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JEE Advanced 2026 के सिलेबस दाहिने हिस्से में किताबों का एक ऊंचा ढेर दिखाई दे रहा है, जो गहन अध्ययन का प्रतीक है। बाईं ओर 'JEE ADVANCED 2026 SYLLABUS IN HINDI' लिखा है, और गणित, भौतिकी, और रसायन विज्ञान (Maths, Physics, Chemistry) का उल्लेख किया गया है। ऊपर कोने में 'Sikar Coaching and School' का लोगो मौजूद है।"

JEE Advanced 2026 Syllabus in Hindi – गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान

JEE Main 2026 में सफल होने वाले छात्रों के लिए अब सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है JEE Advanced 2026 के पाठ्यक्रम (Syllabus) की स्पष्ट और सटीक समझ होना। JEE Advanced परीक्षा देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश का द्वार है। इस परीक्षा में छात्रों की अवधारणात्मक समझ, तार्किक विश्लेषण और जटिल समस्याओं को सुलझाने की क्षमता को परखा जाता है। इस परीक्षा में केवल किताबी ज्ञान से काम नहीं चलता है यहाँ छात्रों को परीक्षा पास करने के लिए ऐसी रणनीति की आवश्यकता होती है, जिसमें पाठ्यक्रम का संपूर्ण ज्ञान और उस पर आधारित सटीक अभ्यास शामिल हो।

इस वर्ष JEE Advanced 2026 का आधिकारिक पाठ्यक्रम IIT Roorkee द्वारा जारी किया जा चुका है। यह ब्लॉग छात्रों की स्पष्ट और आधिकारिक पाठ्यक्रम के अनुसार गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान के विषयवार और अध्यायवार सम्पूर्ण पाठ्यक्रम (Syllabus) की विस्तृत जानकारी देगा। हमने इस ब्लॉग में प्रत्येक विषय को सारणीबद्ध (Table) रूप में प्रस्तुत किया है, ताकि छात्रों को एक नज़र में सब कुछ स्पष्ट दिखाई दे।

छात्र सिलेबस जानने के साथ-साथ यह भी याद रखें कि JEE Advanced 2026 की परीक्षा 17 मई, 2026 को प्रस्तावित है और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 23 अप्रैल, 2026 से शुरू होने की संभावनाएं है।

JEE Advanced 2026 पाठ्यक्रम का महत्व

JEE Advanced का पाठ्यक्रम मुख्य आधार कक्षा 11वीं और 12वीं का NCERT पाठ्यक्रम होता है, लेकिन इस परीक्षा में विषय-वस्तु की गहराई, जटिलता और प्रश्नों का स्तर काफी कठिन होता है। इसलिए इसे भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं और बड़े पाठ्यक्रम वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। JEE Advanced परीक्षा में दो अनिवार्य पेपर (पेपर 1 और पेपर 2) होते हैं, जिनमें प्रत्येक में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के तीन खंड होते हैं। इसलिए छात्रों को इसके पाठ्यक्रम को गहनता से जानना आवश्यक है। इसके अलावा JEE Advanced परीक्षा के पाठ्यक्रम को जानने के निम्न फायदें हैं;

  • छात्रों को अगर JEE Advanced के पाठ्यक्रम की स्पष्ट समझ है तो उन्हें एक रोडमैप मिलता है, जिससे छात्र यह तय कर सकते हैं कि उन्हें इस परीक्षा के लिए क्या पढ़ना है और क्या नहीं। सीधे शब्दों में कहें तो इससे उनकी तैयारी को दिशा मिलती है। 
  • इससे छात्र उच्च-भार (High Weightage Topics ) वाले और अति महत्वपूर्ण टॉपिक्स की पहचान कर सकते हैं, जिन पर अधिक समय और अभ्यास की आवश्यकता होती है। यानि उन्हें प्राथमिकता तय करने में मदद मिलती है ताकि Smart Approach से अधिक से अधिक अंक हासिल कर सकें। 
  • छात्रों को अगर JEE Advanced परीक्षा के पाठ्यक्रम की पूरी जानकारी होगी तो उन्हें किसी भी महत्वपूर्ण अध्याय या टॉपिक के छूट जाने का डर नहीं रहता।
  • जब छात्र को यह पता होता हैं कि उन्होंने पूरे सिलेबस को कवर कर लिया है, तो परीक्षा हॉल में उनका आत्मविश्वास बना रहता है। इस आत्मविश्वास से परीक्षा दबाव में होने वाली सिल्ली मिस्टेक्स की संभावनाएं काम हो जाती है।

JEE Advanced 2026 गणित पाठ्यक्रम (Mathematics Syllabus)

गणित भाग JEE Advanced में सबसे चुनौतीपूर्ण और अंकदायी माना जाता है। इसका कारण है इसका विशाल पाठ्यक्रम, जिसमें सैद्धांतिक गहराई और जटिल अवधारणाओं को शामिल किया जाता है। यह भाग छात्रों की अवधारणात्मक समझ (Conceptual Understanding), तार्किक विश्लेषण (Logical Analysis Ability) क्षमता और समस्याओं के सटीक व तीव्र समाधान (Fast Solution) का परीक्षण करता है। 

गणित विषय में छात्रों से कलन (Calculus) तथा बीजगणित (Algebra) जैसे प्रमुख इकाइयों (Unites) से सबसे ज्यादा प्रश्न पूछे जाते हैं, जिन्हें हल करने के लिए छात्रों को रटने के बजाय सिद्धांतों की मूलभूत समझ (Basic Understanding of Principles) आवश्यक है। यहाँ प्रश्न अक्सर बहु-आयामी (Multi-Dimensional) होते हैं, जो कई अवधारणाओं को एक साथ जोड़ते हैं। 

नीचे दी गई तालिका में गणित विषय का पूरा पाठ्यक्रम स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।

इकाई / मुख्य विषय (Unit / Main Topic)प्रमुख अध्याय एवं टॉपिक्स (Key Chapters & Topics)महत्व / टिप्पणी (Importance / Remarks)
कलन (Calculus)अवकलन (Differential Calculus): फलन (Functions), सीमा (Limits), सांतत्य (Continuity), अवकलनीयता (Differentiability), अवकलन के सूत्र (Formulas of Differentiation), उच्चतम-निम्नतम (Maxima & Minima), माध्यमान प्रमेय (Mean Value Theorem).समाकलन (Integral Calculus): अनिश्चित समाकलन (Indefinite Integrals), समाकलन की विधियाँ (Methods of Integration – Substitution, By Parts), निश्चित समाकलन के गुण (Properties of Definite Integrals), क्षेत्रफल ज्ञात करना (Area under Curves), वक्रों की लंबाई (Length of Curves).अवकल समीकरण (Differential Equations): प्रथम कोटि एवं प्रथम घात के अवकल समीकरण (First Order & First Degree D.E.), चरों को अलग करने की विधि (Variable Separable Method), समघातीय समीकरण (Homogeneous Equations), रैखिक अवकल समीकरण (Linear Differential Equations).सबसे अधिक वेटेज (Highest Weightage). पिछले वर्षों के पेपर के अनुसार, कलन से सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं। जटिल समस्याओं और ग्राफ़ पर आधारित प्रश्नों का विशेष अभ्यास करें।
बीजगणित (Algebra)सम्मिश्र संख्याएँ (Complex Numbers): बीजगणितीय रूप (Algebraic Form), ध्रुवीय रूप (Polar Form), डी-मॉयवर प्रमेय (De Moivre’s Theorem), घनमूल (Cube Roots of Unity).क्रमचय एवं संचय (Permutations & Combinations): मूल सिद्धांत (Fundamental Principle), विभिन्न प्रकार के प्रश्न (Various Types of Problems).द्विपद प्रमेय (Binomial Theorem): धनात्मक पूर्णांक घातांक के लिए (for Positive Integral Index), द्विपद गुणांकों के गुण (Properties of Binomial Coefficients), सामान्य पद (General Term).आव्यूह एवं सारणिक (Matrices & Determinants): आव्यूह संक्रियाएँ (Matrix Operations), सारणिक के गुणधर्म (Properties of Determinants), आव्यूह का व्युत्क्रम (Inverse of a Matrix), रैखिक समीकरण निकाय का हल (Solution of System of Linear Equations).प्रायिकता (Probability): घटनाओं की प्रायिकता (Probability of Events), सप्रतिबंध प्रायिकता (Conditional Probability), बेयज़ प्रमेय (Bayes’ Theorem), यादृच्छिक चर (Random Variables).कॉन्सेप्चुअल क्लैरिटी ज़रूरी (Conceptual Clarity is a Must). प्रायिकता और द्विपद प्रमेय से प्रश्न अक्सर ट्रिकी होते हैं। क्रमचय-संचय के प्रश्नों को हल करने के विभिन्न तरीकों का अभ्यास करें।
सदिश एवं त्रि-विमीय ज्यामिति (Vector & 3D Geometry)सदिश बीजगणित (Vector Algebra): सदिशों का योग (Addition of Vectors), अदिश गुणनफल (Scalar/Dot Product), सदिश गुणनफल (Vector/Cross Product), अदिश त्रि-गुणनफल (Scalar Triple Product).त्रि-विमीय ज्यामिति (3D Geometry): रेखा के समीकरण (Equation of a Line), समतल का समीकरण (Equation of a Plane), रेखा और समतल के बीच की दूरी एवं कोण (Distance & Angle between a Line and a Plane).आरेखीय समझ महत्वपूर्ण (Graphical/Visual Understanding is Important). 3D ज्यामिति के प्रश्नों को हल करने के लिए अच्छी स्पेशल विजुअलाइजेशन क्षमता की आवश्यकता होती है।
त्रिकोणमिति (Trigonometry)त्रिकोणमितीय फलन (Trigonometric Functions), त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ (Trigonometric Identities), त्रिकोणमितीय समीकरणों का सामान्य हल (General Solution of Trigonometric Equations), प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन (Inverse Trigonometric Functions).अवधारणा आधारित (Concept Based). सर्वसमिकाओं को रटने के बजाय उनकी उत्पत्ति समझें। त्रिकोणमितीय समीकरणों के विभिन्न प्रकारों का अभ्यास करें।
द्विविमीय ज्यामिति (Coordinate Geometry)सरल रेखा (Straight Lines), वृत्त (Circles), परवलय (Parabola), दीर्घवृत्त (Ellipse), अतिपरवलय (Hyperbola). शांकवों का सामान्य समीकरण (General Equation of Conics), स्पर्श रेखा एवं अभिलंब (Tangent & Normal).फॉर्मूले और प्रॉपर्टीज़ पर फोकस (Focus on Formulas & Properties). प्रत्येक शांकव की परिभाषा, उसके गुण और स्पर्श रेखा के समीकरण अच्छी तरह याद रखें।

JEE Advanced 2026 भौतिकी पाठ्यक्रम (Physics Syllabus)

JEE Advanced में भौतिकी वह खंड है जो अभ्यर्थियों की वैचारिक स्पष्टता, गहन विश्लेषण क्षमता और सिद्धांतों को व्यावहारिक समस्याओं पर लागू करने का कौशल परखता है। गणित के विपरीत, यहाँ कई प्रश्न कॉन्सेप्ट बेस्ड होते हैं जिनके लिए सूत्रों को रटने के बजाय घटना के मूल सिद्धांत को समझना आवश्यक होता है। पाठ्यक्रम को मोटे तौर पर यांत्रिकी, विद्युत्चुम्बकत्व, प्रकाशिकी, आधुनिक भौतिकी, तथा ऊष्मागतिकी जैसे प्रमुख इकाइयों में बाँटा जा सकता है। इनमें यांत्रिकी और विद्युत्चुम्बकत्व का वेटेज सर्वाधिक होता है, जो पूरे पेपर के लगभग 60-70% भाग को कवर करते हैं।

इस विषय की मुख्य चुनौती इसके प्रश्नों में आने वाली जटिलता और प्रश्नों के बहुस्तरीय होना है। इस विषय में प्रश्न अक्सर ऐसे होते हैं जो दो या दो से अधिक अवधारणाओं को जोड़ते हैं, जैसे यांत्रिकी के सिद्धांतों का विद्युत्चुम्बकत्व में जोड़ना। इस विषय में छात्रों को अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए केवल सूत्र याद करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए प्रत्येक सूत्र की भौतिक व्याख्या (Physical Interpretation) और उसकी सीमाओं (Limitations) को समझने की आवश्यकता होती है। साथ ही, ग्राफ़, आरेखों की व्याख्या और प्रयोगात्मक सेट-अप पर आधारित प्रश्नों के लिए विशेष तैयारी जरूरी है। संक्षेप में कहें तो भौतिकी विषय में अवधारणाओं की समझ और उनका गणितीय अनुप्रयोग आवश्यक है। इस विषय में छात्रों से सिद्धांत और प्रयोग दोनों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।

इकाई / मुख्य विषय (Unit / Main Topic)प्रमुख अध्याय एवं टॉपिक्स (Key Chapters & Topics)महत्व / टिप्पणी (Importance / Remarks)
यांत्रिकी (Mechanics)गति के नियम (Laws of Motion), कार्य-ऊर्जा-शक्ति (Work, Energy & Power), संवेग संरक्षण (Conservation of Momentum), घर्षण (Friction).घूर्णन गति (Rotational Motion): जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia), कोणीय संवेग (Angular Momentum), घूर्णन गतिज ऊर्जा (Rotational Kinetic Energy).दृढ़ पिण्ड गतिकी (Rigid Body Dynamics): सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion – SHM), तरंग गति (Wave Motion).गुरुत्वाकर्षण (Gravitation): केप्लर के नियम (Kepler’s Laws), गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा (Gravitational Potential Energy), उपग्रह (Satellites).भौतिकी का सबसे बड़ा खंड (Largest Section in Physics). यहाँ से सबसे अधिक संख्या में प्रश्न आते हैं। अवधारणाओं को समझकर विविध प्रकार की संख्यात्मक समस्याएँ हल करें।
विद्युत्चुम्बकत्व (Electromagnetism)स्थिरवैद्युतिकी (Electrostatics): कूलॉम का नियम (Coulomb’s Law), विद्युत क्षेत्र (Electric Field), गाउस का नियम (Gauss’s Law), विद्युत विभव (Electric Potential), संधारित्र (Capacitors).धारा विद्युत (Current Electricity): विद्युत धारा (Electric Current), ओम का नियम (Ohm’s Law), सेल (Cells), व्हीटस्टोन ब्रिज (Wheatstone Bridge), किरचॉफ के नियम (Kirchhoff’s Laws).चुम्बकत्व (Magnetism): चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field), बायो-सावर्ट नियम (Biot-Savart Law), एम्पीयर का परिपथीय नियम (Ampere’s Circuital Law).विद्युतचुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction): फैराडे एवं लेंज का नियम (Faraday’s & Lenz’s Law), विद्युतचुंबकीय दोलन (Electromagnetic Oscillations), प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current – AC).कॉन्सेप्टुअली कठिन (Conceptually Difficult). स्थिरवैद्युतिकी और चुंबकत्व के ग्राफ़ और परिपथ आधारित प्रश्नों पर विशेष ध्यान दें। फैराडे के नियम पर आधारित प्रेरण के प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
प्रकाशिकी (Optics)किरण प्रकाशिकी (Ray Optics): प्रकाश का परावर्तन-अपवर्तन (Reflection & Refraction of Light), पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection – TIR), प्रिज़्म (Prism), लेंस (Lenses), दर्पण (Mirrors).तरंग प्रकाशिकी (Wave Optics): यंग का द्विक रेखा-छिद्र प्रयोग (Young’s Double Slit Experiment), व्यतिकरण (Interference), विवर्तन (Diffraction), ध्रुवण (Polarisation).दोनों प्रकार के प्रश्न महत्वपूर्ण (Both Types of Questions are Important). किरण प्रकाशिकी में लेंस और दर्पण के सूत्रों का अनुप्रयोग, तथा तरंग प्रकाशिकी में व्यतिकरण फ्रिंज की गणना अक्सर पूछी जाती है।
आधुनिक भौतिकी (Modern Physics)प्रकाश-विद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect), डी-ब्रॉग्ली तरंगें (de Broglie Waves).परमाणु भौतिकी (Atomic Physics): बोर मॉडल (Bohr’s Model), रिडबर्ग सूत्र (Rydberg Formula), एक्स-किरणें (X-Rays).नाभिकीय भौतिकी (Nuclear Physics): रेडियोएक्टिवता (Radioactivity), नाभिकीय बंधन ऊर्जा (Nuclear Binding Energy), विखंडन एवं संलयन (Fission & Fusion).अवधारणा और सूत्र-आधारित (Concept and Formula Based). इस खंड के प्रश्न सीधे होते हैं, लेकिन कॉन्सेप्ट क्लियर होना ज़रूरी है। बोर मॉडल और रेडियोएक्टिव क्षय के नियमों से न्यूमेरिकल अक्सर पूछे जाते हैं।
ऊष्मागतिकी एवं अणुगति सिद्धांत (Thermodynamics & Kinetic Theory)ऊष्मागतिकी (Thermodynamics): ऊष्मागतिकी के नियम (Laws of Thermodynamics), ऊष्मा इंजन (Heat Engines), एन्ट्रॉपी (Entropy).अणुगति सिद्धांत (Kinetic Theory of Gases): आदर्श गैस समीकरण (Ideal Gas Equation), गैसों के अणुवेग (Molecular Speeds of Gases).ग्राफ और साइकिल पर आधारित प्रश्न (Graph and Cycle Based Questions). ऊष्मागतिकी के प्रश्न अक्सर P-V ग्राफ और विभिन्न ऊष्मागतिकीय प्रक्रियाओं पर आधारित होते हैं।

JEE Advanced 2026 रसायन विज्ञान पाठ्यक्रम (Chemistry Syllabus)

JEE Advanced में रसायन विज्ञान (Chemistry) एक ऐसा विषय है जो स्कोरिंग और कॉन्सेप्ट दोनों ही दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे अक्सर तीन स्पष्ट भागों में बॉंटा जाता है यथा भौतिक रसायन, अकार्बनिक रसायन और कार्बनिक रसायन। रसायन विज्ञान के प्रत्येक भाग की प्रकृति और इनकी तैयारी का तरीका अलग है। भौतिक रसायन गणितीय अवधारणाओं और सूत्रों पर केंद्रित है, जिसके लिए छात्रों में स्पष्ट अवधारणा की समझ और न्यूमेरिकल अभ्यास आवश्यक है। वहीं, अकार्बनिक रसायन तथ्यों, गुणों और रासायनिक अभिक्रियाओं पर आधारित है, जिस्मने अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए छात्रों को NCERT पाठ्यपुस्तकों की गहन समझ होना सबसे ज्यादा जरुरी है।

रसायन विज्ञान के पाठ्यक्रम में छात्रों के लिए चुनौती इस पाठ्यक्रम की विविधता और विस्तार में निहित है। कार्बनिक रसायन, जो तीसरा प्रमुख भाग है, रिएक्शन मैकेनिज्म, नामकरण और क्रियात्मक समूहों की रसायन विज्ञान पर टिका होता है। इसमें छात्रों को सफलता पाने के लिए रटने के बजाय तर्क और मैकेनिज्म को समझना आवश्यक है। रसायन विज्ञान के पाठ्यक्रम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अन्य विषयों की तुलना में, यदि तैयारी सुनियोजित हो, तो इसमें बेहतर स्कोर किया जा सकता है। 

JEE Advanced 2026 के लिए रसायन विज्ञान का पाठ्यक्रम (Chemistry Syllabus) निम्न रखा गया है।

इकाई / मुख्य विषय (Unit / Main Topic)प्रमुख अध्याय एवं टॉपिक्स (Key Chapters & Topics)महत्व / टिप्पणी (Importance / Remarks)
भौतिक रसायन (Physical Chemistry)
परमाणु संरचना (Atomic Structure)
बोर का परमाणु मॉडल (Bohr’s Model), क्वांटम संख्याएँ (Quantum Numbers), तरंग फलन (Wave Function), इलेक्ट्रॉन विन्यास (Electronic Configuration)मूलभूत अध्याय (Fundamental Chapter). क्वांटम संख्याओं और इलेक्ट्रॉन विन्यास पर कॉन्सेप्टुअल प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
रासायनिक बलगतिकी (Chemical Kinetics)अभिक्रिया वेग (Rate of a Reaction), वेग नियम (Rate Law), अभिक्रिया की कोटि (Order of Reaction), आधे-आयु काल (Half-Life), आरेनियस समीकरण (Arrhenius Equation)सूत्र और ग्राफ आधारित (Formula & Graph Based). अलग-अलग कोटि की अभिक्रियाओं के सूत्र और उनके ग्राफ याद रखें। ग्राफ से संबंधित प्रश्न आम हैं।
ऊष्मागतिकी एवं ऊष्मारसायन (Thermodynamics & Thermochemistry)ऊष्मागतिकी के नियम (Laws of Thermodynamics), एन्थैल्पी (Enthalpy), एन्ट्रॉपी (Entropy), गिब्स मुक्त ऊर्जा (Gibbs Free Energy), साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant)कैलकुलेशन इंटेंसिव (Calculation Intensive). एन्थैल्पी और एन्ट्रॉपी से संबंधित संख्यात्मक समस्याओं का अभ्यास करें। गिब्स मुक्त ऊर्जा और साम्य के संबंध पर ध्यान दें।
विद्युत-रसायन (Electrochemistry)वैद्युत-अपघटनी सेल (Electrolytic Cells), वैद्युत-रासायनिक सेल (Electrochemical Cells), नर्न्स्ट समीकरण (Nernst Equation), चालकता (Conductivity)न्यूमेरिकल प्रैक्टिस ज़रूरी (Numerical Practice Essential). नर्न्स्ट समीकरण और सेलों से संबंधित गणनाएँ नियमित अभ्यास करें।
विलयन एवं पृष्ठ रसायन (Solutions & Surface Chemistry)सान्द्रता की इकाइयाँ (Units of Concentration), राउल्ट का नियम (Raoult’s Law), अपसरण और असमोसिस (Osmosis & Reverse Osmosis), कोलॉइड के गुण (Properties of Colloids)कॉन्सेप्ट-बेस्ड (Concept-Based). अपसरण दाब और कोलॉइड के गुणों से संबंधित सैद्धांतिक प्रश्न पूछे जाते हैं।


अकार्बनिक रसायन (Inorganic Chemistry)
आवर्त सारणी एवं रासायनिक आबंध (Periodic Table & Chemical Bonding)
आवर्त सारणी के वर्गीकरण (Classification of Periodic Table), आवर्तिता के गुण (Periodic Properties), आबंध के प्रकार (Types of Bonds – Ionic, Covalent), VSEPR सिद्धांत (VSEPR Theory)मूलभूत समझ ज़रूरी (Fundamental Understanding Essential). VSEPR सिद्धांत से आण्विक ज्यामिति के प्रश्न अक्सर आते हैं।
s-ब्लॉक, p-ब्लॉक, d-ब्लॉक एवं f-ब्लॉक के तत्वप्रत्येक ब्लॉक के तत्वों के सामान्य गुण, महत्वपूर्ण यौगिक (Boric Acid, KMnO₄), संकुल यौगिक (Werner’s Theory, IUPAC नामकरण, रंग-चुम्बकीय गुण)NCERT है किंग (NCERT is King). NCERT समझें-दोहराएँ। d-ब्लॉक और संकुल पर विशेष ध्यान।
गुणात्मक विश्लेषण एवं पर्यावरण रसायनकैटायन और ऐनायन की पहचान के लिए विश्लेषणात्मक अभिक्रियाएँरीएक्शन बेस्ड (Reaction Based). महत्वपूर्ण अभिक्रियाओं और अवक्षेपण के रंगों को याद रखें।


कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry)
कार्बनिक यौगिकों का नामकरण, सामान्य सिद्धांत एवं क्रियाविधि
IUPAC नामकरण, इलेक्ट्रॉन स्थानापन्न प्रभाव (Inductive, Resonance), क्रियाविधि (SN1, SN2, E1, E2, Electrophilic Substitution)कार्बनिक रसायन की आत्मा. क्रियाविधि के साथ अभिक्रिया समझें।
हाइड्रोकार्बन, ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल, ईथर (Hydrocarbons, Alcohols, Phenols, Ethers)ऐल्कीन (Alkenes), ऐल्काइन (Alkynes), ऐल्काइल हैलाइड (Alkyl Halides), ऐल्कोहॉल (Alcohols), फ़िनॉल (Phenols), ईथर (Ethers) की तैयारी एवं गुण (Preparation & Properties)रीएक्शन आधारित (Reaction Based). विभिन्न क्रियात्मक समूहों की महत्वपूर्ण अभिक्रियाओं और उनकी विशेष परिस्थितियों को याद रखें।
कार्बोनिल यौगिक, कार्बोक्सिलिक अम्ल, ऐमीन (Carbonyl Compounds, Carboxylic Acids, Amines)ऐल्डिहाइड (Aldehydes), कीटोन (Ketones), कार्बोक्सिलिक अम्ल (Carboxylic Acids), ऐमीन (Amines) की क्रियाएँ (Reactions), जैव-अणु (Biomolecules: Carbohydrates, Proteins), बहुलक (Polymers)क्लासिफिकेशन और प्रॉपर्टीज़ (Classification & Properties). जैव-अणुओं का वर्गीकरण और उनके गुण महत्वपूर्ण। ऐमीन की बेसिसिटी और कार्बोक्सिलिक अम्ल की अम्लता पर प्रश्न आम।

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JEE Advanced 2026 Syllabus के आधार पर सफलता की रणनीति

छात्रों के लिए JEE Advanced के पाठ्यक्रम को समझना सफलता का पहला चरण है, लेकिन पाठ्यक्रम के आधार पर एक व्यवस्थित और व्यावहारिक रणनीति बनाना भी महत्वपूर्ण कदम है जो छात्रों को उनके लक्ष्य तक पहुँचाता है। छात्र JEE Advanced 2026 का विशाल सिलेबस देखकर भ्रमित होने की बजाय, एक ऐसी योजना बनाएं जो आपकी तैयारी को दिशा और गति प्रदान करे। यह परीक्षा सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि उस ज्ञान के कुशल प्रबंधन, तीव्र अनुप्रयोग और दबाव में सटीक निर्णय लेने की क्षमता की माँग करती है।

एक प्रभावी रणनीति का आधार उचित लक्ष्य, समय का बुद्धिमानी से उपयोग और लगातार मूल्यांकन है। नीचे दिए गए बिंदु Matrix JEE Academy के विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए ऐसे ही कारगर उपाय हैं, जिन्हें अपनाकर छात्र अपनी तैयारी को चरणबद्ध तरीके से मजबूत बना सकते हैं और परीक्षा हॉल में आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन कर सकते हैं।

  • NCERT है नींव: सबसे पहले तीनों विषयों की कक्षा 11वीं और 12वीं की NCERT पाठ्यपुस्तकों को कम से कम दो बार गहन अध्ययन करें और समझें। छात्रों को इस बात की गांठ बांध लेनी चाहिए जिस तरह से NEET UG परीक्षहा में Biology विषय के लिए NCERT सबसे महत्वपूर्ण विषय है ठीक उसी तरह JEE Advanced परीक्षा में शीर्ष रैंक पाने के लिए रसायन विज्ञान विषय की NCERT अति अनिवार्य है।
  • टॉपिक्स को प्राथमिकता दें: छात्र ऊपर दी गई तालिकाओं में बताए गए उच्च-भार वाले टॉपिक्स (जैसे गणित में कलन, भौतिकी में यांत्रिकी और विद्युत्चुम्बकत्व, रसायन में भौतिक रसायन) पर अधिक समय दें और उनके कठिनतम स्तर के प्रश्नों का अभ्यास करें।
  • संतुलित दृष्टिकोण: छात्र तीनों विषयों पर संतुलित ध्यान दें। एक विषय को नज़रअंदाज करना आपकी रैंक पर भारी पड़ सकता है। कभी भी ऐसा न करें की आप अपने फेवरेट सब्जेक्ट को लेकर ही बैठें रहें। इस परीक्षा में सभी विषयों का समान महत्व है। 
  • अवधारणा पर जोर: कई बार हम देखते है की कुछ छात्र किसी विषय के टॉपिक्स को रटने बैठ जातें है और परीक्षा में महत्वपूर्ण चीजों को भूल जाते है इसलिए रटने की बजाय हर टॉपिक की मूल अवधारणा को गहराई से समझें। JEE Advanced परीक्षा में अक्सर ऐसे प्रश्न पूछें जाते है जो आपकी समझ और अनुप्रयोग क्षमता को परखते हैं।
  • मॉक टेस्ट और PYQs का महत्व: छात्र अपना सिलेबस पूरा होने के बाद पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (PYQs) और नियमित मॉक टेस्ट को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इससे आपको समय प्रबंधन, प्रश्नों के पैटर्न की समझ और अपनी कमजोरियों का पता चलेगा।
  • रिवीजन ज़रूरी: छात्र नियमित अध्ययन करने के साथ-साथ नियमित रिवीजन भी उतना ही जरूरी है। एक ‘रिवीजन शेड्यूल’ बनाएं ताकि पढ़ा हुआ भूलें नहीं और चीजें बार बार आपके दिमाग में रिकॉल होती रहें।

JEE Advanced 2026 परीक्षा पैटर्न (Exam Pattern)

छात्र JEE Advanced 2026 का पाठ्यक्रम जानने के बाद, उनके लिए अगला महत्वपूर्ण कदम है परीक्षा के पैटर्न (Exam Pattern) को पूरी तरह से समझना। सही रणनीति से तैयारी शुरू करने के लिए यह जानना जरूरी है कि परीक्षा कैसे आयोजित की जाएगी, प्रश्नों का स्वरूप क्या होगा और मार्किंग स्कीम कैसी होगी। JEE Advanced का पैटर्न JEE Main से भिन्न और अधिक जटिल होता है, जिसमें छात्रों की गहन समझ और रचनात्मक सोच को परखा जाता है।

परीक्षा का मूल ढाँचा (Basic Exam Structure)

पिछले वर्षों के आधार पर, JEE Advanced 2026 में भी दो अनिवार्य पेपर (पेपर 1 और पेपर 2) होने की संभावना है, जिन्हें एक ही दिन में आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक पेपर में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के तीन अलग-अलग खंड होंगे। आइए, इसके मुख्य पहलुओं को समझते हैं।

परीक्षा मोड (Exam Mode): परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।

  • पेपरों की संख्या: दो अनिवार्य पेपर – पेपर 1 और पेपर 2 छात्रों के लिए दोनों पेपर देने अनिवार्य हैं।
  • परीक्षा की अवधि: प्रत्येक पेपर की अवधि 3 घंटे (180 मिनट) होने की उम्मीद है।
  • भाषा का विकल्प: प्रश्न पत्र अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होंगे।
  • खंड (Sections): प्रत्येक पेपर में तीन खंड होंगे
    • भौतिकी (Physics)
    • रसायन विज्ञान (Chemistry)
    • गणित (Mathematics)

निष्कर्ष

JEE Advanced 2026 का यह विस्तृत पाठ्यक्रम छात्रों की सटीक तैयारी करने के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। याद रखें, यह परीक्षा केवल ज्ञान का नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और रणनीतिक सोच का भी परीक्षण है। जो छात्र  JEE Advanced 2026 परीक्षा की तैयारी करने वाले है वो इस ब्लॉग में दिए गए विषयवार सिलेबस को अपनी तैयारी का आधार बनाएं, परीक्षा पैटर्न को समझें। 

Matrix JEE Academy , Sikar के विशेषज्ञ शिक्षकों का दृढ़ विश्वास है कि एक स्पष्ट लक्ष्य, नियमित अभ्यास और सही मार्गदर्शन से JEE Advanced जैसी चुनौतीपूर्ण परीक्षा को न सिर्फ पार किया जा सकता है, बल्कि शीर्ष रैंक हासिल कर देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लिया जा सकता है। इस महत्वपूर्ण सफर में छात्रों को कड़ी मेहनत करते रहने और अपने सपने को साकार करने की अग्रिम शुभकामनाएं।

इन्हें भी पढ़ें:

FAQ’s

Q. क्या JEE Advanced 2026 का सिलेबस JEE Main के सिलेबस से अलग है?

JEE Main का सिलेबस मुख्य रूप से कॉन्सेप्ट की बुनियादी समझ और सीधे फॉर्मूले के पर केंद्रित होता है। वहीं, JEE Advanced का सिलेबस उन्हीं टॉपिक्स पर आधारित होते हुए भी कहीं अधिक गहरा और जटिल है। इसमें प्रश्न बहु-अवधारणात्मक (Multi-Conceptual) होते हैं, जो दो या दो से अधिक चैप्टर्स के सिद्धांतों को जोड़कर बनाए जाते हैं।

Q.  क्या JEE Advanced के सिलेबस में कक्षा 11वीं और 12वीं के सभी चैप्टर शामिल होते हैं?

हाँ, JEE Advanced का Syllabus कक्षा 11वीं और 12वीं के NCERT  पाठ्यक्रम को कवर करता है। हालाँकि, प्रत्येक अध्याय से प्रश्नों की संख्या और जटिलता अलग अलग हो सकती है। कुछ टॉपिक्स से हर साल प्रश्न आते हैं, तो कुछ से कभी-कभार ही प्रश्न आते है।

Q. क्या JEE Advanced 2026 की तैयारी के लिए कक्षा 11वीं और 12वीं की NCERT किताबें पर्याप्त हैं?

JEE Advanced की तैयारी के लिए NCERT किताबें अपरिहार्य आधार (Indispensable Foundation) हैं, खासकर रसायन विज्ञान (भौतिक एवं अकार्बनिक) और भौतिकी की मूल अवधारणाओं के लिए। हालाँकि, केवल NCERT पर्याप्त नहीं है।

Q. JEE Advanced 2026 परीक्षा का पूरा सिलेबस कवर करने में कितना समय लगेगा?

यह किसी भी छात्र के लिए उस बात पर निर्भर करता है कि उसने JEE Advanced परीक्षा के लिए कितनी और कैसी तैयारी कि है। फिर भी अब बचे समय में अपना पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए छात्र एक यथार्थवादी योजना बनाएं और प्रतिदिन कोचिंग के आलावा 6-8 घंटे की निरंतर पढ़ाई करें।

Q. JEE Advanced परीक्षा के तीनों विषयों में से किसका वेटेज सबसे अधिक होता है?

पेपर संरचना के अनुसार, तीनों विषयों (भौतिकी, रसायन, गणित) का वेटेज लगभग बराबर होता है। छात्रों का किसी भी एक विषय को नजरअंदाज करना एक बड़ी रणनीतिक भूल हो सकती है। JEE Advanced परीक्षा में सफलता पाने के लिए संतुलित तैयारी जरूरी है।