12th Ke Baad NEET Ki Taiyari Kaise Kare: नीट एक ऐसा एग्जाम होता है जो भविष्य के डॉक्टर तैयार करने में अहम भूमिका निभाता है। इसी एग्जाम को क्रैक करके ही देश के टॉप मेडिकल सरकारी कॉलेज में प्रवेश लिया जाता है। साथ ही देश के टॉप प्राइवेट मेडिकल कॉलेज भी अपने यहाँ एडमिशन देने में नीट के स्कोर को आधार बनाते हैं। ऐसे में नीट का एग्जाम हर उस स्टूडेंट के लिए जरुरी हो जाता है जिसका सपना आगे चलकर एक अच्छा डॉक्टर बनने का है।
अब कुछ स्टूडेंट तो इसके लिए दसवीं क्लास से ही तैयारी करना शुरू कर देते हैं तो कुछ 12th के बाद इसकी तैयारी करना शुरू करते हैं। ऐसे में उन्हें अवश्य ही एक से दो वर्ष का ड्रॉप लेना पड़ता है तो वहीं कुछ स्टूडेंट्स का माइंड इतना शार्प होता है कि वे पहली बार में ही नीट का एग्जाम अच्छे मार्क्स के साथ क्रैक कर देते हैं। ऐसे में क्या आप भी अपनी बारहवीं क्लास के बाद नीट का एग्जाम क्रैक करने का सोच रहे हैं!!
यदि आप भी इसी केटेगरी में हैं तो आज का यह आर्टिकल हमने उन सभी स्टूडेंट्स को आधार बनाकर लिखा है जो अपनी 12th के बाद नीट एग्जाम को क्रैक करना चाहते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको हर एक उस चीज़ की जानकारी देंगे जो नीट का एग्जाम अच्छे मार्क्स के साथ क्रैक करने में आपकी बहुत मदद करेगी।
12th के बाद NEET की तैयारी कैसे करें?
जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बताया और आप में से बहुत स्टूडेंट्स को पता भी होगा कि नीट का एग्जाम बहुत मुश्किल एग्जाम माना जाता है। यह भारत के उन चुनिंदा एग्जाम में से एक है जिनका लेवल बहुत हाई होता है। अब एग्जाम का लेवल इतना हाई है तो निश्चित तौर पर उसकी तैयारी भी उसी तरह की ही होनी चाहिए।
इसलिए यहाँ हम आपको 5 या 10 नहीं बल्कि कुल 20 टिप्स देने वाले हैं जो नीट एग्जाम को क्रैक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और वो भी बारहवीं क्लास के होने के बाद। ऐसे में आइए जाने किन तरीकों के माध्यम से आप भी नीट का एग्जाम अच्छे से दे पाएँगे।
महत्वपूर्ण टॉपिक्स की लिस्ट बनाएं
सबसे पहला काम जो आपको करना चाहिए, वह है जरुरी टॉपिक्स की एक सूची तैयार करना। अब नीट के एग्जाम में तो कई तरह के टॉपिक्स आते हैं और लगभग हर टॉपिक का अपना महत्व है। किंतु उनमें से कुछ टॉपिक्स ऐसे भी होंगे जो अन्य टॉपिक्स की तुलना में ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे। ऐसे में आपको उनकी एक लिस्ट तैयार करने की जरुरत है ताकि आप उन पर अलग से और ज्यादा ध्यान दे सकें।
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें
नीट एग्जाम को क्रैक करना है तो उसके एग्जाम पैटर्न को समझना बहुत जरुरी हो जाता है। अब इस एग्जाम पैटर्न को समझने के लिए आपको पिछले लगभग 10 वर्षों के प्रश्न पत्रों को अच्छे से स्टडी करना होगा। जब आप इनका एनालिसिस करेंगे तो समझ पाएंगे कि नीट में किस तरह के टॉपिक से किस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं। ऐसे में आप अपनी तैयारी को एक नया आयाम दे सकते हैं और सही दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
टॉप कोचिंग इंस्टीट्यूट से पढ़ें
हमारे देश में नीट के हजारों कोचिंग इंस्टीट्यूट हैं जो कि हर शहर में खुले हुए हैं। हालाँकि क्या आपने सोचा है कि उन कोचिंग इंस्टीट्यूट का रिजल्ट कैसा रहता है या क्या हर कोचिंग इंस्टीट्यूट से स्टूडेंट्स नीट में सेलेक्ट होते हैं या कितने प्रतिशत सेलेक्ट होते हैं!! ऐसे में आपको यदि नीट एग्जाम को जल्द से जल्द क्रैक करना है तो आपका फोकस भारत के बेस्ट नीट कोचिंग इंस्टीट्यूट से जुड़ने का होना चाहिए।
यदि हम भारत के सर्वश्रेष्ठ नीट कोचिंग इंस्टीट्यूट के बारे में आपको बताएँगे तो उसमें सबसे पहले नंबर पर सीकर की मैट्रिक्स नीट डिविजन आती है जिसे शोर्ट में मैट्रिक्स अकैडमी भी बोल देते हैं। इसके बाद कोटा का एलन इंस्टीट्यूट, दिल्ली का आकाश इंस्टीट्यूट और सीकर के ही प्रिंस और गुरुकृपा अकैडमी प्रसिद्ध हैं।
नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें
किसी एग्जाम को क्रैक करने में उस एग्जाम की पहले से कितनी तैयारी की गई है, यह बहुत मायने रखती है। यहाँ हम एग्जाम सिलेबस की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि उसके प्रश्न पत्र को हल करने की बात कर रहे हैं। तो यदि नीट को क्रैक करना है तो उसके लिए आपको एक सप्ताह में कम से कम एक मॉक टेस्ट देने का नियम बना लेना चाहिए। वहीं जब नीट एग्जाम की तारीख पास आने लगे तब तो आपको हर दो दिन में मॉक टेस्ट देना चाहिए।
कमजोर विषयों पर अधिक ध्यान दें
हर स्टूडेंट के लिए टॉपिक्स का कठिन या सरल होना अलग अलग हो सकता है। अब जो टॉपिक बाकियों को सरल लग रहा हो, वह आपके लिए कठिन हो सकता है या फिर इसका उल्टा भी हो सकता है। ऐसे में जिन टॉपिक्स पर आपकी पकड़ कमजोर है या आपको अच्छे से नहीं समझ आ रहे हैं तो आप उस पर अच्छे से फोकस करें और अच्छे से समझ लें।
कॉन्सेप्ट को क्लियर करें
आपको अपने कॉन्सेप्ट क्लियर करके ही आगे बढ़ना चाहिए अन्यथा बाद में चलकर आपको ही दिक्कत आएगी। बहुत से स्टूडेंट्स कॉन्सेप्ट को आधा अधूरा छोड़कर ही आगे बढ़ जाते हैं और फिर बाद में जाकर पछताते हैं। इसलिए यदि आप पहले से ही कॉन्सेप्ट को एकदम क्लियर करके आगे बढ़ेंगे तो बाद में चलकर किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी।
नोट्स बनाएं और रिवीजन करें
जब हम कोचिंग इंस्टीट्यूट से जुड़ते हैं तो वहाँ सबसे पहला काम जो किया जाता है वह है नोट्स को हर दिन बनाना। क्लास में टीचर जो कुछ भी पढ़ा रहा होता है, उसको सुनकर स्टूडेंट्स नोट्स भी बना रहे होते हैं। ऐसे में आप भी हर दिन जो भी पढ़ या समझ रहे हैं, आपको उसके नोट्स बनाते रहना चाहिए। साथ ही आपको हर सप्ताह कम से कम 2 से 3 घंटे रिवीजन भी करनी चाहिए।
NCERT किताबों को प्राथमिकता दें
यह बात गाँठ बाँध लें कि आपके नीट के एग्जाम में जो भी टॉपिक आएंगे या उसका जो भी सिलेबस है वह आपकी 11 वीं और 12 वीं की NCERT बुक्स में ही छिपा हुआ है। इसलिए आप अपनी इन दोनों क्लास की बुक्स को तो अच्छे से निचोड़ लें फिर चाहे वह फिजिक्स की हो या केमिस्ट्री या बायोलॉजी की। इसके बाद आप बाकी बुक्स को पढ़ने पर ध्यान दें।
रूटीन में डिसिप्लिन बनाएं
अक्सर यह देखने में आता है कि स्टूडेंट्स शुरुआत में तो जोर शोर से नीट की तैयारी करना शुरू करते हैं लेकिन धीरे-धीरे उनके अंदर आलस आने लगता है और पहले जैसा रूटीन फॉलो ही नहीं हो पाता है। अब यदि आप सफल स्टूडेंट्स के बारे में देखेंगे और जानेंगे तो उनमें एक बात कॉमन मिलेगी और वह है हर दिन को पहले दिन के जैसे ही जोश से भर देना। बस यही काम आपको करना है।
हेल्दी डाइट और पर्याप्त नींद लें
यदि आप जरुरत से ज्यादा पढ़ेंगे और पर्याप्त नींद नहीं लेंगे तो इसका प्रभाव आपकी पढ़ाई या स्टडी प्लान पर पड़ेगा। ऐसे में यह बहुत ही जरुरी हो जाता है कि आप हर दिन 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें। इसी के साथ ही आप बाहर का जंक फूड, घर का तला हुआ भोजन लेना बंद कर दें। अपनी डाइट में सब्जियां, फल, मेवे इत्यादि को शामिल करेंगे तो यह आपके दिमाग को और तेज करेगा और शरीर में भी ऊर्जा बनाए रखेगा।
ग्रुप स्टडी का सहारा लें
कई बार कोई चीज़ हमें अकेले समझने में दिक्कत आती है लेकिन यदि उसे ग्रुप में पढ़ा जाए तो बहुत जल्दी समझ में आ जाती है। वह इसलिए क्योंकि ग्रुप में एक स्टूडेंट का दिमाग नहीं बल्कि एक साथ कई स्टूडेंट्स का दिमाग चल रहा होता है। ऐसे में कोई स्टूडेंट किसी बात को जल्दी कैच कर लेता है तो कोई दूसरी बात को। इसलिए कभी कभार ग्रुप स्टडी भी करें और अपने कठिन डाउट वहाँ सोल्व करें।
पिछले टॉपर्स के इंटरव्यू पढ़ें
मैट्रिक्स अकैडमी जैसे नीट इंस्टीट्यूट समय-समय पर अपने यहाँ के टॉपर्स के इंटरव्यू पोस्ट करते रहते हैं। आप चाहें तो उनके यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हैं और टॉपर्स की दिनचर्या को फॉलो कर सकते हैं। ऐसे ही अन्य कोचिंग इंस्टीट्यूट्स भी स्टूडेंट्स को गाइड और मोटीवेट करने के लिए टॉपर्स के इंटरव्यू पोस्ट करते हैं जो आपके बहुत काम आ सकते हैं।
बायोलॉजी पर अधिक फोकस करें
चूँकि नीट एग्जाम का मुख्य फोकस बायोलॉजी पर होता है तो आपको भी इसी विषय पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। अब कहने को तो फिजिक्स और केमिस्ट्री भी नीट एग्जाम में आती है लेकिन दोनों सब्जेक्ट के मार्क्स अकेली बायोलॉजी के बराबर होते हैं। इसलिए आप फिजिक्स और केमिस्ट्री पर मिलाकर जितना ध्यान दे रहे हैं, उतना अकेले ध्यान आपको बायोलॉजी सब्जेक्ट पर देना चाहिए।
गलतियों से सीखें
आपको अपनी गलतियों से सीखने और उसे दोहराने से बचना चाहिए। 12th के बाद नीट एग्जाम की तैयारी करते समय आपसे कई तरह की गलतियाँ हो सकती है। अब वह गलतियाँ आपसे चाहे अनजाने में या किसी अन्य कारण से ही क्यों ना हुई हो लेकिन आप यह ध्यान रखें कि आपको उससे निराश होने की बजाए, कुछ ना कुछ सीखते रहना चाहिए और उसे दोहराने से बचना चाहिए।
अपने स्टडी एनवायरनमेंट को प्रोडक्टिव बनाएं
स्टडी एनवायरनमेंट से मतलब हुआ आपके स्टडी रूम का माहौल। आप जहाँ बैठकर पढ़ते हैं, वह कमरा कहाँ पर है, उसमें किस तरह की चीजें रखी हुई है, वहाँ कौन आता जाता रहता है इत्यादि। ऐसे में आपको अपने अनुसार अपने रूम को इस तरह से सेट करना चाहिए कि वह आपको प्रोत्साहित करने का काम करे और आपमें एक नई ऊर्जा को भर दे।
समय-समय पर सेल्फ-असेसमेंट करें
यहाँ पर सेल्फ असेसमेंट का मतलब हुआ अपनी तैयारी का समय-समय पर आंकलन करते रहना और उसके अनुसार आगे की रणनीति निर्धारित करना। अब आप अपनी तैयारी तो हर दिन कर रहे हैं लेकिन क्या वह आपके लिए लाभदायक है या आप सही दिशा में ही आगे बढ़ रहे हैं या इसमें कोई बदलाव करने की या सुधार लाने की आवश्यकता है। इसलिए हर एक महीने में अपना सेल्फ असेसमेंट कर लेंगे तो बेहतर रहेगा।
ब्रेन एक्सरसाइज करें
नीट का एग्जाम क्रैक करना आपके दिमाग अर्थात ब्रेन पर ही निर्भर करता है। अब हर दिन पढ़ते रहने के कारण दिमाग थकता चला जाता है। ऐसे में उसे एक्टिव रखने के साथ साथ उसको तेज करने की भी जरुरत है। इसके लिए आपको करनी होगी ब्रेन की एक्सरसाइज अर्थात दिमागी कसरत। इसके लिए आप कई तरह के ऐसे गेम खेल सकते हैं जिससे दिमाग को तेज करने में मदद मिलती है।
नेगेटिविटी से दूर रहें
12th के बाद जिन स्टूडेंट्स को नीट की तैयारी करनी होती है, वे एग्जाम के प्रेशर में आकर नकारात्मकता से घिर जाते हैं। इतना ही नहीं, रही सही कसर आसपास के लोग या दोस्त मिलकर पूरी कर देते हैं। ऐसे में आपको इस बात का ध्यान रखना है कि नीट एग्जाम में सेलेक्ट होना या नहीं होना अलग बात है लेकिन यदि आप पहले ही नकारात्मकता को अपना दोस्त बना लेते हैं तो आप जंग पहले ही हार चुके हैं।
क्वालिटी स्टडी मटेरियल का चुनाव करें
नीट के टॉप कोचिंग इंस्टीट्यूट से पढ़ने का एक और लाभ यह भी मिलता है कि आपको वहाँ का स्टडी मटेरियल भी टॉप क्लास का मिलता है जिसे हम क्वालिटी स्टडी मटेरियल भी कह सकते हैं। इसके जरिए ही स्टूडेंट्स सही से पढ़ पाते हैं और सही ट्रिक्स का उपयोग करना सीख पाते हैं। इसलिए आपको अपना स्टडी मटेरियल टॉप क्लास का रखना चाहिए।
डिजिटल डिस्ट्रैक्शन से बचें
आज के समय में डिजिटल डिस्ट्रैक्शन अर्थात ध्यान भटकाने की ऑनलाइन चीजें एक नहीं बल्कि कई उपलब्ध हैं। इनसे दूर रहना एक चुनौती भरा काम हो सकता है लेकिन यदि आप नीट एग्जाम क्रैक करने को लेकर इतना सीरियस हैं तो आपको इतना त्याग तो करना ही पड़ेगा अन्यथा आप नीट एग्जाम को भूल ही जाएं तो ही अच्छा है। उसे पास नहीं बल्कि टॉप करना है तो या तो इनका इस्तेमाल छोड़ दें या बहुत ही कम इस्तेमाल करें।
निष्कर्ष
यहाँ हमने एक-एक करके आपको कुल 20 टिप्स दे दी है जो 12th के बाद नीट एग्जाम को क्रैक करने में आपकी बहुत मदद करने वाली है। यदि आप हमारी दी गई इन टिप्स को सही से फॉलो कर लेते हैं तो भी आपको नीट एग्जाम क्रैक करने से कोई नहीं रोक सकता है। इतना ही नहीं, बल्कि आप उसमें टॉप स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स में से भी एक हो सकते हैं।
इसी के साथ ही आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि नीट एग्जाम को क्रैक करवाने में मैट्रिक्स अकैडमी, एलन कोटा, आकाश दिल्ली जैसे टॉप नीट कोचिंग इंस्टीट्यूट की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। वह इसलिए क्योंकि यहाँ से आपको अनुभवी टीचर्स, बेस्ट गाइडेंस और क्वालिटी स्टडी मटेरियल मिलता है।
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- सीकर में नीट के बेस्ट कोचिंग सेंटर
- टॉप मेडिकल कॉलेज इन इंडिया
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