12वीं Board Result के बाद छात्र अब सोच में पड़ गए हैं कि आगे क्या करें? यह सवाल हर उस छात्र के मन में आता है जिसने 12वीं Science (PCM/PCB) की पढ़ाई की हो। 12वीं के बाद साइंस में करियर के ढेरों ऑप्शन हैं, लेकिन इस समय छात्रों के लिए एक सही विकल्प चुनना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी यही सोच रहे हैं कि साइंस लेकर क्या बनते है (Science Lekar Kya Bante Hain) या 12th ke baad Science Student Kya Kare, तो यह ब्लॉग खास आपके लिए है।
आज के समय में साइंस स्ट्रीम स्टूडेंट्स के पास सबसे ज्यादा करियर ऑप्शन होते हैं। चाहे छात्र PCM (Physics, Chemistry, Maths) से हों या PCB (Physics, Chemistry, Biology) से हों, इन छात्रों के लिए हर फील्ड में शानदार करियर बनाने के मौके हैं। PCM वाले स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में जा सकते हैं, जबकि PCB वाले मेडिकल और हेल्थकेयर फील्ड में अपना भविष्य बना सकते हैं।
इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे what are the options in science stream, कौन-कौन से कोर्स हैं, उनके लिए कौनसे एंट्रेंस एग्जाम देने होंगे, और उनके बाद कितनी सैलरी मिल सकती है। साथ ही, JEE और NEET जैसे बड़े एग्जाम की तैयारी कैसे करें, सीकर के शीर्ष JEE/NEET कोचिंग संस्थान कौन-कौन से हैं, इंजीनियर बनने के लिए क्या करना पड़ता है, और इंजीनियर की औसत सैलरी कितनी होती है जैसे सवालों के जवाब भी आपको मिलेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं 12वीं के बाद क्या करें इस सवाल का जवाब।
12वीं साइंस PCM के बाद टॉप करियर ऑप्शन (PCM Students)
अगर किसी छात्र ने 12वीं में PCM (Physic, Chemistry, Maths) विषय लिए है, तो इन छात्रों के पास इंजीनियरिंग से लेकर डिफेंस तक के करियर ऑप्शन हैं। PCM वाले स्टूडेंट्स के लिए सबसे ज्यादा ऑप्शन टेक्नोलॉजी और एनालिटिकल फील्ड में होते हैं।
| कोर्स का नाम | अवधि | एंट्रेंस एग्जाम | करियर ऑप्शन | औसत सैलरी |
| B.Tech/B.E | 4 साल | JEE Main, JEE Advanced, BITSAT | इंजीनियर, IT स्पेशलिस्ट, डेटा साइंटिस्ट | ₹4-20 LPA |
| B.Arch | 5 साल | NATA, JEE Paper-2 | आर्किटेक्ट, अर्बन प्लानर | ₹4-15 LPA |
| NDA/TES | वेरिएबल | NDA एग्जाम | आर्मी/नेवी/एयरफोर्स ऑफिसर | ₹6-15 LPA |
नीचे हम PCM स्टूडेंट्स के लिए टॉप कोर्स और करियर ऑप्शन के बारे में डिटेल में बता रहे हैं।
Top Career विकल्प इंजीनियरिंग (B.Tech/B.E)
PCM स्टूडेंट्स के लिए सबसे पहली पसंद इंजीनियरिंग होती है। B.Tech या B.E (Bachelor of Technology/Bachelor of Engineering) 4 साल का कोर्स होता है। यह कोर्स इंजीनियरिंग की दुनिया का सबसे लोकप्रिय कोर्स है जो हमेशा डिमांड में रहता है।
इंजीनियर बनने के लिए क्या करना पड़ता है – इंजीनियर बनने के लिए छात्रों को 12वीं PCM में अच्छे मार्क्स लाने होंगे और फिर JEE Main, JEE Advanced, BITSAT या राज्य स्तरीय एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने होंगे। भारत के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन पाने के लिए छात्रों को JEE Advanced परीक्षा क्वालीफाई करना जरूरी होता है।
B.Tech की प्रमुख ब्रांचेज
- कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (CSE)
- मैकेनिकल इंजीनियरिंग
- सिविल इंजीनियरिंग
- इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
- इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस
इंजीनियर की औसत सैलरी कितनी होती है – भारत में एक सफल इंजीनियर की शुरुआती सैलरी ₹4 लाख प्रति वर्ष से शुरू होती है और अनुभव के बाद ₹20 लाख प्रति वर्ष तक जा सकती है। कंप्यूटर साइंस और AI जैसी ब्रांचेज में तो सैलरी और भी ज्यादा होती है, इन ब्रांचों में छात्रों को शुरूआती सैलरी ही ₹6-25 LPA तक मिल सकती है।
B.Tech करने के बाद छात्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर, गवर्नमेंट इंजीनियर (SSC JE, PSU, PWD के जरिए), IT स्पेशलिस्ट, रोबोटिक्स एक्सपर्ट या डेटा एनालिस्ट के रूप में भी काम कर सकते हैं।
आर्किटेक्चर (B.Arch) – क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी का क्षेत्र
अगर किसी छात्र को डिजाइनिंग और क्रिएटिविटी में इंटरेस्ट है, तो ऐसे छात्रों के पास आर्किटेक्ट बनने का अच्छा ऑप्शन होता है। B.Arch (Bachelor of Architecture) 5 साल का कोर्स होता है। इंजीनियरिंग की इस ब्रांच में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को NATA (National Aptitude Test in Architecture) या JEE Paper-2 क्लियर करना होता है।
आर्किटेक्ट बनने के बाद छात्र बिल्डिंग डिजाइन (Building Design), अर्बन प्लानिंग (Urban Planning), इंटीरियर डिजाइन (Interior Design )और कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट (Construction Management) के क्षेत्र में काम कर सकते हैं। इनकी शुरुआती सैलरी ₹4-5 लाख प्रति वर्ष होती है, जो समय और अनुभव के साथ ₹10-15 लाख तक पहुंच जाती है।
डिफेंस और गवर्नमेंट जॉब्स (NDA, TES Army)
PCM छात्रों के के लिए डिफेंस सेक्टर में भी शानदार करियर ऑप्शन हैं। NDA (National Defence Academy) और TES (Technical Entry Scheme) के जरिए ऐसे छात्र आर्मी, नेवी या एयरफोर्स में ऑफिसर बन सकते हैं।
12वीं के बाद छात्र NDA एग्जाम दे सकते हैं। यह UPSC द्वारा आयोजित किया जाता है। इसके अलावा, इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए TES एंट्री भी है, जिसके जरिए छात्र सीधे इंडियन आर्मी में तकनीकी अधिकारी बना जा सकता है। डिफेंस जॉब्स में सैलरी ₹6-15 LPA के बीच होती है, साथ में कई सारे अलाउंसेस, पेंशन और इंटरनेशनल एक्सपोजर मिलता है।
12वीं साइंस PCB के बाद टॉप करियर ऑप्शन (Medical Students)
अगर किसी छात्र ने 12वीं में PCB (Physics, Chemistry, Biology) लिया है, तो ऐसे छात्रों के लिए मेडिकल और हेल्थकेयर सेक्टर में कई शानदार करियर ऑप्शन हैं। PCB स्टूडेंट्स डॉक्टर से लेकर रिसर्च साइंटिस्ट तक बन सकते हैं। आइए जानते हैं इन ऑप्शन के बारे में।
| कोर्स का नाम | अवधि | एंट्रेंस एग्जाम | करियर ऑप्शन | औसत सैलरी |
| MBBS | 5.5 साल | NEET | डॉक्टर, सर्जन, मेडिकल ऑफिसर | ₹8-25 LPA |
| BDS | 5 साल | NEET | डेंटिस्ट, डेंटल सर्जन | ₹6-15 LPA |
| BAMS/BHMS | 5.5 साल | NEET | आयुर्वेदिक/होम्योपैथिक डॉक्टर | ₹4-12 LPA |
| B.Sc Nursing | 4 साल | कॉलेज-विशिष्ट | स्टाफ नर्स, नर्सिंग ऑफिसर | ₹3-8 LPA |
NEET UG से MBBS डॉक्टर बनने का सपना
12 वीं कक्षा PCB से पास करने वाले स्टूडेंट्स के लिए MBBS (Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery) सबसे प्रतिष्ठित कोर्स है। यह 5.5 साल का कोर्स होता है। वर्तमान समय में मेडिकल फील्ड में यह सबसे हाई-सैलरी वाली जॉब्स में से एक है।
NEET exam kya hota hai – MBBS में एडमिशन के लिए NEET (National Eligibility cum Entrance Test) एग्जाम क्वालीफाई करना जरूरी होता है। यह भारत के सबसे बड़े और टफ एग्जाम में से एक है, जिसमें हर साल लाखों स्टूडेंट्स एग्जाम देते हैं।
NEET में अच्छी रैंक आने पर छात्रों को भारत के शीर्ष सरकारी मेडीकल कॉलेज मिलता है, जहां फीस कम होती है। अगर NEET में किसी छात्र की रैंक बिलकुल अच्छी नहीं है, तो उन्हें प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लेना पड़ता है, जहां फीस काफी ज्यादा होती है।
MBBS करने के बाद छात्र डॉक्टर, सर्जन, फिजिशियन, गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर या हॉस्पिटल कंसल्टेंट के रूप में काम कर सकते हैं। एक MBBS डॉक्टर जिसने विशेषज्ञता हासिल कर ली है उसकी शुरुआती सैलरी ₹8 लाख से ₹25 लाख प्रति वर्ष या उससे भी अधिक हो सकती है। अनुभव और स्पेशलाइजेशन के साथ यह और बढ़ जाती है।
मेडिकल के अन्य विकल्प (BDS, BAMS, BHMS)
अगर किसी छात्र को NEET में कम रैंक आने पर भारत की किसी भी सरकारी MBBS मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं मिलता है, या छात्र को मेडिकल क्षेत्र की ही किसी अलग फील्ड में इंटरेस्ट है, तो उनके लिए भी कई विकल्प हैं। ऐसे छात्र मेडिकल क्षेत्र के निम्न कोर्सों को चुन सकते हैं।
- BDS (Bachelor of Dental Surgery) – यह 5 साल का कोर्स है, जिसके बाद छात्र डेंटिस्ट या डेंटल सर्जन बन सकते हैं। NEET स्कोर के आधार पर इसमें कम रैंक प्राप्त करने वाले छात्रों का एडमिशन होता है।
- BAMS (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) – यह 5.5 साल का कोर्स है और इसके बाद छात्र आयुर्वेदिक डॉक्टर बनते हैं। वर्तमान समय में आयुर्वेदिक डॉक्टर की डिमांड तेजी से बढ़ रही है।
- BHMS (Bachelor of Homeopathic Medicine and Surgery) – यह भी 5.5 साल का कोर्स है, जिसके बाद छात्र होम्योपैथिक डॉक्टर बनते हैं। होम्योपैथी डॉक्टर की भी सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर में अच्छी डिमांड है।
इन कोर्सेज के बाद छात्र प्राइवेट प्रैक्टिस कर सकते हैं या सरकारी हॉस्पिटल्स में जॉब कर सकते हैं। सैलरी की बात करें, तो शुरुआत में ₹4-6 LPA मिल सकती है, जो अनुभव के साथ बढ़ती जाती है।
B.Sc Nursing और पैरामेडिकल कोर्स
हेल्थकेयर सेक्टर में वर्तमान समय में नर्सिंग और पैरामेडिकल कोर्सेज की भी काफी डिमांड है। ये कोर्स सामान्यतः 4 साल के होते हैं। पढाई में मध्यम स्तर के छात्र इन कोर्सेज में प्रवेश लेकर अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकतें है। इन कोर्सों की विस्तृत जानकारी निम्न है।
- B.Sc Nursing करने के बाद छात्र स्टाफ नर्स, ICU नर्स, ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट बन सकते हैं। इन छात्रों को AIIMS, रेलवे, आर्मी नर्सिंग में सरकारी नौकरी के भी अच्छे अवसर हैं।
- इसके अलावा, B.Sc Biotechnology, B.Sc Microbiology, B.Sc Forensic Science, BPT (Bachelor of Physiotherapy), B.Pharm जैसे कोर्स भी PCB स्टूडेंट्स के लिए अच्छे ऑप्शन हैं।
JEE और NEET की तैयारी कैसे करें?
JEE और NEET जैसे टफ एग्जाम को पास करने के लिए सही रणनीति, कड़ी मेहनत और अच्छी कोचिंग की जरूरत होती है। JEE (Joint Entrance Examination) दो चरणों में आयोजित होता है – JEE Main और JEE Advanced। JEE Main NTA द्वारा आयोजित किया जाता है और यह NITs, IIITs समेत सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन का द्वार है। वहीं JEE Advanced केवल IIT में एडमिशन के लिए होता है और इसे भारत के सबसे कठिन एग्जाम में से एक माना जाता है।
NEET (National Eligibility cum Entrance Test) मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाला नेशनल लेवल का एंट्रेंस एग्जाम है। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी से सवाल आते हैं। बायोलॉजी में सबसे ज्यादा 360 नंबर होते हैं इसलिए इस पर खास ध्यान देना जरूरी है। NCERT बायोलॉजी को रटें नहीं बल्कि हर टॉपिक को डीटेल में समझें।
सीकर के टॉप JEE/NEET कोचिंग संस्थान (Sikar Coaching Institutes)
अगर कोई छात्र JEE या NEET की तैयारी करने की सोच रहे हैं और अच्छी कोचिंग की तलाश में हैं, तो सीकर (राजस्थान) ऐसे छात्रों के लिए बेहतरीन जगह है। सीकर को “कोचिंग का हब” कहा जाता है क्योंकि यहाँ हर साल हजारों छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। यहाँ के कोचिंग संस्थानों का अनुभव, रिजल्ट और फैकल्टी देशभर में मशहूर है। आइए जानते हैं सीकर के टॉप JEE/NEET कोचिंग संस्थानों के बारे में।
| कोचिंग संस्थान | खासियत | प्रमुख कोर्स |
| Matrix JEE/NEET Academy | पर्सनल अटेंशन, नियमित टेस्ट, मॉडर्न क्लासरूम, हाई सिलेक्शन रेट, 99.99% परसेंटाइल (सबसे मजबूत) | JEE, NEET, Pre-Foundation, Olympiad |
| PCP Sikar | लगातार अच्छा प्रदर्शन | JEE, NEET |
| CLC Sikar | एक्सपीरियंस्ड फैकल्टी, पर्सनल अटेंशन | NEET, JEE |
| GCI Sikar | कॉन्सेप्ट-बेस्ड टीचिंग | JEE, NEET |
| एलन सीकर | बेहतरीन स्टडी मटेरियल, टेस्ट सीरीज | JEE, NEET |
छात्रों के लिए नए करियर ऑप्शन (AI, डेटा साइंस और डिजिटल फील्ड)
आज की तकनीक की इस दौड़ में जॉब मार्केट पूरी तरह बदल गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और डेटा साइंस आज के समय के सबसे हाई-डिमांड और हाई-पेइंग करियर ऑप्शन बन गए हैं। हर कंपनी – चाहे वो टेक कंपनी हो, बैंक हो या हॉस्पिटल – को डेटा एक्सपर्ट्स और AI प्रोफेशनल्स की जरूरत है। यह फील्ड इतनी तेजी से बढ़ रही है कि आने वाले 10-15 सालों तक इसमें ढेरों अवसर बने रहेंगे।
लेकिन इस सेक्टर की सबसे अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ PCM स्टूडेंट्स तक सीमित नहीं है। PCB स्टूडेंट्स भी बायोइन्फॉर्मेटिक्स, हेल्थकेयर एनालिटिक्स और मेडिकल AI जैसे इंटरेस्टिंग फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं। वहीं, अगर किसी छात्र को एडवेंचर और यात्रा पसंद है, तो मर्चेंट नेवी और एविएशन भी उनके लिए शानदार ऑप्शन हो सकते हैं जहाँ उन्हें ऊंची सैलरी के साथ-साथ दुनिया देखने का मौका भी मिलता है।
डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन ने डेटा और AI प्रोफेशनल्स की डिमांड को काफी बढ़ा दिया है। आज के समय में डेटा को “नया तेल” (New Oil) कहा जाता है, और जो कंपनियाँ इस डेटा को समझकर सही फैसले लेती हैं, वे बाजार में आगे रहती हैं। यही वजह है कि हर कंपनी को डेटा साइंटिस्ट्स और AI एक्सपर्ट्स की जरूरत होती है।
PCM स्टूडेंट्स के लिए यह एक शानदार करियर ऑप्शन है, क्योंकि इस फील्ड में मैथ्स और लॉजिकल रीजनिंग की बहुत जरूरत होती है। लेकिन अगर आप PCB स्टूडेंट हैं और आपको बायोलॉजी के साथ-साथ कंप्यूटर में भी इंटरेस्ट है, तो आप बायोइन्फॉर्मेटिक्स या हेल्थकेयर एनालिटिक्स में जा सकते हैं।
करियर ऑप्शन
- डेटा साइंटिस्ट – कंपनियों के डेटा को एनालाइज करके बिजनेस डिसीजन लेने में मदद करना।
- AI इंजीनियर – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल डेवलप करना।
- मशीन लर्निंग इंजीनियर – मशीन लर्निंग एल्गोरिदम बनाना और लागू करना।
- बिजनेस इंटेलिजेंस एनालिस्ट – डेटा से बिजनेस के लिए वैल्यू निकालना।
- डेटा एनालिस्ट – डेटा को साफ करके रिपोर्ट बनाना।
- डीप लर्निंग इंजीनियर – न्यूरल नेटवर्क और एडवांस AI मॉडल बनाना।
- नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) इंजीनियर – भाषा और टेक्स्ट को प्रोसेस करने वाली टेक्नोलॉजी पर काम करना।
- कंप्यूटर विजन इंजीनियर – इमेज और वीडियो रिकग्निशन सिस्टम बनाना।
मर्चेंट नेवी और एविएशन में करियर
जिन छात्रों का ऑफिस जॉब में मन नहीं लगता और अपनी ज़िंदगी में कुछ अलग करना चाहते हैं, जहाँ एडवेंचर हो, यात्रा हो और साथ में अच्छा पैकेज भी मिले, तो ऐसे छात्रों के लिए मर्चेंट नेवी और एविएशन परफेक्ट ऑप्शन हैं। ये दोनों फील्ड PCM स्टूडेंट्स के लिए बेहतरीन करियर विकल्प हैं। आइये जानते है इन क्षेत्रों की क्या खास विशेषताएं है।
मर्चेंट नेवी
- क्या है: व्यापारिक जहाजों पर काम करना जो एक देश से दूसरे देश में सामान पहुँचाते हैं
- मुख्य कोर्स: B.Tech मरीन इंजीनियरिंग (4 साल), B.Sc नॉटिकल साइंस (3 साल), GME (1 साल)
- एंट्रेंस एग्जाम: IMU CET, कंपनियों के स्पॉन्सरशिप एग्जाम (TMI, Anglo Eastern)
- टॉप संस्थान: IMU (चेन्नई, मुंबई, कोलकाता), TS Chanakya, MERI कोलकाता
- करियर ऑप्शन: डेक ऑफिसर, मरीन इंजीनियर, शिप कैप्टन
- सैलरी: शुरुआत ₹5-9 LPA, अनुभव के बाद ₹40-60 LPA तक, रहने-खाने का खर्च कंपनी उठाती है
एविएशन
- क्या है: विमानन क्षेत्र में पायलट या अन्य भूमिकाओं में करियर
- मुख्य कोर्स: CPL (1.5-2 साल), B.Sc एविएशन (3 साल), AME (3-4 साल)
- बनने की प्रक्रिया: 12वीं PCM के बाद DGCA अप्रूव्ड फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन, मेडिकल टेस्ट, 200 घंटे फ्लाइंग ट्रेनिंग
- टॉप संस्थान: IGRUA रायबरेली, Bombay Flying Club, Govt. Aviation Institute भुवनेश्वर
- करियर ऑप्शन: कमर्शियल पायलट, फ्लाइट इंस्ट्रक्टर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर
- सैलरी: शुरुआत ₹8-12 LPA, कैप्टन बनने पर ₹40-60 LPA+, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों में इससे भी ज्यादा
परंपरागत और रिसर्च-आधारित करियर विकल्प (B.Sc और अन्य कोर्स)
छात्र अगर इंजीनियरिंग या मेडिकल के अलावा कुछ अलग करना चाहते हैं, तो उनेक लिए साइंस विषय के परंपरागत और रिसर्च-आधारित कोर्सेज भी अच्छे ऑप्शन हैं। हालाँकि इन कोर्सेज की अब डिमांड काफी घट गई है लेकिन जिन छात्रों को अपनी डिग्री और ग्रेजुएशन ही पूरी करनी है वे इनकी और रुख कर सकते है।
B.Sc (प्योर साइंस) – फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी
B.Sc (Bachelor of Science) 3 साल का कोर्स है। इसमें छात्र फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी, स्टैटिस्टिक्स जैसे विषयों में स्पेशलाइजेशन ले सकते हैं। B.Sc करने के बाद छात्र रिसर्च, अकादमिक, लैब साइंटिस्ट, बायोटेक्नोलॉजिस्ट, क्लिनिकल रिसर्च जैसे क्षेत्रों में जा सकते हैं। इससे आगे M.Sc और Ph.D करके प्रोफेसर या साइंटिस्ट बन सकते हैं। इस क्षेत्र में डिग्री पूरी करने वाले छात्रों की सैलरी ₹3-8 LPA के बीच होती है। हालांकि, हायर स्टडीज और रिसर्च के बाद यह काफी बढ़ जाती है।
फार्मेसी (B.Pharm/D.Pharm) और बायोटेक्नोलॉजी कोर्स
फार्मेसी (Pharmacy) – B.Pharm (Bachelor of Pharmacy) 4 साल का कोर्स है, वहीं D.Pharm (Diploma in Pharmacy) 2 साल का होता है। PCM और PCB दोनों स्ट्रीम के छात्र फार्मेसी कर सकते हैं। फार्मेसी करने के बाद छात्र फार्मासिस्ट, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, ड्रग इंस्पेक्टर, फार्मास्युटिकल कंपनी में जॉब कर सकते हैं। सैलरी ₹4-8 LPA के बीच होती है।
बायोटेक्नोलॉजी (Biotechnology) – B.Sc Biotechnology 3 साल का कोर्स है। इसमें बायोलॉजी और टेक्नोलॉजी का कॉम्बिनेशन होता है।इसके बाद छात्र बायोटेक्नोलॉजिस्ट के रूप में लैब रिसर्चर, क्लिनिकल रिसर्च एसोसिएट, बायोटेक कंपनी में जॉब कर सकते हैं। इन छात्रों की सैलरी ₹4-10 LPA के बीच होती है।
निष्कर्ष
12वीं साइंस (PCM/PCB) के बाद छात्रों के पास इंजीनियरिंग, मेडिकल, आर्किटेक्चर, डिफेंस, डेटा साइंस, AI, मर्चेंट नेवी और एविएशन जैसे ढेरों करियर ऑप्शन हैं। सही करियर चुनने के लिए अपनी रुचि, क्षमता और लॉन्ग-टर्म गोल्स को ध्यान में रखना जरूरी है। JEE और NEET जैसे कठिन एग्जाम की तैयारी के लिए सही रणनीति, कड़ी मेहनत और सीकर के बेहतरीन कोचिंग संस्थानों से मार्गदर्शन लेकर छात्र सफल हो सकते है।
FAQ’s
Q. 12वीं साइंस के बाद सबसे Best Career Option कौन सा है?
12वीं साइंस के बाद सबसे Best Career Option छात्र की रुचि पर निर्भर करता है – PCM के लिए B.Tech (CSE/AI) और PCB के लिए MBBS/BDS Top Option हैं।
Q. 12 वीं में PCM लेने के बाद क्या-क्या बन सकते हैं?
12 वीं में PCM लेने के बाद छात्र इंजीनियर, आर्किटेक्ट, डिफेंस ऑफिसर, पायलट, मरीन इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, AI एक्सपर्ट आदि बन सकते हैं।
Q. 12 वीं में PCB लेने के बाद डॉक्टर के अलावा और क्या कर सकते हैं?
12 वीं में PCB लेने के बाद छात्र BDS (डेंटिस्ट), BAMS/BHMS (आयुर्वेदिक/होम्योपैथिक), B.Sc Nursing, बायोटेक्नोलॉजिस्ट, फार्मेसी आदि कर सकते हैं।
Q. सीकर के टॉप JEE/NEET कोचिंग संस्थान कौन से हैं?
सीकर के टॉप JEE/NEET कोचिंग संस्थान Matrix JEE Academy Sikar, PCP, CLC, GCI और Aleen सीकर टॉप कोचिंग संस्थान हैं।
Q. NEET एग्जाम क्या होता है?
NEET सरकारी मेडिकल कॉलेजों (MBBS/BDS/BAMS/BHMS) में एडमिशन के लिए होने वाला नेशनल लेवल का एंट्रेंस एग्जाम है।
Q. JEE Main और JEE Advanced में क्या अंतर है?
JEE Main NITs व अन्य कॉलेजों में एडमिशन के लिए है, जबकि JEE Advanced केवल IIT में एडमिशन के लिए होता है।

