Home / School / सीकर में सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूल (Best Boarding School In Sikar)
सीकर में सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूल का विज्ञापन करने वाला एक पोस्टर, जिसमें एक छात्रा हाथ में किताबें लिए खड़ी है।

सीकर में सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूल (Best Boarding School In Sikar)

बहुत जगह यह देखने में आता है कि माता-पिता अपने बच्चे को बोर्डिंग स्कूल (Best Boarding School In Sikar) में भेजने को लेकर बहुत ज्यादा टेंशन में रहते हैं। वह इसलिए क्योंकि जो बच्चा अपने माता-पिता को जान से भी ज्यादा प्यारा होता है और अभी तक वह उनकी आँखों के आमने पला बड़ा होता है, उसे अब अपने से दूर किसी अनजान शहर में बोर्डिंग स्कूल में पढ़ने भेजना कोई आसान निर्णय नहीं होता है किन्तु अब समय की जरुरत ही ऐसी है।

अब भारत देश में सभी लोग तो बड़े शहरों में रहते नहीं है और रहते भी हैं तो यह जरुरी नहीं है कि उनके यहाँ अपने बच्चे के लिए बेस्ट सुविधाएँ मिलती (Boarding Schools in Sikar) हो। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए उन्हें अपने से दूर किसी अच्छे स्कूल में ही भेजते हैं। अब यदि आप सीकर शहर के आसपास रहते हैं और आप सीकर के बेस्ट बोर्डिंग स्कूल के बारे में जानने के लिए यहाँ आये हैं तो आज हम आपको वही जानकारी देने वाले हैं।

अब सीकर में तो कई तरह के स्कूल हैं जो कई तरह की सुविधाएँ देते हैं लेकिन उनमे से बहुत कम स्कूल ही हॉस्टल की सुविधा देते हैं। अब इसमें भी अच्छे हॉस्टल की सुविधा बहुत ही कम स्कूलों के द्वारा दी जा रही है जहाँ आपके बच्चे को घर जैसा माहौल भी मिले और वह अच्छे से पढ़ाई करने के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी भाग ले सके। तो आइये जाने सीकर के टॉप बोर्डिंग स्कूल कौन-कौन से हो सकते हैं।

सीकर के टॉप बोर्डिंग स्कूल

अब सीकर शहर बहुत बड़ा है और यहाँ हर बढ़ते दिन के साथ पढ़ने वाले छात्रों की संख्या भी बढ़ती ही जा रही है। यह भारत में कोटा के बाद दूसरी कोचिंग फैक्ट्री बन चुका है और देश भर से लोग अपने बच्चों को सीकर में पढ़ने के लिए भेज रहे हैं। इतना ही नहीं सीकर में स्कूल भी राष्ट्रीय स्तर के खुल रहे हैं जहाँ पर कई तरह की सुविधाएँ दी जा रही है।

1. मैट्रिक्स हाई स्कूल, सीकर (Matrix High School, Sikar)

2. भारतीय पब्लिक स्कूल, सीकर (Bhartiya Public School, Sikar)

3. प्रिंस स्कूल, सीकर (Prince School, Sikar)

4. स्वामी केशवानंद स्कूल, सीकर (Swami Keshvanand School, Sikar)

5. नवजीवन साइंस स्कूल, सीकर (Navjeevan Science School, Sikar)

सीकर की स्कूलों के बारे में उठने वाले सवाल

ऐसे में इनमे से कौन से स्कूलों में हॉस्टल या रेजिडेंस की भी सुविधा दी जा रही है और उनमे से भी सीकर का बेस्ट रेजिडेंशियल स्कूल कौनसा होगा, यह पता लगाना सबसे बड़ी दुविधा रहती (Sikar Boarding School) है। ऐसे में आपके मन में कई तरह के प्रश्न होंगे जो इन विषयों से जुड़े होंगे।

  • हॉस्टल के कमरे कैसे होंगे?
  • हॉस्टल की सिक्योरिटी कैसी है?
  • हॉस्टल में बच्चे का मन लग पायेगा या नहीं?
  • हॉस्टल में खाने पीने का क्या सिस्टम है?
  • हॉस्टल में बच्चों के लिए क्या-क्या सुविधाएँ होंगी?
  • हॉस्टल का स्टाफ व वार्डन कैसा है?
  • हॉस्टल के साथ वह स्कूल किस तरह का है?

इनके अलावा भी कई तरह के प्रश्न आपके दिमाग में चल रहे होंगे और आप इन्हें लेकर चिंता में डूबे हुए होंगे। ऐसे में आपका चिंता करना स्वाभाविक है और हर माता-पिता अपने बच्चे के लिए यह सोचते भी हैं जिसमे कोई बुरी बात नहीं है। आपकी इसी चिंता को ही तो ध्यान में रख कर हमने सीकर के सभी तरह के बोर्डिंग स्कूलों के ऊपर पूरी तरह से रिसर्च की है ताकि हम आपको सीकर के बेस्ट बोर्डिंग स्कूलों के बारे में बता सकें।

जब हमने सीकर के सभी बोर्डिंग स्कूलों के बारे पड़ताल की और उनके यहाँ रह रहे बच्चों और उनके माता-पिता से बातचीत की तो हमने उसी के आधार पर ही अपनी यह लिस्ट तैयार की। साथ ही हमने उनके हॉस्टल में मिल रही तमाम तरह की सुविधाओं को देखकर और उनका अच्छे से आंकलन कर यह सूची तैयार की है।

इस सूची में हमने सीकर के टॉप 5 बोर्डिंग स्कूल रखे हैं जहाँ आप अपने बच्चे को बिना किसी चिंता के पढ़ने भेज सकते हैं। वह इसलिए क्योंकि ना केवल इन स्कूलों के हॉस्टलस में वर्ल्ड क्लास लेवल की सुविधाएँ हैं बल्कि यहाँ पढ़ाई का भी बहुत अच्छा वातावरण है। इतना ही नहीं यहां आपके बच्चे को कई तरह के स्पोर्ट्स खेलने का भी अवसर मिलेगा। आइये जाने सीकर के बेस्ट 5 बोर्डिंग स्कूलों की लिस्ट।

1. मैट्रिक्स हाई स्कूल, सीकर (Matrix High School, Sikar)

अब यदि हम सीकर शहर में बेस्ट बोर्डिंग स्कूल की बात कर रहे हैं तो उसमें मैट्रिक्स हाई स्कूल का नाम सबसे पहले लिया जाता है। वह इसलिए क्योंकि ना केवल मैट्रिक्स हाई स्कूल में छात्रों के लिए बेस्ट हॉस्टल की सुविधा दी गयी है बल्कि वहां की शिक्षा का स्तर भी बहुत उन्नत है। अब पहले हम मैट्रिक्स स्कूल के हॉस्टल की बात कर लेते हैं।

तो मैट्रिक्स हाई स्कूल के हॉस्टल सभी तरह के सुरक्षा मापदंडों का पालन करते हैं। वहां छात्रों के लिए फुल प्रूफ सिक्यूरिटी, सीसीटीवी कैमरा, लॉकर सिस्टम इत्यदि सभी है। इसी के साथ ही हॉस्टल के वार्डन व अन्य स्टाफ भी पूरी तरह से ट्रेन किये गए हैं जो छात्रों के लिए काउंसलर की भी भूमिका निभा लेते हैं। इन सभी के अलावा मैट्रिक्स के हॉस्टल में मल्टी पर्पस हॉल, मंदिर, प्रेयर रूम, हॉस्टल के बाहर प्ले ग्राउंड इत्यादि सभी तरह की सुविधाएँ हैं।

बच्चों को किसी कारणवश चोट लग जाती है तो उसके लिए हॉस्टल में ही फर्स्ट ऐड के लिए मेडिकल सर्विस है। सीरियस सिचुएशन के लिए इमरजेंसी में एक वाहन हमेशा खड़ा रहता है जो बच्चों को पास के अस्पताल लेकर जा सकता है। रही बात मैट्रिक्स हाई स्कूल में शिक्षा के स्तर की तो वहां फैकल्टी भारत के टॉप कॉलेज से पढ़ी हुई है और साथ के साथ छात्रों को छठी कक्षा से ही प्री फाउंडेशन कोर्स करने का भी विकल्प उपलब्ध है।

विशेषता विवरण
हॉस्टल सुविधाएँ फुल प्रूफ सिक्यूरिटी, CCTV, लॉकर, मल्टी-पर्पस हॉल, मंदिर, प्रेयर रूम, प्लेग्राउंड, फर्स्ट एड, इमरजेंसी वाहन
शिक्षा स्तर टॉप फैकल्टी, प्री-फाउंडेशन कोर्स, डिजिटल लर्निंग
फीस स्ट्रक्चर ग्रेड 1-2: ₹70,000 ट्यूशन + ₹30,000 हॉस्टल; ग्रेड 6+: ₹1,04,000+ ट्यूशन (NEET/JEE सहित); स्कूल एडमिशन ₹20,000 CBSE।
संपर्क वेबसाइट: matrixhighschool.org, फोन: उपलब्ध वेबसाइट पर।
अन्य 100% रिजल्ट, NTSE टॉपर्स।

मैट्रिक्स हाई स्कूल सीकर का शीर्ष बोर्डिंग स्कूल है, जहाँ हॉस्टल और शिक्षा दोनों उच्च स्तर की हैं। फीस स्ट्रक्चर क्लास के अनुसार भिन्न है, जिसमें ट्यूशन और हॉस्टल चार्ज शामिल हैं।

2. भारतीय पब्लिक स्कूल, सीकर (Bhartiya Public School, Sikar)

सीकर के टॉप बोर्डिंग स्कूल की लिस्ट में जिस स्कूल का नाम दूसरे नंबर पर आता है वह है भारतीय पब्लिक स्कूल। यहाँ भी मैट्रिक्स हाई स्कूल के हॉस्टल की तरह ही टॉप क्लास की फैसिलिटी दी गयी है। इसमें कुछ मुख्य सुविधाएँ हॉस्टल में ही लाइब्रेरी, जिम, ऑडियो विसुअल ऐड्स, कॉमन रूम इत्यादि की है। इसी के साथ ही यहाँ पर समय-समय पर बच्चों की आउटिंग भी करवायी जाती है।

हालाँकि यहाँ पर शिक्षा का स्तर मैट्रिक्स हाई स्कूल से नीचे है जिस कारण यह दूसरे स्थान पर आ जाता है। अब आपके बच्चे को हॉस्टल में तो सभी तरह की सुविधाएँ मिले लेकिन यदि वह शिक्षा में ही चूक जाएगा तो फिर उसे बोर्डिंग स्कूल में भेजने का क्या ही लाभ हुआ।

विशेषता विवरण
हॉस्टल सुविधाएँ लाइब्रेरी, जिम, AV एड्स, कॉमन रूम, आउटिंग।youtube
शिक्षा स्तर वैल्यू एजुकेशन, लैंग्वेज क्लासेस।youtube
फीस स्ट्रक्चर 10वीं: ₹95,000 ट्यूशन (वार्षिक), रजिस्ट्रेशन ₹8,200, एडमिशन ₹10,000।
संपर्क वेबसाइट: bpssikar.org।youtube
अन्य स्पोर्ट्स, ट्रांसपोर्ट।

भारतीय पब्लिक स्कूल दूसरा प्रमुख बोर्डिंग स्कूल है, टॉप हॉस्टल सुविधाओं के साथ। फीस में ट्यूशन और एडमिशन चार्ज शामिल हैं।

3. प्रिंस स्कूल, सीकर (Prince School, Sikar)

सीकर के बेस्ट बोर्डिंग स्कूल की लिस्ट में प्रिंस स्कूल का नाम तीसरे स्थान पर आता है। यहाँ के हॉस्टल को कॉलेज के हॉस्टल की तरह जूनियर, सीनियर इत्यादि की तरह से डिजाईन किया गया है। कहने का अर्थ यह हुआ कि प्रिंस स्कूल में छात्रों की कक्षा के आधार पर उन्हें अलग-अलग फ्लोर पर कमरे दिए गए हैं। इन्हें जूनियर, मिडिल और हाई स्कूल की श्रेणी में बांटा गया है।

वही प्रिंस स्कूल के तीसरे स्थान पर रहने का कारण यह है कि यहाँ पर मैट्रिक्स व भारतीय पब्लिक स्कूल की भांति वर्ल्ड क्लास हॉस्टल की सुविधाएँ तो दी गयी है लेकिन छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखा गया है। यहाँ पर छात्रों की आउटिंग, कल्चरल एक्टिविटीज, प्रेयर हॉल इत्यादि पर इतना काम नहीं किया गया है।

विशेषता विवरण
हॉस्टल सुविधाएँ जूनियर/सीनियर फ्लोर्स, रेसिडेंशियल
शिक्षा स्तर RBSE/CBSE, डिजिटल टूल्स।
फीस स्ट्रक्चर कुल ₹1,97,000 से ₹2,58,000 (हॉस्टल सहित); वार्षिक ₹103,000-118,000, मेरिट स्कॉलरशिप 20-100%।
संपर्क वेबसाइट: princeschoolsikar.com।
अन्य स्टेट टॉपर्स।

प्रिंस स्कूल तीसरे स्थान पर, कक्षा-आधारित हॉस्टल के साथ। फीस बोर्डिंग सहित ऊँची है, स्कॉलरशिप उपलब्ध।

4. स्वामी केशवानंद स्कूल, सीकर (Swami Keshvanand School, Sikar)

अब इस सूची में स्वामी केशवानंद स्कूल चौथे स्थान पर आता है। यहाँ के हॉस्टल भी अच्छे हैं लेकिन इन्हें हम उत्तम दर्जे के हॉस्टल नहीं कह सकते हैं। इसी कारण यह सीकर के बोर्डिंग स्कूल में चौथे स्थान पर खिसक जाता है। हालाँकि यहाँ पर छात्रों के लिए मेडिकल फैसिलिटी पर पूरा ध्यान रखा गया है और समय-समय पर उनका हेल्थ चेकअप किया जाता रहता है।

विशेषता विवरण
हॉस्टल सुविधाएँ एयर कूल्ड, न्यूट्रीशस फूड, 24×7 पावर।
शिक्षा स्तर दोहरी शिक्षा प्रणाली, लैब्स।
फीस स्ट्रक्चर कुल ₹1,37,000-₹1,83,000; एप्लीकेशन ₹9,000 प्रति क्लास।
संपर्क वेबसाइट: keshwanandschool.com।
अन्य हेल्थ चेकअप।

स्वामी केशवानंद चौथे स्थान का बोर्डिंग स्कूल, मेडिकल फोकस्ड। फीस क्लास 1-12 के लिए ₹1,37,000-1,83,000।

5. नवजीवन साइंस स्कूल, सीकर (Navjeevan Science School, Sikar)

अब सीकर के टॉप बोर्डिंग स्कूल की लिस्ट में नवजीवन स्कूल का नाम पांचवें स्थान पर इसलिए आता है क्योंकि यहाँ के हॉस्टल तो अच्छे है लेकिन यहाँ की पढ़ाई का स्तर ऊपर बतये गए स्कूल से थोड़ा कम आँका गया है। ऐसे में हॉस्टल में सभी तरह की सुविधाएँ होने के बाद भी यह सीकर के टॉप 5 बोर्डिंग स्कूल की लिस्ट में पांचवें स्थान पर खिसक जाता है।

विशेषता विवरण
हॉस्टल सुविधाएँ हॉस्टल, ट्रांसपोर्ट।
शिक्षा स्तर स्मार्ट क्लासेस, साइंस फोकस।
फीस स्ट्रक्चर प्राइमरी: ₹55,000-65,000; सीनियर: ₹95,000-110,000 (किश्तों में)।
संपर्क वेबसाइट: navjeevanschoolsikar.com।
अन्य स्पोर्ट्स।

नवजीवन पांचवें स्थान पर, अच्छे हॉस्टल लेकिन कम शिक्षा स्तर। फीस क्लास के अनुसार ₹43,000 से ₹110,000।

अब हमने इन्हीं स्कूलों को ही सीकर के बेस्ट बोर्डिंग स्कूल की लिस्ट में टॉप पर क्यों रखा तो इसके बारे में हम अपने द्वारा किये गए आंकलन व एनालिसिस को भी आपके सामने रखेंगे। इसे पढ़ कर आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि आखिरकार क्यों यही पांच स्कूल ही सीकर के बेस्ट बोर्डिंग स्कूलों में से एक गिने जाते हैं।

सीकर के टॉप बोर्डिंग स्कूलों की विशेषताएं

जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बताया कि हमने बहुत रिसर्च किया और उसके बाद ही हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि ऊपर बताये गए पांच स्कूल ही सीकर के बेस्ट बोर्डिंग स्कूल हैं जिसमे से मैट्रिक्स हाई स्कूल टॉप करता है।

तो ऐसे में मैट्रिक्स हाई स्कूल ही सीकर का बेस्ट बोर्डिंग स्कूल क्यों है और उसके बाद के भारतीय पब्लिक स्कूल या प्रिंस इत्यादि स्कूलों में ऐसा क्या ख़ास है जो उन्हें सीकर के टॉप 5 बोर्डिंग स्कूल की सूची में स्थान देता है। तो आइये इसको लेकर हमारी रिसर्च को पढ़ें।

हॉस्टल कैंपस

सीकर के बोर्डिंग स्कूलों में से किस स्कूल का हॉस्टल कैंपस कैसा है, यह सबसे पहले जानना चाहिए। तो यहाँ हम आपको बता दें कि ऊपर बताये गए सभी स्कूलों में छात्र व छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल विंग की स्थापना की गयी है ताकि किसी को कोई दिक्कत ना हो। कहने का अर्थ यह हुआ कि छात्रों के लिए अलग हॉस्टल है तो वहीं छात्राओं के लिए अलग से हॉस्टल है।

इसी के साथ ही यदि हम मैट्रिक्स हाई स्कूल के हॉस्टल कैंपस की बात करें तो वहां स्कूल के साथ ही हॉस्टल की सुविधा दी गयी है और हॉस्टल के आसपास स्पोर्ट्स खेलने के लिए कई तरह के प्लेग्राउंड है। इससे होता क्या है कि जब बच्चा स्कूल से पढ़ कर हॉस्टल आता है तो वह शाम के समय में अपने दोस्तों के साथ स्पोर्ट्स खेल सकता है। कुछ इसी तरह की सुविधा प्रिंस स्कूल में दी गयी है।

हॉस्टल मेस

अब माता-पिता को जो चीज़ सबसे ज्यादा टेंशन देती है वह होती है कि परायी जगह जाकर मेरे बच्चे के खाने पीने का ध्यान कौन रखेगा। तो यहाँ हम आपको बता दें कि ऊपर के सभी स्कूल बच्चों के खाने-पीने में किसी तरह की कोताही नहीं बरतते हैं। सभी पाँचों स्कूलों में बच्चों के लिए कुछ इस तरह का खाना तैयार किया जाता है कि उन्हें सभी तरह के पोषक तत्व मिल सके। अब बच्चा स्वस्थ रहेगा तो निश्चित तौर पर वह अच्छे से पढ़ पायेगा।

हालाँकि मैट्रिक्स हाई स्कूल की ख़ास बात यह है कि वहां पर हॉस्टल का स्टाफ व वार्डन भी बच्चों के साथ बैठ कर खाना खाते हैं और उन्हें खाने का शिष्टाचार सिखाते हैं। इसमें टेबल मैनर्स, खाने का स्टाइल, इत्यादि सब चीज़ों के बारे में बात की जाती है ताकि आपका बच्चा आगे अपना नाम बना सके। यही कारण है कि सीकर के टॉप बोर्डिंग स्कूलों में मैट्रिक्स हाई स्कूल का नाम सबसे ऊपर आता है।

हॉस्टल सिक्योरिटी

हॉस्टल वाले स्कूल में अपने बच्चे को भेजने में सिक्योरिटी भी एक महत्वपूर्ण एंगल है और हर माता-पिता को इसके बारे में जानने का अधिकार भी है। तो यहाँ हम आपको बता दें कि मैट्रिक्स, भारतीय पब्लिक और प्रिंस स्कूल में सिक्योरिटी को लेकर कड़े मापदंड है और इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाती है।

यहाँ तक कि मैट्रिक्स हाई स्कूल में तो तीन स्तर की सिक्योरिटी है और यह हर माता-पिता को सन्तुष्ट करने के लिए पर्याप्त होती है। भारतीय पब्लिक स्कूल में बिना माता-पिता से बात किये बच्चे स्कूल या हॉस्टल के बाहर नहीं जा सकते हैं और मैट्रिक्स हाई स्कूल में तो बच्चों को मोबाइल फोन रखना भी मना है। इसके लिए कार्ड सिस्टम होता है जिससे बच्चे एक सीमित समय के लिए मोबाइल का इस्तेमाल कर सकते हैं या अपने माता-पिता से बात कर सकते हैं।

हॉस्टल रूम्स

अब यदि आपका बच्चा हॉस्टल में रहने जा रहा है तो उसके लिए जो चीज़ सबसे मायने रखेगी वह होगी उसका हॉस्टल रूम। कई स्कूल इसमें मात खा जाते हैं और ज्यादा बच्चे लेने की चाह में या फिर कम जगह के कारण बच्चों को छोटे रूम दे देते हैं किन्तु मैट्रिक्स हाई स्कूल व स्वामी केशवानंद स्कूल के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं है।

वहां पर बच्चों के रूम्स के लिए प्रॉपर जगह दी गयी है ताकि उन्हें आराम से रहने की सुविधा मिले। मैट्रिक्स हाई स्कूल में तो बच्चों के बेड के साथ उनके पढ़ने के लिए प्रॉपर स्टडी टेबल, सामान रखने के लिए लॉक वाली अलमारी और खुली हवा के लिए खिड़कियों सहित रोशनदान की सुविधा दी गयी है। इससे बच्चा ना केवल रिफ्रेश फील करता है बल्कि अच्छे से पढ़ भी पाता है।

हॉस्टल स्टाफ

कई बार यह देखने में आता है कि ज्यादातर बोर्डिंग स्कूल बच्चों के लिए ऐसे वार्डन को ले लेते हैं जो बहुत ही कठोर होते हैं और बच्चों के साथ अच्छे से पेश नहीं आते हैं। अब वार्डन की जो पोस्ट होती है वह बहुत ही महत्वपूर्ण पोस्ट होती है क्योंकि घर से दूर रह रहे बच्चों के लिए वही उनका माता-पिता होता है। अब ऐसे में वार्डन ही सख्त है या बच्चों की भावनाओं को नहीं समझ पाता है तो बच्चा उनसे बात करने से कतराता है या डर में रहता है।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए मैट्रिक्स हाई स्कूल व नवजीवन स्कूल ने इस दिशा में बहुत बेहतर काम किया है। उन्होंने वार्डन के रूप में ऐसे लोगों को रखा है जो ना केवल बच्चों की हर गतिविधि पर सही से ध्यान रखते हैं बल्कि उनकी काउंसलिंग भी करते हैं। अब यदि किसी बच्चे को कोई परेशानी है तो वह अपने वार्डन या हॉस्टल के अन्य स्टाफ से खुल कर बात कर सकता है। यही एक अच्छे बोर्डिंग स्कूल की मुख्य पहचान होती है जो उसे बाकियों से श्रेष्ठ बनाती है।

हॉस्टल मेडिकल सर्विस

बच्चे हैं तो खेलंगे भी और धमाचौकड़ी भी करेंगे। ऐसे में उन्हें चोट लग सकती है या कोई अन्य मेडिकल इमरजेंसी आ सकती है। ऐसे में इन बोर्डिंग स्कूलों में मेडिकल को लेकर किस तरह की व्यवस्था है, यह बहुत मायने रखता है। अब ऊपर बताये गए सीकर के सभी पांच बोर्डिंग स्कूलों में मेडिकल की सुविधा है और आपका बच्चा वहां अपना सामान्य चेक अप करवा सकता है। अब यदि उसे खेलते-खेलते छोटी मोटी चोट लग जाती है तो उसका फर्स्ट ऐड वहां आराम से किया जा सकता है।

हालाँकि इसमें भी मैट्रिक्स हाई स्कूल के द्वारा विशेष सुविधा दी गयी है। उनके द्वारा ना केवल अपने हॉस्टल कैंपस में मेडिकल की सुविधा दी जाती है बल्कि इमरजेंसी की स्थिति में एक वाहन हमेशा तैयार रहता है जो बच्चों को पास के बड़े अस्पताल लेकर जाता है। प्रिंस स्कूल में भी इसी तरह की सुविधा दी गयी है और वहां भी एक वाहन मेडिकल इमरजेंसी के लिए स्टैंड बाय पर रखा गया है।

हॉस्टल की अन्य सुविधाएँ

ऊपर आपने सीकर के बोर्डिंग स्कूलों में मिल रही कई तरह की सुविधाओं के बारे में जाना और इससे आपको यह जानने में मदद मिली कि आखिरकार क्यों मैट्रिक्स हाई स्कूल सीकर का बेस्ट बोर्डिंग स्कूल है। इतना ही नहीं बाकि बोर्डिंग स्कूल भी सीकर के टॉप 5 बोर्डिंग स्कूल में किस कारण से आते हैं। तो अब इसके साथ ही कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी ले लीजिये।

तो यहाँ हमने मैट्रिक्स हाई स्कूल को सीकर के बेस्ट बोर्डिंग स्कूल में टॉप पर इसलिए रखा है क्योंकि वहां पर कई अन्य तरह की सुविधाएँ भी बच्चों को दी जाती है। जैसे कि वहां बच्चों की कॉमन एक्टिविटीज को ध्यान में रख कर एक मल्टी पर्पज हॉल बनाया गया है जहाँ पर डाइनिंग हॉल, प्रेयर रूम और परफोर्मेंस रूम इत्यादि की सुविधा है। इसके साथ ही मैट्रिक्स हाई स्कूल के हॉस्टल के आसपास ही कई तरह के प्लेग्राउंड है जहाँ आपका बच्चा स्कूल खत्म होने के बाद बिना किसी रोकटोक के खेल सकता है।

प्रिंस स्कूल में भी बच्चों के खेलने के लिए हॉस्टल के बाहर ही स्पोर्ट्स प्लेग्राउंड की सुविधा दी गयी है। वहीं हर स्कूल में रात के समय में बच्चों के वार्डन के द्वारा attendance ली जाती है ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा (Sikar Boarding School) सके। इसके साथ ही हर स्कूल के हॉस्टल में कई तरह की सुविधाएँ दी जाती है जो इन्हें सीकर के टॉप बोर्डिंग स्कूल की लिस्ट में टॉप पर लाकर रखते हैं।

इन्हें भी पढ़ें:

Q. सीकर के बेस्ट बोर्डिंग स्कूल का चयन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

सबसे महत्वपूर्ण है हॉस्टल की सुविधाएँ (सुरक्षा, कमरे, भोजन, स्वास्थ्य सेवा) और स्कूल की शैक्षणिक गुणवत्ता का संतुलन। इसके अलावा हॉस्टल स्टाफ और वार्डन का व्यवहार, खेल व सह-पाठयक्रम गतिविधियों का माहौल, और माता-पिता से संवाद की सुविधा देखें।

Q. सीकर में कौन सा बोर्डिंग स्कूल सबसे अच्छी सुरक्षा सुविधा देता है?

मैट्रिक्स हाई स्कूल को सुरक्षा में टॉप माना जाता है, जहाँ तीन-स्तरीय सुरक्षा (CCTV, गार्ड, बायोमेट्रिक), सख्त प्रवेश नियम और इमरजेंसी वाहन की व्यवस्था है। भारतीय पब्लिक स्कूल और प्रिंस स्कूल भी सुरक्षा पर अच्छा ध्यान देते हैं।

Q. क्या बोर्डिंग स्कूल का खर्च बहुत ज्यादा होता है?

खर्च स्कूल और उसकी सुविधाओं के अनुसार अलग-अलग होता है। सीकर में राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ बड़े शहरों के मुकाबले कम खर्च में मिल जाती हैं। यह एक निवेश की तरह है जो बच्चे के सर्वांगीण विकास और बेहतर भविष्य के लिए किया जाता है।

Q. बोर्डिंग स्कूल में बच्चे की पढ़ाई पर क्या असर पड़ेगा? क्या शिक्षा का स्तर अच्छा है?

बोर्डिंग स्कूलों में नियमित अध्ययन का अनुशासन होता है। मैट्रिक्स हाई स्कूल जैसे संस्थानों में उच्च शिक्षित फैकल्टी और प्री-फाउंडेशन जैसे कोर्स शिक्षा का स्तर बढ़ाते हैं। इन स्कूलों में बच्चा विविध गतिविधियों के साथ पढ़ाई पर बेहतर ध्यान दे पाता है।

Q. क्या बोर्डिंग स्कूल में बच्चे को मोबाइल फोन या इंटरनेट की सुविधा मिलती है?

सुरक्षा और अनुशासन के चलते अधिकांश बोर्डिंग स्कूलों में मोबाइल फोन की अनुमति नहीं होती या बहुत सीमित होती है। मैट्रिक्स जैसे स्कूलों में कार्ड सिस्टम के माध्यम से सप्ताह में निश्चित समय पर माता-पिता से बात करने की सुविधा दी जाती है।