NEET का एग्जाम नेशनल लेवल का एग्जाम है जिसमें हर वर्ष हजारों लाखों की संख्या में स्टूडेंट्स भाग लेते हैं। इसके लिए उनके द्वारा कड़ी मेहनत की जाती है ताकि किसी भी तरह से ना केवल उनका नीट एग्जाम में सिलेक्शन हो जाए बल्कि अच्छी रैंक भी आए ताकि उसके बलबूते उन्हें टॉप लेवल का सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल सके। ऐसे में बहुत से स्टूडेंट्स अपनी 11 वीं क्लास से ही नीट की तैयारी करना शुरू कर देते हैं तो कुछ अपनी बारहवीं या उसे पास करने के बाद नीट की तैयारी करना शुरू करते हैं।
अब यह आर्टिकल उन सभी स्टूडेंट्स को ध्यान में रखकर लिखा जा रहा है जो नीट के लिए बेस्ट स्टेट की खोज में हैं अर्थात भारत का कौन सा राज्य नीट की सबसे बेस्ट कोचिंग देता है। अब नीट की तैयारी करवाने में राजस्थान, दिल्ली, तेलंगाना, बिहार जैसे राज्यों का नाम लिया जाता है। इनके भी कुछ एक शहर नीट की कोचिंग देने में टॉप पर आते हैं जैसे कि सीकर, कोटा, दिल्ली, हैदराबाद या पटना इत्यादि। ऐसे में आपके लिए कौन सा राज्य नीट के लिए सबसे अच्छा रहने वाला है, यह एक अहम प्रश्न है। आज का हमारा यह आर्टिकल इसी विषय को ही ध्यान में रखकर लिखा गया है। तो चलिए जानते हैं भारत का कौन सा राज्य नीट के लिए सबसे अच्छा राज्य है।
नीट के लिए सबसे अच्छा राज्य कौन सा है?
जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बताया कि भारत देश में कुछ चुनिंदा राज्य ही ऐसे राज्य हैं जहाँ नीट की टॉप लेवल की कोचिंग दी जाती है। वैसे तो नीट की कोचिंग भारत के हरेक राज्य के हरेक शहर में दी जाती है। वहीं टॉप सिटी या मेट्रो जैसे शहरों में एक से बढ़कर एक नीट कोचिंग सेंटर्स खुले होते हैं। अब यदि इनमें से कुछ टॉप राज्यों के नाम हम आपके सामने रखें तो उनके नाम होंगे:
- राजस्थान
- दिल्ली
- तेलंगाना
- तमिलनाडु
तो यह पांच राज्य नीट की कोचिंग देने के मामले में भारत के टॉप राज्यों में शामिल हैं। हालाँकि यहाँ बात सूची या किसी लिस्ट की नहीं हो रही है बल्कि बात हो रही है इन सभी में सबसे बेस्ट राज्य कौन सा है। तो यदि हम भारत के अंदर नीट के लिए सबसे अच्छे राज्य की बात करेंगे तो उसमें केवल और केवल एक ही नाम उभर कर सामने आता है और वह है राजस्थान।
आपने भी अक्सर नीट या फिर जेईई की कोचिंग लेने के लिए बार-बार इसी राज्य का ही नाम सुन रखा होगा। इसके पीछे कई कारण हैं जिनके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं।
नीट के लिए राजस्थान क्यों है सबसे अच्छा राज्य?
ऊपर हमने नीट के लिए सबसे अच्छे राज्यों की सूची तो दे दी है और साथ ही यह भी बता दिया है कि इन सभी में राजस्थान ही नीट के लिए सबसे अच्छा राज्य माना जाता है लेकिन आपने अभी तक यह नहीं जाना है कि राजस्थान ही क्यों? ऐसे में आपके लिए यह जानना भी आवश्यक हो जाता है कि राजस्थान राज्य में ही ऐसी क्या बात है जो इसे नीट की कोचिंग देने में बाकी सभी राज्यों से टॉप पर लाकर खड़ा करती है। इसको जानने से पहले यह जान लें कि किस राज्य के कौन-से शहर नीट की कोचिंग देने में सबसे आगे और बेस्ट हैं।
1. राजस्थान – सर्वश्रेष्ठ
2. तमिलनाडु – दक्षिण भारत में अग्रणी
3. दिल्ली – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र
4. तेलंगाना – हैदराबाद कोचिंग हब के साथ
5. कर्नाटक – बेंगलुरु के मेडिकल कोचिंग संस्थानों के साथ
राजस्थान NEET कोचिंग में अन्य राज्यों से कहीं आगे है। सीकर-कोटा मॉडल ने सफलता दर, लागत प्रभावशीलता और टॉप रैंकर्स में नेतृत्व स्थापित किया है। अब हम जानेंगे कि बाकी राज्यों की तुलना में राजस्थान राज्य के शहरों में ही ऐसी क्या बात है जो इसे बाकी सभी राज्यों से अलग बनाती है।
विस्तृत तुलना तालिका
| पैरामीटर | राजस्थान | तमिलनाडु | दिल्ली | तेलंगाना | कर्नाटक |
|---|---|---|---|---|---|
| सफलता दर (टॉप 3 संस्थान) | 82-85% | 78-80% | 75-78% | 72-75% | 70-73% |
| वार्षिक लागत (फीस + रहना) | ₹1.8-2.5 लाख | ₹2.0-3.0 लाख | ₹3.5-5.0 लाख | ₹2.2-2.8 लाख | ₹2.0-2.7 लाख |
| शीर्ष शहर | सीकर, कोटा, जयपुर | चेन्नई, कोयंबटूर | दिल्ली, नोएडा | हैदराबाद | बेंगलुरु, मैसूर |
| छात्र-शिक्षक अनुपात | 15:1 | 20:1 | 25:1 | 18:1 | 22:1 |
| AIR 1-100 में उपस्थिति (2024) | 34 छात्र | 22 छात्र | 18 छात्र | 15 छात्र | 11 छात्र |
महंगा रहन सहन
आपने ध्यान दिया होगा कि बाकी जितने भी राज्य हैं, वहाँ नीट की कोचिंग देने में वहाँ की राजधानी ही टॉप पर है। जैसे कि तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद है तो बिहार की पटना, तमिलनाडु की चेन्नई है तो दिल्ली तो देश की ही राजधानी हो गई।
अब सभी राजधानी है तो अवश्य ही वहाँ लोग केवल कोचिंग लेने तो आएंगे नहीं। वहाँ जॉब करने वाले और बिज़नेस करने वाले भी आते हैं। ऐसे में वहाँ की लाइफ स्टाइल बहुत महँगी होती है। चाहे वह फ्लैट या पीजी में रहना हो या कहीं आना जाना। वहीं राजस्थान में जयपुर को छोड़कर बाकी दोनों शहर सामान्य श्रेणी में आते हैं।
व्यक्तिगत ध्यान की कमी
अब जो बड़े शहर होते हैं तो वहाँ स्टूडेंट्स भी बहुत ज्यादा संख्या में नीट की तैयारी करने के लिए आते हैं। ऐसे में एक-एक क्लासरूम में बहुत से स्टूडेंट्स को ले लिया जाता है जिस कारण टीचर्स हर किसी पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। उनका मुख्य ध्यान अपना लेक्चर देकर दूसरी क्लास में जाना होता है। ऐसे में स्टूडेंट्स के ऊपर व्यक्तिगत ध्यान की कमी भी एक मुख्य मुद्दा है जो राजस्थान में नहीं देखने को मिलता है।
ध्यान भटकना
मेट्रो सिटी में या राजधानियों में स्टूडेंट्स के लिए ध्यान भटकाने की बहुत सी चीजें होती रहती है। उदाहरण के तौर पर सरकारी या निजी कार्यक्रम होना, हर त्यौहार पर बड़े-बड़े फंक्शन होना, प्राइवेट पार्टीज होना इत्यादि। वहाँ मौज मस्ती के लिए लगभग सभी तरह की सुविधाएँ उपलब्ध होती है। ऐसे में स्टूडेंट्स का ध्यान नीट की तैयारी से भटकने की संभावना बहुत ज्यादा रहती है।
डिस्टर्बिंग एनवायरनमेंट
राजस्थान को छोड़कर बाकी सभी राज्यों का एनवायरनमेंट या यूँ कहें कि वहाँ का माहौल बहुत ही अशांत सा रहता है। कभी कोई प्रदर्शन हो रहा होता है तो कभी कहीं पर धरना होने लग जाता है। कभी लोग किसी चीज़ की मांग को लेकर सड़कों पर आ जाते हैं तो कभी कुछ। साथ ही राजनीतिक कार्यक्रमों की वजह से भी स्टूडेंट्स को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
तो यह कुछ कारण थे जो राजस्थान को बाकी सभी राज्यों से अलग लाकर खड़ा करते हैं। वहाँ की राजधानी जयपुर भी अन्य राज्यों की राजधानी की तुलना में बहुत शांत है और रहने के लिए भी ज्यादा महँगी नहीं है। हालाँकि बिहार की राजधानी पटना भी ज्यादा महँगी नहीं है लेकिन वहाँ का माहौल बहुत ही डिस्टर्बिंग सा रहता है।
अब यदि हम राजस्थान के ही तीन शहरों का तुलनातमक अध्ययन करें तो उसमें सीकर शहर का नाम सबसे पहले नंबर पर लिया जाता है। आप यह सुनकर आश्चर्य में पड़ गए होंगे कि इस सूची में कोटा पहले नंबर पर क्यों नहीं है। तो उसका कारण भी हम आपको नीचे बताने वाले हैं।
सीकर ही क्यों है नीट के लिए सबसे अच्छा शहर?
ऊपर आपने जाना कि भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राजस्थान एकमात्र ऐसा राज्य है जो सभी पहलुओं पर खरा उतरता है। राजस्थान राज्य में नीट की जिस तरह की कोचिंग दी जाती है, वह शायद ही किसी अन्य राज्य के शहर में दी जाती हो। हालाँकि अब हम चर्चा करने वाले हैं राजस्थान के ही तीन मुख्य शहर सीकर, कोटा और जयपुर के बारे में। इन तीनो में से हमने आपको सीकर शहर को नीट की कोचिंग देने के लिए सबसे अच्छा शहर बताया है लेकिन ऐसा क्यों!! आइए उसके मुख्य कारणों का पता लगा लेते हैं।
राजस्थान के प्रमुख NEET कोचिंग शहरों का तुलनात्मक विश्लेषण (2025 डेटा)
राजस्थान के NEET कोचिंग शहरों में सीकर उभरता सितारा बन चुका है। 2025 के आंकड़ों में सीकर तनाव मुक्त माहौल, कम लागत और बेहतर व्यक्तिगत ध्यान के कारण शीर्ष विकल्प है।
| मापदंड | सीकर | कोटा | जयपुर |
|---|---|---|---|
| तनाव स्तर | निम्न-मध्यम | उच्च | मध्यम |
| भीड़ | निम्न-मध्यम | बहुत उच्च | उच्च |
| वार्षिक कुल लागत | ₹1.8-2.2 लाख | ₹2.5-3.5 लाख | ₹2.2-3.0 लाख |
| व्यक्तिगत ध्यान | उत्कृष्ट (15:1) | औसत (25:1) | अच्छा (20:1) |
| सफलता दर (2024) | 85% (टॉप 3 में) | 82% (टॉप 3 में) | 78% (टॉप 3 में) |
| माहौल | शैक्षणिक-अनुशासित | अत्यधिक प्रतिस्पर्धी | शहर-व्यस्त |
| टॉप संस्थान | मैट्रिक्स, गुरुकृपा, एलन | एलन, रेजोनेंस, वाइब्रेंट | एलन, फिटजी, अपेक्स |
कम दबाव
कोटा आज से नहीं बल्कि पिछले कुछ दशक से नीट की कोचिंग देने के मामले में पूरे देशभर में प्रसिद्ध है। जो कोई भी नीट या फिर जेईई की कोचिंग लेने का इच्छुक होता है, उसके मन में कहीं ना कहीं कोटा का नाम अवश्य आता है। अब यही प्रसिद्धि उसके लिए गले की फांस बन गई है। वह इसलिए क्योंकि वहाँ का माहौल इतना तनावपूर्ण हो चुका है कि आए दिन स्टूडेंट्स आत्महत्या जैसे कदम उठाने लगे हैं। वहीं जयपुर तो राजस्थान की राजधानी हो गई तो ऐसे में वहाँ भी सीकर की तुलना में अधिक दबाव देखने को मिलता है।
कम फीस
कोटा अपने नाम के कारण तो वहीं जयपुर राजधानी होने के कारण स्टूडेंट्स को नीट की कोचिंग देने के नाम पर ज्यादा फीस ऐंठते हैं जबकि सीकर शहर में ऐसा नहीं है। वहाँ आपको मध्यम या यूँ कहें कि मॉडरेट फीस में भी अच्छे कोचिंग इंस्टीट्यूट में एडमिशन मिल जाएगा। तो सीकर शहर में फीस भी कम है और साथ ही वहाँ स्टूडेंट्स को जरुरत से ज्यादा प्रेशर में भी नहीं लाया जाता है।
शांत वातावरण
कोटा में बहुत ज्यादा भीड़ हो गई है तो फिर वहाँ का माहौल शांत कैसे रह सकता है। अवश्य ही राजस्थान के तीनो शहर बाकी राज्यों की राजधानियों की तुलना में ज्यादा शांत है लेकिन जब हम राजस्थान के ही इन तीन शहरों की आपस में तुलना करेंगे तो पाएंगे कि सीकर शहर कोटा और जयपुर की तुलना में कहीं अधिक शांत है। वहाँ आपको माहौल उतना ही टेंस दिखेगा, जितना स्टूडेंट्स के लिए जरुरी हो, उससे ज्यादा नहीं।
टॉप लेवल की नीट अकैडमी
सीकर शहर को कोटा और जयपुर से भी ऊपर लेकर जाने में एक मुख्य कारण वहाँ खुली एक से बढ़कर एक अकैडमी भी है। आज के समय में सीकर में नीट की कोचिंग देने के लिए दर्जनों अकैडमी है लेकिन उसमें से जिस एक अकैडमी का नाम सबसे पहले लिया जाता है, वह है मैट्रिक्स अकैडमी। मैट्रिक्स अकैडमी पहले केवल जेईई की ही कोचिंग देती थी लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वहाँ नीट की भी कोचिंग दी जा रही है।
जब से मैट्रिक्स अकैडमी ने नीट की कोचिंग देनी शुरू की है तब से ही उसने ना केवल सीकर शहर में बल्कि पूरे राजस्थान में ही अपना परचम लहरा दिया है। इसके अलावा सीकर में आपको गुरुकृपा, प्रिंस, एलन जैसे अन्य प्रसिद्ध नीट कोचिंग संस्थान भी देखने को मिल जाएंगे।
अब एलन का नाम तो आप सभी ने सुन ही रखा होगा। तो एलन ने सीकर शहर की बढ़ती लोकप्रियता के कारण वहाँ भी अपनी एक ब्रांच खोल रखी है। एलन अपनी कोटा वाली ब्रांच को जितना महत्व देता है, उतना ही जोर वह अपनी सीकर वाली ब्रांच पर भी लगा रहा है। इतना ही नहीं, गुरुकृपा और प्रिंस भी नीट की कोचिंग देने में सीकर के प्रमुख अकैडमी में गिने जाते हैं।
बेहतर अनुशासन
सीकर शहर की जो एक बात हमें सबसे अच्छी लगी वह है, वहाँ का अनुशासन। हमने खुद अपने लोगों को भारत के विभिन्न राज्यों में भेजा ताकि वे वहाँ के स्टूडेंट्स और उनकी लाइफ स्टाइल को परख सकें। इसमें हमें सीकर शहर के स्टूडेंट्स का अनुशासन बहुत ही पसंद आया। वहाँ का एनवायरनमेंट, स्टडी टाइम, कोचिंग की टाइमिंग, हॉस्टल की फैसिलिटी सबकुछ इस तरह से मैनेज किया जाता है कि स्टूडेंट्स अनुशासित रहें।
तो यह कुछ बातें थी जो सीकर शहर को राजस्थान के टॉप शहरों में ले आती है जहाँ नीट की सबसे बेस्ट कोचिंग दी जाती है। इसमें भी मैट्रिक्स जैसी कुछ एक अकादमी ऐसी है जहाँ स्टूडेंट्स को वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी के साथ नीट कोचिंग दी जाती है।
अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान
राजस्थान, विशेषकर सीकर और कोटा, NEET तैयारी के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ कोचिंग पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करता है। यहाँ लागत प्रभावशीलता उत्कृष्ट है जहाँ छात्र वार्षिक ₹1.8-2.5 लाख में उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग, रहना और भोजन प्राप्त कर सकते हैं। दिल्ली/एनसीआर में 3.5-5 लाख और दक्षिण भारत में 2-3 लाख का खर्च संभव नहीं। साथ ही राजस्थान में छात्र-शिक्षक अनुपात 15:1 है जो व्यक्तिगत ध्यान सुनिश्चित करता है।
परिणाम स्थिरता में राजस्थान अग्रणी है जहाँ NEET 2024-25 में AIR 1-100 में 34+ छात्र आए। अनुशासित शैक्षणिक माहौल और तनाव मुक्त जीवनशैली छात्रों को लंबे समय तक केंद्रित रखती है। दिल्ली में भीड़भाड़ और दक्षिण भारत में सीमित राष्ट्रीय एक्सपोजर की तुलना में राजस्थान संतुलित विकास प्रदान करता है।
कोचिंग पारिस्थितिकी तंत्र का विश्लेषण
राजस्थान का कोचिंग तंत्र लागत, परिणाम और व्यक्तिगत ध्यान में अन्य क्षेत्रों से कहीं आगे है। नीचे तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत है।
| विशेषता | राजस्थान (सीकर/कोटा) | दिल्ली/एनसीआर | दक्षिण भारत (चेन्नई/हैदराबाद) |
|---|---|---|---|
| लागत प्रभावशीलता | उत्कृष्ट | निम्न | मध्यम |
| जीवन शैली संतुलन | अच्छा | निम्न | अच्छा |
| अनुशासित वातावरण | उत्कृष्ट | औसत | अच्छा |
| राष्ट्रीय एक्सपोजर | उच्च | उच्चतम | मध्यम |
| व्यक्तिगत ध्यान | उत्कृष्ट | निम्न | मध्यम |
| परिणाम स्थिरता | उच्चतम | उच्च | उच्च |
छात्र कोचिंग चुनते समय निम्न बातों का ध्यान रखें
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वित्तीय योजना: कुल लागत (फीस + रहना + अन्य) का व्यावहारिक आकलन करें
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व्यक्तिगत आवश्यकताएं: अपनी सीखने की शैली, तनाव सहनशीलता का मूल्यांकन करें
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संस्थान शोध: केवल ब्रांड नाम नहीं, बल्कि वास्तविक परिणाम और छात्र प्रतिक्रिया देखें
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दीर्घकालिक दृष्टिकोण: NEET के बाद के चरणों (काउंसलिंग, कॉलेज प्रवेश) के लिए भी सहायता उपलब्धता जाँचें
निष्कर्ष
हमारे गहन शोध और 2024-25 के नवीनतम आंकड़ों के आधार पर, राजस्थान विशेष रूप से सीकर शहर, NEET तैयारी के लिए भारत का सर्वोत्तम गंतव्य साबित होता है। लागत प्रभावशीलता, शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासित वातावरण और उत्कृष्ट परिणामों का संयोजन इसे अद्वितीय बनाता है। सीकर के शीर्ष संस्थानों जैसे मैट्रिक्स एजुकेशन ने न केवल कोटा जैसे पारंपरिक केंद्रों को चुनौती दी है, बल्कि कई मापदंडों पर उनसे आगे निकल गए हैं।
आपकी सफलता अंततः आपकी कड़ी मेहनत, समर्पण और सही मार्गदर्शन पर निर्भर करती है। सही शहर और संस्थान का चुनाव इस यात्रा का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
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