका दी गई है, जिसमें औसत, मीडियन और हाईएस्ट पैकेज की विस्तृत सूचि दी गई है।
| IIT का नाम | औसत सैलरी (₹ LPA) | मीडियन सैलरी (₹ LPA) | हाइएस्ट पैकेज (₹ करोड़) | प्लेसमेंट प्रतिशत | प्रमुख रिक्रूटर्स |
| IIT दिल्ली | 23.4 – 27 | 19 – 25 | 3.2 | 92% | Google, Goldman Sachs |
| IIT बॉम्बे | 22-24 | 17.9 | 1.68 | 89% | Microsoft, Jane Street |
| IIT मद्रास | 20 – 22 | 16 | 1.31 | 87% | Amazon, Texas Instruments |
| IIT कानपुर | 25 – 26 | 19.4 | 1.9 | 95% | Uber, Flipkart |
| IIT खड़गपुर | 24 | 19.8 | 2.14 | 88% | Meta, Qualcomm |
| IIT रुड़की | 20 – 34 | 18 | 1.5 | 90% | Intel, Boeing |
| नए IIT (औसतन) | 12 – 16 | 13 – 14 | 0.8 | 75-80% | TCS, Infosys |
वर्ष 2025 में IIT दिल्ली प्लेसमेंट में मुख्यत कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) छात्रों के लिए सैलरी ऑफर 27% बढ़े। IIT बॉम्बे में भी इस क्षेत्र के इंजीनियर्स की सैलरी बढ़ी है। NIRF रैंकिंग के अनुसार नए IIT में भी सुधार हो रहा है, लेकिन अभी नए और पुराने IIT’s में औसत सैलरी गैप बना हुआ है।
IIT इंजीनियर्स की औसत सैलरी अधिक होने के शीर्ष कारण
IIT इंजीनियर्स की औसत सैलरी सामान्य इंजीनियरिंग कॉलेजों की तुलना में काफी अधिक होती है, और इसके पीछे कई ठोस और व्यावहारिक कारण हैं। यह केवल संस्थान के “ब्रांड नेम” का प्रभाव नहीं है, बल्कि एक सुविचारित पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का परिणाम है जो दशकों से विकसित हुआ है। IIT इंजीनियर्स की औसत सैलरी अधिक इसलिए भी देखने को मिलती है क्योंकि पुराने IIT में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की संख्या अधिक होती है और वहाँ नए छात्रों के प्लेसमेंट का नेटवर्क काफी मजबूत होता है।
उदाहरण के लिए देखें तो, IIT बॉम्बे का प्लेसमेंट विभाग दुनियाभर की 500 से अधिक कंपनियों को आमंत्रित करता है, जिसमें Google, Microsoft जैसी वैश्विक दिग्गज कम्पनियाँ प्रमुख होती हैं। वहीं, नए IIT अभी अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं, इसलिए उनके प्लेसमेंट में TCS, Infosys जैसी घरेलू कम्पनियाँ ही भाग लेती हैं। इन सब बातों के अलावा भी एक IIT इंजीनियर की सैलरी कई कारकों पर निर्भर करती है।
| क्रम संख्या | मुख्य विशेषताएँ / कार्यप्रणाली | प्रभाव / परिणाम |
| 1 | सक्रिय प्लेसमेंट सेल एवं वैश्विक नेटवर्ककॉर्पोरेट जगत के साथ गहरे और विस्तृत संबंध।Google, Microsoft, Jane Street, Goldman Sachs, McKinsey जैसी वैश्विक कंपनियों का सीधा कैंपस भर्ती में आगमन।उदाहरण: IIT बॉम्बे 500+ कंपनियों को आमंत्रित करता है। | छात्रों को चुनने के लिए अनेक विकल्प मिलते हैं।कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा से पैकेज का स्तर ऊंचा होता है। |
| 2 | मजबूत एलुमनी नेटवर्कसुंदर पिचाई (Google), अर्जुन मल्होत्रा (HP) जैसे टॉप पदों पर पूर्व छात्रों की मौजूदगी। | यह नेटवर्क नए छात्रों को मेंटरशिप, इंटर्नशिप और सिफारिशों का सहारा देता है।कंपनियों को “प्रूवन टैलेंट” (Proven Talent) तक विश्वसनीय पहुंच मिलती है।भविष्य के प्रदर्शन की एक प्रकार की गारंटी का भाव बनता है। |
| 3 | कॉर्पोरेट इमेज एवं रणनीतिक निवेशIIT कैंपस में भर्ती कंपनियों के लिए एक ब्रांडिंग एक्सरसाइज भी है।कंपनियां भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं (Future Leaders) को प्रारंभ से ही बांधना चाहती हैं।कॉम्पिटिटिव सैलरी और साइन-ऑन बोनस जैसे आकर्षक प्रस्ताव दिए जाते हैं। | सर्वश्रेष्ठ टैलेंट को आकर्षित करने की होड़। |
| 4 | कौशल-केंद्रित पारिस्थितिकी तंत्रपरिसरों में कोडिंग कल्चर, टेक्निकल सोसाइटीज, स्टार्ट-अप इन्क्यूबेशन सेंटर्स का सक्रिय वातावरण।प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग पर जोर। | छात्र रियल-वर्ल्ड स्किल्स (Real-World Skills) से लैस होकर निकलते हैं।कंपनियों को तैयार-तैयार (Job-Ready) उम्मीदवार मिलते हैं, जिससे उनका प्रशिक्षण (Training) लागत और समय कम होता है। |
| 5 | सप्लाई-डिमांड का संतुलन (निष्कर्ष)सप्लाई: JEE Advanced से चुने गए शीर्ष 0.01% छात्रों की उच्च गुणवत्ता।डिमांड: कॉर्पोरेट जगत का विश्वास और मजबूत प्लेसमेंट नेटवर्क। | यह एक वर्चुअस सर्कल (Virtuous Cycle) बनाता है: उच्च सैलरी → संस्थान की बढ़ी प्रतिष्ठा → भविष्य के बैचों के लिए बेहतर अवसर।व्यक्तिगत सैलरी ब्रांच, व्यक्तिगत कौशल, इंटर्नशिप और इंटरव्यू पर निर्भर करती है। |
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अत्यधिक प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया से उच्च गुणवत्ता वाले छात्र
IIT में प्रवेश की राह JEE Advanced जैसी अत्यंत कठिन परीक्षा से होकर गुज़रती है, जो लाखों उम्मीदवारों में से केवल शीर्ष 0.01% छात्रों का ही चयन करती है। यह कठोर प्रक्रिया उन छात्रों को चुनती है जो समस्या-समाधान, तार्किक विश्लेषण और अथक मेहनत में असाधारण योग्यता रखते हैं। कॉर्पोरेट जगत इस चयन को एक विश्वसनीय ‘प्री-फ़िल्टरिंग’ मानता है, जो यह गारंटी देता है कि IIT स्नातकों में न केवल तीव्र सीखने की क्षमता है, बल्कि चुनौतीपूर्ण दबाव में भी कुशलतापूर्वक कार्य करने का सहनशीलता और लचीलापन (Resilience) मौजूद है। इन सब कारणों के कारण IIT इंजीनियर को उच्च सैलरी प्राप्त होती है।
विश्व स्तरीय पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति
IIT का पाठ्यक्रम (Curriculum) एक गतिशील रूपरेखा है जो लगातार वैश्विक उद्योग (Industry) और अत्याधुनिक शोध (Research) की मांगों के साथ तालमेल बिठाते हुए अपडेट किया जाता है। यहां शिक्षण पद्धति का केंद्र बिंदु केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि कॉन्सेप्ट क्लैरिटी (Conceptual Understanding) और प्रैक्टिकल एप्लीकेशन (Practical Application) को विकसित करना है।
प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग (Project-Based Learning) और गहन लैब वर्क (Lab Work) के माध्यम से छात्रों में सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहार में परखने, समस्याओं का निर्माण (Building) करने और उनका गहन विश्लेषण (Analysis) करने की क्षमता पैदा की जाती है, जो उन्हें कक्षा से सीधे कार्यस्थल के लिए तैयार करती है। जिसकी वजह से बड़ी कंपनियों को पहले तैयार कौशल आधारित कार्मिक मिलते है जो इंजीनियर्स की बड़ी सैलरी का मुख्य कारण माना जाता है।
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ब्रांच-वाइज IIT इंजीनियर्स की औसत सैलरी
छात्रों के लिए इंजीनियरिंग क्षेत्र की ब्रांच का चयन उनके IIT करियर में बहुत अहम भूमिका निभाता है। NIRF रैंकिंग और मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वर्ष 2025 में टेक्नोलॉजी आधारित ब्रांचों की मांग सबसे अधिक रही। जिनकी जानकारी के लिए नीचे विस्तृत तालिका दी गई है।
| ब्रांच | औसत सैलरी (₹ LPA) | मीडियन (₹ LPA) | हाइएस्ट (₹ Cr) | प्लेसमेंट % | टॉप रिक्रूटर्स |
| कंप्यूटर साइंस (CSE) | 45 – 55+ | 36 | 4.3 | 98% | Google, Meta |
| डेटा साइंस / AI | 28 – 40+ | 32 | 3.5 | 97% | Uber, Flipkart |
| इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग | 25 – 35+ | 22 | 2.0 | 92% | Intel, Qualcomm |
| मैकेनिकल इंजीनियरिंग | 15 – 22+ | 16 | 1.2 | 85% | Tata, L&T |
| केमिकल इंजीनियरिंग | 14 – 22+ | 15 | 1.1 | 82% | Reliance, IOCL |
| सिविल इंजीनियरिंग | 12 – 18+ | 14 | 0.9 | 80% | L&T, Shapoorji |
कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE ) शाखा (Branch ) में IIT छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय कनियों के ऑफर 4 करोड़ रूपये तक गए है। वर्ष 2025 में इंजिनयरिंग की कोर ब्रांचों में स्थिरता देखी गई है, लेकिन छात्रों के लिए अब Skills जरूरी बन गई है। वर्तमान समय में AI ब्रांच नई है, लेकिन यह तकनीक तेजी से बढ़ रही तो इसमें छात्रों के लिए काफी ज्यादा संभावनाएं है। नए छात्र जो JEE Main और Advanced परीक्षा की तैयारी कर रहें है वे IIT संस्थान में दाखिला लेते समय अपनी ब्रांच का विशेष ध्यान रखें।
फ्रेशर IIT इंजीनियरों की शुरुआती सैलरी
IIT से पास होने वाले फ्रेशर इंजीनियरों के लिए प्लेसमेंट सीजन सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यही वह समय होता है जब उन्हें चार साल की कड़ी मेहनत का फल मिलता है। 2025 के प्लेसमेंट सीजन में IIT फ्रेशर्स को औसतन 10 लाख से 25 लाख प्रति वर्ष के बीच शुरुआती पैकेज मिले है। जिन छात्रों को प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) मिला, उनकी सैलरी सामान्य फ्रेशर्स से 20-30% अधिक रही, क्योंकि PPO इंटर्नशिप के प्रदर्शन पर आधारित होते हैं। फ्रेशर सैलरी में यह विविधता इसलिए आती है, क्योंकि कंपनियाँ न केवल डिग्री बल्कि छात्र की Coding Skills, Projects, Internship और Interview में किये गए प्रदर्शन को भी देखती हैं। कुल मिलाकर, IIT फ्रेशर्स की शुरुआती सैलरी भारत के अन्य इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स से 3-4 गुना अधिक होती है, जो लंबे करियर की मजबूत नींव रखती है।
IIT इंजीनियरों के क्षेत्रवार (Sector wise) शुरुआती पैकेज
फ्रेशर इंजीनियरों के शुरूआती पैकेज उनके इंजीनियरिंग पर शाखा बहुत हद तक निर्भर करते हैं, क्योंकि कपंनियों में प्रत्येक सेक्टर की डिमांड और अलग होती है और आप जानते है कि डिमांड के अनुसार ही बजट तय किया जाता है। नीचे 2025 के विभिन्न डेटा के आधार पर छात्रों और अभिभावकों की समझ के लिए विस्तृत तालिका दी गई है। जिसे देखकर फ्रेशर इंजीनयरों की शाखा के अनुसार औसत सैलरी देख सकते है।
| इंजीनियरिंग क्षेत्र (Sector) | औसत शुरुआती सैलरी (LPA) | प्रमुख कंपनियाँ | विशेष टिप्पणी |
| तकनीकी क्षेत्र (Tech Sector) | 20 या उससे अधिक | Google, Microsoft, Amazon | DSA स्किल्स और LeetCode प्रैक्टिस जरूरी, 98% प्लेसमेंट। |
| परामर्श क्षेत्र (Consulting) | 18 – 25 | McKinsey, BCG, Bain | केस स्टडीज और कम्युनिकेशन स्किल्स पर फोकस। |
| मूल इंजीनियरिंग (Core Engineering) | 12 – 16 | Tata Steel, L&T, Reliance | इंटर्नशिप अनुभव महत्वपूर्ण ,GATE के लिए अच्छा बेस। |
| वित्त क्षेत्र (Finance) | 25 – 40 | Goldman Sachs, JP Morgan | क्वांट स्किल्स और फाइनेंशियल मॉडलिंग, इंटरनेशनल ऑफर संभव। |
| उत्पाद आधारित कंपनियाँ (Product Based) | 22 – 30 | Flipkart, Uber, Atlassian | प्रोजेक्ट्स और GitHub पोर्टफोलियो चेक होता है। |
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IIT इंजीनियर की सैलरी किन बातों पर निर्भर करती है?
IIT से डिग्री मिलना छात्रों के लिए अपने आप में बड़ी उपलब्धि होती है, लेकिन छात्रों की डिग्री से ही उनकी सैलरी तय नहीं होती है। छात्रों की प्रारंभिक औसत सैलरी निर्धारित होने के पीछे कई व्यावहारिक कारण होते हैं। आइए इन कारणों को Matrix JEE Academy के संस्थापक श्रीमान कपिल जी ढाका से आसान शब्दों में जानते है, जो स्वयं IIT खड़गपुर से B.Tech और IIM अहमदाबाद से MBA कर चुकें है और अब छात्रों को सफल IIT इंजीनियर बनने के लिए मागर्दर्शक की भूमिका निभा रहें है।
1. IIT का कैंपस
विशेषज्ञों के अनुसार पुराने IIT में पढ़ने वाले छात्रों को आमतौर पर ज्यादा और बेहतर अवसर मिलते हैं। यहाँ अंतरराष्ट्रीय और उच्च सैलरी देने वाली कंपनियाँ अधिक आती हैं। IIT बॉम्बे और दिल्ली जैसे कैंपस में Jane Street, Goldman Sachs जैसी बड़ी Multi National Companies आती हैं, जो छात्रों को 1 करोड़ से अधिक का सैलरी पैकेज देती हैं। वहीं, IIT गांधीनगर या IIT जम्मू में फोकस घरेलू कंपनियों पर रहता है। पुराने IIT का Alumni नेटवर्क (जैसे सुंदर पिचाई, IIT खड़गपुर से) भी बड़ी कंपनियों को आकर्षित करता है।
2. इंजीनियरिंग की शाखा (Branch)
वर्तमान समय में कंप्यूटर साइंस (Computer Science ), डेटा साइंस (Data Science) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence)जैसी ब्रांचों में सैलरी सबसे अधिक देखने को मिलती है। वहीं सिविल (Civil), मैकेनिकल (Mechanical) जैसी इंजीनियरिंग की मुख्य ब्रांचों में सैलरी पैकेज स्थिर लेकिन नई ब्रांचों से कम होते हैं। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE)में इंजीनियरों की मांग सर्वाधिक होती है, क्योंकि वर्तमान समय में लगभग हर कंपनी को सॉफ्टवेयर इंजीनियर चाहिए। लगभग हर उद्योग कुशल संचालन के लिए सॉफ्टवेयर, डेटा पर निर्भर करता है।
3. भर्ती करने वाली कम्पनियाँ (Recruiting Companies)
IIT इंजीनियरों को उनको भर्ती करने वाली Google, Microsoft, Amazon, Meta जैसी Multi National कंपनियाँ उच्च पैकेज देती हैं, जबकि छोटी एवं लोकल कंपनियाँ अपेक्षाकृत कम पैकेज ऑफर करती हैं। आजकल कुछ टेक जॉइंट कम्पनियाँ भी इंजीनियरों को काफी अच्छे सैलरी पैकेज ऑफर कर रही है।
4. IIT इंजीनियर का कौशल (Skills)
एक इंजीनियर को सबसे अच्छी सैलरी पाने के लिए उसे अपने कौशल (Skills ) पर कार्य करना चाहिए। एक सफल IIT इंजीनियर के लिए Internship में सबसे बेहतर प्रदर्शन करना आवश्यक है। LeetCode पर 1500 से ज्यादा सवाल हल करने वाले छात्रों को बड़े ऑफर मिलते हैं। GitHub पर प्रोजेक्ट्स और रिसर्च पेपर भी इंजीनियर्स की सैलरी पर बड़ा फर्क डालते हैं।
निष्कर्ष
इसमें कोई दोराय नहीं है कि IIT इंजीनियरों की औसत सैलरी अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों की तुलना में अधिक होती है, लेकिन यह केवल संस्थान के नाम पर निर्भर नहीं करती। यह कई चीजों पर निर्भर करता है की छात्र का चयन किस IIT कैंपस में हुआ है, उसने कौन-सी ब्रांच चुनी है और पढ़ाई के दौरान उसने अपनी तकनीकी व व्यावहारिक स्किल्स को कितना विकसित किया है। इन सभी बातों का सैलरी पर गहरा प्रभाव पड़ता है। वर्ष 2025 के प्लेसमेंट आंकड़े दर्शाते हैं कि शीर्ष IIT में पढ़ने वाले छात्रों को करियर की शुरुआत में ही बेहतर अवसर मिलते हैं।
वहीं दूसरी ओर, छात्रों का यह भी समझना जरूरी है कि शीर्ष IIT से डिग्री प्राप्त कर लेना ही उच्च सैलरी मिलने की गारंटी नहीं है, बल्कि इसके लिए छात्रों का इंटर्नशिप अनुभव, प्रोजेक्ट्स, कोडिंग अभ्यास और सही मार्गदर्शन उनके मजबूत करियर की नींव रखते हैं। इसलिए छात्रों को सैलरी के आंकड़ों के साथ-साथ सीखने की प्रक्रिया और आत्मविकास पर भी निरंतर ध्यान देना चाहिए।
FAQ’s
वर्ष 2025 के प्लेसमेंट डेटा से पता चलता है कि IIT इंजीनियरों की औसत सैलरी 12 से 25 लाख प्रति वर्ष के बीच रही है। टॉप IIT जैसे बॉम्बे और दिल्ली में यह सैलरी 22-28 लाख प्रति वर्ष तक पहुँची, जबकि नए IIT में 12-16 लाख प्रति वर्ष तक रही है। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी पाने के लिए उपरोक्त ब्लॉग पढ़ें।
वर्ष 2025 में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE) ब्रांच के इंजीनियरों की औसत सैलरी 45-55 लाख प्रति वर्ष (LPA )रही। जबकि इस ब्रांच का हाईएस्ट सैलरी पैकेज 4.3 करोड़ तक पहुँचा। इस ब्रांच के इंजीनियरों को Google, Meta जैसी कंपनियाँ सबसे ज्यादा लेती है। तथा यह ब्रांच 98% प्लेसमेंट रेट के कारण छात्रों की सबसे पसंदीदा ब्रांच है।
वर्ष 2025 के प्लेसमेंट सीजन में फ्रेशर्स IIT इंजीनियरों को औसतन 10-15 लाख प्रति वर्ष (LPA )का सैलरी पैकेज मिला, जिसमें 85% को 10 लाख से अधिक का पैकेज मिला है, जो इंजीनियरिंग क्षेत्र में सम्मानित माना जाता है। यह उनकी शुरुआत मात्र होती है भविष्य में यह सैलरी पैकेज इंजीनियरों के अनुभव के आधार पर तेजी से बढ़ता है।
भारत के पुराने IIT में अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ अत्यधिक संख्या में आती हैं, जिससे उनके बीच सर्वश्रेष्ठ ब्रांच का सर्वश्रेष्ठ छात्र लेने की आपसी प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती है। जो सैलरी में काफी अंतर पैदा कर देती है। नए IIT में TCS, Infosys जैसी भारतीय कम्पनियाँ मुख्य रूप से प्लेसमेंट सेशन में भाग लेती है, जो अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के मुकाबले थोड़ी कम सैलरी देती है। NIRF रैंकिंग के अनुसार अब नए IIT में भी सुधार हो रहा।
नहीं, सभी को करोड़ों का सैलरी पैकेज नहीं मिलता है। केवल कुछ छात्रों को 1 Cr से अधिक का पैकेज मिलता है। इसमें भी मुख्यतः CSE ब्रांच के उन्हीं छात्रों को 1 करोड़ से ज्यादा का पैकेज मिलता है जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियाँ नौकरी देती है।


