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"सीकर कोचिंग एंड स्कूल का विज्ञापन: दसवीं के बाद जेईई की तैयारी कब और कैसे करें?"

10th के बाद JEE की तैयारी कब और कैसे करें?

10th Ke Baad JEE Ki Taiyari Kaise Kare: अगर आप बारहवीं के बाद JEE जैसे कठिन एग्जाम को एक बारी में ही क्रैक करना चाहते हैं और वो भी अच्छे नंबर के साथ तो उसके लिए आपको अपनी दसवीं कक्षा के बाद से ही इसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। बहुत से स्टूडेंट्स 11वीं या फिर बारहवीं के बाद इसकी तैयारी करना शुरू करते हैं लेकिन जरा सोचिए, यदि आप 10 वीं के बाद से ही JEE एग्जाम की तैयारी करना शुरू कर देंगे तो आप बाकी स्टूडेंट्स से कितना आगे निकल जाएंगे।

आज के इस आर्टिकल में हम आपके साथ इसी टॉपिक पर ही बात करने जा रहे हैं। आज हम आपको बताएँगे कि आखिरकार आपको दसवीं क्लास के बाद JEE की तैयारी किस स्तर पर शुरू करनी चाहिए। साथ ही आपको इस दौरान किस तरह की स्ट्रेटेजी पर वर्क करना चाहिए। चलिए जानते हैं 10th के बाद JEE की तैयारी करने के बारे में।

10th के बाद JEE की तैयारी कैसे करें?

जिन स्टूडेंट्स को अपने आगे का लक्ष्य पता होता है, वे उसकी तैयारी बहुत पहले से ही शुरू कर देते हैं। कहने का मतलब यह हुआ कि आज के समय में सभी तरह की चीज़ों के बारे में पहले ही पता चल जाता है। इसी के साथ ही हमारे आसपास सही गाइडेंस देने वाले लोग भी होते हैं। जैसे कि स्कूल के टीचर्स, हमारे सीनियर्स और परिवार और दोस्तों में अनुभवी लोग।

ऐसे में यदि आपका लक्ष्य आगे जाकर इंजीनियरिंग करना है और उसके लिए देश की टॉप यूनिवर्सिटी या कॉलेज में एडमिशन पाने का है तो उसके लिए JEE एग्जाम से बेस्ट कुछ और नहीं है। वह इसलिए क्योंकि चाहे आपको IIT में एडमिशन लेना हो या फिर NIT, इसमें आपकी JEE एग्जाम ही मदद करने वाला है।

तो यहाँ हम आपके सामने एक या दो नहीं बल्कि कुल 10 गोल्डन टिप्स रखने जा रहे हैं जो JEE का एग्जाम क्रैक करने में आपकी बहुत सहायता करने वाली है। आइए इनके बारे में एक एक करके जानते हैं।

अपने लक्ष्य को पहचाने

यदि आपको JEE में सच में सफल होना है और उसकी तैयारी शुरू करनी है तो सबसे पहला काम जो आपको करना है, वह है अपने लक्ष्य को पहचानना। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आज के समय में बहुत से दसवीं के स्टूडेंट्स केवल अपने दोस्तों की देखा देखी या आसपास के लोगों को देखकर या फिर अपने घरवालों के दबाव में आकर या फिर सोशल मीडिया में चल रहे ट्रेंड को देखकर कदम उठाने लगे हैं।

इसलिए आपको चाहे यह सोचने में दो दिन लगे या दो सप्ताह, आपको किसी चीज़ की जल्दबाजी नहीं करनी है। आपके द्वारा अभी लिया गया एक निर्णय आपके संपूर्ण भविष्य को प्रभावित करने वाला है। इसलिए आप पहले आत्म मंथन करें, अपने परिचितों से बात करें, अपने माता-पिता से परामर्श लें, अपने स्कूल के अध्यापकों से विमर्श करें, अपने बारे में जाने और उसके बाद ही कोई निर्णय लें।

अपनी स्किल सेट करें

अब जब आपने अपना लक्ष्य चुन लिया है और वह आगे चलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना है तो पहले तो आपको बहुत-बहुत बधाई। वह इसलिए क्योंकि जिन्हें अपना लक्ष्य स्पष्ट हो, वह भी दसवीं क्लास में ही तो वे स्टूडेंट्स सच में बधाई के पात्र हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आप ज्यादा केंद्रित होकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ पाएंगे और उसमें सफलता अर्जित करेंगे। अब बारी है अपनी स्किल्स पर ध्यान देने की।

स्किल्स से अर्थ हुआ आपके अंदर का कौशल। अब यदि आपको आगे बढ़ना है और JEE की तैयारी में मजबूत बनना है तो उसके लिए अपने कौशल में निखार लाना अति आवश्यक हो जाता है। यहाँ पर हम यह नहीं कह रहे हैं कि यदि आपके अंदर कौशल नहीं है तो आप आगे नहीं बढ़ सकते हैं। यहाँ पर बात हो रही है अपने लक्ष्यों के अनुसार अपने कौशल को नया आयाम देने और उसमें बहुत कुछ सीखने की।

JEE की तैयारी करनी है तो आपको चरणबद्ध तरीके से ना केवल आगे बढ़ना होता है बल्कि उसके लिए धैर्य का भी परिचय देना होता है। इसी के साथ ही आपको कई अन्य मापदंडों पर भी स्वयं को निखारना होगा। तभी आप आगे चलकर सही दिशा में बढ़ सकते हैं।

JEE एग्जाम को अच्छे से समझें

किसी एग्जाम की तैयारी करनी है और यदि उसके लिए उस एग्जाम के पैटर्न को ही सही से ना समझा जाए तो यह बहुत ही गलत बात होती है। इसलिए ऊपर के दो कार्य करने के पश्चात आपको अगला और महत्वपूर्ण कार्य जो करना है वह है अपने JEE एग्जाम के पैटर्न को सही रूप में समझना।

यहाँ हम केवल सतही ज्ञान लेने को नहीं कह रहे हैं बल्कि आपको शुरू से अंत तक हरेक बारीकी और महत्वपूर्ण से लेकर कम जरुरी हर चीज़ को देखना होगा।

यदि आप हरेक चीज़ को अच्छे से समझ लेंगे और JEE एग्जाम में कब क्या पूछा जाता है, किस विषय पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, उसका एग्जाम कब होता है, उसमें कितने प्रश्न आते हैं, किस प्रश्न के कितने अंक मिलते हैं और गलत उत्तर देने पर कितने अंक काटे जाते हैं, टॉप रैंक कितने नंबर पर आती है, किस नंबर पर कौनसी कॉलेज व ब्रांच मिल सकती है, इत्यादि को देख लेंगे तो आपका JEE एग्जाम को क्रैक करना सरल हो जाएगा। इसलिए आप JEE एग्जाम के ज्ञान को पूरा निचोड़ लें और उसके बाद ही आगे बढ़ें।

सही गाइडेंस है जरुरी

यहाँ पर हम आपको पूरी जानकारी देने का प्रयास तो कर रहे हैं लेकिन समय के साथ-साथ चीज़ें बहुत तेजी के साथ बदलती है। ऐसे में आपको नई चीज़ों के साथ अपडेटेड रहना और उन्हें लगातार सीखते रहना बहुत जरुरी है अन्यथा आप बाकी स्टूडेंट्स से पिछड़ सकते हैं। अब इसमें जो चीज़ आपकी मदद करेगी वह है आपको सही लोगों से मिला मार्गदर्शन।

इसे हम अंग्रेजी भाषा में गाइडेंस भी कह सकते हैं जो आजकल के स्टूडेंट्स के चलन में है। अब यह सही मार्गदर्शन आपको अपने आसपास के अनुभवी लोगों, अपने स्कूल के टीचर्स, अपने सीनियर्स या आपके घर या दोस्तों के किसी बड़े भाई या बहन ने JEE की तैयारी कर रखी हो और अब वह अच्छे कॉलेज में पढ़ रहा हो या पढ़ चुका हो, उनसे मिल सकती है। इसलिए सही गाइडेंस कहीं से भी मिले, उसे ले लेना चाहिए।

कोचिंग हो सबसे बेस्ट

अब हम जो बात आपको बताने जा रहे हैं, वह आपके लिए इन सभी 10 टिप्स में से गोल्डन टिप है। वह इसलिए क्योंकि जिन स्टूडेंट्स ने यह काम सही से कर लिया, उनका मान लीजिए बारहवीं के बाद JEE के एग्जाम में ना केवल सिलेक्शन हो गया बल्कि उन्हें टॉप लेवल का कॉलेज भी मिल गया। वह है अपने लिए एक सही कोचिंग इंस्टीट्यूट का चुनाव किया जाना।

अब देखा जाए तो देश के हरेक शहर में कई JEE कोचिंग सेंटर खुले हुए (JEE Ki Taiyari Kab Se Kare) हैं और हर कोई अपने आप में बेस्ट होने की बात करता है। अब हर कोई तो बेस्ट हो नहीं सकता है। ऐसे में आपको देश के कुछ चुनिंदा JEE कोचिंग इंस्टीट्यूट में से एक में एडमिशन लेना चाहिए। अब यदि हम देश के टॉप लेवल के JEE इंस्टीट्यूट के बारे में बात करें तो उनमें टॉप 5 के नाम इस प्रकार हैं:

1. मैट्रिक्स JEE अकैडमी, सीकर

2. एलन इंस्टीट्यूट, कोटा

3. आकाश इंस्टीट्यूट, दिल्ली

4. प्रिंस अकैडमी, सीकर

5. रेजोनेंस अकैडमी, जयपुर

तो इस सूची में यह पांच इंस्टीट्यूट ऐसे हैं जो हाल में देश में JEE की टॉप लेवल की कोचिंग दे रहे हैं। इसमें भी मैट्रिक्स सीकर व एलन कोटा का नाम सबसे पहले लिया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में तो मैट्रिक्स अकैडमी ने इतना शानदार प्रदर्शन किया है कि उसने देश की नंबर एक JEE अकैडमी एलन को भी पीछे छोड़ दिया है और खुद नंबर एक पर आ गई है।

स्कूल के सिलेबस पर ध्यान दें 

बहुत से स्टूडेंट्स एक और गलती करते हैं और वह है, उन्हें लगता है कि JEE का सिलेबस अलग है और उसके लिए उन्हें अलग से तैयारी करने की जरुरत होगी। ऐसे में हम आपके इस डाउट को दूर कर देते हैं और इसे सरल भाषा में समझा भी देते हैं। दरअसल जो आप अपनी 11 वीं और 12 वीं क्लास की पढ़ाई में सिलेबस पढ़ते हैं, JEE एग्जाम में केवल उसी सिलेबस से ही सब टॉपिक्स आते हैं।

यहाँ हम यह कहना चाह रहे हैं कि जो टॉपिक आपकी इन दोनों क्लास में नहीं है, वह आपके JEE एग्जाम में भी नहीं आएगा। बस आपको कोचिंग इंस्टीट्यूट या अन्य बुक्स में JEE एग्जाम के बारे में जो पढ़ाया जाएगा, वह आपको इन्हीं टॉपिक्स को अच्छे से और विस्तार से पढ़ाया जाएगा और प्रश्नों को जल्दी से जल्दी कैसे सोल्व किया जाए, उसके बारे में पढ़ाया जाएगा।

पूरे दिन का टाइमटेबल बनाएं

यदि आपने इस टिप पर काम कर लिया तो यह वाकई में आपकी बहुत सहायता करने वाली है। दरअसल होता क्या है कि बहुत से स्टूडेंट्स का लक्ष्य भी स्पष्ट होता है और वे JEE एग्जाम को क्रैक करने के लिए सीरियस भी होते हैं लेकिन एक सही टाइमटेबल ना होने के कारण उनके दिन का आधे से ज्यादा समय व्यर्थ चला जाता है या अव्यवस्था में ही रह जाता है।

ऐसे में यदि आप अपना एक निर्धारित टाइमटेबल या दिनचर्या सेट कर लेंगे और उसी के अनुसार ही चलेंगे तो यकीन मानिए आपकी अधिकतर समस्या का यहीं समाधान हो जाएगा। अब हर स्टूडेंट का टाइमटेबल अलग हो सकता है क्योंकि किसी को सुबह जल्दी उठकर पढ़ने में आनंद आता है तो किसी को दोपहर में तो किसी को देर रात तक जागकर। ऐसे में आपको अपने लिए जो भी दिनचर्या सही लगे, आप उसी का पालन करें और आगे बढ़ें।

अपनी हेल्थ पर बराबर ध्यान दें

अब कई स्टूडेंट्स JEE की तैयारी करने को लेकर इतने ज्यादा गंभीर या सीरियस हो जाते हैं कि वे दिन रात केवल पढ़ते ही रहते हैं। इस दौरान उन्हें ना तो खाने पीने का ध्यान रहता है और ना ही बीच बीच में ब्रेक लेने का। अब धीरे धीरे करके इसका असर उनके स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगता है। उन्हें शुरुआत में तो लगता है कि वे बहुत तेज गति से तैयारी कर रहे हैं जो उन्हें सफल बनाएगा लेकिन होता इसके उलट है।

दरअसल सही खानपान नहीं लेने और ब्रेक नहीं लेने के कारण उनका दिमाग थक जाता है, वे मानसिक रूप से कमजोर बन जाते हैं, सोचने समझने की क्षमता कम होने लगती है और शरीर भी थक जाता है। ऐसे में उन्हें चीज़ें जल्दी से याद नहीं होती है या समझने में समय लगता है। साथ ही वे कॉन्सेप्ट को जल्दी भूलने भी लग जाते हैं। इसलिए पढ़ाई के साथ साथ अपनी हेल्थ का भी उतना ही ध्यान रखें।

खाली टाइम रचनात्मकता में लगाएं

अब हमने आपको ऊपर वाली टिप में बताया कि आपको अपनी JEE की पढ़ाई के साथ-साथ बीच-बीच में ब्रेक लेते रहना चाहिए। तो अब प्रश्न यह उठता है कि आप इस ब्रेक के दौरान क्या करेंगे। क्या आप इसे सोशल मीडिया पर बिताएंगे या दोस्तों के साथ मौज मस्ती करेंगे या कुछ और करेंगे। अब आप सोचेंगे कि हम आपको कहेंगे कि सोशल मीडिया गन्दी है या दोस्तों के साथ समय बिताना समय की बर्बादी है।

तो ऐसा कुछ नहीं है। आपको जिस चीज़ में आनंद आता है, आप वही करें लेकिन सही तरीके से। कहने का अर्थ यह हुआ कि यदि आपको खाली समय में सोशल मीडिया देखनी है तो आप अपने काम के पेज को फॉलो करें, सही ग्रुप्स से जुड़ें। यदि आपको दोस्तों के साथ समय बिताना है तो दोस्त ऐसे चुने, जो आपको प्रोत्साहित करें और खुद भी वैसे ही हो। इसके अलावा आप चित्रकारी, प्रकृति के साथ समय बिताना, योग करना या कुछ अन्य रचनात्मक कार्य कर सकते हैं।

इलेक्ट्रिक गैजेट्स का सदुपयोग करें

यह टिप भी कहीं ना कहीं ऊपर वाली टिप से जुड़ी हुई है लेकिन हमने इसे अलग से टिप में इसलिए शामिल किया क्योंकि आज के समय में यह हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गई है। ऐसे में इसके बारे में अलग से बताया जाना और आपको सही मार्गदर्शन देना भी उचित हो जाता है। आपके पास भी कई तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट होंगे। फिर चाहे वह मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्ले स्टेशन, टीवी इत्यादि कुछ भी हो।

अब आपको करना क्या है कि आपको इन इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का सही रूप में उपयोग करना सीखना होगा। आप टीवी पर क्या देख रहे हैं, मोबाइल में क्या स्क्रॉल कर रहे हैं, कंप्यूटर में किस चीज़ पर क्लिक कर रहे हैं या लैपटॉप में क्या डाउनलोड करने में लगे हुए हैं, यह सब आपकी आगे की दिशा को तय करता है। वह इसलिए क्योंकि हम जैसा देखते, सुनते और बोलते हैं, वैसे ही बनते चले जाते हैं।

निष्कर्ष

इस तरह से आज के इस आर्टिकल में हमने आपको 10वीं के बाद JEE को किस तरह से क्रैक किया जा सकता है, उसके बारे में हर एक जानकारी को विस्तार से देने का प्रयास किया है। इन सभी टिप्स में उस गोल्डन टिप को कतई ना भूलें कि आपको अपने लिए एक सही कोचिंग का चुनाव करना होगा।

अभी से ही यदि आपने मैट्रिक्स अकैडमी या एलन कोटा जैसे सही कोचिंग संस्थान का चुनाव अपनी JEE की तैयारी करने के लिए कर लिया तो यकीन मानिए बाकी सारा काम तो आपको कोचिंग से मिल रहे दिशा निर्देश और सही गाइडेंस से ही हो जाएगा।

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FAQ’s

Q. क्या हम 10th के बाद jee का एग्जाम दे सकते हैं?

नहीं, आप 10th के बाद JEE का एग्जाम नहीं दे सकते हैं। इसके लिए आपको मान्यता प्राप्त विद्यालय से बारहवीं कक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

Q. 10वीं के बाद JEE की तैयारी के लिए कौन-से विषय सबसे ज़रूरी होते हैं?

JEE की तैयारी के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स तीनों विषय समान रूप से ज़रूरी होते हैं। 10वीं के बाद इन विषयों की बेसिक समझ मजबूत करना सबसे पहला कदम होना चाहिए।

Q. कक्षा 10 से जेईई की तैयारी कैसे शुरू करें?

कक्षा 10 से जेईई की तैयारी शुरू करने के लिए उपरोक्त ब्लॉग में 10 गोल्डन टिप्स दिए हुए है, छात्र इन टिप्स को अपनाकर अपनी तैयारी को शुरू कर सकते है।

JEE परीक्षा की तैयारी करने के लिए मुझे कक्षा 10वीं में कितने प्रतिशत अंक चाहिए?

JEE परीक्षा की तैयारी के लिए दसवीं कक्षा में मिले अंकों का कोई महत्व नहीं है। JEE परीक्षा के लिए छात्रों को बारहवीं कक्षा के प्राप्त अंकों को ही मान्य माना जाता है।

 

Q. 10वीं के बाद JEE की तैयारी के दौरान रोज़ कितने घंटे पढ़ाई करनी चाहिए?

शुरुआत में 4–5 घंटे की पढ़ाई पर्याप्त होती है। जैसे-जैसे सिलेबस बढ़ता है, पढ़ाई का समय 6–8 घंटे तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन क्वालिटी स्टडी ज़्यादा ज़रूरी है।